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लेखक: space4knews

संघीय मन्त्रालयको संख्या घटाएर १७ वटा बनाउने – Online Khabar

संघीय मन्त्रालयों की संख्या घटाकर १७ की जायेगी


१४ चैत्र, काठमांडू। सरकार संघीय मंत्रालयों की संख्या घटाकर १७ करने की तैयारी कर रहा है।

सरकार द्वारा जारी शासकीय सुधार कार्यक्रम के अनुसार मंत्रालयों की संख्या कम करने की योजना बनाई गई है।

‘मंत्रालयों की संख्या आवश्यकता से अधिक होने के कारण चालू खर्च बढ़ने की समस्या को दूर करने के लिए ३० दिनों के भीतर मंत्रालयों की संख्या घटाने का निर्णय लिया जाएगा और वर्तमान नेपाल सरकार (कार्य विभाजन) नियमावली में संशोधन कर संघीय मंत्रालयों की संख्या १७ निर्धारित की जाएगी,’ यह सरकार की कार्यसूची में उल्लेखित है।

यह कार्यसूची बालेन शाह के नेतृत्व में हुई पहली मंत्रिपरिषद् की बैठक में पारित की गई थी।

इसके अलावा, कार्यसूची में मंत्रालयों की संख्या पुनः समीक्षा के दौरान मौजूदा पदों का भी प्रबंधन किया जाएगा और सेवा प्रदान में बाधा न आए इसके लिए पदोन्नति व्यवस्था की जाएगी।

संघीय निजामती सेवा विधेयक ४५ दिनों में तैयार किया जाएगा, शिक्षक और कर्मचारी होंगे दल-मुक्त


१४ चैत, काठमांडू। बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई प्रशासनिक सुधारों की १०० कार्यसूची में संघीय निजामती सेवा विधेयक को ४५ दिनों के भीतर तैयार करने का उल्लेख है। शनिवार को जारी की गई इस कार्यसूची में कर्मचारी, शिक्षक, प्राध्यापक तथा समस्त राष्ट्रसेवकों को राजनीतिक दलों से मुक्त करने का प्रावधान किया गया है, और इसके लिए ४५ दिनों के भीतर संघीय निजामती सेवा विधेयक तैयार किया जाएगा।

‘सार्वजनिक प्रशासन को पूर्ण रूप से राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर निष्पक्ष, तटस्थ और नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाना,’ कार्यसूची में कहा गया है, ‘इस लक्ष्य के लिए निजामती कर्मचारी, शिक्षक, प्राध्यापक तथा सभी राष्ट्रसेवकों को किसी भी दल, समूह या स्वार्थ केंद्र के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबद्धता रखने से रोका जाएगा और उल्लंघन करने पर लागू कानून के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।’

सार्वजनिक प्रशासन में राजनीतिक ट्रेड यूनियनों को समाप्त कर अवांछित हस्तक्षेप और अनौपचारिक दबावों को हटाकर निर्णय प्रक्रिया और सेवा वितरण को प्रभावी बनाने का विषय भी इसी कार्यसूची में शामिल किया गया है। ‘इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान, विशेष रूप से संघीय निजामती सेवा विधेयक ४५ दिनों में तैयार किया जाएगा,’ उक्त कार्यसूची में उल्लेख है।

विद्यमान भ्रष्टाचार, सुस्ती और सेवाग्रही के प्रति असभ्य व्यवहार जैसी आदतों को सुधारते हुए कर्मचारी तंत्र को अधिक उत्तरदायी, सेवा-केंद्रित, जन-केंद्रित और उदाहरणीय बनाने के लिए कर्मचारी आचार संहिता का सख्त पालन कराने का प्रावधान भी कार्यसूची में सम्मिलित है।

‘साथ ही, कर्मचारियों द्वारा व्यावसायिक मर्यादा बनाए रखते हुए निष्पक्ष, तटस्थ होकर सरकार के निर्णयों के प्रभावी कार्यान्वयन में समर्पित होकर कार्य करने के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया जाएगा,’ कार्यसूची में आगे कहा गया है।

