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लेखक: space4knews

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा– श्यामाप्रसाद का जन्मस्थल बंगाल हमारी भूमि है

२१ वैशाख, काठमांडू। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बढ़त बनने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी खुशी व्यक्त की है। ‘एक्स’ माध्यम से अपनी राय साझा करते हुए उन्होंने बंगाल के लोगों को ‘जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ’ के रूप में सम्मानित किया। उन्होंने कहा, ‘जहाँ श्यामाप्रसाद मुखर्जी जन्मे थे, वह बंगाल हमारी भूमि है,’ चौधरी ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देने वाले बंगाल के जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ जनता को दिल से अनंत शुभकामनाएं।’

डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी भारतीय राजनीति के एक प्रभावशाली नेता थे, जिन्होंने सन १९५१ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सहयोग से ‘भारतीय जनसंघ’ की स्थापना की थी। बाद में वही जनसंघ सन १९८० में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रूप में पुनर्गठित हुआ। भाजपा उन्हें अपने वैचारिक संस्थापक और आदर्श पुरुष के रूप में मानती है। पश्चिम बंगाल की धरती पर भाजपा की इस शुरुआती बढ़त को चौधरी ने मुखर्जी की विरासत और राष्ट्रवादी भावना की जीत के रूप में व्याख्यायित किया है। वर्तमान संकेत बताते हैं कि भाजपा बंगाल में स्पष्ट बहुमत के साथ आगे बढ़ रही है।

आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी में नेपाली टीम स्वदेश लौट आई

नेपाली महिला क्रिकेट टीम ने रुवांडा में सम्पन्न आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी में दूसरा स्थान हासिल करते हुए स्वदेश वापसी की है। प्रतियोगिता की उपाधि अमेरिका ने जीती, जिसने 8 मैचों में 6 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ दर्ज किया। नेपाल ने 8 मैचों में 5 जीत और 3 हार के साथ 10 अंक हासिल किए, जबकि अमेरिका ने 13 अंक बनाए।

20 वैशाख, काठमांडू। रुवांडा में हुई आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के बाद नेपाली महिला क्रिकेट टीम रविवार सुबह नेपाल पहुंची। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल करने वाली नेपाली टीम ने अमेरिका के खिलाफ दोनों मैचों में हार का सामना किया, जबकि इटली और रुवांडा के खिलाफ दोनों मैच जीते। वानुअतु के खिलाफ टीम ने एक जीत और एक हार दर्ज की। नेपाल ने कुल 8 मैचों में 10 अंक जोड़े, वहीं अमेरिका ने 13 अंक हासिल किए। रुवांडा ने 8 मैचों में 9 अंक, इटली ने 6 अंक और वानुअतु ने 2 अंक प्राप्त किए।

लिपुलेक हुँदै मानसरोवर यात्रा सञ्चालन गर्ने भारत-चीनको सहमतिप्रति कांग्रेसको आपत्ति

नेपाली कांग्रेस ने भारत-चीन के बीच लिपुलेक मार्ग से मानसरोवर यात्रा संचालन की सहमति पर आपत्ति जताई

नेपाली कांग्रेस ने भारत और चीन के बीच लिपुलेक होते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन करने की सहमति पर आपत्ति व्यक्त की है। कांग्रेस ने लिपुलेक, लिम्पियाधुर और कालापानी क्षेत्रों को नेपाली भूमि के रूप में स्पष्ट रूप से दावा करते हुए सरकार के कूटनीतिक नोट को सकारात्मक रूप से ग्रहण किया है। पार्टी ने सीमा विवाद को कूटनीतिक और राजनीतिक तरीके से ही सुलझाने पर बल देते हुए राजनीतिक दलों के बीच मतभेद न होने की आवश्यकता जताई है। २१ वैशाख, काठमाडौं।

