
भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर बलात्कारियों का बचाव करने के आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने विरोध जताया है। लोकसभा में प्रियंका गांधी द्वारा उठाए गए आरोप को शिक्षा मंत्री जोशी ने सदन में ही खंडित करते हुए नियम ३५३ के तहत माफी मांगी है। संसद में पेपर लीक से संबंधित सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, २०२६ पर आठ घंटे तक चर्चा करने के लिए सभी दलों के बीच सहमति बनी है। १३ साउन, काठमाडौं।
भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शनिवार को धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रल्हाद जोशी को लेकर संसद के बाहर राहुल गांधी ने आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने गर्भवती महिलाओं के बलात्कारियों की रिहाई का समर्थन करने का दावा किया।
राहुल गांधी ने कहा, “शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद छात्रों ने आंदोलन किया और लाठी खाई। इसके बाद बीजेपी ने एक ऐसे व्यक्ति को कैबिनेट में रखा है जो बलात्कारियों का बचाव करता है।” उन्होंने यह भी कहा, “प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया अजीब है।” इसके जवाब में प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में कहा, “सर प्रियंका जी को प्रमाण देना चाहिए अन्यथा गलत सूचना देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
संसद का मानसून सत्र मंगलवार को काफी महत्वपूर्ण रहा। इस दिन लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘पब्लिक एक्जामिनेशन संशोधन विधेयक, २०२६’ पर चर्चा शुरू हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने सभी दलों की सहमति से ६ घंटे की चर्चा को २ घंटे बढ़ाकर ८ घंटे करने की जानकारी दी।





