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चिकित्सकों की हड़ताल : मारपीट के आरोप पर आंदोलन, मरीज प्रभावित

महाराजगंज स्थित शिक्षण अस्पताल परिसर में मरीज
तस्वीर का कैप्शन, बाह्य सेवाएं बंद होने के बाद मरीज और उनके परिजन खुद को बिलम्बित महसूस कर रहे हैं

मंगलवार दोपहर 12 बजे काठमांडू के महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल (टीचिंग अस्पताल) पहुंची सिराहा की शोभादेवी चौधरी हताश और भ्रमित अवस्था में मिलीं।

हड्डी और गुर्दे की समस्या से पीड़ित वह सुबह सात बजे अस्पताल पहुंची थीं।

“मुझे पता नहीं था कि यहां बंद है। आज गुर्दे की जांच होनी थी। घंटों से इंतजार कर रही हूं। दूर से आना पड़ा, गाड़ी का किराया भी लगता है, हर बार खर्च होता है। अब पता नहीं कब खुलेगा,” चौधरी ने कहा।

सिन्धुपाल्चोक के ज्ञानबहादुर तामांग को भी गुर्दे की समस्या है। वह अस्पताल परिसर में रिपोर्ट के थीले हाथ में लेकर अकेले घूम रहे थे।

“आठ-दस दिन से आ रहा हूं। आज बंद है, पता नहीं था। ‘वीडियो एक्स-रे’ कराने को कहा गया था। इसलिए पहले से भूखा हूं। बहुत तकलीफ हो रही है,” 60 वर्षीय तामांग ने कहा।