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लेखक: space4knews

बैंक के सीईओ को गैरकानूनी गिरफ्तार, धरोहर नीलामी में जनता की बचत पर खतरा

नेपाल पुलिस ने बैंक तथा वित्तीय संस्था संबंधित कानून के तहत स्मार्ट टेलिकम के ऋण वसूली के लिए धरोहर नीलामी करते हुए नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक (एनआईएमबी) के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्योतिप्रकाश पाण्डे को गिरफ्तार किया है। स्मार्ट टेलिकम का लाइसेंस रद्द होने के बावजूद स्वदेशी निवेश के कारण संपत्ति सरकार के स्वामित्व में नहीं आएगी और बैंक को धरोहर नीलामी कर ऋण वसूलने की कानूनी अनुमति है। नेपाल राष्ट्र बैंक और बैंकर्स संघ ने बताया है कि बैंक को कर्ज वसूली के लिए धरोहर नीलामी करने का अधिकार है, और कोई गैरकानूनी गतिविधि होने पर जांच होनी चाहिए। ३० वैशाख, काठमांडू।

नेपाल पुलिस द्वारा बैंक तथा वित्तीय संस्था संबंधी कानून और सुरक्षित कारोबार कानून के तहत धरोहर नीलामी के दौरान एनआईएमबी के सीईओ ज्योतिप्रकाश पाण्डे को गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्मार्ट टेलिकम प्रालि लंबे समय से ऋण नहीं चुका पाने के कारण एनआईएमबी ने कंपनी के टावर एवं उपकरणों को नीलामी कर ४ अरब ६० करोड़ रुपये का ऋण वसूला था। लेकिन नीलामी के बाद टेलिकम कंपनी का लाइसेंस रद्द होने के बाद संपत्ति सरकार के स्वामित्व में आने के संबंध में कानूनी प्रावधानों के आधार पर बैंक द्वारा धरोहर नीलामी कर ऋण वसूली में सीईओ की गिरफ्तारी दोनों गैरकानूनी प्रतीत होती है।

स्मार्ट टेलिकम को ग्रामीण दूरसंचार का लाइसेंस प्रारंभ में मिला था और २ वैशाख २०७० को १० वर्ष के लिए आधारभूत टेलीफोन सेवा संचालन का लाइसेंस प्राप्त हुआ था। लेकिन समय पर सरकार को रॉयल्टी न देने के कारण २ वैशाख २०८० को लाइसेंस स्वतः रद्द हो गया था। वर्तमान में एनआईएमबी ने स्मार्ट टेलिकम के टावर और उपकरण नीलामी कर ऋण वसूली के आरोप में सीआईबी ने बैंक के सीईओ पाण्डे को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद स्मार्ट टेलिकम की संपत्ति नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के नियंत्रण में आ जाएगी और सरकारी संपत्ति की नीलामी गैरकानूनी है।

हालांकि यह दावा सत्य नहीं है। दूरसंचार अधिनियम २०७३ के अनुसार लाइसेंस रद्द होने पर निजी कंपनी की संपत्ति सरकार के नियंत्रण में नहीं आती, यह सरकार की गलत व्याख्या है। दूरसंचार अधिनियम २०५३ की धारा ३३ के अनुसार, जिन कंपनियों में विदेशी निवेश ५० प्रतिशत से अधिक है, उनकी लाइसेंस अवधि समाप्त होने पर जमीन, भवन और उपकरणों का स्वामित्व सरकारी होता है। इसलिए ५० प्रतिशत से कम विदेशी निवेश या स्वदेशी निवेश वाली कंपनियों का लाइसेंस समाप्त होने पर भी संपत्ति सरकार की नहीं होती। स्मार्ट टेलिकम स्वदेशी निवेश वाली कंपनी है, इसलिए इसकी संपत्ति सरकार के स्वामित्व में नहीं आएगी, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. गांधी पंडित ने बताया।

