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लेखक: space4knews

एसईईको तयारी पूरा, ५ लाख १२ हजारले दिँदैछन् परीक्षा

एसईई परीक्षा की पूरी तैयारी, 5 लाख 12 हजार विद्यार्थी देने को तैयार

माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) की पूरी तैयारी हो चुकी है। 19 चैत्र से 1,966 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष 5 लाख 12 हजार 421 विद्यार्थी एसईई में भाग लेंगे, जिनमें 2 लाख 57 हजार 613 छात्राएं और 2 लाख 54 हजार 801 छात्र शामिल हैं। परीक्षा समाप्त होने के एक महीने के अंदर परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच परीक्षा केंद्रों पर ही की जाएगी। 18 चैत्र, काठमांडू।

राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के अनुसार, कल गुरुवार से शुरू होने वाली परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। परीक्षा नियंत्रक टुकराज अधिकारी ने कहा, ‘तैयारी पूरी हो चुकी है। कल परीक्षा संचालित की जाएगी। सभी 77 जिलों से पूर्ण तैयारी की जानकारी मिली है।’ इस वर्ष की एसईई परीक्षा के संचालन के लिए 1,966 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से एक केंद्र जापान में भी है।

बोर्ड के सदस्य सचिव जंगबहादुर अर्याल ने कहा, ‘परीक्षा समाप्त होने के बाद एक महीने के भीतर परिणाम सार्वजनिक करने की तैयारी है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उत्तर पुस्तिकाओं की जांच परीक्षा केंद्र पर की जाएगी। केंद्राध्यक्ष की निगरानी में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का प्रबंध होगा।’ शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल ने परिणाम एक महीने के अंदर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था और बोर्ड उसी के अनुसार कार्य कर रहा है।

इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार 2026 के लिए अंतिम 6 पुस्तकों की सूची जारी

18 चैत्र, काठमांडू। विश्व साहित्य में प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार 2026’ के लिए अंतिम चयन सार्वजनिक कर दिया गया है। इस वर्ष की सूची में ऐसे 6 उत्कृष्ट उपन्यास शामिल हैं जो इतिहास के जटिल मोड़ों, क्रांति, पहचान की खोज और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर गहरे किस्से प्रस्तुत करते हैं। ये कृतियाँ अंग्रेज़ी के अलावा अन्य भाषाओं में लिखी गई हैं, जिन्हें ब्रिटेन और आयरलैंड में अनुवादित कर प्रकाशित किया गया है और विश्वभर के पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है। चयन समिति की अध्यक्ष और लेखिका नतासा ब्राउन ने जारी बयान में कहा, ‘ये पुस्तकें पिछले सदियों के विभिन्न कालखंडों को जीवंत करती हैं। इन में दिल दहला देने वाला दर्द, क्रूरता और अकेलापन है, लेकिन अंततः ये पाठकों को आशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं। ये पात्र अविस्मरणीय हैं जिन्हें पाठक बार-बार याद करेंगे।’
महिला लेखिका और अनुवादक इस वर्ष की शॉर्टलिस्ट में प्रमुख रूप से नजर आ रही हैं। 6 में से 5 लेखिकाएं और 4 अनुवादक महिलाएं हैं। ये लेखिकाएं चारों महाद्वीपों के विभिन्न व्यावसायिक पृष्ठभूमि से आती हैं। उदाहरण के लिए, ताइवान की यांग सुवांग-जी वीडियो गेम के स्क्रिप्ट भी लिखती हैं, जबकि बुल्गारिया की रेने काराबास एक स्थापित अभिनेत्री भी हैं।
अंतिम 6 पुस्तकों में शामिल हैं:
The Nights Are Quiet in Tehran : शिदा बाज्यार द्वारा लिखित और रुथ मार्टिन द्वारा जर्मन से अनूदित यह उपन्यास ईरानी क्रांति (1979) से लेकर 2009 की ‘ग्रीन रिवोल्यूशन’ तक के पारिवारिक किस्से में तानाशाही के ख़िलाफ़ संघर्ष और मातृभूमि खोने का दर्द बयान करता है।
See Who Remains : रेने काराबास का यह उपन्यास अल्बानिया के ग्रामीण समाज पर आधारित है, जहाँ एक युवती बेक्ज़ाले शादी से बचने के लिए पुरुष के रूप में जीवन व्यतीत करने का निर्णय लेती है। यह पितृसत्तात्मक समाज और आत्म-पहचान पर आधारित मार्मिक कथा है।
The Director : डैनियल केलमैन द्वारा लिखित यह उपन्यास ऑस्ट्रियाई फिल्म निर्माता G.W. पाब्स्ट के जीवन पर आधारित ऐतिहासिक कथा है। बताता है कि कैसे नाजी जर्मनी से अलग होकर अपने देश लौटे कलाकार सत्ता और अपनी नैतिकता के बीच संघर्ष करते हैं।
An Earth As It Is Beneath : ब्राजील की आना पाउला माइया का यह हॉरर उपन्यास एक दूरदराज़ जेल की कहानी है जहाँ जेलर कैदियों को जंगल में छोड़कर उनका शिकार करता है। इसे ‘रक्त से लिखी कविता’ कहा गया है।
The Witch : फ्रांसीसी लेखिका मारी एनडियाई का 1996 में प्रकाशित यह उपन्यास जादूई और रहस्यमय कथाओं के कारण इस वर्ष फिर चर्चा में आया है। यह एक चुड़ैल लूसी और उसकी बेटियों की शक्तियों और पारिवारिक रिश्तों को रोचक ढंग से चित्रित करता है।
Taiwan Travelogue : यांग सुवांग-जी का यह उपन्यास 1930 के दशक के जापानी नियंत्रण वाले ताइवान की यात्रा और एक जापानी उपन्यासकार तथा ताइवानी द्विभाषी के बीच के संबंधों तथा शक्ति संरचना का निकट अध्ययन करता है।
विजेता की घोषणा आगामी 19 मई को की जाएगी। विजेता लेखक और अनुवादक दोनों को मिलकर 50,000 पाउंड पुरस्कार दिया जाएगा। पिछले वर्ष भारत की मुस्लिम महिला कथा आधारित ‘Heart Lamp’ ने यह पुरस्कार जीता था।

