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अमेरिका में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ट्रंप द्वारा गरिमामय स्वागत, सहयोगियों पर कठोर नीति अपनाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मेरिलैंड स्थित जोइंट बेस एंड्रयूज विमानस्थल पर रेड कारपेट के साथ भव्य स्वागत किया। अमेरिकी अर्थमंत्री स्कॉट रूट ने घोषणा की कि अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक दो महीने और बढ़ाने पर सहमति दी है। व्हाइट हाउस ने कहा कि स्टेट डिनर और गुरुवार को होने वाली वार्ता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुरक्षा, ताइवान, रूस-ईरान संबंध और टैरिफ कटौती पर चर्चा की जाएगी। 8 असोज, काठमाडौं।

विदेशी राष्ट्र प्रमुखों का स्वागत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का सीधे विमानस्थल पर पहुंचना सामान्य कूटनीतिक प्रथाओं में नहीं होता। लेकिन बुधवार शाम मेरिलैंड स्थित जोइंट बेस एंड्रयूज विमानस्थल पर ऐसा अनूठा दृश्य देखने को मिला। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ विमानस्थल पर मौजूद थे। जब शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन विमान से उतरीं, तो उन्हें रेड कारपेट, अमेरिकी सेना के बैंड एवं फ्लाई-ओवर के साथ भव्य सत्कार प्रदान किया गया। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए शी के कंधे पर हाथ रखा। हालांकि, इस उत्साहपूर्ण स्वागत के पीछे अमेरिका और चीन के बीच गहरे भू-राजनीतिक संघर्ष, विश्व अर्थव्यवस्था की जटिलताएं और ट्रंप की कूटनीतिक विरोधाभास छिपे हुए हैं।

ट्रंप के विरोधाभास: सहयोगियों को धमकी, प्रतिस्पर्धियों का सम्मान अमेरिकी मीडिया ने ट्रंप की कार्यशैली को विरोधाभासी बताया है। एक ओर वे कनाडा और यूरोपीय संघ (ईयू) जैसे पुराने सहयोगियों को ‘100 प्रतिशत टैरिफ’ के साथ धमकी देते हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के बड़े रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी चीन के नेताओं का रेड कारपेट स्वागत करते हैं। कूटनीति के सामान्य नियम के अनुसार शत्रु से अधिक अपने सहयोगी का आदर करना आवश्यक होता है, लेकिन ट्रंप इसका उल्टा करते हुए आलोचना का सामना कर रहे हैं।

रिपब्लिकन सीनेटर रोजर विकर ने भी सी के बारे में ‘‘क्रूर और दमनकारी तानाशाह’’ बताते हुए ट्रंप की निमंत्रण नीति की आलोचना की। ट्रंप ने चीन पर ईरान को समर्थन देने और 2020 के अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों को नजरअंदाज किया। चीन द्वारा ईरान को अमेरिकी सेना के खिलाफ आक्रमण के लिए भू-उपग्रह की तस्वीरें प्रदान करने के मामले पर ट्रंप ने कहा, ‘‘वे भी ऐसा करते हैं और हम भी। हम भी उनकी जासूसी करते हैं।’’ ट्रंप व्यक्तिगत संबंधों को कूटनीतिक हथियार मानते हैं, जबकि विदेश नीति विशेषज्ञ मानते हैं कि बेइजिंग को सहायक के बजाय शक्ति और प्रतिरोध के रूप में देखना जरूरी है, जिसे ट्रंप अनदेखा कर रहे हैं।