सरकारले सार्वजनिक गर्‍यो शासकीय सुधारका सय कार्यसूची (पूर्णपाठ)

सरकार ने शासकीय सुधार के १०० कार्यसूचियाँ जारी कीं (पूर्णपाठ)


१४ चैत, काठमाडौं। बालेन्द्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली नई सरकार ने शासकीय सुधार के लिए १०० कार्यसूचियाँ जारी की हैं।

कल हुई मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में इन कार्यसूचियों को अनुमोदित करने का निर्णय लिया गया था।

हालांकि, ये कार्यसूचियाँ पहले सार्वजनिक नहीं की गई थीं। शनिवार शाम को इन्हें सार्वजनिक किया गया।

शासकीय सुधार की १०० कार्यसूचियों में क्या-क्या शामिल है?



 

गौरीबहादुर कार्कीलाई नेपाली सेनाको ब्यारेकमा राख्ने विषयमा छलफल, घरमा कडा सुरक्षा व्यवस्था


१४ चैत, काठमाडौं । सुरक्षा जोखिमको मूल्यांकन गर्दै सरकारले जेएनयू आन्दोलनसम्बन्धी प्रकरण अनुसन्धान गर्न गठित छानबिन आयोगका अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्कीलाई नेपाली सेनाको ब्यारेकमा राख्ने तयारी गरिरहेको छ।

कार्की आयोगको सिफारिसका आधारमा शनिबार प्रहरीले पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली र पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखकलाई पक्राउ गरेको थियो। त्यसयता नेकपा एमालेका नेता तथा कार्यकर्ताहरुमा ठूलो आक्रोश फैलिएको छ। दिनभर काठमाडौंको वातावरण तनावपूर्ण रहेको छ।

यही कारणले सुरक्षा जोखिमलाई मध्यनजर गर्दै कार्कीलाई सेनाको ब्यारेकमा राख्ने तयारी भइरहेको स्रोतले जनाएको छ। साथै, उनको भक्तपुरको गुण्डुस्थित निवासमा पनि कडा सुरक्षा व्यवस्था गरिँदै आएको छ।

टाइम्स क्लब की लगातार नौवीं जीत

समाचार सारांश समीक्षा सम्पन्न। टाइम्स बास्केटबॉल क्लब ने एचजेएनबीएल २०२६ में लगातार नौवीं जीत हासिल की है। टाइम्स ने प्लेबक्स एरेनालाई १० मैचों में १९ अंकों के साथ पराजित किया है। नेपाल बास्केटबॉल संघ के आयोजन में आठ टीमों ने प्रतिस्पर्धा की है। १४ चैत, काठमांडू।

हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग (एचजेएनबीएल) २०२६ में टाइम्स बास्केटबॉल क्लब ने लगातार नौवीं जीत दर्ज की है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में शनिवार को हुए मैच में टाइम्स ने प्लेबक्स एरेनालाई ७६-५४ अंकों से हराया। टाइम्स ने पहला क्वार्टर २०-१८ और दूसरा क्वार्टर २०-१० से अपने पक्ष में करते हुए हाफ टाइम तक ४०-२८ की बढ़त बनाए रखी। तीसरे क्वार्टर में टाइम्स ने २०-१३ और चौथे क्वार्टर में १६-१३ की बढ़त बनाए रखकर जीत सुनिश्चित की। टाइम्स ने लगातार नौ मैच जीतकर १० मैचों में १९ अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है। नवाँ हार मिलने के बाद प्लेबक्स के १० मैचों में ११ अंक हो गए हैं।

