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सुकुमवासी होल्डिङ सेन्टर में थर्रा रहे हैं, अधिकांश में रक्तचाप कम है

काठमाडौं उपत्यका के विभिन्न नदियों के किनारे असंगठित संरचनाओं में शनिवार सुबह से डोजर चल रहा है। 200 से अधिक परिवार बेघर हो चुके हैं और त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में होल्डिंग सेंटर में स्क्रीनिंग जारी है। स्वास्थ्य समस्या वाले सुकुमवासियों की हेल्थ डेस्क में जांच की गई, जिसमें कमजोरी, रक्तचाप में कमी और दीर्घकालिक रोग के मरीज मिले हैं। 13 वैशाख, काठमाडौं।

काठमाडौं उपत्यका के विभिन्न नदी किनारों पर असंगठित संरचनाओं को शनिवार (कल) सुबह से डोजर द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है। खासतौर पर सुकुमवासियों की बस्तियों में संरचनाएं टूटने के बाद वे सरकार से लगातार संपर्क में हैं। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 200 से अधिक परिवार घरबार विहीन हो चुके हैं और नामांकन के लिए आए हैं। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में होल्डिंग सेंटर बनाकर सरकार सुकुमवासियों की स्क्रीनिंग कर रही है।

प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय के अनुसार, स्वास्थ्य समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिए अलग हेल्प डेस्क स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। काठमाडौं महानगरपालिका द्वारा संचालित हेल्थ डेस्क में बैठकर स्वास्थ्य जांच कराने वाली इन्दिरा पोखरेल के मुताबिक, अधिकांश लोगों में कमजोरी और कम रक्तचाप (परेसुर) की समस्या पाई गई है। कुछ दीर्घकालीन रोग के मरीज भी संपर्क में आए हैं।

उन्होंने बताया कि बस्ती टूटने से दवाइयां छूट गई हैं और वे दवाइयां निकाल भी नहीं पाए, जिससे भोजन भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। एक वृद्ध मरीज मृगौला फेल होने के कारण मिला है जिसे वीर अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने कहा, “बस्ती टूटने की चिंता से वे लोग रातभर सो नहीं पाए और खाने की इच्छा भी नहीं हुई।” सुकुमवासियों ने स्वास्थ्य जांच के दौरान बताया कि “रात में बिना खाए सोना पड़ा, डर भी लगा और इसलिए पैरों में थरथराहट हो रही है।” युवाओं और वृद्धों दोनों का यह अनुभव पुलिसकर्मी पोखरेल ने साझा किया।