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अदालत ने ट्रम्प द्वारा नए एच-1बी वीजा के लिए लगाए गए 1 लाख डॉलर शुल्क पर रोक लगाई

१५ असोज, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उच्च कौशल वाले विदेशी कामगारों के लिए लागू किए गए नए एच-1बी वीजा शुल्क 1 लाख डॉलर पर बुधवार को एक संघीय न्यायाधीश ने अस्थायी रोक लगा दी है। कैलिफोर्निया के ओकलैंड में अमेरिकी जिला न्यायाधीश हूड गिलियम ने अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा तथा विदेश विभाग द्वारा ट्रम्प के इस शुल्क को लागू करने से पहले आवश्यक नियम-निर्माण प्रक्रिया पूरी न करने का पता लगाया।

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा नियुक्त न्यायाधीश गिलियम ने अक्टूबर में दायर मामले का अंतिम फैसला आने तक इस शुल्क को लागू न करने का आदेश सरकारी एजेंसियों को दिया है। इससे पहले जून में बोस्टन की एक संघीय न्यायाधीश ने 20 राज्यों द्वारा दायर एक अलग मुकदमे में अस्थायी रूप से इस शुल्क पर प्रतिबंध लगाया था।

गत अगस्त में होमलैंड सेक्युरिटी विभाग ने लगभग 1 लाख 3 हजार डॉलर के स्थायी शुल्क को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके अंतिम रूप देने के बाद अदालत में इसकी चुनौतियाँ आने की संभावना है। हालांकि, इस मामले में ट्रम्प द्वारा लगाए गए शुल्क के खिलाफ मामले से अलग कानूनी विषय शामिल होंगे। वर्तमान मामलों में राष्ट्रपति के अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो एकतरफा शुल्क निर्धारित करने की क्षमता रखते हैं।

प्रारंभ में यह 1 लाख डॉलर शुल्क 21 सितंबर को समाप्त होना था, लेकिन रिपब्लिकन राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे एक साल और बढ़ा दिया था। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। इसी मामले में वादीयों के साथ सहयोग करने वाली वामपंथी झुकाव वाली कानूनी समूह डेमोक्रेसी फ़ॉरवर्ड ने इस निर्णय का स्वागत किया है। समूह के वरिष्ठ वकील स्टीव ब्रेसलर ने कहा, ‘आज का निर्णय… अचानक अस्त-व्यस्त किए गए प्रणाली को सुरक्षित करता है।’

देश के सबसे बड़े व्यापारिक लॉबी समूह यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इस शुल्क के खिलाफ तीसरी याचिका दायर की है। उन्होंने ट्रम्प के शुल्क लगाने के अधिकार को चुनौती देते हुए एक न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दी है।

एच-1बी कार्यक्रम क्या है? एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी नियोक्ताओं को विशेष क्षेत्रों में कुशल विदेशी कामगारों को रोजगार देने की अनुमति देता है। तकनीकी क्षेत्र की कंपनियां इस वीजा पर आधारित कामगारों पर काफी निर्भर रहती हैं। इस कार्यक्रम के तहत वार्षिक 65,000 वीजा और उच्च शैक्षणिक योग्यताओं वाले कामगारों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा जारी किए जाते हैं, जिनकी अवधि 3 से 6 वर्षों तक होती है। ट्रम्प के आदेश से इस वीजा की लागत बहुत बढ़ गई थी, जबकि सामान्यतः विभिन्न कारकों पर आधारित शुल्क लगभग 2,000 से 5,000 डॉलर के बीच होता था।

शुल्क लागू करते हुए ट्रम्प ने संघीय आप्रवासन कानून के तहत अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा सकने वाले कुछ विदेशी नागरिकों के प्रवेश को रोकने के राष्ट्रपति अधिकार का प्रयोग किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि व्यवसाय एच-1बी कार्यक्रम का दुरुपयोग करके अमेरिकी कामगारों की जगह सस्ते विदेशी मजदूरों का उपयोग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त ट्रम्प प्रशासन ने एच-1बी आवेदकों की जांच प्रक्रिया को कठोर करने और उच्च दक्षता तथा अधिक वेतन प्राप्त करने वाले कामगारों को प्राथमिकता देने की नई वीजा चयन प्रक्रिया भी प्रस्तावित की है।