
तस्वीर स्रोत, Reuters
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 4 मिनट
भारत में कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार द्वारा उनकी बाकी मांगों को भी स्वीकार किये जाने की जानकारी दी है।
तीसरे चरण की वार्ता के बाद सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका तथा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की।
इससे पहले शनिवार दोपहर सीजेपी की मांग के अनुसार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ दास ने बताया कि सभी मांगों को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है और आंदोलनकारियों से घर लौट जाने का आग्रह किया। “सरकार ने हमारी अन्य मांगें भी मान ली हैं,” उन्होंने कहा।
“सरकार ने दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में दर्ज एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है। भविष्य में किसी भी सीजेपी अभियानकर्ता के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होगी,” उन्होंने आगे कहा।
आशुतोष रांका ने कहा कि एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने पर भी सहमति बनी है। केंद्र सरकार कानूनी तौर पर यह राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया
कक्रोच जनता पार्टी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई।
“आज हमने विस्तार से बात की। उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों पर चार बिंदुओं वाला लिखित प्रस्ताव दिया। हमने उनकी अन्य दो मांगें (प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न करने और क्षतिपूर्ति देने) और पांच बिंदुओं की मांग पर भी चर्चा की,” उन्होंने कहा।
“हम उनको एफआईआर की प्रतिलिपि उपलब्ध कराएंगे और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। क्षतिपूर्ति के विषय में सरकार ने स्पष्ट किया है कि हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। हम सभी नियम-कानून के अनुसार क्षतिपूर्ति देने को सहमत हुए हैं। अधिकतम रकम उपलब्ध कराई जाएगी।”
सोनम वाङ्चुक की प्रतिक्रिया
तस्वीर स्रोत, Getty Images
करीब चार सप्ताह से अनशन पर बैठे अभियानकर्मी सोनम वाङ्चुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया है।
“आज जो कुछ हुआ वह लोकतंत्र की जीत है और मैं इसके लिए सम्पूर्ण देशवासियों को बधाई देना चाहता हूँ,” उन्होंने कहा।
मैं कक्रोच जनता पार्टी की टीम को बधाई देता हूँ जिन्होंने यह मुद्दा सबसे पहले उठाया। लोकतंत्र के पक्ष में खड़े सभी स्वयंसेवक, छात्र, युवा और बुजुर्गों को भी मैं बधाई देता हूँ।
उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए सबकी प्रशंसा की। “म आशा करता हूँ भविष्य में भी शांति बनी रहेगी और कोई गलत घटना नहीं होगी,” उन्होंने बताया।
देश की उन्नति के लिए केवल इस्तीफा ही नहीं बल्कि सुधार भी जरूरी है, वाङ्चुक ने कहा। शिक्षा प्रणाली में सुधार आवश्यक है और इस दिशा में काम होना चाहिए, उन्होंने जोर दिया।
सरकार द्वारा उदारता से कदम उठाए जाने को मान्यता देते हुए उन्होंने शिक्षा और प्रशासन में सुधार की आशा जताई।
“अब देश को डर या आतंक से नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास के साथ चलाना होगा और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ना होगा,” वाङ्चुक ने अंत में कहा।
शिक्षामंत्री का इस्तीफा
तस्वीर स्रोत, Hindustan Times via Getty Images
बड़े दबाव के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा, “जन्तरमन्तर और देश की वर्तमान स्थिति का फायदा देशविरोधी ताकतें न उठाएं। देश की एकता बनी रहे और भारत के विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे।”
“हमारे बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दे सकें और करियर बनाने पर फोकस करें। इसी सोच के चलते मैंने अपना इस्तीफा माननीय प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।”
शिक्षामंत्री प्रधान का इस्तीफा सीजेपी और विपक्षी दलों ने स्वागत किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लाखों युवाओं की जीत बताया है।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान ने नहीं बल्कि छात्रों ने इस्तीफा दिया है।
कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का समर्थन किया।
इससे पहले भारत के 100 प्रमुख लेखक, कलाकार और बुद्धिजीवियों ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग करते हुए विद्यार्थियों के समर्थन में संयुक्त बयान जारी किया था।
साथ ही इस बयान में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया में लगातार होने वाली अनियमितताओं के कारण सार्वजनिक संस्थाओं पर विश्वास संकट को गंभीर समस्या बताया गया था।
हमारे यूट्यूब चैनल पर भी खबरें उपलब्ध हैं। कृपया हमारा चैनल सब्सक्राइब करें और प्रकाशित वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें। इसके अलावा हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी खोजा जा सकता है। साथ ही सेवा सोमवार से शुक्रवार शाम पौने नौ बजे रेडियो पर सुनाई देती है।