लिपुलेक मार्ग से भारत और चीन द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन की सहमति पर नेपाली कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। आज केंद्रीय कार्यसम्पादन समिति की बैठक में भारत-चीन सहमति के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए सरकार द्वारा भेजे गए कूटनीतिक नोट को सकारात्मक रूप में लिए जाने की बात कही गई। सहमहामन्त्री उदय शमशेर जबराले बैठक के पश्चात कहा, ‘नेपाली भूमि लिपुलेक मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन विषय पर भारत और चीन के बीच बनी सहमति ने नेपाली कांग्रेस का गंभीर ध्यान आकर्षित किया है।’

उन्होंने याद दिलाया कि नेपाली कांग्रेस ने इस विषय पर स्पष्ट दृष्टिकोण जताया है और यह भी स्मरण किया कि वर्ष २०७२ में तत्कालीन प्रधानमंत्री सुशील कोइरालाले कूटनीतिक नोट भेजकर इस मामले पर ध्यानाकर्षण कराया था। कांग्रेस ने सीमा विवाद को केवल कूटनीतिक एवं राजनीतिक मार्ग से ही सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। ‘हमें इसे कूटनीतिक माध्यम से ही समाधान करना होगा,’ उन्होंने कहा।

कांग्रेस का निष्कर्ष है कि राजनीतिक दलों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विषय में विभाजन नहीं करना चाहिए। ‘अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में दलगत विभाजन नहीं होना चाहिए। हम अंतरराष्ट्रीय मामलों में सरकार के साथ खड़े रहेंगे,’ उन्होंने कहा, ‘सरकार को भी इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों से संवाद स्थापित करना चाहिए।’

डोल्पामा जिप दुर्घटना, १२ घाइते; तीनको अवस्था गंभीर

२१ वैशाख, डोल्पा । डोल्पाको मुड्केचुलामा जिप दुर्घटना हुँदा १२ जना घाइते भएका छन्। घाइतेमध्ये तीनको अवस्था गंभीर रहेको छ। सोमबार साँझ, रुकुम पश्चिमको त्रिवेणीबाट डोल्पाको मुड्केचुला खर्कतर्फ जाँदै गरेको कर्णाली प्रदेश ०२–००१ च ०४२८ नम्बरको जिप मुड्केचुला गाउँपालिका–१ भोटाऔल क्षेत्रमा दुर्घटनाग्रस्त भएको हो। ब्रेक फेल हुँदा जिप दुर्घटना भएको कुरा मुड्केचुला–१ का वडाध्यक्ष पवन बुढाले जानकारी दिनुभएको छ।

उनका अनुसार घाइतेमध्ये तीन जनाको अवस्था गंभीर छ। ती घाइतेहरूलाई थप उपचारका लागि रुकुम पश्चिमको चौरजहारीस्थित नगर अस्पताल पठाइएको छ। अन्य नौ घाइतेहरूलाई स्थानीय स्वास्थ्य संस्था मार्फत उपचार भइरहेको छ, वडाध्यक्ष बुढाले बताउनुभयो। जिल्ला प्रहरी कार्यालय डोल्पाले घटनास्थलमा प्रहरी पुगेको र घटनाको विस्तृत विवरण संकलन गरिनुपर्ने जनाएको छ।

केरल में कम्युनिस्ट पार्टी की हार, 49 वर्षों बाद भारत में वामपंथी सरकार का अभाव

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ ने 140 में से 90 से अधिक सीटें जीतकर 10 वर्षों बाद पुनः सत्ता संभालने जा रही है। इस हार के बाद 49 वर्षों के बाद भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार नहीं रहेगी। 1957 में केरल में विश्व की पहली निर्वाचित लोकतांत्रिक वामपंथी सरकार बनी थी, जो अब समाप्त हो रही है।