सरकार ने अनुमतिपत्र रद्द किए गए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की संपत्ति प्रबंधन नियमावली २०७९ जारी की है, जिसका नियम १८ के अनुसार ये कंपनियों की संपत्ति और पूर्वाधार नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के नियंत्रण में आ सकते हैं। लेकिन यह नियमावली दूरसंचार अधिनियम से मेल नहीं खाती और असंवैधानिक है, डॉ. पंडित का कहना है। उन्होंने कहा, ‘संसद द्वारा बनाए गए कानून को सरकार द्वारा बनाए गए नियमावली से बदला नहीं जा सकता, यह नियमावली का वह हिस्सा गैरकानूनी है।’

इसलिए सीईओ पाण्डे की गिरफ्तारी कानूनी आधारहीन है। डॉ. पंडित के अनुसार बैंक को ऐसी संपत्ति को नीलामी कर ऋण वसूलने का कानूनी अधिकार है। बैंक तथा वित्तीय संस्था संबंधी कानून २०६३ की धारा ५७ के मुताबिक कर्ज न लौटाने पर धरोहर को नीलामी कर ऋण वसूल सकते हैं। सुरक्षित कारोबार कानून २०६३ की धाराएँ २८ और ४६ भी बैंक को धरोहर बिक्री कर ऋण वसूलने का अधिकार देती हैं। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरुप्रसाद पौडेल ने भी कहा है कि बैंक को ऋण न लौटे तो धरोहर नीलामी करने का अधिकार है।

पौडेल ने कहा, ‘हाल नेपाल पुलिस द्वारा की जा रही जांच के विषय में हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन बैंक तथा वित्तीय संस्था संबंधी कानून की धारा ५७ ऋण न लौटे तो धरोहर नीलामी कर वसूली का अधिकार देती है।’ उन्होंने आगे कहा कि बैंक द्वारा दिया गया कर्ज जनता की जमा पूंजी से आता है, इसलिए धरोहर नीलामी कर ऋण वसूलना बैंक का प्रमुख अधिकार है।

यदि कोई अन्य गैरकानूनी गतिविधि होती है तो राज्य जांच कर सकता है और सभी को सहयोग करना चाहिए, उन्होंने बताया। नेपाल बैंकर्स संघ के अध्यक्ष संतोष कोइराला ने भी कहा कि बैंक को ऋण वसूलने की अनुमति मिलने पर सीईओ की गिरफ्तारी सही नहीं है। उनका कहना है, ‘बैंक का पहला अधिकार है कर्ज से जुड़ी संपत्ति को नीलाम करके ऋण वसूलना, कर्ज वसूली न होने पर बैंकिंग व्यवस्था संकट में आ सकती है।’

पुलिस का दावा है कि संपत्ति राज्य के नाम होने पर भी बैंक के पास इसे नीलामी करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘यदि राज्य संपत्ति का दावे करता है तो उस पर मौजूद ऋण की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।’ दूरसंचार प्राधिकरण ने स्मार्ट टेलिकम के ऋण पर दावा करते समय ऋण दायित्व का ध्यान रखना आवश्यक बताया है। कंपनी ने लाइसेंस रद्द होने से पहले ही ऋण लेकर निवेश की गई धरोहर संपत्ति को बैंक वसूल सकता है। बैंक तथा वित्तीय संस्था कानून और सुरक्षित कारोबार कानून दोनों बैंक को ऋण वसूली में प्राथमिकता का अधिकार देते हैं। यदि सरकार ने कंपनी को सटहीकरण संबंधी कानून से खत्म किया होता तो पहले बकाया वसूल करती, लेकिन वर्तमान स्थिति में सरकार की कार्रवाई गैरकानूनी है।

बैंक द्वारा ऋण दिए गए पैसों से बने संपत्ति को नीलामी करने की अनुमति न मिलने से पूरे बैंकिंग तंत्र पर संकट आ सकता है, डॉ. पंडित ने कहा। उन्होंने कहा, ‘सरकारी साल्ट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ने नमक आयात के लिए बैंक से एलसी खोला है, यदि वह ऋण न चुकाए तो बैंक का नीलामी करना स्वाभाविक है।’ एनआईएमबी ने स्पष्ट किया है कि उसने स्मार्ट टेलिकम का लाइसेंस या जमीन नहीं बेची, केवल ऋण जुर्माने के भुगतान के लिए खरीदे गए उपकरणों को बेचा है।

