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सिपी गजुरेल का आरोप: सरकार फासीवादी शैली में कार्य कर रही है

क्रान्तिकारी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सिपी गजुरेल ने वर्तमान सरकार पर फासीवादी शैली में काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सुकुमबासी बस्ती में डोजर चलाने और विद्यार्थी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को फासीवाद के रूप में अस्वीकार किया। गजुरेल का कहना है कि सरकार नेपाली जनता के हित में नहीं है और संकट से उबरने के लिए क्रांतिकारी तथा देशभक्त शक्तियों के बीच सहयोग आवश्यक है। ११ वैशाख, काठमांडू।

गजुरेल ने शुक्रवार को काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि सरकार की गतिविधियाँ फासीवादी शैली में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सुकुमबासी बस्ती में डोजर चलाने और विद्यार्थी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के कदमों की निंदा करते हुए कहा कि यह पञ्चायती व्यवस्था में भी नहीं देखा गया था। ‘परिस्थिति बदल चुकी है। आज नेपाल के संदर्भ में देखें तो फासीवाद लागू होता जा रहा है। सरकार बनने के एक महीने से भी कम समय में सुकुमबासी लोगों को वहां से हटाने के लिए डोजर लगाने का निर्णय लिया गया। यह स्पष्ट रूप से फासीवादी प्रक्रिया है। विद्यार्थियों को संगठन खोलने की अनुमति न देना भी फासीवाद ही है,’ उन्होंने कहा।

महासचिव गजुरेल ने यह भी कहा कि सरकार नेपाली जनता के हित में काम नहीं कर रही है। ‘निर्दलीय व्यवस्था में भी विद्यार्थियों को चुनाव में भाग लेने और अन्य अधिकार प्राप्त थे। यह तो पञ्चायत द्वारा दिए गए अधिकारों से भी कम है,’ उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने देश को संकट से बचाने के लिए सभी क्रांतिकारी और देशभक्त शक्तियों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।