21 वैशाख, काठमांडू। केरल विधानसभा चुनाव में पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम गठबंधन एलडीएफ को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ ने 140 में से 90 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर 10 वर्षों बाद पुनः सत्ता संभालने का रास्ता बनाया है। केरल में इस हार के साथ ही 49 वर्षों बाद पहली बार भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार की अगुवाई नहीं होगी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने 1947 में भारत की स्वतंत्रता को ‘सच्ची स्वतंत्रता’ नहीं माना और इसे अधूरी तथा समझौते पर आधारित ‘झूठी स्वतंत्रता’ कहा था। लगभग पांच वर्षों बाद सीपीआई ने इस स्वतंत्रता को स्वीकार करना शुरू किया।

भारत में कम्युनिस्ट राजनीति की शुरुआत कैसे हुई? मार्च 1948 में पार्टी में बड़ा बदलाव आया। पी.सी. जोशी के स्थान पर बी.टी. रणदीवे को नया महासचिव नियुक्त किया गया और ‘रणदीवे लाइन’ नामक कट्टर नीति लागू की गई। इसी सोच के तहत जनवरी 1950 में संविधान लागू होने से पहले ही सीपीआई ने इसका विरोध किया और कांग्रेस के नेताओं पर नागरिकों को गुलामी में रखने वाला संविधान लाने का आरोप लगाया। वामपंथी पार्टी ने नेहरू सरकार को हिंसात्मक क्रांति से हटाने का आह्वान किया, लेकिन 1948 और 1949 में यह नीति असफल रही। इसके बाद मई-जून 1950 में बी.टी. रणदीवे को पद से हटाया गया। 9 मार्च 1949 को पार्टी ने अनावश्यक देशव्यापी हड़ताल और विद्रोह के आह्वान को गलत माना और 6 वर्षों बाद सीपीआई ने कट्टर विचारधारा से दूरी बनाकर स्वतंत्रता की सच्चाई स्वीकार करने के लिए बाध्य हुई।

नेपाल पुलिस ने प्रथम महिला गोल्डकप खिताब जीता, आर्मी टाइब्रेकर में हार गया

समाचार सारांश

  • नेपाल पुलिस क्लब ने प्रथम पोखरा महिला गोल्डकप के फाइनल में त्रिभुवन आर्मी क्लब को पेनाल्टी शूटआउट में ५–४ से हराकर उपाधि जीती।
  • पुलिस दल को उपाधि के साथ ५ लाख रुपये का पुरस्कार मिला, जबकि उपविजेता आर्मी को ३ लाख रुपये प्रदान किए गए।
  • नियत समय में मैच बिना गोल के बराबरी पर समाप्त हुआ और पुलिस की समिक्षा घिमिरे को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

२० वैशाख, काठमांडू। नेपाल पुलिस क्लब ने प्रथम पोखरा महिला गोल्डकप का खिताब अपने नाम किया है। आरएस पोखरा फुटबल क्लब द्वारा आयोजित पोखरा में हुए इस प्रतियोगिता के फाइनल में १० खिलाड़ियों वाले त्रिभुवन आर्मी क्लब को पेनाल्टी शूटआउट में ५–४ से हराकर पुलिस ने ट्रॉफी हासिल की।

पोखरा में पहली बार आयोजित महिला गोल्डकप की उपाधि जीतने के साथ ही पुलिस को ५ लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला है। उपविजेता आर्मी क्लब को ३ लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

नियत समय तक मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहले हाफ में आर्मी के १० खिलाड़ियों तक सीमित होने के बावजूद पुलिस को गोल भेदने से रोक दिया।

पहले हाफ के २७वें मिनट में आर्मी १० खिलाड़ियों में सीमित हो गई थी। पुलिस की निर्मला विक द्वारा गेंद आगे बढ़ाने के दौरान आर्मी की डिफेंडर विमला विक से हुई टक्कर के बाद विमला को रेड कार्ड दिखाकर बाहर किया गया था।