टाइम्स के मनिष केसी को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया, उन्होंने सर्वाधिक १९ अंक स्कोर किए। वहीं, शुक्रवार रात हुए मैच में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने प्लेबक्स एरेनालाई १०३-७४ से मात दी थी। आर्मी के लिए सिमोन गुरुङ ने सबसे अधिक ३५ अंक बनाये। ९ मैचों में आठवीं जीत दर्ज करने वाला आर्मी १७ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। गुरुङ को मैन ऑफ द मैच नामित किया गया था। नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) के आयोजन में चल रहे इस दूसरे संस्करण के एचजेएनबीएल में ८ टीमें हिस्सा ले रही हैं।

डबल राउंड रॉबिन सिस्टम पर आधारित इस लीग में कुल ५६ मैच होंगे। लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी। प्लेऑफ में लीग में पहले और दूसरे स्थान वाली टीमों के बीच पहला क्वालिफायर मुकाबला होगा, जबकि तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर मैच खेला जाएगा। पहले क्वालिफायर में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर विजेता के बीच दूसरा क्वालिफायर होगा। पहले और दूसरे क्वालिफायर विजेताओं के बीच फाइनल मैच होगा। प्रतियोगिता के विजेता को ४ लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा, उपविजेता को २ लाख और तीसरे स्थान को १ लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (एमवीपी) घोषित किया जाएगा और इसे भी आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, नेबा ने बताया है।

प्रतिशोध कि अनुसन्धानको वैधानिक प्रक्रिया ? – Online Khabar

प्रतिशोध या जांच प्रक्रिया: पूर्वप्रधानमंत्री ओली और गृहमंत्री लेखक की गिरफ्तारी

पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक को २०६२/६३ साल के जनआन्दोलन दमन के प्रकरण की जांच के लिए गिरफ्तार किया गया है। ओली त्रिवि शिक्षण अस्पताल में इलाजाधीन हैं जबकि लेखक को पुलिस के २ नंबर गण में रखा गया है। गिरफ्तारियां होने के खिलाफ UML और कांग्रेस के निकटवर्ती कानूनी पेशेवर सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

१४ चैत, काठमांडू – कार्यकारी अधिकारों के प्रयोग के दौरान हुई घटनाओं की जांच के क्रम में पूर्वप्रधानमंत्री और गृहमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। २०६२/६३ के जनआन्दोलन के दमन में हुई जनहानि के लिए उन्हें जिम्मेदार मानकर जांच के लिए उनकी गिरफ्तारी की गई है।

गिरफ्तारी के बाद ओली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण त्रिवि शिक्षण अस्पताल में भर्ती हैं जबकि लेखक को महाराजगंज स्थित पुलिस के २ नंबर गण में रखा गया है। गिरफ्तारी के विरोध में UML कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए हैं। इस मामले को न्यायालय में ले जाने का फैसला किया गया है। पुलिस उन्हें कल काठमांडू जिला अदालत में पेश करेगी।

गिरफ्तारी के विरोध में UML और कांग्रेस से जुड़े विधिवेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की एक संयुक्त याचिका दायर करने की योजना बनाई जा रही है। वे इस विषय पर चर्चा भी कर रहे हैं।

जांच आयोग की रिपोर्ट के कार्यान्वयन को लेकर कानूनविदों और राजनेताओं के बीच मतभेद दिखाई दे रहे हैं। कुछ इसे स्वाभाविक प्रक्रिया मान रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप दे रहे हैं।

रिपोर्ट के क्रियान्वयन को स्वाभाविक मानने वाले पक्ष में आयोग के अध्यक्ष पूर्वन्यायाधीश कृष्णजंग रायमाझी ने कहा है कि सरकार ने रिपोर्ट लागू करने का निर्णय लेने के बाद जांच आगे बढ़ाना स्वाभाविक था। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने रिपोर्ट लागू कर गिरफ्तारी कर जांच आगे बढ़ाई है। पुलिस जांच के लिए उन्हें लेकर गई है, अदालत से अंतराल विस्तार होगा। फिर पूछताछ होगी।’

राष्ट्रीय स्थायी मानवाधिकार आयोग की पूर्व सदस्य एवं अधिवक्ता मोहना अंसारी ने भी आपराधिक जांच आगे बढ़ाने के लिए शिकायत और रिपोर्ट को आधार मानने की संभावना जताई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों सहित अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की गंभीरता व्यक्त की।

