
सरकार ने प्रशासनिक सुधार और मितव्ययिता बनाए रखने के लिए संघीय मंत्रालयों की संख्या २२ से घटाकर १८ करने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘नेपाल सरकार (कार्यविभाजन) नियमावली, २०८३’ को अनुमोदित करते हुए मंत्रालयों के कार्यविभाजन और नामों में परिवर्तन किया गया है। शिक्षा, खेलकूद, संचार, युवा, श्रम, महिला, स्वास्थ्य, पूर्वाधार और कृषि मंत्रालयों को समेकित कर नए मंत्रालयों का गठन किया गया है। ३० वैशाख, काठमांडू।
सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार करना, खर्च कटौती बनाए रखना, अनावश्यक चालू खर्च घटाना और कार्यसम्पादन को अधिक प्रभावी व चुस्त बनाना है। मंत्रिपरिषद ने मंत्रालयों की संख्या घटाने का निर्णय करते हुए अर्थ, गृह, परराष्ट्र, रक्षा, एवं कानून, न्याय तथा संसदीय मामले मंत्रालयों को यथावत रखा है। उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति, संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन, और ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय भी यथावत हैं।
प्रौद्योगिकी और आविष्कार को प्राथमिकता देते हुए, पुराने शिक्षा मंत्रालय से विज्ञान–प्रौद्योगिकी संबंधित विभाग को अलग कर नवाचार संबंधी कार्यों को संभालने के लिए स्वतंत्र ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्रालय’ का गठन किया गया है। अन्य मंत्रालयों के कार्यविभाजन में व्यापक परिवर्तन करते हुए समान प्रकृति के मंत्रालयों को एकीकृत किया गया है। अब शिक्षा एवं खेलकूद मंत्रालय, संचार मंत्रालय, युवा, श्रम और रोजगार मंत्रालय, तथा भूमि, सहकारी तथा मानव संसाधन मंत्रालय होंगे।
सरकार ने ‘शासकीय सुधार संबंधी १०० कार्यसूची’ के अंतर्गत मंत्रालयों की संख्या पुनः मूल्यांकन करने की योजना प्रस्तुत की थी। सचिव गोविन्दबहादुर कार्की के संयोजन में ‘पुनर्संरचना प्रबंधन सचिवालय’ द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालयों के कार्यविभाजन, नाम परिवर्तन और एकीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई है, ऐसा जानकारी दाहाल ने दिया है। मंत्रालयों की संख्या आवश्यक से अधिक होने के कारण चालू खर्च बढ़ने की समस्या का समाधान और राज्य तंत्र को चुस्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।