बैंक ने बताया, ‘सुरक्षित कारोबार कानून २०६३ के तहत आईपीआर में दर्ज हाइपोथिकेटेड संपत्ति को ही नीलामी किया गया है, अन्य संपत्ति नहीं बेची गई।’ बैंक ने बैंक तथा वित्तीय संस्था संबंधी कानून २०७३ के तहत ३५ दिन की सूचना के साथ नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी और कोई निकाय ने विरोध नहीं किया। नेपाल राष्ट्र बैंक ने वित्तीय वर्ष २०७९/८० में इस विषय पर मार्गदर्शन दिया था। एनआईएमबी ने ३ असोज २०८२ को नीलामी सूचना जारी कर नीलामी होने वाली सामग्री एवं जमीन के संबंध में स्मार्टसेल को बकाया राशि देने को कहा था, लेकिन मकान मालिकों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है, इस संबंध में सीआईबी जांच कर रहा है। बैंक ने मकान मालिकों से ३८ करोड़ रुपये रोककर रखे हैं। सीआईबी प्रवक्ता शिवकुमार श्रेष्ठ ने कहा, ‘‘संपत्ति राज्य के नाम होने का दावा होने के बावजूद नीलामी के विरुद्ध और धोखाधड़ी तथा विश्वासघात की जांच चल रही है।”

डोटी के चनुकाँडा में आंधी और ओलावृष्टि से गंभीर नुकसान

३० वैशाख, डोटी। डोटी के बोगटान फुड्सिल गाउँपालिका–७ चनुकाँडा में बुधवार रात साढ़े बजे चली आंधी और ओलावृष्टि ने भारी भौतिक क्षति पहुंचाई है। इस घटना से एक विद्यालय भवन और दर्जनों घरों को व्यापक नुकसान हुआ है। स्थानीय चनुकाँडा आधारभूत विद्यालय के दो भवनों की छत आंधी से उड़ गई, यह जानकारी विद्यालय व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष नरेश बम ने दी।
उनके अनुसार, उक्त विद्यालय के प्रशासनिक कक्ष एवं कंप्यूटर कक्ष वाले भवन की छत उड़ गई है। ‘प्रशासनिक भवन की छत उड़ने से वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुँचा है और कई पुस्तकें भी नष्ट हो गई हैं,’ अध्यक्ष बम ने बताया। उन्होंने आगे कहा, ‘कंप्यूटर रूम के कंप्यूटर, प्रिंटर और फर्नीचर को भी भारी क्षति हुई है।’ विद्यालय की छतें सैकड़ों मीटर दूर तक उड़ गईं, वे बताते हैं।
उनका कहना है कि आसपास के कई घरों की छतें भी उड़ गई हैं। ‘टिन की छप्पर वाली छतें लगभग सभी उड़ चुकी हैं। खर-पत्थर से बने छप्पर भी उड़ गए हैं। छतें उड़ने के बाद आई ओलावृष्टि ने और अधिक भारी नुकसान पहुंचाया है,’ उन्होंने बताया। अभी रात का समय होने के कारण क्षति का सटीक आंकलन नहीं हो पाया है, अध्यक्ष बम ने बताया। ‘भौतिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक किसी मानवीय हानि की सूचना नहीं मिली है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।

फिलिपींस के सीनेट भवन में गोलीबारी

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा मानवता के खिलाफ अपराध के मामलों में वांछित एक सीनेटर को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस और समुद्री सैनिकों की उपस्थिति के दौरान फिलिपींस के सीनेट भवन में एक दर्जन से अधिक गोलीबारी हुई है। अल जजीरा के अनुसार बुधवार शाम, राइफल और सुरक्षात्मक वेशभूषा में सशस्त्र सैनिकों के संसद भवन की सीढ़ियां चढ़ने के तुरंत बाद गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे पत्रकार सुरक्षित जगहों की ओर भाग गए। लगभग 15 राउंड गोली चले, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोली किसने चलाई।

