वीरगञ्ज सड़क विस्तार के असंभव स्थिति पर सांसद पन्त द्वारा सरकार का ध्यानाकर्षण

समाचार सारांश
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- रास्वपा के सांसद हरि पन्त ने वीरगंज के सड़क विस्तार में मौजूद विवादों और असमंजस को दूर कर ठोस निर्णय लेने के लिए सरकार से आग्रह किया है।
- पन्त ने बताया कि भारत से आने वाले मालवाहक वाहन केवल ड्राइपोर्ट के माध्यम से नेपाल में प्रवेश करेंगे, इसलिए राजमार्ग की चौड़ाई २५ मीटर से कम न रखे जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने आवाज उठाई है।
- वे वीरगंज के सड़क विस्तार को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाकर उद्योग और व्यापार को सुगम बनाने की मांग कर रहे हैं।
२९ वैशाख, काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद हरि पन्त (बुद्धिबहादुर) ने वीरगंज के सड़क विस्तार में उत्पन्न असमंजस पर संसद के सभामुख के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित कराया है।
मंगलवार को संसद में अपने संबोधन में, पर्सा क्षेत्र संख्या 1 के सांसद भी रह चुके पन्त ने कहा कि सड़क विवादों के कारण वीरगंज इतिहास की एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है, इसीलिए सड़क विस्तार में असमंजस हटाकर स्पष्ट निर्णय लेने के लिए सरकार से अपील की।
सांसद पन्त ने बताया कि भारत से आने वाले सभी मालवाहक वाहन ड्राइपोर्ट के जरिए ही नेपाल में प्रवेश करेंगे, अतः उस राजमार्ग की चौड़ाई २५ मीटर से कम न रखे जाने को स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेकर सड़क विस्तार को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने के लिए सभामुख के माध्यम से सरकार को सुझाव दिया।
उन्होंने सड़क विस्तार के दौरान घुमाव और पेच हटाकर सड़क निर्माण को तेज करने तथा वीरगंज के उद्योग और व्यापार को सहज और पूर्ववत रूप से संचालित करने का आग्रह किया।
सांसद पन्त ने कहा, ‘लगभग एक माह पहले, १४० वर्ष पूर्व वीर शमशेर द्वारा स्थापित आधुनिक वीरगंज का मुख्य बाजार, गंडक से रक्सौल तक के दोनों किनारे के बाजार और मकानों में डोजर चल रहे हैं। देश को कुल राजस्व का ६० प्रतिशत देने वाला वीरगंज बाजार अब पूरी तरह अस्त-व्यस्त और बंद हालत में है। सड़क के दोनों किनारों पर बाजार नहीं हैं, केवल टूटे हुए भवनों के भग्नावशेष हैं। हेटौंडा क्षेत्र में राजमार्ग का २५-२५ गज हिस्सा ही टूटा है, लेकिन वीरगंज में २५ मीटर तक सड़क ध्वस्त हो चुकी है।’