नेकपा एमाले के युवाओं ने शंकर पोखरेल से दिया इस्तीफा मांगने प्रदर्शन

18 चैत्र, काठमांडू। नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल से इस्तीफा मांगते हुए अनेरास्ववियु के छात्रों ने आज सड़कों पर प्रदर्शन किया। अशोक कैंपस से निकलकर छात्रों ने पोखरेल के इस्तीफा की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सुहाङ नेम्वाङ के पक्ष में ‘वर्चस्व’ के नारे भी लगाए गए। नेम्वाङ एमाले संसदीय दल के नेता बनने के इच्छुक थे।
दूसरी ओर, महासचिव पोखरेल द्वारा रामबहादुर थापा को निर्विरोध निर्वाचित कराने के लिए सांसदों पर दबाव बनाए जाने के मुद्दे पर युवाओं ने सामाजिक मीडिया पर कड़ी आलोचना जारी रखी है। सोशल मीडिया पर इस्तीफा अभियान चला रहे युवाओं ने बुधवार रात को सड़क पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पार्टी में युवाओं को अवसर मिलने चाहिए, पार्टी को कब्ज़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और महासचिव पद से पोखरेल को इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के सामने महासचिव पोखरेल की प्रतिमा का भी दहन किया।

बेइजिङमा ७० वर्षयता नेपालले पाएको पहिलो महिला कूटनीतिक नेतृत्व

नेपाल ने ७० वर्षों के बाद बेइजिंग में पहली महिला कूटनीतिक नेतृत्व प्रदान किया

चीन स्थित नेपाली दूतावास में पहली महिला नेतृत्वकर्ता रोशन खनाल कार्यवाहक राजदूत के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं। वह निजी बैंक के अनुभव के बाद सरकारी सेवा में प्रवेश कर 2010 में विदेश सेवा में सफल हुई थीं। इजरायल और ब्रिटेन में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए काम करने वाली खनाल चीन में नेपाल-चीन संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयास में लगी हुई हैं। बेइजिंग। इस वर्ष देश ने पहली बार महिला प्रधानमंत्री पाकर जो उत्साह मनाया, वह बेइजिंग तक पहुंच गया है। वर्तमान में महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने नए प्रधानमंत्री को जिम्मेदारी सौंप कर विदाई ले ली है। जेनजी आंदोलन के प्रभाव के बाद चीन के लिए नेपाल के राजदूत कृष्णप्रसाद ओली के वापसी के बाद, चीन स्थित नेपाली दूतावास की कार्यवाहक राजदूत की जिम्मेदारी रोशन खनाल ने संभाली है।

नेपाल के कूटनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति अभी भी सीमित है। हालांकि, सीमित अवसरों में अपनी मेहनत, क्षमता और आत्मविश्वास के बल पर आगे बढ़ने वाली रोशन खनाल एक सशक्त व्यक्तित्व हैं। चीन स्थित नेपाली दूतावास में कार्यवाहक राजदूत की जिम्मेदारी निभा रही खनाल का जीवन सफर एक सामान्य परिवार से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंच तक पहुंचने की प्रेरणादायक कहानी है। वह ब्रिटेन में दो बार कार्यवाहक राजदूत रह चुकी सहसचिव हैं। वर्तमान में चीन में नेपाली दूतावास का नेतृत्व कर रही हैं। नेपाल-चीन संबंधों के ७० साल के इतिहास में वह चीन स्थित नेपाली दूतावास की पहली महिला नेतृत्वकर्ता हैं।

पाल्पा में जन्मी खनाल का बचपन सामान्य था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा वहीं से शुरू की और आठवीं कक्षा पाल्पा में ही पूरी की। बाद में भैरहवा होते हुए काठमांडू तक उनकी शिक्षा का सफर जारी रहा। उन्होंने भैरहवा से बीबीए और काठमांडू से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। ‘‘मेरा पृष्ठभूमि कॉमर्स है। शुरू में सरकारी सेवा में जाने का इरादा नहीं था,’’ उन्होंने कहा। विदेश सेवा में प्रवेश उनके लिए अवसर और साहस का परिणाम था। पहली बार लोकसेवा परीक्षा देने पर ही सफल होने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खास तैयारी नहीं की थी, फिर भी मेरा नाम निकला।’

2010 में विदेश सेवा में शामिल होने के बाद उनका पहला चुनौती प्रणाली के भीतर मार्गदर्शन की कमी थी। ‘‘उस समय किसी को किसी को सिखाने की संस्कृति नहीं थी,’’ उन्होंने बताया। इजरायल में कार्यकाल ने उन्हें महत्वपूर्ण अनुभव दिया। वहां उन्होंने नेपाली श्रमिकों के जीवन को करीब से पहचाना। खासतौर पर महिला श्रमिकों की स्थिति बहुत संवेदनशील थी। ‘‘90 प्रतिशत से अधिक महिलाएं थीं। वे 24 घंटे काम करती थीं और परिवार से दूर होने के कारण मानसिक समस्याएं महसूस होती थीं,’’ उन्होंने कहा।

2012 में इजरायल में युद्ध चल रहा था। ‘‘युद्ध के समय सभी चिंतित हो जाते हैं। उस दौरान नेपाली लोगों के परामर्श और समन्वय की जिम्मेदारी हमारी थी,’’ वह बताती हैं। चार साल बाद नेपाल लौटने के बाद उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभाली और फिर विदेश पोस्टिंग के रूप में ब्रिटेन पहुंचीं। लंदन में अनुभव पहले से अलग था। ‘‘इजरायल में कामगार ज्यादा थे, लेकिन लंदन में परिवार, विद्यार्थी और गोर्खा समुदाय का मिश्रित समाज था,’’ उन्होंने कहा।