३७वें मिनट में आर्मी के आक्रमण पर पुलिस की समिक्षा घिमिरे ने शानदार बचाव किया। हिमा चौधरी के क्रॉस को समिक्षा ने गोल लाइन के पास से क्लीयर किया। पहले हाफ गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ।

६३वें मिनट में रेखा पौडेल के शॉट को आर्मी की गोलकीपर कोपिला खड्का ने शानदार तरीके से बचाया और रिबाउंड पर आए अनुंका शेर्पा के प्रयास को भी रोका। ६९वें मिनट में रेखा का शॉट क्रॉसबार के पास से बाहर चला गया।

७५वें मिनट में रेखा के कॉर्नर पर निरु थापा का शॉट भी क्रॉसबार के पास से बाहर गया। ८०वें मिनट में अनुंका के शॉट को कोपिला ने रोका।

८१वें मिनट में आर्मी की चंद्रा भंडारी के शॉट को पुलिस की उषा नाथ ने बचाया। ८८वें मिनट में आर्मी ने स्वर्ण मौके को गवां दिया जब चंद्रा की पास पर हिमाने शॉट मिस किया। नेपाल पुलिस की समिक्षा घिमिरे को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

विभिन्न पुरस्कारों में भी पुलिस क्लब ने बाजी मारी। पुलिस की निर्मला विक को सर्वोत्कृष्ट खिलाड़ी चुना गया और उन्हें ३० हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप दिए गए। उत्कृष्ट गोलकीपर का पुरस्कार पुलिस की उषा नाथ ने जीता।

रेखा पौडेल ने सर्वाधिक गोलकर्ता के रूप में खिताब पाया। उन्होंने कुल पांच गोल किए, जिनमें से पाँच गोल पहले मैच में आयोजक के विरुद्ध थे।

सर्वश्रेष्ठ दोनों खिलाड़ियों को समान रूप से १५ हजार रुपये का पुरस्कार मिला। अनुशासित टीम का पुरस्कार आरएस पोखरा क्लब को मिला।

तीन दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में चार टीमें भागीदार थीं। इस प्रतियोगिता में नेपाल पुलिस, आर्मी, संकटा और आयोजक आरएस पोखरा फुटबाल क्लब शामिल थे।

शेखर गोल्छाको पक्राउबारे सर्वोच्चको आदेशमा के छ ? – Online Khabar

सर्वोच्च अदालत का आदेश: शेखर गोल्छा की गिरफ्तारी कानूनी नहीं

सर्वोच्च अदालत ने व्यवसायी शेखर गोल्छा की गिरफ्तारी को कानूनी उल्लंघन बताते हुए काठमांडू जिला अदालत द्वारा जारी दो गिरफ्तारी मंजूरी पत्रों को रद्द कर दिया है। सर्वोच्च ने बताया कि गोल्छा को केवल तब ही हिरासत में रखा जा सकता है जब वह जमानत या धरौटी न भर सके हों। इसके साथ ही, उसने जांच अधिकारी को जमानत मांगने का आदेश दिया है। गोल्छा पर धितोपत्र सम्बन्धी अधिनियम, २०६३ के तहत धोखाधड़ी से संबंधित कारोबार का आरोप है, जिस पर पुलिस ने १० वैशाख २०८३ को उन्हें गिरफ़्तार किया था।

सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कानूनी प्रावधानों में जमानत या धरौटी की व्यवस्था मौजूद होने पर इसके विपरीत गिरफ्तारी मंजूरी वारंट जारी करना अवैध है। अदालत ने साफ किया है कि केवल ‘‘धरौटी या जमानत न भर पाने की स्थिति में’’ ही हिरासत में रखा जा सकता है। गिरफ्तारी की वैधता पर प्रश्न उठाते हुए, गोल्छा के कानूनी प्रतिनिधियों ने कहा था कि आरोपित व्यक्ति के फरार होने की संभावना न हो तो गिरफ्तारी का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।

