लाल सागर में भारतीय झंडाधारी जहाज पर हमला, १३ भारतीय नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू

यमन के लाल सागर तट पर भारतीय झंडा धारण किए हुए एमएसी फैजे नूर–ए–औलिया जहाज पर हूथी विद्रोहियों ने आत्मघाती नौका के माध्यम से हमला किया, जिससे जहाज डूब गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार सभी १३ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। २० साउन, काठमाडौं।
इरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने विस्फोटक से भरी आत्मघाती नौका द्वारा इस जहाज पर हमला किया, प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। जहाज डूबने के बाद भी सभी १३ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाने की सूचना मिली है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित भारतीय दूतावास इस घटना की निरंतर निगरानी कर रहा है। साथ ही चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा के लिए यमन के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। हमले में शामिल जहाज का नाम ‘एमएसभी फैजे नूर–ए–औलिया’ पुष्टि हो चुकी है।
पहले फरवरी में तेल लेकर भारत के गुजरात की ओर आ रहे थाईलैंड स्वामित्व वाले ‘मयूरी नारी’ नामक जहाज पर हमला हुआ था। इसी क्रम में जून में ओमान के तट के नजदीक ‘जीएफएस गैलेक्सी’ नामक एक अन्य व्यावसायिक जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें मौजूद ११ भारतीय नागरिकों में से १० को बचा लिया गया था, जबकि एक व्यक्ति लापता हो गया था।
हूथी धमकियों के बाद छह सऊदी सुपरटैंकरों ने समुद्री मार्ग बदल लिया है। इन टैंकरों ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले छोटे मार्ग को छोड़कर अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाला लंबा समुद्री मार्ग अपनाया है। जहाजों पर हुए हमले और समुद्री मार्ग में इस बदलाव ने लाल सागर क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाल की घटनाओं ने इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर बढ़ते सुरक्षा खतरों को स्पष्ट कर दिया है।





