समाचार सारांश
- श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क सम्पांग ने बजट चर्चा के दौरान आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
- आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए शिक्षा देना और श्रम संस्कृति का विकास आवश्यक बताया।
- बजट को विकास और उसके प्रबंधन दोनों के रूप में व्याख्यायित किया गया।
मई १२ (जेष्ठ २९), काठमांडू: श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष एवं संसदीय दल के नेता हर्क सम्पांग ने आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के विकास पर बल दिया।
बजट चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की सफलता या असफलता इस बात पर मापी जानी चाहिए कि वह कितनी आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को विकसित करने में सफल होती है।
“बजट विकास है। विकास का मतलब विधि और प्रबंधन है,” उन्होंने कहा। “विकास आज भी सभी तक नहीं पहुंचा है। अमेरिका, जापान या चीन ने भी पूर्ण रूप से विकास हासिल नहीं किया है। इसलिए, प्रबंधन आवश्यक है।”
आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, श्रम संस्कृति के विकास की भी आवश्यकता है। उन्होंने घरेलू उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल विदेशी ऋण लेकर योजनाएं नहीं बनानी चाहिए।
अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सफलता या असफलता का मूल्यांकन इस बात पर नहीं किया जाना चाहिए कि विदेशी ऋण कम हुआ या बढ़ा।”
सरकार से उन्होंने आग्रह किया कि वह संभवतः विदेशी ऋण को कम करने पर ध्यान दे।