फिलिपींस के सीनेटर रोनाल्ड डेला रोज़ ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए लोगों से संसद भवन में आकर उन्हें हिरासत में लेने से रोकने का आग्रह किया। बुधवार को फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, ‘मैं आप सभी से अपील करता हूँ। कृपया मेरी मदद करें। किसी अन्य फिलिपीनो नागरिक को हेग न भेजें।’ डेला रोज़ के इस सन्देश के बाद फिलिपींस के कानून प्रवर्तन अधिकारी संसद भवन के बाहर इकट्ठा होने लगे।

पूर्व पुलिस प्रमुख डेला रोज़, पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के प्रसिद्ध ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान के मुख्य प्रमुख कार्यान्वयनकर्ता रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर से कहा था कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए और वे देश में न्याय का सामना करने के लिए तैयार हैं। गिरफ्तारी के भय से अपने संसदीय कार्यालय में मौजूद डेला रोज़ ने कहा कि उन्होंने देश की सेवा निष्ठा से की है। ICC ने सोमवार को डेला रोज़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जो नवंबर में जारी किया गया था। उन पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप है। इसी आरोप में 81 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते भी पिछले वर्ष गिरफ्तारी के बाद फिलहाल हेग में मामले का सामना कर रहे हैं।

श्रम संस्कृति पार्टीमा सुदनका तर्फबाट प्रकाश उपाध्यक्ष, टीकाराम सचिव

श्रम संस्कृति पार्टी में सुदन किराती समूह से प्रकाश उपाध्यक्ष और टीकाराम सचिव नियुक्त

३० वैशाख, काठमांडू। श्रम संस्कृति पार्टी में पूर्व मंत्री सुदन किराती के नेतृत्व वाले समूह को तीन पदाधिकारी पद प्राप्त हुए हैं। पार्टी में शामिल होने के दौरान किराती को वरिष्ठ नेता के रूप में नामित करने पर सहमति बनी थी। इसके अनुसार, किराती समूह से प्रकाश विकल्प उपाध्यक्ष और टीकाराम राई सचिव के पदों पर नियुक्त किए गए हैं।

इसी प्रकार, अन्य १५ केंद्रीय सदस्य भी चयनित हुए हैं। केंद्रीय सदस्यों में बी श्रेष्ठ (भक्तपुर), दीपेन्द्र वान्तवा (संखुवासभा), पुरञ्जन राई (काठमांडू), लालध्वज नेम्वांग (पांचथर), हेमन्त राई (भोजपुर), जनक गिरी (उदयपुर), सालिक राई (धरान), डॉ. संगम खैजु (भक्तपुर), कनकाइष्ट राई (खोटांग), सरिता राई (ललितपुर), राकेश किरांती (उदयपुर), अमित राई (ललितपुर), साराधा भट्टराई (ओखलढुंगा) और प्रमिला राई (खोटांग) शामिल हैं।

संविधान संशोधन कार्यदल ने जेनजी नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किया

३० वैशाख, काठमाडौं। संविधान संशोधन के लिए बहस पत्र तैयार करने हेतु गठित कार्यदल ने जेनजी आंदोलन के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार असीम शाह के नेतृत्व में काम कर रहे इस कार्यदल ने शुक्रवार को दो अलग-अलग पत्रों के माध्यम से २९ जेनजी आंदोलन के नेताओं को चर्चा में भाग लेने के लिए अनुरोध किया है। पत्र में दोपहर ३ बजे से ५ बजे तक चर्चा करने का समय निर्धारित किया गया है।

इस प्रक्रिया में प्रत्येक वक्ता को ३ मिनट बोलने का समय दिया गया है। चर्चा में शामिल होने के लिए बुलाए गए जेनजी प्रतिनिधियों में रक्षा बम, उपार्जुन चाम्लिंग, तनुजा पांडे, माजिद अन्सारी, अर्णव चौधरी, रिजन रानामगर, अमृता वन, युजन राजभण्डारी, प्रभाष बस्नेत, पेमा वांगबु, टंक जैसे, यादव अर्याल, यतिश ओझा, जनक पोखरेल, आयुष बस्याल, सुदीप सेठ, अरुणसिंह नेपाली, विप्लव न्यौपाने, सांकेन राई और मोनिका निरौला शामिल हैं। दूसरे पत्र के माध्यम से लक्ष्मी घिमिरे, मोनिषा चौधरी, प्रज्वल विक्रम राणा, अमित खनाल ऊर्जा, प्रभात लाभ, शरिष्मा थापा, प्रवेश दाहाल, कमल मगर और रुकसाना कपाली को भी चर्चा के लिए बुलाया गया है।

