जापान ने वीजा नवीनीकरण और स्थायी निवास शुल्क में भारी वृद्धि की, गुरुवार से लागू

१४ असोज, काठमाडौं। जापान ने गुरुवार से प्रभावी हुने गरी वीजा नवीनीकरण और स्थायी निवास (पीआर) शुल्क में व्यापक वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जापान के आव्रजन सेवा एजेंसी द्वारा निर्धारित यह नया शुल्क, मई में पारित हुए आव्रजन नियंत्रण कानून के संशोधन के अनुरूप लागू किया गया है। वीजा नवीनीकरण और निवास प्रकार परिवर्तन के लिए लगने वाला शुल्क अब निवास की अवधि पर निर्भर करेगा। कम अवधि के लिए कम और लंबी अवधि के लिए उल्लेखनीय रूप से अधिक शुल्क लगाया जाएगा।
नए नियमों के तहत वीजा नवीनीकरण के लिए अधिकतम शुल्क ७५,००० येन और स्थायी निवास (पीआर) आवेदन शुल्क की अधिकतम सीमा २,००,००० येन निर्धारित की गई है। यह वर्तमान में क्रमशः ६,००० येन और १०,००० येन की तुलना में काफी वृद्धि है। नई शुल्क संरचना इस प्रकार है: ३ माह तक: १०,००० येन, ३ से ६ माह तक: १८,००० येन, ६ माह से १ वर्ष तक: २५,००० येन, १ वर्ष: ३३,००० येन, १ से ३ वर्ष तक: ४८,००० येन, ३ से ५ वर्ष तक: ६४,००० येन, ५ वर्ष या उससे अधिक: ७५,००० येन।
वीजा-मुक्त यात्रियों के लिए, इस अंतिम संशोधन में ‘जापान इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल अथॉराइजेशन’ (जेस्टा) की स्थापना का प्रावधान भी शामिल है, जिसे आर्थिक वर्ष २०२८ के भीतर लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। आतंकवाद और अवैध रोजगार को रोकने के उद्देश्य से निर्मित यह प्रणाली, शॉर्ट-टर्म वीजा-मुक्त प्रवेश प्राप्त करने वाले ७४ देशों और क्षेत्रों के नागरिकों को लक्ष्य करती है। इस प्रणाली के अनुसार यात्रियों को अपनी प्रस्थान से कुछ दिन पहले ऑनलाइन नाम, यात्रा का उद्देश्य और गंतव्य जैसी जानकारी प्रदान करनी होगी। प्राप्त जानकारी आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य डेटाबेस के साथ मिलाई जाएगी। यदि यात्रियों द्वारा अवैध रूप से वीजा अवधि से अधिक समय रहने की आशंका पाई जाएगी तो उन्हें विमान या जलयान पर चढ़ने से रोक दिया जाएगा। सन् २०२५ के अंत तक जापान में विदेशी निवासियों की संख्या लगभग ४१ लाख ३० हजार पहुँच गई थी, जो अब तक की सबसे अधिक है।