सरकार ने ओली और लेखक की गिरफ्तारी प्रक्रिया को गोपनीय रखा था। मंत्रिपरिषद के निर्णय कार्यान्वयन के दौरान अतिरिक्त निर्णय होने के बाद शनिवार सुबह उनकी गिरफ्तारी हुई।

जेएनएम नेपाल ने भदौ २३ को हुई घटना में शामिल तत्कालीन गृह प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों को भी गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘दमनकारी को बचाने की साजिश कहीं से भी न हो, इसलिए हम सजग हैं।’

कार्रवाई की प्रक्रिया और विधि पर सवाल उठने पर सरकार की कार्रवाई हड़बड़ी भरी नजर आई है। ओली के निकट और कुछ कानूनी पेशेवरों का कहना है कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में प्रक्रियागत त्रुटियां हैं।

पूर्व महान्यायाधिवक्ता रमेश बादल ने त्वरित मुकदमा चलाने और कुछ मामलों के लिए अध्ययन समिति गठित करने के फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया और कहा जांच निष्पक्ष नहीं हो पाएगी।

सरकार के निर्णय के अनुसार सुरक्षाकर्मी के अलावा अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, इसलिए तत्कालीन गृह सचिव गोकर्णमणि दुवाडी और काठमांडू मुख्य जिला अधिकारी छवी रिजाल पर भी जांच होनी आवश्यक थी। गृहमंत्री सुदन गुरुङ ने तत्कालीन मंत्रिपरिषद के सैद्धांतिक निर्णय के आधार पर ओली और लेखक के खिलाफ तुरंत जांच शुरू करने का आदेश दिया था।

संबंधित पत्राचार पुलिस मुख्यालय, उपत्यका पुलिस कार्यालय सहित काठमांडू और भक्तपुर पुलिस परिसर तक पहुंचा था। पुलिस ने अचानक गिरफ्तारी की और मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता ऐन की अनुसूची-९ के अनुसार आवश्यक गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। हालांकि, ऐन की धारा ९(६) के तहत यदि भागने या सबूत नष्ट करने का खतरा न हो तो ही ऐसा वारंट जारी किया जा सकता है, जिससे गैरकानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठता है।

न्याय परिषद के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रसाद श्रेष्ठ ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा सकती है, लेकिन सरकार ने थोड़ा जल्दबाजी दिखाई है। ‘नई सरकार ने थोड़ी जल्दबाजी की है। यदि आवश्यक हो तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जुड़े व्यक्तियों को गिरफ्तार किए बिना भी जांच जारी रखी जा सकती थी,’ उन्होंने कहा।

गिरफ्तारियों के पक्ष और विपक्ष में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन पुलिस को अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने का समय नहीं मिला है।

अब क्या होगा? रविवार को उन्हें अंतराल विस्तार के लिए जिला अदालत में पेश करना होगा। इसके साथ ही दोनों की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की जाएगी। जिला अदालत रविवार को और सुप्रीम कोर्ट सोमवार को प्रारंभिक पूछताछ कर जेल में बाकी अवधि निर्धारित करेगा।

कांग्रेस देउवा समूह का निर्णय- ओली और लेखक की गिरफ्तारी का संवैधानिक एवं राजनीतिक विरोध करेंगे


१४ चैत, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के देउवा समूह ने पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली और पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के मामले को संवैधानिक, कानूनी और राजनीतिक रूप में विरोध करने का निर्णय लिया है।

देउवा पक्ष के शीर्ष नेताओं की बैठक में पार्टी अध्यक्ष ओली और नेता लेखक के विरुद्ध सरकार द्वारा किए गए राजनीतिक प्रतिशोध को संवैधानिक, कानूनी और राजनीतिक रूप से चुनौती देने का निर्णय लिया गया है।