पुष्पप्रसाद सिटौला नेपाल यातायात व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष निर्वाचित

३० वैशाख, पोखरा। नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रिय महासंघ के अध्यक्ष के रूप में पुष्पप्रसाद सिटौला निर्वाचित रहे हैं। उन्होंने ९०३ मत हासिल करके जीत हासिल की। सिटौला के निकटतम प्रतिद्वंदी हरिशरण केसी को ४६४ मत मिले, जिससे दोनों के बीच ४३९ मतों का अंतर रहा। अध्यक्ष पद पर निर्वाचित सिटौला इससे पहले वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।

निर्वाचन समिति द्वारा प्रकाशित मत परिणाम के अनुसार वरिष्ठ उपाध्यक्ष के तीन पदों पर ५८९ मतों के साथ सानुकाजी प्रजापति, ५८४ मतों के साथ एनकुमार साई, और ५७१ मतों के साथ केदारप्रसाद पौडेल निर्वाचित हुए हैं। उपाध्यक्ष के सात पदों पर चन्द्र ओझा, आत्माराम शर्मा, टेकराज पन्त, कमलराज मित्र, कान्छामान बल, जितबहादुर भारती, और रामप्रसाद सुवेदी चुने गए हैं। मालवाहक उपाध्यक्ष के पद पर यादवलाल श्रेष्ठ ७६ मतों के साथ विजयी हुए हैं।

महासचिव पद के लिए धनञ्जय गौतम ६९८ मतों के साथ निर्वाचित हुए हैं। उपमहासचिव के तीन पदों पर देवेन्द्र श्रेष्ठ, भानुभक्त बराल, एवं प्रदीपसिंह खड्का चुने गए हैं। सचिव के तीन पदों पर उमेश केसी, चेतप्रसाद गौतम ‘अर्जुन’, और टंकप्रसाद ज्ञवाली निर्वाचित हुए हैं। कोषाध्यक्ष पद पर राजेश आचार्य ५९६ मतों के साथ विजयी रहे। निर्वाचित अध्यक्ष सिटौला ने सार्वजनिक यातायात क्षेत्र के सुधार के लिए नीति स्तर पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने सार्वजनिक यातायात में जीपीएस और ई-टिकटिंग व्यवस्था लागू करने का भी संकल्प व्यक्त किया है।

रिफर्म यूकेको वृद्धि से ब्रिटिश राजनीति में अस्थिरता की बढ़ोतरी

ब्रिटेन की सत्ता में सत्ता में चर्चित लेबर पार्टी के चार मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, जबकि ८७ सांसदों ने प्रधानमंत्री सर किअर स्टारमर को पद छोड़ने का दबाव बनाया है। हाल ही में सम्पन्न स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी ने भारी नुकसान झेला है, वहीं दक्षिणपंथी रिफर्म यूके पार्टी ने अप्रत्याशित सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री स्टारमर ने पद पर बने रहने का वादा किया है और ११२ लेबर सांसदों ने उनका समर्थन किया है। ३० वैशाख, लंदन।

ब्रिटिश राजनीतिक माहौल वर्तमान में अत्यंत अस्थिरता की स्थिति में पहुंच गया है। दो वर्ष पहले भारी बहुमत के साथ सत्ता संभालने वाले लेबर नेता सर किअर स्टारमर पर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है, जबकि चार मंत्रियों ने पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकार में शामिल ४०३ सांसदों में से ८७ ने तत्काल इस्तीफा देने या इस्तीफे का समय निर्धारित करने का आग्रह किया है। मंगलवार को जेएस फिलिप्स, मियाट्टा फाह्नबुलेह, एलेक्स डेविस-जोन्स और जुबिर अहमद ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया।

