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त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने तीन संस्थाओं से प्राध्यापक और कर्मचारियों की जमीन वापसी पाई, १४ संस्थाओं ने जवाब नहीं दिया

त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने ३५ दिन की अंतिम सूचना जारी करने के बाद नेपाल प्राध्यापक संघ, त्रिवि प्राध्यापक संघ और त्रिवि कर्मचारी संघ से जमीन वापसी प्राप्त की है। रजिस्ट्रार महानन्द चालिसे के अनुसार त्रिवि ने १७ संघ-संस्थाओं को जमीन खाली करने के पत्र भेजे थे, जिनमें से ९ ने जवाब दिया है। त्रिवि क्रिकेट मैदान के उपयोग के लिए नेपाल क्रिकेट संघ के साथ अल्पकालीन समझौते की तैयारी चल रही है।

१० जेठ, काठमाडौं। प्राध्यापक और कर्मचारी तीन संस्थाओं ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय की जमीन वापस कर दी है। नेपाल प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष रमेश जोशी ने त्रिवि के पत्र के अनुसार जमीन वापसी की जानकारी दी। त्रिवि प्राध्यापक संघ के एक सदस्य ने भी जमीन खाली करने की पुष्टि की है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष छत्र कार्की ने कहा, ‘त्रिवि के सामान्य प्रशासन को जमीन खाली करने का पत्र भेजा है। जिन सटर्स को किराए पर लिया गया था, उन्हें भी खाली करने के लिए कहा गया है।’

त्रिवि के सामान्य प्रशासन विभाग ने ४ वैशाख को अवैध कब्जा किए गए संघ-संस्थाओं को ३५ दिन का नोटिस जारी किया था। ३५ दिनों के भीतर तीन संघों ने जमीन खाली करने के पत्र भेजे हैं। रजिस्ट्रार चालिसे ने कहा, ‘कुछ संस्थाओं के साथ समन्वय जारी है।’ वहीं १४ संस्थाओं ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। त्रिवि की करीब २ हजार रोपनी जमीन पर विभिन्न संघ-संस्थाओं द्वारा उपयोग पाया गया है। महालेखा कार्यालय की ६३वीं रिपोर्ट ने भी त्रिवि की जमीन संरक्षण हेतु सुझाव दिया है।