चीन नेपाल के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है, पर इसमें कई चुनौतियां भी हैं। ‘‘चीन से हम बहुत कुछ प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं किया जा सका है,’’ उन्होंने कहा। ‘‘हमें अपनी आवश्यकता स्पष्ट करनी होगी और उसी अनुसार काम करना होगा। अवसर बाहर तलाशना पर्याप्त नहीं है।’ रोशन खनाल की यात्रा केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रतीक है। वह महिलाओं पर पूरा विश्वास रखती हैं। उनका मानना है कि महिलाओं को दया नहीं, बल्कि अवसर देकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। ‘‘हमें बहाने बनाने की जरूरत नहीं, बल्कि कार्य करके प्रमाणित करना होगा,’’ उन्होंने कहा।

जीवन में व्यक्तिगत और पेशेवर जिम्मेदारियों का संतुलन बनाए रखना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने को मजबूर करता है। ‘‘जब कभी छोटे बच्चे को छोड़कर काम पर जाना पड़ा, उस समय वह अनुभव थोड़ा मुश्किल था,’’ वह बताती हैं। लेकिन वह निर्णय आवश्यक था, इस पर उनका दृढ़ विश्वास है। ‘‘उस समय यह साबित करना जरूरी था कि महिलाएं काम कर सकती हैं,’’ उन्होंने कहा।

ईमेल और डेटा सुरक्षित रखते हुए जीमेल पता बदलने की सुविधा सार्वजनिक

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • गूगल ने अब उपयोगकर्ताओं के लिए अपनी पुरानी जीमेल आईडी बदलने की नई सुविधा लॉन्च की है।
  • इस सुविधा के तहत उपयोगकर्ता साल में केवल एक बार अपना ईमेल पता बदल सकते हैं।
  • यह सुविधा फिलहाल केवल अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, अन्य देशों में कुछ समय बाद लागू होगी।

१८ चैत्र, काठमांडू। स्कूल के उम्र में या इंटरनेट सीखते समय बनाई गई अपरिपक्व और झिझक वाले जीमेल पते ने कई लोगों को व्यावसायिक कामों में समस्या में डाला था। लेकिन अब, उन जीमेल पतों के उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल ने एक नई उम्मीद लाई है।

गूगल की नई नीति के मुताबिक, उपयोगकर्ता अपने पुराने ईमेल, डेटा और खाता इतिहास को प्रभावित किए बिना आसानी से जीमेल पता बदल सकते हैं।

मंगलवार को यूट्यूब पर एक वीडियो जारी करते हुए कंपनी ने इस बहुप्रतीक्षित फीचर की औपचारिक घोषणा की।

“क्या आप अपने पुराने जीमेल पते से परेशान हैं? अब नया खाता खोले बिना अपनी यूजरनेम बदल सकेंगे,” वीडियो में गूगल के एक प्रतिनिधि ने कहा।

सन् 2004 में जीमेल सेवा शुरू करते समय कई उपयोगकर्ताओं ने मनोरंजन के लिए या कम उम्र में अलग-अलग नामों से ईमेल बनाये थे। वक्त के साथ ये पते व्यावसायिक प्रयोजनों के लिए असुविधाजनक साबित हुए। इस समस्या को देखते हुए गूगल ने यह सुविधा लाई है।

कैसे बदलें ईमेल पता?

गूगल के अनुसार यह प्रक्रिया सरल है:
1. अपने गूगल खाते की सेटिंग्स में जाएं।
2. वहाँ ‘Personal info’ (व्यक्तिगत जानकारी) पर क्लिक करें।
3. ‘Email’ और ‘Google Account email’ विकल्प पर टैप करें।
4. यदि ‘Change Google Account email’ विकल्प दिखे तो उस पर क्लिक करके नया और यूनिक यूजरनेम चुन सकते हैं।

यह सुविधा फिलहाल केवल अमेरिका में उपलब्ध है। अन्य देशों के उपयोगकर्ताओं को इसे पाने के लिए कुछ इंतजार करना होगा।

नया ईमेल पता बनाते ही पुराने ईमेल के खोने की चिंता न करें। गूगल के अनुसार पुराना ईमेल ‘वैकल्पिक पता’ के रूप में सक्रिय रहेगा और वहां आए सभी मेल अपने आप नए पते पर चले जाएंगे।

साल में केवल एक बार बदलाव की अनुमति

इस सुविधा का उपयोग करते समय कुछ नियमों का पालन करना होगा। उपयोगकर्ता साल में केवल एक बार ही अपना ईमेल पता बदल सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने पते से खुश हो जाता है तो वह फिर से पुराने यूजरनेम पर वापस भी आ सकता है, गूगल ने यह विकल्प खुला रखा है।

गूगल के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका में पिछले एक वर्ष से “क्या जीमेल पता बदला जा सकता है?” यह प्रश्न सबसे अधिक खोजा गया था। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने यह फीचर पेश किया है।

सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कई उपयोगकर्ताओं ने इस फीचर का स्वागत किया है तो कुछ ने मज़ाक में पूछा, “इतनी छोटी सुविधा के लिए 15 साल क्यूं इंतजार करवाया?” एक उपयोगकर्ता ने हंसते हुए लिखा, “अगर पहले ही coolboy123@gmail जैसा ईमेल बदलने का ऑप्शन होता तो मानसिक तनाव से बच जाते।”

यह सुविधा फिलहाल केवल अमेरिका के लिए है। अन्य देशों के उपयोगकर्ताओं को इसे मिलने में अभी कुछ समय लग सकता है। समाचार संपादकों, जो रोज़ाना डेस्कटॉप पर काम करते हैं और जिनके लिए कई मेल्स का आदान-प्रदान जरूरी है, उनके लिए यह फीचर बेहद मददगार साबित होगा।

पूर्णबहादुर खड्काका समीक्षा – रास्वपालाई जिताउन कांग्रेसमा विवाद

समाचार सारांश

समीक्षा की गई।

  • नेपाली कांग्रेस के निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काने रास्वपालाई चुनाव जिताने के लिए कांग्रेस में विवाद होने की बात कही।
  • खड्काने आधिकारिक कांग्रेस की १४वीं महाधिवेशन से निर्वाचित कार्यसमिति होने का दावा किया और कहा कि वैधानिक कांग्रेस वही है।
  • उन्होंने कांग्रेस की एकता आवश्यक बताया और पार्टी के युवाओं के लिए मजबूत कांग्रेस बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

