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विद्यार्थी संगठन खारेजी पर नेविसंघ अध्यक्ष ने कांग्रेस से मांगा आधिकारिक موقف

१५ वैशाख, काठमाडौँ । नेपाल विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष दुजाङ शेर्पाले विद्यार्थी संगठन खारेजी के मुद्दे पर सरकार के निर्णय के संदर्भ में नेपाली कांग्रेस से आधिकारिक धारणा सार्वजनिक करने की मांग की है। मंगलवार को कांग्रेस केंद्रीय कार्यालय सानेपा में महामंत्री प्रदीप पौडेल के संयोजकत्व में सम्पन्न भ्रातृ संस्था तथा शुभेच्छुक संस्थाओं की सदस्यता अद्यावधिक संबंधी बैठक में नेविसंघ अध्यक्ष शेर्पाले इस विषय पर स्पष्ट और आधिकारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने पर ज़ोर दिया।

‘सरकार विद्यार्थी संगठन और विद्यार्थी निर्वाचित स्वायत्त संस्था स्वतन्त्र विद्यार्थी युनियन (स्ववियु) को समाप्त करने की योजना बना रही है, ऐसी खबरें आ रही हैं। इस पर विद्यार्थी संगठन काफी चिंतित हैं,’ अध्यक्ष शेर्पाले कहा, ‘इस विषय पर पार्टी की आधिकारिक राय आनी चाहिए। पार्टी का नजरिया क्या है? यह स्पष्ट होना जरूरी है।’

स्ववियु को विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने वाला तथा नेतृत्व विकास की नर्सरी बताने वाले शेर्पा ने कहा कि यह कोई राजनीतिक दल से संबद्ध संस्था नहीं है। कांग्रेस जैसी लोकतांत्रिक पार्टी को सरकार के इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए। इसके अलावा, दो साल पहले पारित होने वाली नेविसंघ की नई विधान अभी तक केंद्रीय समिति को उपलब्ध न कराना भी आपत्तिजनक है, अध्यक्ष शेर्पा ने कहा।

अध्यक्ष शेर्पा ने भाद्र २३ को हुए जनजीवन (जेनजी) आंदोलन और उसके पश्चात बन रही परिस्थितियों के विषय में भी पार्टी से आत्मआलोचनात्मक समीक्षा की आवश्यकता जताई। ‘जनजीवन पीढ़ी से केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों के निर्माण में पार्टी की कमियाँ भी जिम्मेदार हैं, उन्हें स्वीकार करते हुए अपने सक्रिय सदस्यों से भी माफी मांगनी होगी,’ उन्होंने कहा। उनके अनुसार पार्टी के पुनर्गठन के बिना कांग्रेस वर्तमान संकट का समाधान नहीं कर सकेगी।