ठमेल के रमादा होटल में शनिवार को हुई बैठक के बाद कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काने एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें उन्होंने आगामी किसी भी परिस्थिति का राजनीतिक रूप से सामना करने के लिए पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं से तैयार रहने की अपील की है।

‘‘सरकार गठन होते ही दुराशयपूर्ण तरीके से हुई इस राजनीतिक प्रतिशोध ने सरकार को संविधान और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता से पीछे हटते हुए दिखाया है,’’ कांग्रेस के लेटरहेड पर जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘नेपाली कांग्रेस इस कार्य का संवैधानिक, कानूनी और राजनीतिक रूप से विरोध करेगी। साथ ही आने वाली किसी भी राजनीतिक परिस्थिति का सामना करने के लिए देश भर के पार्टी सहयोगियों से तैयार रहने की हार्दिक अपील करती है।’’

आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के नाम पर रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या ७२१ की सिफारिश अनुसार ‘‘अनुसन्धान, तहकीकात एवं अभियोजन के लिए नेपाल सरकार को सिफारिश की जानी थी,’’ परन्तु बिना किसी प्रक्रिया पूरा किए तत्कालीन सरकार के पदाधिकारियों को गिरफ्तार करना कानूनी राज्य के विपरीत तथा राजनीतिक रूप से पूर्वाग्रहपूर्ण है, यह तर्क खड्काने दिया।

‘‘आयोग के कार्यादेश के अनुसार भाद्र २३ और २४ तारीख की घटनाओं की जांच होनी चाहिए थी, किन्तु २४ तारीख की घटना से संबंधित मानविय क्षति, सरकारी संरचनाओं को हुए नुकसान, राजनीतिक दल के कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं निजी सम्पत्ति पर हुए नुकसान और संलग्न व्यक्तियों के विषय में पूरी तरह चुप्पी साधना इस रिपोर्ट की पक्षपातपूर्णता को स्पष्ट करता है,’’ उन्होंने कहा।

अमेरिकी संसद में बजट विवाद जारी: ‘होमलैंड सिक्योरिटी’ आंशिक रूप से बंद

१४ चैत्र, काठमांडू। अमेरिकी प्रतिनिधिसभा के रिपब्लिकनों द्वारा संयुक्त सहमति से तैयार किए गए द्विदलीय समझौते के विफल होने के बाद ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ (डीएचएस) का आंशिक शटडाउन बढ़ता जा रहा है। जबकि सीनेट ने आव्रजन निकायों के बजट में कटौती कर अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए बजट खोलने का प्रस्ताव पारित किया है, सभापति माइक जोन्सन ने इस प्रस्ताव को ‘मजाक’ कहते हुए अस्वीकृत कर दिया है। राजनीतिक गतिरोध के कारण अमेरिका भर के हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिसभा ने शुक्रवार रात २१३ के मुकाबले २०३ मतों से अपना नया प्रस्ताव पारित किया है, जो आव्रजन और सीमा सुरक्षा (ICE) के लिए ६० दिनों तक बजट सुनिश्चित करता है। हालांकि, सीनेट के बहुमत नेता चक शुमर ने इस प्रस्ताव को सीनेट में पहुंचते ही ‘मृत’ घोषित कर दिया है। डेमोक्रेट्स ने ICE एजेंटों द्वारा मिनेसोटा में अमेरिकी नागरिक रैनी गुड और एलेक्स प्रेटी की हत्या की घटनाओं के कारण इस एजेंसी के बजट पर कड़ी शर्तें लगाने की मांग की है। वे चाहते हैं कि एजेंट मास्क न पहन सकें, जातीय प्रोफाइलिंग न करें और निजी संपत्ति में प्रवेश के लिए न्यायिक वारंट अनिवार्य हो।