सर्वोच्च ने व्यवसायी गोल्छा की गिरफ्तारी संबंधी मंजूरी आदेश को रद्द कर दिया है। इससे पूर्व जिला अदालत ने गिरफ्तारी मंजूरी की अवधि बढ़ाई थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने भी रद्द कर दिया है। आदेश में कहा गया है, ‘‘जांच अधिकारी ने धरौटी या जमानत के बिना हिरासत की अनुमति ली है, इसलिए २०८३ के वैशाख ११ और २१ के आदेश रद्द किए जाते हैं।’’

केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो ने १० वैशाख २०८३ को नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के पूर्व अध्यक्ष शेखर गोल्छा को हिरासत में लिया था। उन पर हिमालय रिइंश्योरेंस के शेयर खरीद में धितोपत्र संबंधित अपराध करने का आरोप था। सीआईबी ने गोल्छा पर गलत कारोबार करने, शेयर मूल्य में अस्थिरता पैदा करने और धितोपत्र बाजार को प्रभावित करने का आरोप लगाया था।

मुख्यमंत्री कार्की ने महिला उद्यमियों को कर्ज़ा और सहायता देने की घोषणा की

कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिक्मतकुमार कार्की ने महिला उद्यमियों को दो से छह वर्ष की अवधि तक 6 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज़ा प्रदान करने की व्यवस्था की जानकारी दी। प्रदेश सरकार ने घरेलू कपड़ा उद्यमियों के प्रचार-प्रसार के लिए चार हजार कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन घरेलू कपड़ा पहनने की नीति लागू की है। नेपाल उद्योग परिसंघ द्वारा विराटनगर में आयोजित महिला नेतृत्व शिखर सम्मेलन में 300 महिलाएं शामिल हुईं, जहां कृषि, कौशल और डिजिटल नवप्रवर्तन के माध्यम से सतत समृद्धि लाने का लक्ष्य रखा गया। 21 वैशाख, मोरङ।

मुख्यमंत्री कार्की ने प्रदेश की महिला उद्यमियों के आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महिला उद्यमियों को 12 बैंकों के माध्यम से दो से छह वर्ष की अवधि तक ब्याज अनुदान के साथ 6 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज़ा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने महिला उद्यमियों से अपने योजनाओं के साथ समझौता करने का भी आग्रह किया।

मुख्यमंत्री कार्की ने प्रदेश में दर्ता घरेलू कपड़ा उद्यमियों के प्रचार-प्रसार के लिए चार हजार कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन घरेलू कपड़ा पहनने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों द्वारा प्रदर्शनी स्थल के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाती है तो प्रदेश सरकार भवन निर्माण हेतु बजट भी आवंटित करेगी।

मुख्यमंत्री कार्की ने आगामी जेठ माह तक कार्यान्वयन में आने वाले चार नए प्रोजेक्ट्स के साथ पिछले वर्ष हुए निवेश सम्मेलन के एक दर्जन समझौतों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों के कृषि उत्पादन को बाज़ार से जोड़ने के लिए पहल करने की प्रतिबद्धता जताई। परिसंघ के केंद्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्रराज पाण्डे, महिला उद्यमी एवं सांसद विदूषी राणा, पवल गोल्याण सहित अन्य ने आने वाले दिनों में एक हजार महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। सम्मेलन में प्रदेश की 300 महिलाओं ने भाग लिया। परिसंघ ने मेक इन नेपाल की 14 स्टॉल पर महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित सामग्री का प्रदर्शनी का आयोजन किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को कृषि, कौशल, रचनात्मकता एवं डिजिटल नवप्रवर्तन के जरिए सतत समृद्धि की ओर प्रेरित करना था।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चुनाव में पराजित

२१ वैशाख, काठमाडौं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने ही गढ़ कोलाथुर से चुनाव में पराजित हो गए हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में स्टालिन को तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) के उम्मीदवार बीएस बाबू ने 8,795 मतों के अंतर से हराया है। अंतिम मत परिणाम के अनुसार बीएस बाबू को 82,997 वोट मिले जबकि मुख्यमंत्री स्टालिन को केवल 74,202 वोट प्राप्त हुए।