१८ चैत्र, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काने कहा कि रास्वपालाई चुनाव जिताने के लिए कांग्रेस में विवाद उत्पन्न हुआ है। बुधवार को अपनी पार्टी के पक्षधर नेताओं की बैठक में खड्काने विशेष महाधिवेशन समर्थकों पर रास्वपा को जिताने के लिए पार्टी के भीतर विवाद होने की बात कही।

“कांग्रेस को इस स्थिति तक न पहुँचाने पर रास्वपा यहाँ तक नहीं पहुँचती,” बैठक में खड्काने कहा। उन्होंने आधिकारिक कांग्रेस को शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व में १४वीं महाधिवेशन से निर्वाचित कार्यसमिति बताया। ‘आधिकारिक कांग्रेस हम ही हैं और वर्तमान समस्याओं का समाधान हम ही करेंगे,’ उन्होंने कहा।

खड्काने कहा कि न्यायालय जो भी फैसला करे, वैधानिक कांग्रेस वही है। इकाई, पालिका, क्षेत्र, जिला और प्रदेश स्तर तक १४वीं महाधिवेशन से निर्वाचित कार्यसमिति सक्रिय है, उन्होंने जोर दिया।

“अब हमें चुनाव की बातें छोड़ी सभी को एकजुट कर आगे बढ़ना होगा, क्योंकि हमें कांग्रेस की एकता करनी है,” उन्होंने कहा। “कांग्रेस को अपने मूल्य, मान्यताओं और देश की लोकतंत्र की रक्षा करनी होगी, जो इन दिनों संकट में है। इसे वापस लाना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।” इसीलिए व्यापक एकता आवश्यक है, उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि अब वे वह स्थान पा चुके हैं जो उन्हें मिलना चाहिए था और अब पार्टी में लगे युवाओं के लिए मजबूत कांग्रेस बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे, उनकी प्रतिबद्धता है।

फेरि चलाउन सकिने अवस्थामा गोरखकाली रबर उद्योग, सुझाइयो ३ विकल्प

गोरखकाली रबर उद्योग पुनः संचालन के लिए तैयार, प्रस्तावित तीन विकल्प

समाचार सारांश

संपादकीय रूपमा समीक्षा गरिएको।

  • अर्थ मंत्रालय ने सात रोगग्रस्त सार्वजनिक संस्थानों की संपत्ति और दायित्व का मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें गोरखकाली रबर उद्योग का डीडीए रिपोर्ट अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को प्रस्तुत किया गया है।
  • प्रतिवेदन में गोरखकाली रबर उद्योग को पुनर्गठन कर संचालन के तीन विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें प्लांट प्रतिस्थापन और नए निवेशकों के माध्यम से उद्योग संचालन प्रमुख है।
  • गोरखकाली रबर उद्योग की वार्षिक उत्पादन क्षमता 80 हजार ट्रक टायर और 40 हजार नॉन ट्रक टायर है, और नेपाल में टायर के लिए बाजार संभावनाएं उच्च हैं।

18 चैत्र, काठमांडू। बंद पड़े सार्वजनिक संस्थान गोरखकाली रबर उद्योग के पुनः संचालन की संभावना प्रबल हो गई है।

अर्थ मंत्रालय ने पिछले वर्ष से सात रोगग्रस्त और बंद पड़े सार्वजनिक संस्थानों की संपत्ति व दायित्व मूल्यांकन (डीडीए) प्रक्रिया शुरू की थी।

इसी क्रम में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के माध्यम से गोरखकाली रबर उद्योग का डीडीए तैयार करके अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को प्रस्तुत किया गया है।

प्रतिवेदन में यह दर्शाया गया है कि गोरखकाली रबर उद्योग में वर्तमान प्लांट से ही पुनः टायर उत्पादन संभव है।

अर्थ मंत्रालय के प्रवक्ता टंकप्रसाद पांडेय ने बताया कि एडीबी ने यह रिपोर्ट मंगलवार को अर्थ मंत्री को सौंपा है। गोरखकाली रबर उद्योग पिछले एक दशक से बंद है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट कृष्ण भट्टराई के नेतृत्व में तैयार इस रिपोर्ट में संचालन के तीन विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं। मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में गोरखकाली रबर उद्योग को पुनर्गठन करके संचालन करना उपयुक्त बताया गया है।

गोरखकाली टायर उद्योग संचालन संबंधी रिपोर्ट मंगलवार को अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को सौंपते हुए अध्ययन समिति के संयोजक कृष्ण भट्टराई

उद्योग के ऋण भुगतान, पुनर्गठन या ऋण को शेयर में परिवर्तित कर निजी या सार्वजनिक संस्थानों के साथ साझेदारी में नए निवेशक (घरेलू, विदेशी या रणनीतिक) के माध्यम से पूंजी वृद्धि करना तथा मौजूदा प्लांट को आधुनिक रेडियल तकनीक वाले प्लांट से प्रतिस्थापित करके उद्योग संचालित करना उपयुक्त विकल्प माना गया है।

प्रतिवेदन के अनुसार, पुराने प्लांट और मशीनरी को नई तकनीक से प्रतिस्थापित करते हुए तत्काल उत्पादन शुरू करके निजी क्षेत्र या रणनीतिक विदेशी निवेशकों के साथ साझेदारी में उद्योग संचालित किया जा सकता है।

दूसरे विकल्प में बताया गया है कि उद्योग संचालन के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होती है और प्लांट तथा मशीनरी पुराने तथा अप्रचलित होने के कारण पूरी उद्योग को मूद्रीकृत करना चुनौतीपूर्ण है। इसलिए, उद्योग के नाम पर उपलब्ध परंतु उपयोग में न आने वाली जमीन और भवन किराए पर देकर मूद्रीकरण कर आय अर्जित करने की सलाह दी गई है।

इसी तरह, उद्योग की संपत्तियों का आंशिक मूद्रीकरण एवं पुनर्गठन करके निवेश के साथ संचालन अनुबंध पर देने का विकल्प भी प्रस्तावित है।

तीसरे विकल्प में बताया गया है कि यदि पुनर्गठन कर पुनः संचालन या निवेश सहित संचालन अनुबंध पर देने का विकल्प लागू नहीं होता है, तो संपत्ति बेचकर कंपनी को समाप्त करने का सुझाव दिया गया है।

