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पाकिस्तान में १२ वर्षों से ‘पति द्वारा बंधक बनाई गई’ फ्रांसीसी महिला सिल्वी यास्मिना का उद्धार

पाकिस्तान में अपनी पत्नी और बच्चों को १२ वर्षों से घर में बंधक बनाकर रखने तथा उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि उद्धारित फ्रांसीसी नागरिक सिल्वी यास्मिनाने अपने पति की ओर से “प्रतिदिन कुटपिट और मानसिक उत्पीड़न” झेलने की बात कही है। उन्होंने अपने पति के व्यवहार को “अत्यंत हिंसात्मक” बताते हुए शिकायत की है।

यह परिवार खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक बेहद दुर्गम पहाड़ी गांव में रहता था। परिवार के एक बेटे के घर से भागकर पुलिस को सूचना देने के बाद छापा मारा गया था। पुलिस ने यास्मिना और उनके पांच बच्चों को एक संकरी तथा अत्यंत जर्जर हालत के कमरे में पाया, जहां उनके शरीर पर नीले निशान थे। यास्मिना और उनके बच्चों को पेशावर के आश्रय स्थल में भेजा गया है। पुलिस ने बताया है कि वे फ्रांस लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

सिल्वी यास्मिना के अनुसार, २०१४ में ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान आने के बाद उनके पति ने परिवार को सचमुच बंधक बनाया था। अब वे ५४ वर्षीया हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “उनके अनुसार उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जाता था, बड़े बच्चों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी और छोटे बच्चे पाकिस्तान में जन्मे होने के बावजूद स्कूल में दाखिला नहीं दिया गया।” पुलिस ने यास्मिना के पति की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन वे पाकिस्तानी नागरिक हैं और यास्मिना के पास ऑस्ट्रेलिया में अवैध रूप से रह रहे थे।

दोनों का विवाह २००३ में हुआ था। वे २०१४ तक ऑस्ट्रेलिया में रहे और फिर दो बच्चे लेकर पाकिस्तान आए। यास्मिना के दावे के अनुसार, उसके बाद से परिवार को बाहर लोगों से कोई संपर्क नहीं रखने दिया गया। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में लिखा है, “हमें स्वतंत्रता से वंचित रखा गया, पति होने के नाते वह परिवार की देखभाल करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया। वे हमें पीटते और रोजाना दर्द देते थे।”