स्टालिन 2011 से लगातार कोलाथुर सीट से निर्वाचित होते आ रहे थे और इस बार भी उनकी सहज जीत की उम्मीद थी। लेकिन इस चुनाव में हारने के बाद स्टालिन तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में ऐसे चौथे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो सत्ता में रहते हुए अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव हार गए। यह लगभग तीन दशकों बाद तमिलनाडु के कार्यरत मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट हारने की पहली घटना है। इससे पहले 1996 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता बरगुर निर्वाचन क्षेत्र से हार गई थीं।

उसके बाद किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री ने अपने निर्वाचन क्षेत्र को नहीं खोया था। तमिलनाडु के लोकतांत्रिक इतिहास के अनुसार 1952 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पीएस कुमारस्वामी राजा श्रीविल्लिपुथुर सीट से पराजित हुए थे। उसके बाद 1967 में जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई तो डीएमके सत्ता में आई, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री एम भक्तवत्सलम भी श्रीविल्लिपुथुर सीट पर हार गए थे। स्टालिन डीएमके के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सत्ता की बागडोर संभालते हुए भी अपनी सीट बचा पाने में विफल रहे।

लिपुलेक विवाद: भारत द्वारा उद्धृत 1954 के समझौते के बारे में क्या जानते हैं? नेपाल क्या कदम उठा सकता है?

इस साल कैलाश मानसरोवर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए लिपुलेक पास का उपयोग करने की दिल्ली की घोषणा के बाद नेपाल-भारत के बीच इस क्षेत्र की सीमा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। नेपाल सरकार के प्रवक्ता मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा है कि सीमा पर ‘विवाद’ दिख रहा है, इसलिए सरकार ने कूटनीतिक नोट भेजा है। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से कहा, “यह हमारा क्षेत्र है, इस बात में हम स्पष्ट हैं।”

इस विषय पर बोलते हुए, 3 मई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी स्थिति को “एक जैसी और स्पष्ट” बताया और कहा कि इस मार्ग से “1954 से मानसरोवर यात्रा होती आ रही है।” भारतीय विदेश मंत्रालय की यह अभिव्यक्ति ऐसे समय आई है जब हाल ही में लिपुलेक मार्ग से लगभग 50 भारतीय भाग लेकर 10 टीमें जून से अगस्त तक कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा के लिए जाने की घोषणा हुई है, जिसके बाद विवाद फिर से उभरा है।

दिल्ली पिछले कुछ वर्षों से 29 अप्रैल 1954 को भारत-चीन के बीच हुए पंचशील समझौते पर बार-बार जोर दे रहा है। औपचारिक रूप से ‘भारत और चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार एवं इंटरऐक्शन संबंधी समझौता’ दिल्ली और बीजिंग के बीच सात दशक पहले के पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं को परिभाषित करता है। लेकिन नेपाल की नापी विभाग के दो पूर्व महानिर्देशकों ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि 1954 का वह समझौता औचित्यपूर्ण नहीं है और इसे आधार मानकर आगे बढ़ना सही नहीं होगा।

भारत के पूर्व नेपाली राजदूत दीपकुमार उपाध्याय ने कहा है कि लिपुलेक मामले में भारत ने विवादित भूमिका तो स्वीकार की है, लेकिन इसके बारे में कभी प्राथमिकता के साथ प्रभावी चर्चा नहीं की गई। नेपाल सरकार के परराष्ट्र मंत्रालय ने 20 वैशाख को नेपाली भूमि लिपुलेक होकर आयोजित की जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के संदर्भ में अपनी स्पष्ट स्थिति और संबंधित पक्षों दोनों – भारत और चीन – को कूटनीतिक माध्यम से पुनः सूचित किया है।

चीन के हाइनान ओपन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो में नेपाली खिलाड़ियों ने जीते चार स्वर्ण पदक

चीन के हाइनान ओपन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो चैम्पियनशिप में नेपाली खिलाड़ियों ने चार स्वर्ण पदक जीते हैं। नेपाली टीम के प्रशिक्षक इन्द्रराज खड्का के अनुसार, विजन तामांग ने दो स्वर्ण पदक जीते हैं। विजन ने व्यक्तिगत पुम्से १९ वर्ष से कम उम्र वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया और ४९ किग्रा भार वर्ग में भी एक और स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

आयुष बोहरा ने ब्रेकिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीता जबकि व्यक्तिगत पुम्से में उन्होंने कांस्य पदक भी हासिल किया। सन्दीप बस्नेत ने ब्रेकिंग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता २ मई से ४ मई तक चीन के सान्या में आयोजित की गई थी।

४ वटा बैंकिङ कसुर मुद्दाका फरार व्यक्ति वैदेशिक ठगीमा समातिए

चार बैंकिंग अपराध के फरार दोषी रोशना चापागाँई विदेशी ठगी के आरोप में गिरफ्तार

काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय ने चार बैंकिंग अपराधों में फरार रोशना चापागाँई को भक्तपुर कमेरोटार से गिरफ्तार किया है। चापागाँई को विदेशी ठगी के आरोप में १ वर्ष ६ महीने की कैद और १ लाख ५० हजार रुपये जमानत की सजा हो चुकी है। उन पर दोलखा, ललितपुर, कालिमाटी और महाराजगंज में बैंकिंग अपराध के मामले दर्ज थे और फैसला क्रियान्वयन के लिए कारागार भेजा गया है। २१ वैशाख, काठमाडौं।

गिरफ्तार व्यक्ति धादिङ के धुनिवेशी नगरपालिका–९ की निवासी और भक्तपुर के थिमी नगरपालिका–५ में रहने वाली ४६ वर्षीय रोशना चापागाँई हैं। काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने उन्हें भक्तपुर कमेरोटार से गिरफ्तार किया। एसपी रामेश्वर कार्की ने बताया कि वह चार बैंकिंग अपराधों के मामलों में फरार थीं।

उनके खिलाफ जिल्ला प्रहरी कार्यालय दोलखा में २९ साउन २०८२ को, जिल्ला प्रहरी परिसर ललितपुर में २८ चैत २०८० को, प्रहरी वृत्त कालिमाटी में ९ असोज २०८० को और प्रहरी वृत्त महाराजगंज में १० फागुन २०८० को बैंकिंग अपराध संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए थे। सभी मामलों में फरार रोशना चापागाँई को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें फैसला क्रियान्वयन के लिए जिल्ला अदालत काठमाडौं के माध्यम से कारागार भेजा गया है।

विपद् प्रतिकार्य अभ्यास हातेमालोका आठौं संस्करण की शुरुआत

सैनिक मुख्यालय जंगी अड्डाले विपद् प्रतिकार्य अभ्यास हातेमालोका आठौं संस्करण की शुरुआत की है। इस अभ्यास का शुभारम्भ उपरथी अनुप जंग थापाले किया है। यह अभ्यास मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और भूस्खलन की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तीन दिन तक चलेगा। २१ वैशाख, काठमांडू।

सैनिक मुख्यालय जंगी अड्डा ने बताया है कि विपद् प्रबंधन से जुड़े गतिविधियों का पुनरावलोकन, प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार और संबंधित 기관ों के बीच समन्वय तथा सहयोग को प्रभावी बनाने के लिए अभ्यास हाथेमालो के आठवें संस्करण की शुरुआत की गई है। नेपाली सेना के समन्वय और गृह मंत्रालय के सहयोग से आर्थिक वर्ष २०७५/०७६ में प्रदेश स्तर पर अभ्यास हातेमालो-१ आयोजित किया गया था।