इसी बीच, संसद दो सप्ताह की छुट्टी पर जाने के बाद लगभग ५०,००० TSA एजेंट पिछले डेढ़ महीने से वेतन प्राप्त नहीं कर पाए हैं। ह्यूस्टन हवाई अड्डे के उड़ान संचालन निदेशक जिम स्जेसियाक के अनुसार, वर्तमान में आधे से भी कम सुरक्षा जांच केंद्र सक्रिय हैं। बढ़ते संकट के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश जारी किया है जिससे TSA एजेंटों को आगामी सोमवार से वेतन भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, बजट स्वीकृत करने का संवैधानिक अधिकार केवल संसद के पास है, इसलिए ट्रंप के इस कदम को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

कार्की आयोगको प्रतिवेदन कार्यान्वयन गर्ने कदमबाट द्वन्द्व सिर्जना नहोस् : नेकपा – Online Khabar

कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करते समय संघर्ष न हो: नेकपा


१४ चैत, काठमांडू। नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी ने गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व वाली जांच आयोग की रिपोर्ट लागू करते समय किसी भी प्रकार का संघर्ष उत्पन्न न होने की बात कही है।

पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी बयान में नेकपा ने यह बयान दिया है।

सरकार ने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में भाद्र २३ और २४ को हुई घटनाओं की जांच के लिए गठित कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय शुक्रवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। शनिवार सुबह तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया।

‘इस संदर्भ में हमारी पार्टी सरकार से अनुरोध करती है कि किसी भी कदम को उठाते समय कानूनी शासन, विधिक प्रक्रिया और निष्पक्षता का सम्मान किया जाए तथा राजनीतिक पूर्वाग्रह या संघर्ष उत्पन्न करने से बचा जाए’, नेकपा के बयान में कहा गया है।

इसके साथ ही नेकपा ने फाल्गुन २१ को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव में बहुमत हासिल करने वाले दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के नेता बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

माइतीघर में एमाले के प्रदर्शनकारी एकत्रित (तस्वीरें)

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में माइतीघर में प्रदर्शनकारी इकट्ठे हुए हैं।
  • एमएलई के कार्यकर्ता दोपहर 3 बजे से माइतीघर–बबरमहल क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे हैं।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, फिर भी वे बबरमहल से नए बानेश्वर की ओर बढ़े।

१४ चैत्र, काठमांडू । नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने माइतीघर में प्रदर्शन किया है।

दोपहर 3 बजे से माइतीघर–बबरमहल क्षेत्र में एमाले के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। वे बबरमहल से नए बानेश्वर की ओर बढ़े थे, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोका था।

अब पुनः प्रदर्शनकारी माइतीघर में इकट्ठा हो चुके हैं।

पिछले 23 और 24 भाद्र में जनजीवन विरोधी आंदोलन हुआ था, जिसे दमनित किया गया था।

तब एमाले अध्यक्ष ओली प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता रमेश लेखक गृह मंत्री थे। ओली और लेखक की गिरफ्तारी के बाद, एमाले ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन शुरू किया है।

ओली-लेखक पक्राउबारे कांग्रेसले भन्यो- सरकार संयमित नभए देश द्वन्द्वतर्फ जानसक्छ

ओली-लेखक गिरफ्तारी पर कांग्रेस की चेतावनी: सरकार संयमित न रहने पर देश संघर्ष की ओर जा सकता है


१४ चैत, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस ने सरकार के संयमित न रहने पर देश फिर से द्वंद्व और अस्थिरता की ओर जाने की गंभीर चिंता व्यक्त की है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कांग्रेस प्रवक्ता देवराज चालिसे ने पांच बिंदुओं का प्रस्ताव दिया और सरकार से उत्तेजना में न आने की अपील की।

‘भदौ २३ और २४ की घटनाओं के संबंध में संबंधित व्यक्ति और संस्थाओं की निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से जांच, अभियोजन और सभी कानूनी प्रक्रियाएं आगे बढ़नी चाहिए, ऐसा नेपाली कांग्रेस का स्पष्ट मत है,’ वक्तव्य में कहा गया है, ‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं– भदौ २३ की घटना में शामिल लोग और २४ तारीख की आगजनी एवं विध्वंस में कौन-कौन शामिल थे, यह जनता को जानना आवश्यक है।’