संपत्ति बेचने की स्थिति में उद्योग की सभी भौतिक तथा बौद्धिक संपत्तियां बेचकर सभी दायित्वों को समाप्त किया जाएगा और कंपनी को बंद किया जाएगा। डीडीए के आधार पर संपत्ति की बिक्री से सभी दायित्व निपटाए जाएंगे।

गोरखकाली टायर उद्योग गोरखा जिले के पूर्व देउराली गाउँपालिका (वर्तमान गोरखा नगरपालिका-13, मजुवा, देउराली) में स्थित है। साल्ट ट्रेडिंग, नेपाल आयल निगम एवं एडीबी निवेश के साथ स्थापित इस उद्योग का पुनर्गठन आर्थिक वर्ष 2055/56 में हुआ था, जब एडीबी ने शेयर विदेशी निवेशकों को बेचकर नेपाल सरकार को शेयर में निवेश कराया था।

वर्तमान में उद्योग में अग्राधिकार शेयर सहित नेपाल सरकार सबसे बड़ा शेयरधारक है, तथा साल्ट ट्रेडिंग, आयल निगम, नेपाल बैंक लिमिटेड, राष्ट्रिय वाणिज्य बैंक, राष्ट्रिय बीमा संस्थान सहित अन्य सार्वजनिक संस्थानों के शेयर निवेश हैं।

उद्योग की वार्षिक उत्पादन क्षमता 80 हजार ट्रक टायर और 40 हजार नॉन ट्रक टायर है। वर्ष 2049 से व्यावसायिक रूप से उत्पादन शुरू होने के बाद से स्वदेशी बाजार की मांग के अनुसार टायर, ट्यूब, फ्लैप और अन्य रबरजन्य पदार्थ बनाए जाते रहे हैं।

टायर और ट्यूब की पर्याप्त मांग होने के बावजूद उद्योग कभी अपनी पूर्ण क्षमता पर उत्पादन नहीं कर पाया। इस कारण से प्रारंभ से ही घाटे में रहा, उत्पादन लागत बढ़ता गया और नकदी प्रवाह अपर्याप्त रहा। उद्योग 2072 असार से पूर्णतः बंद है।

उद्योग वर्तमान में टाट पलटे हुए स्थिति में है

डीडीए के अनुसार, उद्योग वित्तीय संकट और तकनीकी रूप से अत्यंत जर्जर स्थिति में है।

अध्ययन से पता चलता है कि उद्योग की शुद्ध संपत्ति 4 अरब 21 करोड़ ऋणात्मक है। स्थायी संपत्ति के बाजार मूल्य में वृद्धि से कुछ सुधार हुआ है, पर ऋण और ब्याज के कारण कुल दायित्व 56 करोड़ ऋणात्मक है।

अधिकांश भवन संरचनाएं मजबूत हैं। कुछ भवनों का प्रयोगशाला परीक्षण आवश्यक बताया गया है। इन भवनों की मरम्मत और पुनर्स्थापन के बाद उपयोग किया जा सकता है।

वर्तमान कीमत के अनुसार स्थायी संपत्ति का समायोजित मूल्य 3 अरब 77 करोड़ अनुमानित है। चालू संपत्ति की स्थिति खराब है और उसका बिक्री योग्य मूल्य 47 प्रतिशत घट चुका है।

उद्योग परिसर में लगभग 2,500 खयर के पेड़ों से लगभग 62 करोड़ की आय होने का अनुमान है।

ब्रांड मूल्य पुनर्निर्माण या प्रतिस्थापन लागत के अनुसार 22 करोड़ 26 लाख रखा गया है।

उद्योग के समायोजित कुल दायित्व 4 अरब 43 करोड़ हैं, जिनमें अधिकांश ऋण सरकार और बैंकों से लिया गया है। ब्याज का प्रभाव सबसे अधिक है।

कर्मचारी दायित्व समाप्त, उत्पादन और बिक्री लागत शून्य

उद्योग दस वर्षों से बंद होने के कारण उत्पादन और बिक्री की लागत शून्य है। कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दि गई है। वर्तमान में केवल सुरक्षा कर्मियों का वेतन तथा छोटे कार्यालय खर्च प्रशासनिक खर्च में हैं।

बैंक और सरकार से लिए गए अल्पकालीन और दीर्घकालीन ऋण पर भारी ब्याज व्यय हो रहा है।

स्थायी संपत्तियों में भवन, प्लांट, मशीनरी और जमीन शामिल हैं। उपकरण, वाहन और फर्नीचर का मूल्य कम है। प्लांट और मशीनरी पुराने और अप्रचलित होने के कारण संचालन और मरम्मत लागत अधिक है।

उत्पादित माल पिछले 10 वर्षों से गोदाम में अव्यवस्थित रखा गया है, जिसकी व्यापारिक कीमत कम हो गई है।

नेपाल सरकार के साधारण शेयर में 38.63 प्रतिशत स्वामित्व है। सरकार के अप्रत्यक्ष स्वामित्व सहित कुल स्वामित्व 51.88 प्रतिशत है।

आंशिक स्वामित्व संस्थान का 26.69 प्रतिशत और सार्वजनिक निवेशकों का 21.43 प्रतिशत स्वामित्व है। अग्राधिकार शेयर में केवल नेपाल सरकार का निवेश है।

बाजार संभावनाएं क्या हैं?

प्रतिवेदन के अनुसार, उद्योग के लिए पर्याप्त बाजार नेपाल में ही मौजूद है। वाहन संख्या में वृद्धि, निर्माण क्षेत्र का विस्तार और कृषि आधुनिकीकरण के कारण टायर की मजबूत मांग है।

छुटे देशों जैसे भारत, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में भी निर्यात के अवसर देखे गए हैं। मार्केट में रेडियल तकनीक द्वारा उत्पादित टायर की मांग बढ़ रही है।

गोरखकाली उद्योग के टायर बीआईएएस तकनीक पर आधारित हैं, जिसे अब आधुनिक तकनीक से प्रतिस्थापित करना जरूरी हो चुका है।

कच्चा माल की स्थिति कैसी है?

