पुरुष मैराथन में नेपाल के बहादुर खड़्का अंतिम स्थान पर, जापानी यामाशिता बने विजेता

२०वें एशियन गेम्स के अंतर्गत पुरुष मैराथन में नेपाल के बहादुर खड़्के ने २ घंटे २३ मिनट ४२ सेकंड में दौड़ पूरी कर अंतिम स्थान प्राप्त किया है। जापान के इचिटाका यामाशिताएं ने २ घंटे १० मिनट ४९ सेकंड में दौड़ समाप्त कर स्वर्ण पदक जीता है। भारत के सावन बरवाल दूसरे और चीन के फेंग पेइयू तीसरे स्थान पर रहे हैं।
पहली बार एशियन गेम्स में भाग लेने वाले खड़्के ने लगभग चार दशकों पुराने वैकुण्ठ मानंधर के रिकॉर्ड को तोड़ने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। १० असोज, काठमांडू। २०वें एशियन गेम्स के अंतर्गत पुरुष मैराथन में नेपाल के बहादुर खड़्के ने अंतिम स्थान प्राप्त करते हुए दौड़ समाप्त की है। उन्होंने निर्धारित दूरी २ घंटे २३ मिनट ४२ सेकंड में पूरी की। विजेता जापान के इचिटाका यामाशिताएं से वे १२ मिनट ५३ सेकंड पीछे रहे।
जापान के यामाशिताएं ने २ घंटे १० मिनट ४९ सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। भारत के सावन बरवाल उनसे ४८ सेकंड बाद दूसरे स्थान पर रहे, जबकि चीन के फेंग पेइयू उनसे १ मिनट २४ सेकंड बाद तीसरे स्थान पर रहे।
पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खड़्के ने लगभग ४ दशक पुराने वैकुण्ठ मानंधर का रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए। मानंधर ने १९८७ में भारत के कोलकाता में हुए तीसरे दक्षिण एशियाई खेलों में २ घंटे १५ मिनट ०३ सेकंड का रिकॉर्ड बनाया था। कई अधिकारियों ने मैराथन में मानंधर के रिकॉर्ड को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई सफल नहीं हो पाया है।