फिलिप्स ने कहा कि वर्तमान नेतृत्व में सचिवीय पद पर सेवा देना संभव नहीं है और उन्होंने स्टारमर से इस्तीफा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “प्रगति के अवसरों को रुकते और विलंब होते देखकर मैं थक चुकी हूं।” राजा चार्ल्स तृतीय के अगली संसदीय सत्र की शुरुआत कर सरकार की योजनाओं का परिचय देने से ठीक पहले यह राजनीतिक परिदृश्य सामने आया है। पिछले सप्ताह (७ मई) इंग्लैंड के स्थानीय शासन और स्कॉटलैंड व वेल्स के राष्ट्रीय संसद चुनावों में लेबर पार्टी को भारी क्षति उठानी पड़ी, जिसके बाद पार्टी में असंतोष व्यापक रूप से बढ़ गया है।

नेपाल में पहली बार फ्लाइंग डिस्क प्रतियोगिता का आयोजन, जानिए कैसे खेला जाता है?

फ्लाइंग डिस्क एक ऐसा खेल है जिसमें डिस्क को हवा में उछालकर खेला जाता है। सामान्यतया फ्लाइंग डिस्क की मुख्यत: चार प्रकार की इवेंट होती हैं। इनमें से सबसे लोकप्रिय है, अल्टिमेट फ्रिस्बी।

३० वैशाख, काठमांडू। नेपाल में पहली बार फ्लाइंग डिस्क प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। नेपाल फ्लाइंग डिस्क महासंघ के आयोजन में जेठ ८ और ९ तारीख को फ्लाइंग डिस्क के अंतर्गत ‘हिमालय स्प्रिट कप’ अल्टिमेट फ्रिस्बी प्रतियोगिता होने वाली है।

कपन हैंडबल ग्राउंड में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में पांच टीमें भाग लेंगी, इसकी पुष्टि महासंघ के महासचिव संतोष खड़का ने की है। उनके अनुसार, महासंघ में पंजीकृत ५० खिलाड़ियों में से चार टीमें चुनी जाएंगी।

होप फाउंडेशन से एक टीम भाग लेगी, जबकि ब्रिटिश स्कूल से भी भागीदारी पर बातचीत जारी है, महासचिव खड़का ने बताया।

जेठ ८ को लीग चरण के मैच होंगे और ९ को फाइनल मुकाबला। आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि यह प्रतियोगिता नई खेल संस्कृति की शुरुआत करेगा। विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। महासचिव खड़का ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिता हर साल निरंतर रूप से आयोजित की जाएगी।

महासचिव खड़का के अनुसार नेपाल फ्लाइंग डिस्क महासंघ अक्टूबर में विश्व फ्लाइंग डिस्क महासंघ में पंजीकृत हुआ था।

चार प्रांतों और २० जिलों में समितियों का विस्तार करने की आवश्यकता के कारण राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) में अभी पंजीकरण नहीं हो सका है। लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी।

फ्लाइंग डिस्क कैसे खेला जाता है?

फ्लाइंग डिस्क में डिस्क को हवा में उछालकर खेला जाता है। सामान्यतया इसके चार प्रमुख प्रकार के इवेंट होते हैं, जिनमें से अल्टिमेट फ्रिस्बी सबसे लोकप्रिय है। इस इवेंट में एक टीम में ७ खिलाड़ी होते हैं और दो टीमों के बीच डिस्क पास करके विपक्षी के ‘इन जोन’ में पहुंचाने पर अंक मिलते हैं। मैदान के दोनों ओर ‘इन जोन’ होते हैं।

नेपाल फ्लाइंग डिस्क महासंघ द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता也是 इसी इवेंट पर आधारित है। महासचिव खड़का के अनुसार, मैदान छोटा होने के कारण एक टीम में पाँच खिलाड़ी होंगे। दोनों टीमों के बीच १०० मिनट में दो हाफ में मैच खेला जाएगा। इस अवधि में जो भी टीम विपक्षी के ‘इन जोन’ में डिस्क पहुंचाएगी, वही विजेता होगी।