प्रतिवेदन में कच्चे माल की स्थिति का भी उल्लेख है। टायर उत्पादन का मुख्य कच्चा माल प्राकृतिक रबर है।

नेपाल में वार्षिक प्राकृतिक रबर उत्पादन लगभग 1,200 टन है, जो कुल बाजार मांग का लगभग 10 प्रतिशत ही पूरा करता है।

नेपाली बाजार में वार्षिक कच्चे रबर की मांग 10 हजार टन से अधिक अनुमानित है। उद्योग को अपनी पूर्ण क्षमता पर संचालन के लिए हजारों टन कच्चे रबर का आयात करना आवश्यक होगा।

नेपाल में रबर खेती की बड़ी संभावनाएं हैं। झापा जिले के मेचीनगर, बीराटमोड, भद्रपुर, अर्जुनधारा, कंकाई और दमक नगरपालिका में पांच वर्षों के भीतर 15 हजार बीघा से अधिक रबर की खेती संभव है।

तराई और मध्यपहाड़ी क्षेत्रों की बाँझी, नदी किनारी और वन क्षेत्रों में 10 वर्षों के भीतर 80 हजार से 1 लाख 20 हजार बीघा जमीन पर रबर खेती की संभावना बताई गई है।

नेपाल में वर्तमान में लगभग 60 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें चार पहिया वाहन लगभग 12 लाख हैं। वार्षिक औसत वृद्धि दर लगभग 15 प्रतिशत है।

आर्थिक वर्ष 2081/82 में बस, ट्रक और अन्य चार पहिया वाहन के लगभग 9 लाख टायरों का आयात हुआ है। बाजार वृद्धि दर कीमतों में 10 प्रतिशत और संख्या में लगभग 8 प्रतिशत है।

यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि नेपाल में टायर बाजार की संभावनाएं बहुत अधिक हैं।

लुम्बिनी से निर्माण व्यवसायी महासंघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष में खड़का निर्विरोध चयन

१८ चैत्र, काठमांडू। नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के १३वें महाधिवेशन में लुम्बिनी प्रदेश से केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद के लिए सहदेव खड़का निर्विरोध चुने गए हैं। सगुन कंस्ट्रक्शन के संचालक खड़का, निकोलस पांडे के पैनल के सदस्य हैं। आज नामांकन कार्यक्रम में लुम्बिनी से केंद्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए खड़का की अकेली उम्मीदवारी दर्ज हुई। उन्होंने निर्माण व्यवसायियों के हितों की रक्षा, पेशेवर सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यवसाय-मैत्री वातावरण बनाने को अपने मुख्य एजेंडे के रूप में चुनकर चुनाव की तैयारियां की थीं।

अध्यक्ष पद के लिए कालिका कंस्ट्रक्शन के निर्देशक निकोलस पांडे और पीएस कंस्ट्रक्शन के प्रबंध निदेशक आंङ दोर्जी (एडी० लामा पैनल) सहित कई उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा में हैं। नए नेतृत्व के चयन के लिए १९ चैत्र को मतदान निर्धारित किया गया है।

एसईई उत्तरपुस्तिका परीक्षण परीक्षा केन्द्रमै गर्ने निर्देशन जारी

१८ चैत, काठमाडौं । राष्ट्रिय परीक्षा बोर्डले माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) को उत्तरपुस्तिका परीक्षण गर्न परीक्षा केन्द्रमै व्यवस्था गर्न निर्देशन जारी गरेको छ। शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मन्त्री सस्मित पोखरेलको नियुक्ति पश्चात्, उनले एसईईको नतिजा एक महिनाभित्र सार्वजनिक गर्न निर्देशन दिएका थिए। प्रधानमन्त्री बालेन शाहसँग परामर्श गरेपछि बोर्डलाई एक महिनाभित्रै नतिजा सार्वजनिक गर्न काम गर्न निर्देशन दिइएको थियो। सोहीअनुसार निर्देशन जारी गरिएको छ।

रिज्भी र स्टब्सको शतकीय साझेदारीमा लखनउमाथि दिल्लीको जित

रिज्भी और स्टब्स की शतकीय साझेदारी ने दिल्ली को लखनऊ के खिलाफ 6 विकेट से जीत दिलाई

दिल्ली कैपिटल्स ने समीर रिज्भी और ट्रिस्टन स्टब्स की शतकीय साझेदारी की मदद से लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से पराजित किया है। लखनऊ द्वारा दिए गए 142 रन के लक्ष्य को दिल्ली ने 17 गेंद शेष रहते पूरा कर लिया। समीर ने 70 रन बनाए जबकि स्टब्स ने 39 रन जोड़े। इस जीत के साथ दिल्ली ने 2 अंक और जोड़े और अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

बुधवार के मैच में लखनऊ ने 141 रन बनाए थे। वहीं, अब्दुल समद ने 36 रन बनाए जबकि मिचेल मार्श ने 35 रन जोड़े। लखनऊ के लिए प्रिंस यादव ने 2 विकेट लिए जबकि मोहम्मद शमी और मोहसिन खान ने 1-1 विकेट लिया। दिल्ली की ओर से टी नटराजन और लुंगी एनगिडी ने 3-3 विकेट लिए जबकि कुलदीप यादव ने 2 विकेट हासिल किए।

दिल्ली की शुरुआत कमजोर रही, ओपनर केएल राहुल पहली ही गेंद पर आउट हो गए। पथुम निसांक ने 1 और नितीश राणा ने 15 रन बनाते हुए टीम का स्कोर 26-4 कर दिया, वहीं कप्तान अक्षर पटेल शून्य पर पवेलियन लौटे। लेकिन, समीर और स्टब्स ने 119 रनों की अहम साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई।

प्रकाशमान का सवाल- गणेशमान के परिवार की ऐसी हालत है, तो गांव में रहने वाले कार्यकर्ताओं की क्या होगी?

