
ब्रिटिश पुलिस ने रविवार को इरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए इस्तेमाल हो रहे ब्रिटिश वायुसेना शिविर के पास पाँच संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि ये संदिग्ध पहले से ही जांच के दायरे में थे। ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा, ‘ब्रिटेन के साथ मिलकर प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। हम पहले ही उन्हें निगरानी और जांच में रखे हुए थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये लोग हमारे सैन्य शिविर को गम्भीर नुकसान पहुँचाने की योजना बना रहे थे, लेकिन ब्रिटिश पक्ष के साथ संयुक्त प्रयास सफल रहा और हमने इन्हें हिरासत में लिया।’
इंग्लैंड के दक्षिण-पश्चिम में स्थित ग्लोस्टरशायर के ‘RAF फेयरफोर्ड’ वायुसेना शिविर के नजदीक तीन संदिग्ध वाहन बेस की ओर जाते हुए देखे गए। पुलिस ने वेलफोर्ड गांव के पास सशस्त्र बलों की मदद से इन पुरुषों को गिरफ्तार किया। प्रारंभ में इन्हें ‘विस्फोटक क्रिया’ के तहत पकड़ा गया था, लेकिन बाद में ‘आतंकवाद विरोधी कानून’ की धारा ५ के तहत आतंकवादी गतिविधि की तैयारी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ब्रिटिश आतंकवाद रोधी अधिकारी विक्की इवांस के अनुसार, विस्फोटक नष्ट करने वाली टीम (EOD) ने वाहन के चारों ओर 400 मीटर क्षेत्र को घेरकर जांच की। सुरक्षा के मद्देनजर इस क्षेत्र के लगभग 85 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। RAF फेयरफोर्ड यूरोप में अमेरिकी वायुसेना का प्रमुख अग्रिम संचालन केंद्र है, जहाँ अमेरिकी 501वें कम्बैट सपोर्ट विंग और 420वें एयर बेस स्क्वाड्रन तैनात हैं। इससे पहले इस जुलाई में, इरान की इस्लामी रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉरपोरेशन ने RAF फेयरफोर्ड से उड़ान भरने वाले अमेरिकी B-1 बमवर्षक विमानों को लेकर चेतावनी दी थी कि वे इरानी क्षेत्र में किसी भी सैन्य आधार को वैध लक्ष्य मानेंगे।





