Skip to main content

गाँव के युवाओं ने तूफान से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत शुरू की

पालुङटार नगरपालिका–९ में वैशाख ६ को तूफान ने ३८ घरों की छत उड़ाई थी। गाँव के युवाओं ने क्षतिग्रस्त घरों की पाल-पट्टे मरम्मत शुरू की है और अब तक २५ घरों की मरम्मत कर चुके हैं। पालिका ने त्रिपाल वितरण किया है और क्षति मूल्यांकन के बाद पूर्ण क्षति वाले घरों की मरम्मत का निर्णय लिया जाएगा। १५ वैशाख, गोरखा।

कुछ दिन पहले तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों की मरम्मत गाँव के युवा मिलकर पाल-पट्टे कर रहे हैं। पालुङटार नगरपालिका–९ में वैशाख ६ की तूफान की वजह से छत उड़ाए गए घरों की मरम्मत बिना मजदूरी के गाँव के युवक कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं के अनुसार तूफान से उड़ाए गए घर हारगुहार के साथ ठीक किए जा रहे हैं।

पालुङटार–९ सिस्नेरी के सुरेश सुनारी मगर ने बताया, ‘तूफान ने गाँव के लगभग सभी घरों की छत उड़ाई। तूफान के साथ बारिश भी हुई जिससे घर के सामान भी भीग गए। दूजे दिन ही हमने एक टेंट बनाया। जो लकड़ी का काम जानते हैं वे लकड़ी का काम करते हैं, छत छपाने वाले अपना काम करते हैं, विद्युत वायरिंग जानने वाले वायरिंग का काम कर रहे हैं, हर कोई अपनी क्षमता अनुसार मदद कर रहा है।’

उन्होंने बताया कि युवाओं के स्वैच्छिक अभियान से अब तक २५ से अधिक घर मरम्मत हो चुके हैं। गाँव में तीन तक समूह बनाकर काम चल रहा है, ऐसा स्थानीय भक्तबहादुर रानामगर ने बताया। उन्होंने कहा, ‘हम क्षति की स्थिति देखकर निर्णय करते हैं कि कितने लोग चाहिए, ज्यादा होने पर कई लोग मिलकर और कम होने पर दो-तीन समूह बनाकर मरम्मत कर रहे हैं। जो घर जल्दी मरम्मत हो जाता है, वह समूह दूसरे घर की मदद के लिए चला जाता है। हम सुबह से शाम तक काम करते हैं।’

भक्तबहादुर राना ने बताया कि गाँव के सभी लोग विपदा में फंसे हैं इसलिए सभी मिलकर एक-दूसरे की सहायता कर रहे हैं। पालुङटार नगरपालिका–९ में ६ वैशाख की शाम को आए तूफान ने कुल ३८ घरों की छत उड़ाई है, यह जानकारी नगरपालिका ने दी है। प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी शेरबहादुर बिसी ने बताया कि वडा नं ८ में ८, वडा नं ७ में १० और वडा नं ६ में १३ घरों की छत उड़ गई हैं। साथ ही, वडा नं ९ की त्रिवेणी माध्यमिक विद्यालय और एक स्वास्थ्य संस्थान की छत भी तूफान से उड़ गई है। पालिका ने तत्काल राहत के लिए त्रिपाल वितरण किया है। वह कहते हैं, ‘अभी क्षति मूल्यांकन हाल ही पूरा हुआ है। कुछ दिनों में स्थानीय विपद प्रबंधन समिति की बैठक होगी और पूरी क्षति वाले घरों की मरम्मत के लिए पालिका निर्णय लेगी।’