१८ चैत, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के पूर्व महामंत्री प्रकाशमान सिंह ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति का मुख्य कारण विशेष महाधिवेशन बताया है। बुधवार को निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काको नेतृत्व में हुई चर्चा में नेता सिंह ने यह अभिव्यक्ति दी। उन्होंने कहा, “हम भदौ २३ और २४ के बाद भी कुछ आलसी हो गए। कांग्रेस के वर्तमान हालात में आने का मुख्य कारण विशेष महाधिवेशन ही है।”

विशेष महाधिवेशन से चयनित कार्यसमिति को आधिकारिक दर्जा दिए जाने के बाद अपने पक्ष के नेताओं ने चुनाव में भाग न लिया होता तो बेहतर होता, यह उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद ऐसा कदम उठाने के लिए, निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी, मैं यह बात सभापति शेरबहादुर देउवाले भी कही थी। निर्वाचन आयोग निष्पक्ष नहीं था, इसलिए चुनाव लड़ना गलत था।”

अभी कांग्रेस की स्थिति दयनीय है, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “देश में लोकतंत्र लाने वाले गणेशमान सिंह के परिवार की इतनी गरीब हालत है, तो जिले में रहने वाले कार्यकर्ताओं की क्या दशा होगी?” भविष्य में निर्णायक कदमों को अपने विचार समूह में सामूहिक चर्चा के माध्यम से लेने की परंपरा स्थापित करने की भी उन्होंने खड्कासे निवेदन किया।

ट्रम्पले सर्वोच्च अदालतमा आफ्नो मुद्दाको बहस प्रत्यक्ष हेर्न सक्ने संकेत, इतिहासमा नयाँ अध्याय थपिने सम्भावना

१८ चैत, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पले जन्मसिद्ध नागरिकता सम्बन्धी आफ्नो कार्यकारी आदेशमाथि हुन लागेको सर्वोच्च अदालतको बहस प्रत्यक्ष अवलोकन गर्न आफू सहभागी हुने संकेत दिएका छन्। यदि ट्रम्प बुधबार अदालतको इजलासमा उपस्थित भएका खण्डमा, यो अमेरिकी इतिहासमा पहिलोपटक बहालवाला राष्ट्रपतिले सर्वोच्च अदालतका मौखिक बहसमा सहभागी हुने ऐतिहासिक घटना हुनेछ। मंगलबार ह्वाइट हाउसमा पत्रकारहरूसँग कुरा गर्दै ट्रम्पले भने, ‘म जान लागिरहेको छु, मलाई त्यति नै लाग्छ।’ तथापि, इतिहासज्ञहरूको दृष्टिमा अहिलेसम्म कुनै पनि बहालवाला राष्ट्रपतिले यस्तो अभ्यास गरेका छैनन्।

ट्रम्पले पहिल्यै पनि ‘लिबरेसन डे ट्यारिफ’ मुद्दामा अदालत जान सक्ने चर्चा गरेका थिए, तर अन्तिम समयमा पछि हटिएका थिए। ओभल अफिसमा बोल्दै ट्रम्पले संविधानको १४औं संशोधनको कडा आलोचना गरेका छन्। उनले उक्त संशोधनलाई ‘बर्थ टुरिज्म’ अर्थात् अवैध रूपमा बसोबास गर्नेहरूको सन्तानका लागि नभएको बताएका छन्। ‘यो दासहरूको छोराछोरीको सुरक्षाका लागि बनाइएको हो,’ उनले भने, ‘यो करोडपति वा अर्बपतिहरूका लागि होइन, जो आफ्ना छोराछोरीलाई अमेरिकी नागरिकता दिलाउन चाहन्छन्।’ तर अधिकांश संवैधानिक विज्ञ र कानुनी विशेषज्ञहरूले ट्रम्पको यो सीमित व्याख्यालाई अस्वीकार गर्दै आएका छन्।

एनएनआईपीए खेल पुरस्कार की तैयारियाँ पूरी

नेपाल राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संघ ने २०वां एनएनआईपीए स्पोर्ट्स अवार्ड २०८२ की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। २६ विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को प्रत्येक को १५ हजार रुपये नगद सहित सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को १ लाख रुपये प्रदान करने की योजना है। यह पुरस्कार कार्यक्रम पहली बार काठमांडू उपत्यका के बाहर बनेपा नगरपालिका के चण्डेश्वरी मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा।

१८ चैत, काठमांडू। नेपाल राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संघ (एनएनआईपीए) के अध्यक्ष शिवसुन्दर गोथे ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी तैयारियों की जानकारी दी। स्थानीय आयोजक बनेपा नगरपालिका के महापौर शान्तिरत्न शाक्य ने कहा कि वे पुरस्कार समारोह में भाग लेने वाले सभी का स्वागत करने के लिए तैयार हैं और इस आयोजन को आयोजित करने के अवसर के लिए खेल संघ का आभार व्यक्त किया।

महासचिव गोथे ने बताया कि २६ विभिन्न खेलों के उतनी ही संख्या में खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। फुटबॉल, एथलेटिक्स, हैंडबॉल, गोल्फ, उसु, भारोत्तोलन, जूडो, बैडमिंटन, तीरंदाजी, फेंसिंग, ट्रायथलॉन, तैराकी, कुश्ती, बास्केटबॉल, कबड्डी, कराटे, वॉलीबॉल, तेक्वांडो, जिमनास्टिक, लॉन टेनिस, हॉकी, टेबल टेनिस, बक्सिंग, स्कीइंग, कैनोइंग और साइक्लिंग के खिलाड़ियों को प्रत्येक को १५ हजार रुपये नगद पुरस्कार सहित सम्मानित किया जाएगा।

इसके साथ ही पुरुष और महिला सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को प्रत्येक को १ लाख रुपये पुरस्कार प्रदान किया जाएगा जबकि प्रतिभाशाली खिलाड़ी को ५० हजार रुपये दिए जाएंगे। एक वरिष्ठ खेल हस्ती को गजराज जोशी आदर्श खेल व्यक्तित्व पुरस्कार तथा एक खेल पत्रकार को एनएनआईपीए खेल पत्रकारिता पुरस्कार सहित ३५ हजार रुपये नगद प्रदान किए जाएंगे। उत्कृष्ट पैरालंपिक खिलाड़ी को भी १५ हजार रुपये नगद पुरस्कार के साथ सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार कार्यक्रम चण्डेश्वरी मंदिर परिसर, बनेपा नगरपालिका में आयोजित किया जाएगा, जो काठमांडू उपत्यका के बाहर प्रथम बार आयोजित किया जा रहा है।