दोनों दिन की घटनाओं में शामिल जो कोई भी हो, उस पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए और पार्टी इसे सहयोग करेगी, यह कांग्रेस की राय है। ‘लेकिन वह कार्रवाई उत्तेजना और आवेग में नहीं, कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार होनी चाहिए,’ वक्तव्य में जोर दिया गया है।

‘सरकार यदि स्वयं संयमित और परिपक्व नहीं रही और जल्दबाजी में निर्णय लिया तो कानूनी शासन कमजोर हो सकता है और देश फिर से द्वंद्व और अस्थिरता की ओर बढ़ सकता है,’ प्रवक्ता चालिसे द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘इस विषय में सरकार को गंभीर होने की जरूरत है, ऐसी नेपाली कांग्रेस की अपील है।’

सिंहदरबार क्षेत्र के ऊपर उच्च सतर्कता, सुरक्षा कर्मियों की बड़ी तैनाती


१४ चैत्र, काठमांडू। नेकपा एमाले के नेता और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कारण काठमांडू के माइतीघर-बानेश्वर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई है। सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस तैनात की गई है।

प्रदर्शन के दौरान सिंहदरबार के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इससे पहले २३ और २४ भदौ को जेनेरिक आंदोलन हुआ था, जिसमें दमन किया गया था।

उस समय एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली प्रधानमंत्री थे और कांग्रेस के नेता रमेश लेखक गृह मंत्री थे। ओली और लेखक की गिरफ्तारी के बाद एमाले ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन शुरू किया है।

ट्रम्प प्रशासन के विरोध में अमेरिका में ‘नो किंग्स’ आंदोलन का प्रदर्शन


१४ चैत, काठमांडू। अमेरिका के सभी ५० राज्यों और विश्व के अन्य १६ देशों में शनिवार को ‘नो किंग्स’ अभियान के तहत लाखों लोग सड़कों पर उतरे।

ट्रम्प प्रशासन की ‘तानाशाही’ शैली और अप्रवास नीति के खिलाफ यह प्रदर्शन अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन होने का आयोजकों ने दावा किया है।

देशभर ३,००० से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं, जिनमें श्रमिक यूनियन, ‘इंडिविज़िबल’ और ‘५०५०१’ जैसे जमीनी स्तर के संगठन भाग ले रहे हैं।

प्रदर्शन का मुख्य केंद्र मिनेपोलिस और सेन्ट पॉल, मिनेसोटा बनाया गया है। यह क्षेत्र हाल ही में अप्रवास एजेंट की कड़ी कार्रवाई और संघीय एजेंटों द्वारा मारे गए नागरिक रेनी गुड और एलेक्स प्रेटी के न्याय के लिए ‘प्रतिरोध का प्रतीक’ बन चुका है।

सेन्ट पॉल की रैली में सीनेटर बर्नी सैंडर्स, प्रसिद्ध अभिनेत्री जेन फोंडा और गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया। बढ़ती महंगाई, गैस की बढ़ती कीमतें और ईरान के साथ ‘गैरकानूनी युद्ध’ के कारण अमेरिकी जनता में तीव्र रोष व्याप्त है।

सुरक्षा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने अहिंसात्मक प्रदर्शन पर जोर दिया है। हालांकि, प्रदर्शन स्थलों पर अप्रवास एजेंट की मौजूदगी और ‘एंटीफ़ा’ का आरोप लगाकर नियंत्रण की संभावना को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने प्रदर्शनकारियों को सावधान रहने की चेतावनी दी है।

ट्रम्प प्रशासन ने पहले ही ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जारी कर रखी है।