तब से, जंगी अड्डा में यह वार्षिक अभ्यास जारी है। मानसून के दौरान हो सकने वाली संभावित बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन दिन तक यह अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः प्रदेश और जिला स्तर पर भी अभ्यास किए जाएंगे। कार्यक्रम में रथी, विभिन्न मंत्रालयों, गैर सरकारी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि, अन्य सुरक्षा अधिकारी तथा नेपाली सेना के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रियंका गाँधी ने केरल में यूडीएफ की बढ़त पर जताई खुशी, कहा- जनता का विश्वास ही हमारी मार्गदर्शक शक्ति

२१ वैशाख, काठमांडू। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेता प्रियंका गाँधी ने केरल विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की बढ़त पर खुशी जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से खुशी व्यक्त करते हुए प्रियंका ने मतदाताओं का भी धन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा, ‘केरल के मेरे सभी भाइयों और बहनों, आपके विश्वास और अपार समर्थन के लिए धन्यवाद। आपने जो भरोसा यूडीएफ पर दिखाया है, वह हमारी मार्गदर्शक शक्ति बनेगा। क्योंकि हम आप सभी के लिए उज्जवल भविष्य बनाने में कड़ी मेहनत करेंगे।’

प्रियंका स्वयं केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भी हैं। २०२४ के लोकसभा चुनाव में वे इसी क्षेत्र से सांसद चुनी गई हैं। पहले उनके भाई राहुल गाँधी ने वायनाड और उत्तर प्रदेश के रायबरेली निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव जीते थे। बाद में राहुल ने वायनाड सीट छोड़कर उपचुनाव में अपनी बहन प्रियंका को मैदान में उतारा था, जहाँ प्रियंका ने बड़ी जीत हासिल की थी। प्रियंका ने अपने हालिया बयान में वायनाड के लोगों को भी धन्यवाद देते हुए कहा, ‘मैं अपने परिवार के सदस्यों को वायनाड में बताना चाहती हूँ कि आपने यूडीएफ को एक बार फिर से पूरे ७ में से ७ सीटें जीतकर बड़ा जनादेश देकर विश्वास दिखाया।’

वायनाड के विकास हेतु अब उनके सहित आठ प्रतिनिधि हैं, यह बताते हुए प्रियंका ने कहा, ‘अब आपके पास वायनाड के विकास के लिए मिलकर काम करने वाले आठ प्रतिनिधि हैं। हम आपकी आशाओं को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।’ केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने बड़ी बढ़त बना रखी है। १४० सीटों के चुनाव में यूडीएफ वर्तमान में १०२ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

नेपाल की सुकुम्बासी समस्या : क्या सुकुम्बासी प्राधिकरण वंचितों को न्याय देगा?

सुकुम्बासी बस्ती के घरों को तोड़ने के बाद फोन पर बात करती एक महिला एक बच्चे के साथ

तस्वीर स्रोत, EPA/Shutterstock

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काठमांडू उपत्यका में डोजर लगाकर बने घरों को तोड़ने के बाद बासविहीन हुए समुदाय की सरकार से संपर्क की प्रक्रिया सोमवार तक जारी है।

वाग्मती सभ्यता एकीकृत विकास समिति के आयोजन निदेशक मचाकाजी महर्जन ने बताया कि भूमिहीन बताने वालों के पंजीकरण की प्रक्रिया रोकी नहीं गई है।

“अभी भी कुछ जगहों पर घर टूटने की खबरें आ रही हैं,” उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया के दौरान पंजीकरण जारी रहना चाहिए।”

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग दो हजार परिवारों का पंजीकरण हो चुका है।

पंजीकरण में लगी दूसरी संस्था, काठमांडू उपत्यका विकास प्राधिकरण की सूचना अधिकारी प्रकृति केसी ने भी सोमवार को बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है।