
जापान की बढ़ती सैन्य क्षमता को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए उत्तर कोरियाने अतिरिक्त सैन्य विकल्प अपनाने की चेतावनी दी है। उत्तर कोरियाई नेता किम यो जोङ ने जापान पर शांति समर्थक नीति से दूर होकर ‘युद्ध राज्य’ बनने का आरोप लगाया है। जापान द्वारा अपने रक्षा बजट में वृद्धि और मिसाइल प्रणाली तैनात करने के बाद उत्तर कोरियाने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए निंदात्मक टिप्पणी की है। 20 साउन, सिओल (रासस/एएफपी)।
उत्तर कोरियाने जापान के सैन्य विस्तार की तेज़ी को अपनी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती के रूप में देखते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सैन्य विकल्प अपनाने की चेतावनी दी है। किम यो जोङ ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की शांति नीतियों से हटकर ‘युद्ध राज्य’ में परिवर्तित हो रहा है और प्योंगयांग इसकी सैन्य गतिविधियों को उत्तेजक रूप में नहीं देखेगा।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए द्वारा जारी बयान में किम ने जापान पर सैन्य खर्च बढ़ाने, रक्षा सहयोग को विस्तारित करने, बाहरी द्वीपों पर मिसाइल प्रणाली तैनात करने, और आक्रामक क्षमताओं के विकास का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि हाल ही में जापान ने लंबी दूरी के तोमाहॉक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया और फिलीपींस में अमेरिकी नेतृत्व में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लिया, जो प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सैन्य गतिविधियों के उदाहरण हैं।
यह प्रतिक्रिया जापान के रक्षा मंत्री द्वारा मंगलवार को जारी किए गए नए सुरक्षा आकलन रिपोर्ट के बाद आई है। इस रिपोर्ट में चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को दर्शाते हुए तत्काल संकट की भावना के साथ रक्षा क्षमताओं को सशक्त करने की आवश्यकता बताई गई थी। किम ने कहा कि जापान के सैन्य विस्तार से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और उत्तर कोरिया ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।





