
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने कहा है कि हमास पूरी तरह से असशस्त्र नहीं होगा तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी और उन्होंने अमेरिकी प्रशासन द्वारा प्रस्तुत मसौदा प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। शांति बोर्ड ने भी पुष्टि की है कि गाजा में पूर्ण हथियार निरस्त्रीकरण के बिना इजरायली रक्षा बल ‘‘पीला रेखा’’ से पीछे नहीं हटेंगे। प्रधानमंत्री नेतान्याहू और शांति बोर्ड के प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव के बीच गाजा में सशस्त्र नियंत्रण हटाकर स्थिर नागरिक प्राधिकरण स्थापित करने को लेकर उच्चस्तरीय वार्ता हुई है।
२० साउन, वाशिंगटन – इजरायली प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा प्रस्तुत गाजा के निःशस्त्रीकरण और इजरायली सैन्य वापसी से संबंधित मसौदा योजना को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। नेतान्याहू ने स्पष्ट कहा है कि हमास पूरी तरह से असशस्त्र नहीं होगा तब तक इजरायली सेना क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में गाजा पट्टी में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिक उपस्थिति को महत्व दिया। अपनी सुरक्षा के प्रति दृढ़ रहते हुए उन्होंने कहा कि हमास के पूर्ण निःशस्त्रीकरण तक वर्तमान स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
नेतान्याहू ने इजरायली सेना को दिए गए जनादेश की पुनः पुष्टि की और कहा कि अपने देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, शांति बोर्ड ने गाजा पट्टी में सभी हथियारों के निरस्त्रीकरण के बिना इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ‘‘पीला रेखा’’ से पीछे नहीं हटेंगे, ऐसा साफ कर दिया था।
पीला रेखा वह सैन्य क्षेत्र है जो मध्य पूर्व में दक्षिणी लेबनान की सीमा से लगभग १० किलोमीटर उत्तर तक फैला हुआ है। अल जजीरा के अनुसार, इजरायली अधिकारी हिज़बुल्लाह के उन्मूलन प्रयासों को उजागर करते हुए इस क्षेत्र में हमला करने का अधिकार सुरक्षित रखना और नियंत्रण कायम रखना अपनी प्राथमिकता मानते हैं।
उच्च प्रतिनिधि निकोले म्लादेनोव, शांति बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल और प्रधानमंत्री नेतान्याहू तथा उनकी वरिष्ठ टीम के बीच हुई उच्चस्तरीय और रचनात्मक बैठक के बाद यह घोषणा सार्वजनिक की गई है। शांति बोर्ड ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इजरायल की वर्तमान गतिविधियों की वजह से युद्धविराम की समयसीमा में आई अनिश्चितताओं और विरोधाभासी रिपोर्टों के खिलाफ उचित कदम उठाए गए हैं। उन्होंने प्रारंभिक या आंशिक गलत रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा है कि हमास के साथ प्रतिबद्धता बनाए रखने के लिए पूर्ण निःशस्त्रीकरण आवश्यक है इससे पहले और कोई बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।
गलत रिपोर्टों की ओर ध्यान दिलाते हुए शांति बोर्ड ने कहा है कि पीला रेखा से बाहर इजरायली वापसी हमास के पूर्ण निःशस्त्रीकरण के बाद ही संभव होगी। निकोले म्लादेनोव और प्रधानमंत्री नेतान्याहू की बैठक में गाजा में सशस्त्र नियंत्रण हटाकर स्थिर नागरिक प्राधिकरण की स्थापना पर व्यापक संक्रमण प्रक्रिया को केंद्रित चर्चा की गई।
यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नए गाजा समझौते के तहत हमास को असशस्त्र कराने के शांति समझौता बोर्ड के प्रयासों को ‘‘बड़ी सफलता’’ बताया था।





