प्रधानमंत्री कार्यालय में ‘अवरुद्ध’ मामले को लेकर अख्तियार आयोग प्रमुख प्रेमकुमार राई एवं रवि लामिछाने की प्रतिक्रिया

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के प्रमुख आयुक्त प्रेमकुमार राई और सत्ता दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोग के अधिकारियों को बुलाकर राहदानी ठेका मामले में मुकदमा चलाने के लिए दबाव देने के विषय में अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रतिनिधि सभा की राज्यव्यवस्था तथा सुशासन समिति की गुरुवार की बैठक में आयोग के अधिकारियों को बुलाने का विषय चर्चा का केंद्र बना रहा।
रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने ने समिति में बोलने से गुरेज किया, लेकिन अपनी पार्टी की सरकार होने के कारण ‘‘नैतिक जिम्मेदारी’’ के सिलसिले में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “जांच और अभियोजन कार्य में बाधा उत्पन्न करना स्वयंप Hi अपराध है।” इसके साथ ही उन्होंने आयोग पर किसी भी प्रकार का दबाव न पड़ने का आश्वासन भी दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने राहदानी विभाग के प्रमुख सहित अधिकारियों को बुलाकर उनके विरुद्ध “गिरफ्तार करके मुकदमा चलाने” का दबाव देने के मामले ने व्यापक विरोध पैदा किया था। प्रधानमंत्री बालेन ने कहा, “सरकारी संपत्ति और धन का दुरुपयोग हुआ है तो उसका कारण तलाशना आवश्यक है।”
अख्तियार प्रमुख राई ने कहा, “बातचीत के लिए बुलाया जा सकता है, सुझाव लेने के लिए बुलाया जा सकता है।” उन्होंने आयोग द्वारा मुकदमा चलाने के कारणों की भी जानकारी दी। उन्होंने भूटानी शरणार्थी और वाइडबॉडी विमान खरीद मामले में भी स्पष्टिकरण दिए थे।





