
20 साउन, काठमांडू। स्पेसएक्स के फाल्कन–9 रॉकेट के एक टुकड़े के बुधवार को चंद्रमा की सतह से टकराने की संभावना है। पिछले वर्ष से अनियंत्रित रूप से घूम रहे इस रॉकेट के टुकड़े का आकार स्कूल बस जितना बताया गया है और इसका वजन लगभग 4 मीट्रिक टन यानी 4000 किलोग्राम है। इसे जनवरी 2025 में फायरफ्लाई एयरोस्पेस के चंद्रयान को चंद्रमा की ओर भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया था। अमेरिकी समयानुसार बुधवार को सुबह 2 बजकर 35 मिनट पर, अर्थात् नेपाली समयानुसार बुधवार दोपहर लगभग 1 बजकर 20 मिनट पर, यह रॉकेट का टुकड़ा चंद्रमा से टकराएगा। यह लगभग 5,400 मील यानी 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चंद्रमा की सतह पर प्लूमेज उत्पन्न करेगा। रॉकेट के टकराने से चंद्रमा पर भारी मात्रा में धूल उत्पन्न होने की उम्मीद है। सूर्य के प्रकाश में यह धूल चमक सकती है, लेकिन पृथ्वी से नग्न आंखों से इसे देख पाना मुश्किल होगा, वैज्ञानिकों का कहना है।
स्पेसएक्स के अनुसार, यह टुकड़ा चंद्रमा के पश्चिमी हिस्से में स्थित ‘आइंस्टाइन क्रेटर’ के पास गिर सकता है। यह क्षेत्र पृथ्वी से सीधे देखना कठिन माना जाता है। स्पेसएक्स ने इस घटना को आकस्मिक बताया है। रॉकेट के दूसरे चरण ने अपना ईंधन समाप्त कर लिया है, इसलिए फिलहाल इसे नियंत्रित कर दूसरे दिशा में भेजना संभव नहीं है। सामान्यत: किसी रॉकेट का दूसरा चरण अपने पेलोड को निर्धारित कक्षा में पहुंचाने के बाद बचे हुए चरण पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश कर जल कर या समुद्र में गिर जाता है। लेकिन जनवरी 2025 में चंद्र अवतरण यान के प्रक्षेपण के दौरान सामान्य अभियान की तुलना में ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होने के कारण फाल्कन–9 का दूसरा चरण पृथ्वी के वायुमंडल में वापस नहीं आ पाया। इसके बाद, यह अंतरिक्ष में मौजूद हजारों अन्य टुकड़ों के साथ अनियंत्रित घूम रहा था।
इस वर्ष की शुरुआत में वैज्ञानिकों ने इस रॉकेट के टुकड़े को चंद्रमा पर पहुंच कर समाप्त होने वाली कक्षा में पाया। इसके पहले ही इसका बचा हुआ ईंधन समाप्त हो चुका था। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स में नासा विज्ञान और ड्रैगन कार्यक्रम की निदेशक जूलियाना शाइमन ने कहा है कि सौर गतिविधि और गुरुत्वाकर्षण शक्ति के संयुक्त प्रभाव से यह रॉकेट का टुकड़ा चंद्रमा की ओर बढ़ा है। उनका मानना है कि इससे तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस घटना ने अंतरिक्ष में मौजूद रॉकेट और अन्य उपकरण प्रबंधन की चुनौती स्पष्ट की है।
चंद्रमा पर अंतरिक्ष कचरा टकराने की घटनाएं दुर्लभ होती हैं। मानव निर्मित अंतरिक्ष सामग्री के चंद्रमा पर टकराने की घटनाएं बेहद कम हैं। मार्च 2022 में एक चीनी रॉकेट का चरण चंद्रमा से टकराया था। इससे पहले 2009 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा की सतह पर एक रॉकेट का हिस्सा नियोजित रूप से टकराया था। इस घटना का उद्देश्य चंद्रमा के धूल और कंकड़ के अध्ययन के लिए था। जूलियाना शाइमन के अनुसार, नासा और स्पेसएक्स भविष्य में ऐसे अनियंत्रित टकरावों को रोकने के लिए उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा अर्बों डॉलर के आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत इस दशक के अंत तक चंद्रमा पर आधार बनाकर नियमित अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना बना रही है। जैसे-जैसे चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशनों की संख्या बढ़ती जाएगी, अनियंत्रित घूम रहे रॉकेट और अन्य अंतरिक्ष कचरे के टुकड़े चंद्रमा पर मौजूद उपकरणों या भविष्य के मिशनों के लिए खतरा बन सकते हैं, वैज्ञानिक इस संभावना को लेकर सावधानी बरत रहे हैं।





