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यूएई के प्रमुख विद्युत् स्रोत बराकाह पावर प्लांट पर ड्रोन हमला

बराकाह पावर प्लांट


समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा गरिएको ।

  • यूएई के अबू धाबी स्थित बराकाह पावर प्लांट पर रविवार को ड्रोन हमला हुआ और प्लांट में आग लग गई।
  • यूएई ने हमले की कड़ी निंदा की है और दुश्मन पक्ष को सैन्य या कूटनीतिक जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
  • बराकाह पावर प्लांट यूएई की कुल बिजली मांग का लगभग 25 प्रतिशत उत्पादन करता है और सालाना 2.24 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन को रोकता है।

4 जेठ, काठमाडौं। यूएई के अबू धाबी में स्थित बराकाह पावर प्लांट पर ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, इस हमले से प्लांट में आग लग गई है।

बराकाह पावर प्लांट यूएई का सबसे बड़ा विद्युत् स्रोत है। यहां उत्पादित प्रत्येक मेगावाट बिजली कार्बन-मुक्त होती है।

यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा केंद्र पर रविवार को पश्चिमी सीमा से ड्रोन हमला किया गया था। यूएई ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस हमले के पीछे कौन है।

हालांकि, मंत्रालय ने देश की सुरक्षा पर यह हमला प्रत्यक्ष खतरा और अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया है तथा इसकी कड़ी निंदा की है। साथ ही दुश्मन पक्ष को सैन्य या कूटनीतिक जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।

इससे पहले, यूएई की सरकारी मीडिया हाउस ने बताया था कि ड्रोन हमले के कारण पावर प्लांट में एक जनरेटर में आग लगी थी, जिसे नियंत्रण में ले लिया गया है।

इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है और विकिरण सुरक्षा स्तर पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यूएई के अधिकारियों ने कहा कि सभी सावधानी के कदम भी उठाए गए हैं।

हाल ही में ईरान और यूएई के बीच तनाव बढ़ने के बीच यह हमला हुआ है। यूएई ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध के दौरान उसके नागरिक और बुनियादी ढांचे पर 3,000 से अधिक हमले किए हैं।

इसी बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूएई पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने अमेरिका और इजरायल के हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि इरान ने यूएई में केवल सैन्य अड्डों और अमेरिका-इजरायल से संबद्ध संस्थानों को निशाना बनाया था।

हमले की निंदा

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद के साथ फोन पर बातचीत कर इस हमले की कड़ी निंदा की है। आईएईए ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।

बराकाह पावर प्लांट पर हमले के बाद निकला धुआं

भारत ने भी इस हमले की निंदा की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘इस प्रकार के कार्य अस्वीकार्य हैं और यह तनाव को बढ़ाने का काम करते हैं। हम तत्काल संयम बरतने और संवाद एवं कूटनीतिक मार्ग अपनाने का आह्वान करते हैं।’

सऊदी अरब ने भी यूएई के परमाणु ऊर्जा केंद्र पर ड्रोन हमले की निंदा की है। सऊदी अरब ने बयान जारी कर इसे ‘‘बेहरहमी से किया गया आतंकवादी कार्य’’ बताया है और चेतावनी दी है कि यह क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है।

बराकाह पावर प्लांट क्यों महत्वपूर्ण है?

बराकाह परमाणु पावर प्लांट यूएई के उत्तर-पश्चिमी मरुस्थल में, सऊदी अरब और कतर की सीमा के समीप अल दफरा क्षेत्र में स्थित है। यह पावर प्लांट अमीरात न्यूक्लियर एनर्जी कॉर्पोरेशन के समूह द्वारा दक्षिण कोरियाई ऊर्जा कंपनी के सहयोग से निर्मित किया गया है।

यूएई की अमीरात न्यूक्लियर एनर्जी कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, बराकाह प्लांट के चार APR-1400 डिजाइन के परमाणु रिएक्टर हर वर्ष 40 टेरावाट-घंटे बिजली उत्पन्न करते हैं, जो कि यूएई की कुल बिजली मांग का लगभग 25 प्रतिशत है।

यह प्लांट देश की ऊर्जा स्रोत विविधीकरण की महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है। यह उद्योग, घर, व्यवसाय और सरकारी संरचनाओं को स्वच्छ और प्रभावी ऊर्जा उपलब्ध कराकर देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है।

वेबसाइट के अनुसार, बराकाह परमाणु ऊर्जा प्लांट हर साल लगभग 2.24 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन रोकता है, जो लगभग 48 लाख वाहनों को सड़क से हटाने के बराबर है।