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एक माह के अंदर एसईई परिणाम सार्वजनिक करने का निर्णय

राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने २०८२ साल के माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) का परिणाम एक माह के अंदर सार्वजनिक करने का निर्णय लिया है। परीक्षा केंद्र पर ही उत्तरपुस्तिकाओं की जांच चल रही है, जिससे परिणाम जल्दी आने की संभावना है और बोर्ड त्रुटि रहित परिणाम प्रकाशन की तैयारी कर रहा है। इस वर्ष ५ लाख १२ हजार ४२१ विद्यार्थियों ने फॉर्म भरे हैं और परिणाम एसएमएस, आईवीआर तथा वेबसाइट के माध्यम से देखे जा सकेंगे।

२७ वैशाख, काठमांडू – ‘यदि प्रयास किया जाए तो संभव है।’ माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) का परिणाम एक माह के अंदर सार्वजनिक करने के निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर यह प्रतिक्रिया आम है। पिछले वर्षों में परिणाम प्रकाशित होने में लगभग ३ महीने का समय लग जाता था। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के कैलेंडर के अनुसार सामान्यतः परिणाम असार के दूसरे सप्ताह में प्रकाशित होता था।

लेकिन, बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार ने नया निर्णय लेकर परिणाम एक माह के अंदर आने का प्रावधान किया है। इसी के तहत बोर्ड ने २०८२ साल के एसईई परिणाम अगले दो दिनों के भीतर प्रकाशित करने की योजना बनाई है। बोर्ड डेटा एंट्री कार्य पूरा कर त्रुटि मुक्त परिणाम देने के लिए प्रयासरत है।

परीक्षा नियंत्रक टुकराज अधिकारी ने कहा, ‘परिणाम प्रकाशित करने का समय नजदीक है। यह परसों तक आ जाएगा। आईटी विभाग काम कर रहा है। हम त्रुटि रहित परिणाम सार्वजनिक करेंगे।’ इस बार परीक्षा केंद्र पर ही उत्तरपुस्तिका जांच होने के कारण परिणाम एक माह के भीतर आ पाना संभव हुआ है।

उन्होंने आगे कहा, ‘शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही। परीक्षा केंद्र पर ही उत्तरपुस्तिका जांच हुई। रणनीति में बदलाव करने से परिणाम जल्दी प्रकाशित करना संभव हुआ।’ आईटी विभाग का कार्य पूरा होने के बाद बोर्ड की बैठक बुलाकर परिणाम घोषित किया जाएगा। ‘आईटी कार्य पूरा होने के बाद बोर्ड की बैठक होगी,’ उन्होंने बताया।

परिणाम समय पर प्रकाशित करने के लिए ३० से अधिक कर्मचारी लगाये गए हैं। परीक्षा नियंत्रण कार्यालय के अनुसार सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कर्मियों ने कार्य किया है। परिणाम देर से आने से विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव होता था तथा ब्रिज कोर्स चलाने से अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता था।

शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा, ‘विद्यार्थियों को मानसिक तनाव न हो, इसलिए अब परिणाम एक माह के भीतर प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया है।’ सरकार ने एसईई के बाद ब्रिज कोर्स कार्यक्रम को भी बंद कर दिया है। अब सरकार विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार खेलकूद या संगीत सीखने का अवसर प्रदान करना चाहती है।

परिणाम पाने के लिए तीन माह तक इंतजार करने की बाध्यता हटने से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों उत्साहित हैं। प्रिंसिपल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदाम गौतम ने कहा, ‘विद्यार्थियों को परिणाम पाने के लिए अधिक समय इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ब्रिज कोर्स में भी नहीं जाना पड़ेगा। शिक्षक और विद्यार्थी दोनों उत्साहित हैं। परिणाम जल्दी आने से कक्षा भी जल्दी शुरू करनी होगी। समय पर परिणाम और समय पर कक्षा होने से अच्छा संदेश जाएगा।’

इस वर्ष एसईई गत चैत १९ से २९ तक आयोजित हुई। परीक्षा समाप्ति के बाद काठमांडू के गोकर्णेश्वर के कृतक पौडेल फ्रेस होने के लिए ट्रेकिंग पर गए। दूसरे सप्ताह वे गोसाइंकुण्ड ट्रेकिंग पर भी गए। कृतक ने कहा, ‘सरकार ने ब्रिज कोर्स भी बंद कर दिया। एसईई के बाद तुरंत पढ़ाई करनी नहीं पड़ती। इसलिए मैं ट्रेकिंग पर गया। कोई तनाव महसूस नहीं हुआ।’

उन्होंने कहा, ‘पहले तो तीन माह इंतजार करना पड़ता था। उस समय क्या करना यह सोचते थे। इस बार परिणाम एक माह में आने से समय बर्बाद नहीं होगा। परिणाम आने के बाद मैं कंप्यूटर विषय पढ़ने की योजना बना रहा हूं।’

इसी प्रकार भक्तपुर के शान न्यौपाने ने भी एक माह में नतीजा आने पर कहा कि ‘बोर’ हो गया। वे भी परीक्षा समाप्ति के बाद काफी समय घुमने-फिरने में बिताए। उन्होंने कहा, ‘एक माह में तो बोरियत हो गई। तीन माह इंतजार होता तो ज्यादा मुश्किल होती। एसईई के बाद भक्तपुर, झापा घूमे, खेला, फिल्म देखी। एसईई जैसा दबाव नहीं था।’ अब वे विज्ञान विषय पढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।

कृतक और शान ही नहीं, बड़ी संख्या में विद्यार्थी जल्दी परिणाम आने से उत्साहित हैं। इस वर्ष परीक्षा के लिए ५ लाख १२ हजार ४२१ विद्यार्थियों ने फॉर्म भरे जिनमें नियमित तर्फ ४ लाख ४१ हजार ५६६ और ग्रेड सुधार तर्फ ७० हजार ८५५ विद्यार्थी शामिल हैं। छात्राएं २ लाख ५७ हजार ६१३, छात्र २ लाख ५४ हजार ८०१ और अन्य ७ विद्यार्थी हैं। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने परिणाम एसएमएस, आईवीआर और वेबसाइट के माध्यम से देखने की सुविधा प्रदान की है।