युक्रेनी राष्ट्रपति जेलेन्स्की ने पुतिन पर विश्वव्यापी युद्ध फैलाने का आरोप लगाया, कहा समाधान युक्रेन के साथ ही संभव है

संयुक्त राष्ट्र महासभा में युक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेन्स्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ‘पेशेंट ज़ीरो’ यानी संक्रमण की शुरुआती कड़ी बताते हुए विश्वभर युद्ध फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने नाटो के सहयोगियों से पुतिन को रोकने का आग्रह किया। साथ ही, उत्तर कोरिया के रास्ते एशिया में संक्रमण के खतरे को उजागर करते हुए कहा कि किम जोंग-उन रूसी सेना को सैनिक सहयोग प्रदान करते हुए मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाने में सहायक हैं।
जेलेन्स्की ने हाल के आठ महीनों में रूसी सेना द्वारा दो लाख ४८ हजार सैनिकों के नुकसान का दावा करते हुए बताया कि युक्रेन ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी के साथ ‘फ्रेया’ मिसाइल विकास कार्यक्रम चला रहा है।
७ असोज, काठमांडू। युक्रेनी राष्ट्रपति जेलेन्स्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन विश्वव्यापी युद्ध फैला रहे हैं, तथा इस संक्रमण को और बढ़ने से रोकने के लिए उन्होंने नाटो के सहयोगियों से आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘पुतिन हमेशा ऐसे लोगों की तलाश करते हैं जो उन्हें अधिक से अधिक लोगों को मारने में सहयोग दें। यह उनके देश के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र विस्तार और अन्य देशों पर आक्रमण के लिए है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि पुतिन युद्ध में लड़ना नहीं चाहते? वे ‘पेशेंट ज़ीरो’ हैं, इस जंगल की पहली कड़ी से यह युद्ध पूरी दुनिया में फैल रहा है। जितनी स्वतंत्रता पुतिन को मिलेगी, उतना ही यह दुनिया के लिए बड़ा संकट बन सकता है।’
नाटो के सदस्य देशों ने साइबर हमलों, प्रॉक्सी गुंडों, ड्रोन घुसपैठ और अतिदक्षिणपंथी राजनीतिक समर्थन जैसे हाईब्रिड खतरों का सामना किया है। हाल में पुतिन ने नाटो क्षेत्रों पर तेजी से आक्रमण की चेतावनी भी व्यक्त की है।
अमेरिका में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महासभा में अनुपस्थित रहने पर जेलेन्स्की ने खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीजिंग तकनीक और हथियार सामग्री निर्यात करके रूस के युद्ध से लाभ उठा रहा है और पुतिन की महत्वाकांक्षा को बढ़ावा दे रहा है।
उत्तर कोरिया से एशिया में संक्रमण के खतरे को लेकर उन्होंने कहा, ‘पुतिन के ‘पेशेंट ज़ीरो’ साथी, उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने रूसी सेना की कमज़ोरी का लाभ उठाते हुए सैनिक भेजे हैं। इस प्रक्रिया में उत्तर कोरियाई सैनिकों को भी भारी नुकसान हुआ है। आपने प्योंगयांग से मारे गए सैनिकों का सम्मान करते हुए प्रसारण देखा होगा, यह भी पागलपन है। युक्रेन के खिलाफ इस युद्ध में कोरियाई सैनिक क्यों मौत के भागीदार बनें?’
उन्होंने आगे कहा, ‘किम जोंग-ून उन्हें मुद्रा की तरह इस्तेमाल करते हुए बदले का काम भी करते हैं। साथ ही, उत्तर कोरिया के पड़ोसी और एशियाई देशों ने आतंक से भरे प्योंगयांग की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है।’
जेलेन्स्की ने संकेत दिया कि चीन भी उन्नत परमाणु मिसाइल और रूसी ड्रोन तकनीक पाने पर आश्चर्यचकित रह सकता है। यूरोपीय संघ द्वारा दो समृद्ध रूसी व्यक्तियों पर लगी पाबंदी हटाने के निर्णय की उन्होंने आलोचना की।
उनका कहना था, ‘यह निर्णय समृद्ध रूसी लोगों के लिए जीवन को आसान बना देगा और पुतिन को गरीबों को युद्ध के खतरे में भेजने के लिए समय देगा।’
जेलेन्स्की ने दावा किया कि पिछले आठ महीनों में रूसी सेना ने २ लाख ४८ हजार सैनिकों (मृत्यु सहित) का नुकसान उठाया है, और इसके वीडियो प्रमाण युक्रेन के पास ड्रोन द्वारा मौजूद हैं। २०२२ के फरवरी में हुए पूर्ण आक्रमण के बाद हुई भारी हानि को याद करते हुए उन्होंने विश्व से सीमित प्रतिक्रिया के लिए खेद जताया।
पहले युक्रेन को कमजोर राष्ट्र के रूप में देखा जाता था और जेलेन्स्की को प्रभावशाली नेता माना जाता था। लेकिन इस बार के संबोधन में उन्होंने खुद को अलग तरीके से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास ‘पेशेंट ज़ीरो’ के लिए जवाब है, शायद उसका इलाज भी है।’ यद्यपि युक्रेन को मदद की आवश्यकता है, वे अपने देश को ‘स्टार्टअप योद्धाओं का राष्ट्र’ बताते हैं जो आधुनिक युद्ध तकनीक में विश्व को नेतृत्व दे रहा है।
युक्रेन ने ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस और जर्मनी सहित १० देशों के साथ मिलकर ‘फ्रेया’ नामक मिसाइल विकास कार्यक्रम चलाया है, जिसमें पोलैंड को भी शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने जोर दिया, ‘हम अपनी सुरक्षा इस तरह तैयार कर रहे हैं कि हम विश्व में एक वास्तविक सुरक्षा प्रदाता का मजबूत पद निभा सकें और अन्य देशों को भी उन्हें सुरक्षा देने में मदद कर सकें, जो युद्ध शुरू करने और फैलाने वाले खतरों को कम कर सके।’
(एजेंसी सहयोग से)