डिस्क गोल्फ फ्लाइंग डिस्क का एक और इवेंट है जो गोल्फ की तरह होता है, लेकिन इसमें क्लब और गेंद की जगह डिस्क का इस्तेमाल होता है। डिस्क को बास्केट में डालना होता है। इसे व्यक्तिगत और समूह दोनों रूपों में खेला जा सकता है। जो खिलाड़ी सबसे अधिक बार सफलतापूर्वक डिस्क डालता है, वही विजेता माना जाता है।

गट्स इवेंट में एक टीम डिस्क फेंकती है और दूसरी टीम उसे एक हाथ से पकड़ने की कोशिश करती है। पकड़ने में असफल रहने वाली टीम को अंक दिया जाता है। यदि डिस्क सीमा से बाहर चली जाती है, तो अंक नहीं मिलता। इस इवेंट में प्रतियोगिता के अनुसार अंक या समय सीमा निर्धारित होती है।

फ्लाइंग डिस्क का एक अन्य इवेंट फ्रिस्टाइल फ्रिस्बी है जिसमें एकल या दो खिलाड़ियों की टीम होती है। इस इवेंट में डिस्क का उपयोग करते हुए विभिन्न ट्रिक्स, कंट्रोल और स्पिन प्रदर्शित किए जाते हैं। इसी आधार पर परिणाम तय किए जाते हैं। निर्धारित समय में जो टीम सबसे अधिक अंक प्राप्त करती है, वह विजयी होती है।

निर्माण व्यवसायी उठाएर पीएकहाँ बुझाउनू – Online Khabar

निर्माण व्यवसायियों को जबरन उठाकर शहरी विकास मंत्रालय में प्रस्तुत करने का निर्णय

समाचार सारांश

  • लामा कंस्ट्रक्शन के प्रबंध संचालक पिताम्बर बडु को टेंडर अनियमितता के कारण पुलिस ने शहरी विकास मंत्रालय के आदेश पर गिरफ्तार कर मंत्रालय में प्रस्तुत किया है।
  • निर्माण व्यवसायी डिजेल की कीमत वृद्धि, बिटुमिन की कमी और स्थानीय निर्माण सामग्री की उपलब्धता में रुकावट के कारण सड़क निर्माण प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं।
  • नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ ने मूल्य वृद्धि और समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन पत्र देकर सड़क व ऊर्जा विभाग में धरना देने का निर्णय लिया है।

३० वैशाख, काठमांडू। लामा कंस्ट्रक्शन के प्रबंध संचालक पिताम्बर बडु सोमवार सुबह करीब 9 बजे अस्पताल जाने के लिए पुत्र के साथ घर से निकले। माछापोकरी के पास पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी। पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए आईडी कार्ड दिखाए और कहा कि उन्हें अपनी गाड़ी में बैठना होगा।

हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि किस मामले में और किस कारण से बडु को गिरफ्तार किया जा रहा है। बडु ने स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वे बीमार हैं और अस्पताल जाना है, इसलिए बेटे को भी साथ ले जाने की अनुमति देने का आग्रह किया।

पुलिस ने सौहार्दपूर्ण तरीके से अनुमति दी, लेकिन गाड़ी में पुलिसकर्मियों को बैठाने पर अड़ गए। इसके बाद उन्हें टेकु स्थित अपराध अनुसन्धान कार्यालय ले जाया गया और वहां से ही गिरफ्तारी का आदेश दिया गया। बताया गया कि यह गिरफ्तारी शहरी विकास मंत्रालय के आदेश पर टेंडर अनियमितताओं की जांच के लिए की गई है।

बडु ने पूछा, ‘कौन सा टेंडर और क्यों गिरफ्तार कर रहे हैं?’ पुलिस ने कहा, ‘हमने गिरफ्तारी नहीं की, यह शहरी विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार आपको मंत्रालय में पेश करना है।’

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें मंत्रालय के मंत्री सुनील लम्साल के सचिवालय में पहुंचाया। सचिवालय ने कहा कि उन्हें सांगा–धुलिखेल सड़क परियोजना के संबंध में मंत्रालय में बुलाया गया है।