विश्व किक बक्सिङ महासंघका उपाध्यक्ष नासिर नेपालमा

विश्व किक बक्सिंग महासंघ के उपाध्यक्ष नासिर नेपाल पहुंचे

विश्व किक बक्सिंग महासंघ के उपाध्यक्ष नासिर नासिरी नेपाल भ्रमण पर आए हैं। राष्ट्रीय किक बक्सिंग संघ नेपाल के अधिकारी और खिलाड़ी त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। बुधवार से शुरू हुए किकबॉक्सिंग विकास कोर्स में सात प्रदेशों और तीन विभागीय टीमों के लगभग 200 प्रशिक्षक, खिलाड़ी और निर्णायक भाग ले रहे हैं।

नासिर, राष्ट्रीय किक बक्सिंग संघ नेपाल द्वारा आयोजित किकबॉक्सिंग विकास कोर्स के लिए नेपाल आए हैं। संघ के संस्थापक दीपक श्रेष्ठ, अन्य अधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और निर्णायक ने उनका स्वागत किया। यह कोर्स शनिवार तक चलेगा और इसका औपचारिक उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा। सेमिनार कालीमाटी में स्थित कालिमाटी बैंक्वेट में आयोजित होगा।

१० वर्ष के बच्चों को जानना चाहिए १० महत्वपूर्ण बातें

बच्चों का मुख्य कार्य क्या है? इस प्रश्न का सामान्य उत्तर होता है– विद्यालय जाना, पढ़ना, होमवर्क करना। इन सभी कार्यों के बाद बचा हुआ समय खेलने में बिताना। अधिकांश शहरी क्षेत्रों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों में भी बच्चों के लिए यही नियम लागू होता है। पढ़ाई के अलावा अन्य बातों पर बच्चों का ज्यादा ध्यान न देना आवश्यक समझने की सोच कई अभिभावकों में पाई जाती है। अन्य कामों पर ध्यान देने से पढ़ाई पर असर पड़ने की चिंता भी कई लोगों को होती है। लेकिन यह सोच और व्यवहार कई मामलों में उचित नहीं होता। पढ़ाई के अलावा बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार विभिन्न कौशल सीखाना आवश्यक है। छोटी उम्र से ही उन्हें वह काम सिखाना चाहिए जो वे स्वयं कर सकें। यदि बच्चों को उनकी उम्र समूह के अनुसार कौशल नहीं सिखाए गए, तो वे अपने समवयस्कों के मुकाबले पीछे रह जाते हैं, जिससे उनकी समुचित वृद्धि और विकास प्रभावित होता है।

१० वर्ष के बच्चों को क्या-क्या जानना चाहिए?

  1. सफाई करने का तरीका: बच्चों को अपने घर और कमरे को कैसे साफ-सुथरा रखना है, यह सिखाना जरूरी है। उन्हें आस-पास की गंदगी को डस्टबिन में डालने की आदत डालनी चाहिए।
  2. घर वापस कैसे पहुंचें: बच्चों को अपने घर का पता जानना चाहिए। खासकर अगर वे आसपास कहीं खो जाएं तो घर कैसे लौटना है, यह जानना आवश्यक है। विशेष रूप से स्कूल से घर लौटने का रास्ता परिचित होना चाहिए।
  3. खुद के लिए खाना बनाने का तरीका: बच्चों को सामान्य खाना पकाने की विधि आनी चाहिए। कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार कुछ घंटों के लिए घर पर अकेले रहना पड़ता है, और अगर अभिभावक तुरंत खाना नहीं दे पाते तो उन्हें खुद से खाना बनाए और खा सकें। खाना गर्म करने और तैयार करने की कला सीखनी चाहिए।
  4. पैसे का प्रबंधन: १० वर्ष के बच्चों को पैसे का आधारभूत प्रबंधन आना चाहिए। अपनी पॉकेट मनी को कैसे बचाएं और अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को समझते हुए खर्च करने की आदत डालनी चाहिए।
  5. अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता: १० वर्ष के बच्चे कुछ निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होने चाहिए। कब होमवर्क करना है, कब खेलना है या अन्य कार्य करना है, ये निर्णय वे खुद कर सकें। मौसम के अनुसार कपड़े पहनने तथा नाश्ता कहां से खरीदना है, इनमें भी वे सक्षम हों।
  6. समय प्रबंधन: बच्चों को अपना समय कैसे प्रबंधित करना है, यह सिखाना चाहिए। सुबह उठने से लेकर पढ़ाई और खेलकूद के लिए समय तालिका बनाना सीखनी चाहिए।
  7. सामाजिक कौशल: बच्चों को सामाजिक कौशल सिखाना जरूरी है ताकि वे नए स्थान पर अजनबियों से परिचय कर सकें और भीड़ में शर्म महसूस न करें। उनकी सामाजिक बातचीत के कौशल का विकास करना चाहिए।
  8. व्यक्तिगत साफ-सफाई का ज्ञान: बच्चों को अपनी व्यक्तिगत सफाई कैसे करें, यह जानना आवश्यक है। १० वर्ष के बच्चे नहाने, साफ-सुथरा खाने और खुद को साफ रखने के तरीके समझें। जूतों की फीता कसने और जूते साफ करने के तरीके भी जानें।
  9. सामान का सदुपयोग करना: बच्चों को पुनः उपयोग और रिसाइक्लिंग का महत्व समझाना चाहिए। पानी बचाने, नए सामान पर अत्यधिक निर्भर नहीं होने और पुराने वस्तुओं का पुनः उपयोग करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
  10. अभिभावकों की सहायता करना: जो महिलाएं/पुरुष जोखिमभरे कामों से बचें, बच्चे उन हल्के कार्यों में संलग्न हों। सफाई, सब्जी छीलना, रसोई के हल्के काम, रोटी बेलना, कपड़े धोना या खेत के काम सीखाकर बच्चों को काम में शामिल करना चाहिए।