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‘निर्णायक महाधिवेशन और व्यापक एकता के लिए साझा संयंत्र आवश्यक है’

विशेष महाधिवेशन के बाद नेपाली कांग्रेस में शुरू हुआ आंतरिक विवाद चार महीने बीत जाने के बावजूद यथावत् है और शक्ति संघर्ष का स्वरूप धारण करता जा रहा है। नेपाली कांग्रेस के नेता डॉ. प्रकाशरण महत ने १५वें महाधिवेशन को निष्पक्ष और व्यापक पार्टी एकता कायम करने के लिए साझा संयंत्र आवश्यक बताया है। डॉ. महत ने कहा है कि सरकार की नीति तथा कार्यक्रम में कोई नई उपलब्धि नहीं है और आर्थिक वृद्धि ७ प्रतिशत होने का कोई आधार भी नजर नहीं आया है। विशेष महाधिवेशन के बाद शुरू हुआ आंतरिक विवाद अभी भी कायम है। वर्तमान नेतृत्व और महाधिवेशन से बाहर हुए समूह के बीच असंतोष ने इस विवाद को शक्ति संघर्ष का रूप दे दिया है।

सार्वजनिक मंच पर पार्टी एकता और सहयोग का सन्देश देने का प्रयास तो किया जा रहा है, लेकिन शीर्ष नेताओं के बीच दूरी कम नहीं हो सकी है। बल्कि हाल की गतिविधियां आंतरिक ध्रुवीकरण को और अधिक स्पष्ट कर रही हैं। पार्टी के भीतर इस विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्ष औपचारिक संवाद या सहमति की पहल नहीं कर पाए हैं। नेताओं के बीच बढ़ती अविश्वास और आंतरिक प्रतिस्पर्धा के कारण विवाद के शीघ्र समाधान की संभावना कम दिख रही है। इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता और पूर्व अर्थ मंत्री डॉ. प्रकाशरण महत से पत्रकार केशव सावद ने पार्टी एकता, नजदीकी महाधिवेशन, सरकार की नीति तथा कार्यक्रम और आगामी बजट को लेकर बातचीत की है।

संस्थापन पक्ष नीति, अनुसंधान तथा प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के माध्यम से प्रदेश स्तर की बैठकों का आयोजन कर रहा है। पार्टी में नियमित महाधिवेशन या विशेष महाधिवेशन कराने का विवाद था। हमने बहुसंख्यक ने नियमित महाधिवेशन कराने का निर्णय लिया था लेकिन कुछ साथी विशेष महाधिवेशन का आयोजन कर गए। चुनाव आयोग और अदालत ने उस विशेष महाधिवेशन को आधिकारिकता दी। हमें वह जायज नहीं लगा, लेकिन कानूनी तौर पर दी गई आधिकारिकता को स्वीकार किया है। विशेष महाधिवेशन में पार्टी के बहुसंख्यक सदस्य नहीं थे, इसलिए राजनीतिक रूप से समस्या का समाधान नहीं हो पाया। कानूनी और प्राविधिक तौर पर तो समाधान हुआ लेकिन पार्टी एकजुट नहीं हो पाई।

इसलिए हमारी प्राथमिकता पार्टी की व्यापक एकता है। लेकिन यह आसान नहीं है। मानसिक और भौतिक रूप से पार्टी अभी विभाजित है और स्थिति चुनौतीपूर्ण है। इस चुनौती का सामना करते हुए भी अगर नेपाली कांग्रेस को एक मजबूत, सशक्त और अग्रणी पार्टी बनाना है, तो सभी पक्षों को एकजुट होना जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम बस अपने विचारों को थोपें। वर्तमान नेतृत्व को सभी भावनाओं को समेटकर १५वें महाधिवेशन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आधार तैयार करना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है।