बूढानीलकण্ঠ-शिवपुरी खुली ट्रेल रेस में मिलन और सुनसरी ने जीता पहला स्थान

समाचार सारांश

  • मिलन राई और सुनसरी ने बूढ़ानीलकण्ठ-शिवपुरी खुली ट्रेल रेस में पुरुष और महिलाओं की श्रेणी में क्रमशः प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • प्रतियोगिता में 15 किलोमीटर की दूरी पूरी करने में मिलन ने 1 घंटा 35 मिनट 46 सेकंड और सुनसरी ने 1 घंटा 58 मिनट 04 सेकंड का समय लिया।
  • इस दौड़ में कुल 240 खिलाड़ियों ने भाग लिया।

14 चैत, काठमांडू। मिलन राई और सुनसरी रोकाया ने शनिवार को बूढ़ानीलकण्ठ-शिवपुरी खुली ट्रेल रेस में प्रथम स्थान हासिल किया। 15 किलोमीटर की दूरी वाली इस दौड़ में पुरुष वर्ग में मिलन और महिलाओं की वर्ग में सुनसरी ने पहला स्थान प्राप्त किया।

बूढ़ानीलकण्ठ नगरपालिका वार्ड 3 द्वारा आंतरिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ में मिलन ने निर्धारित 15 किलोमीटर की दूरी 1 घंटा 35 मिनट 46 सेकंड में पूरी की। प्रताप थामसुहाङ 1 घंटा 36 मिनट 04 सेकंड में दूसरे और करण रावल 1 घंटा 36 मिनट 46 सेकंड में तीसरे स्थान पर रहे। लोकेन्द्र राई चौथे और विशाल राइ पाँचवें स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में सुनसरी ने 1 घंटा 58 मिनट 04 सेकंड में दूरी पूरी की। राज्यलक्ष्मी रावल दूसरे स्थान पर (2 घंटे 02 मिनट 07 सेकंड) और गीता नेपाली तीसरे स्थान पर (2 घंटे 10 मिनट 22 सेकंड) रही। आश्मा विक चौथे तथा मंजु सुनुवार पाँचवें स्थान पर समाप्त हुईं।

प्रत्येक समूह के शीर्ष तीन विजेताओं को क्रमशः 40 हजार, 25 हजार और 15 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। चौथे और पाँचवें स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को समान रूप से 5-5 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिला।

विजेताओं को वार्ड 3 के अध्यक्ष आकाश धिताल और ओलंपियन धाविका संतोषी श्रेष्ठ ने संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया।

प्रतियोगिता संयोजक और वार्ड 3 के सदस्य विकास तामांग के अनुसार, इस दौड़ में कुल 240 खिलाड़ियों ने भाग लिया।

दौड़ बूढ़ानीलकण्ठ मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न स्थानों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त हुई।

धनगढीमा पनि ओली–लेखकको रिहा माग्दै प्रदर्शन – Online Khabar

धनगढी में ओली–लेखक की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन


१४ चैत, धनगढी। पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्वगृहमंत्री रमेश लेखक को रिहा करने की मांग को लेकर धनगढी में प्रदर्शन किया गया है। नेकपा एमाले के केन्द्रीय सर्कुलर के अनुसार, जिले के सक्रिय २३ जन संगठनांनी संयुक्त रूप से शनिवार दोपहर धनगढी में यह प्रदर्शन किया।

एमाले के पार्टी कार्यालय से जिला प्रशासन कार्यालय के मुख्य गेट तक हाथ में विभिन्न नारे लिखे हुए प्लेकार्ड लेकर और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने ओली और रमेश लेखक को तत्काल रिहा करने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन कार्यालय के सामने सड़क पर आयोजित कोण सभा में अनेरास्ववियु कैलाली के अध्यक्ष कुबेर खड्का, किसान महासंघ सुदूरपश्चिम के नेता मदन रेग्मी और भूमिहीन सुकुम्बासी संगठन के केन्द्रीय उपमहासचिव लोकेन्द्र सिंह ने संबोधन किया।

उन्होंने ओली और लेखक के खिलाफ बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार पर प्रतिशोध नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए तत्काल रिहाई की मांग की और यदि उन्हें रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी।