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कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की संपत्ति जांच की मांग

समाचार सारांश

OK AI द्वारा सृजित। सम्पादकीय रुपले समीक्षा गरिएको।

  • भारत की कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की संपत्ति और चंदा संग्रह पर जांच की मांग करते हुए सरकारी संस्थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है।
  • आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने दीपके के पिता की असामान्य संपत्ति और पार्टी के पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तीन विभिन्न सरकारी निकायों को आवेदन दिया है।
  • तिवारी ने सांसद कपिल सिब्बल से प्राप्त एक करोड़ रुपये के आर्थिक स्रोत और सीजेपी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों की जांच करने की मांग की है।

१८ साउन, काठमाडौं । भारत की ‘कक्रोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की संपत्ति की जांच की मांग करते हुए सरकारी संस्थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दीपके के अभियान में एकत्रित किए गए चंदे और राजनीतिक गतिविधियों पर भी जांच की मांग की गई है।

गुजरात के सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता (सूचना का अधिकार कानून का उपयोग करके सरकारी संस्थानों से सूचना प्राप्त करने तथा सार्वजनिक मामलों की जांच के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति) अमित तिवारी ने भारत के तीन सरकारी निकायों को दीपके के विरुद्ध अलग-अलग शिकायतें दी हैं।

तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार, निर्वाचन आयोग और केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को पत्र लिखकर विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की है, भनी भारतीय मीडिया ने बताया है।

महाराष्ट्र सरकार को दी गई शिकायत में तिवारी ने अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके के महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर कार्यरत होने का उल्लेख किया है। बताया गया है कि वे सम्मानित पद पर मासिक औसतन ६० हजार से ६५ हजार रुपये वेतन पाते हैं। ऐसे आय के बावजूद परिवार ने अपने बच्चों को अमेरिका जैसे महंगे देश में शिक्षा कैसे दी, यह प्रश्न तिवारी ने उठाया है।

भगवानराव दीपके और उनके परिवार की आय और संपत्ति की निष्पक्ष जांच के लिए तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया है। जांच के दौरान यदि आय के मुकाबले असामान्य संपत्ति पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई हो, ऐसी मांग उनकी है।

कक्रोच जनता पार्टी ने पंजीकरण के बिना चंदा जुटाने का लगाया आरोप

निर्वाचन आयोग को भेजी गई शिकायत में तिवारी ने कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर राजनीतिक संगठन के रूप में खुद को दिखाकर आम जनता से चंदा इकट्ठा करने का आरोप लगाया है।

किसी संगठन को राजनीतिक दल के रूप में काम करने के लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, १९५१ की धारा २९ए के तहत निर्वाचन आयोग में पंजीकरण होना आवश्यक है, ऐसा उनका दावा है।

इसलिए सीजेपी के निर्वाचन आयोग में पंजीकृत होने या न होने की जांच करने की मांग उन्होंने की है। यदि बिना पंजीकरण के राजनीतिक गतिविधि और चंदा संग्रह की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

एक करोड़ रुपये की फंडिंग पर सवाल

केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को दी गई शिकायत में तिवारी ने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से सीजेपी को मिली कथित एक करोड़ रुपये की फंडिंग पर भी सवाल उठाए हैं।

तिवारी ने इस रकम के लेनदेन और इससे संबंधित कर मामलों की जांच की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि कर देना आवश्यक है तो १८ प्रतिशत जीएसटी भी जांच में शामिल हो।

नीट आंदोलन में अभद्र टिप्पणी का आरोप

उन्होंने अपनी शिकायत में सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया है।

यह आंदोलन शुरू में नीट पेपर लीक मामले पर केंद्रित था और व्यापक समर्थन प्राप्त किया था, लेकिन बाद में आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दिवंगत माता सहित अन्य नेताओं को निशाना बनाकर अभद्र टिप्पणियां की गईं, यह आरोप तिवारी ने लगाया है।

तिवारी के अनुसार, ऐसी अभिव्यक्तियां लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा के खिलाफ हैं।

तिवारी की मुख्य मांगें

तिवारी ने विभिन्न संस्थानों को दी गई अपनी शिकायतों में मुख्य रूप से चार विषयों पर जांच की मांग की है–

  • अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके और उनके परिवार की आय-संपत्ति की जांच।
  • सीजेपी के बिना निर्वाचन आयोग में पंजीकरण के राजनीतिक गतिविधि और चंदा संग्रह की जांच।
  • कपिल सिब्बल से मिली कथित एक करोड़ रुपये की फंडिंग और उससे जुड़े कर मामलों की जांच।
  • महाराष्ट्र सरकार, निर्वाचन आयोग और सीबीआईसी से अपने क्षेत्राधिकार के अनुसार जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई।

अभिजीत दीपके कौन हैं?

वर्तमान में भारतीय राजनीति में चर्चित युवाओं में अभिजीत दीपके भी एक हैं। ३० वर्षीय दीपके ने कक्रोच जनता पार्टी की स्थापना की थी, जिसने नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन किया था।

दिल्ली के जनता मंच से लेकर संसद मार्ग तक हुए प्रदर्शन में सीजेपी शामिल था। इस आंदोलन के साथ दीपके राष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक दायरों में चर्चा में आए थे।

हालांकि, आरटीआई कार्यकर्ता तिवारी द्वारा लगाए गए ये आरोप संबंधित संस्थानों द्वारा सत्यापित तथ्य नहीं हैं, बल्कि जांच की मांग के साथ दर्ज की गई शिकायतों में प्रस्तुत दावे हैं। संबंधित संस्थानों की जांच और अभिजीत दीपके या सीजेपी की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।