यह खबर जल्दी ही मीडिया में फैल गई। बडु का कहना है, ‘मंत्री से सिर्फ एक बार कॉल आता तो मैं तुरन्त मंत्रालय पहुंच जाता। यह मेरी पहली बार अपराध अनुसन्धान कार्यालय आने की स्थिति है। ६८ वर्षों तक ईमानदारी से काम करने के दौरान ऐसी अपमानजनक घटना हुई।’

सचिवालय ने सड़क विभाग के महानिर्देशक और इंजीनियरों को भी बुलाकर परियोजना की प्रगति और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ७० प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, बिजली पोल हटाने में देरी के कारण सड़क विस्तार में बाधा आई है, और महंगाई व बिटुमिन की कमी से काम धीमा हुआ है। धुलिखेल में विवाद के कारण सरकारी कामों में रुकावट आई है।

शासन के साथ बातचीत के बाद बडु को वापस जाने की अनुमति दी गई।

‘मैं मंत्री या सचिव से नहीं मिला, सचिवालय ने केवल मेरा बयान लेकर छोड़ दिया,’ बडु ने कहा, ‘मैं इस देश के निर्माण में हमेशा ईमानदारी से काम करता रहा हूं। इस तरीके से मीडिया में प्रचार कर अपमानित किया गया। अब मैं और परियोजनाएं लेने का इच्छुक नहीं हूं।’

इसी तरह पुराने निर्माण व्यवसायी रमेश शर्मा का भी ऐसा ही अनुभव है। बिटुमिन और स्थानीय निर्माण सामग्री की कमी तथा कीमत वृद्धि की वजह से मुग्लिन–नागढुंगा सड़क निर्माण रुका हुआ है।

शर्मा एंड कंपनी के कार्यकारी निदेशक रमेश शर्मा को भी पुलिस इसी प्रकार से गिरफ्तार कर शहरी विकास मंत्रालय में ले गई।

उनके अनुसार सड़क विभाग के महानिर्देशक विजय जैसी ने सोमवार सुबह १०:३० बजे मंत्रालय में बैठक के लिए बुलाया था। बैठक स्थगित होने की सूचना मिलने पर कार्यालय में थे जब पुलिस आई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया।

जब उन्होंने पूछा कि किस आधार पर गिरफ्तारी कर रहे हैं और गिरफ्तारी आदेश कहा है, पुलिस ने बताया कि वे भौतिक पूर्वाधार मंत्री सुनील लम्साल के निर्देश पर आए हैं। इसके बाद वे पुलिस के साथ अपनी गाड़ी में मंत्रालय पहुंचे।

बार-बार मीटिंग में न आने पर मंत्री लम्साल के निर्देशानुसार उन्हें लाना पड़ा।

शर्मा ने बताया, ‘मैं मंत्रालय के बुलावे पर हमेशा जाता हूं। मंत्री हो या आयोजन के कर्मचारी बोलाएं, जाता हूं। फोन भी नहीं उठाया नहीं है।’

मंत्रालय में पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें मंत्री लम्साल के सचिवालय में सौंपा और फिर लौट गई।

उन्होंने समस्याओं पर भी जोर दिया, ‘रास्वपाक सांसद आशिका तामांग के कारण स्थानीय स्तर ने गिट्टीढुंगा निकासी बंद कर दिया है। भारत ने बिटुमिन के निर्यात पर रोक लगा दी है। हम रोजाना २० हजार लीटर डिजेल मांगते हैं, आयल निगम केवल ४ हजार लीटर देता है। सरकार अगर इन समस्याओं का समाधान करे तो हम समय पर काम करने को तैयार हैं। पर बार-बार समस्या नहीं सुलझाने के बावजूद अचानक गिरफ्तारी की गई।’

निर्माण सामग्री के मूल्य वृद्धि की स्थिति में १० प्रतिशत लागत निर्माण व्यवसायी को वहन करनी होती है और बाकी सरकार, जो सार्वजनिक खरीद अधिनियम की धारा ५३ में स्पष्ट है। पर डिजेल की कीमत १०० रुपये से ऊपर होने पर सरकार ने कोई मुआवजा देने का निर्णय नहीं लिया है।

‘इतने वर्षों तक निर्माण क्षेत्र में काम किया, कई परियोजनाएं समय से पहले पूर्ण कीं। ईमानदारी से काम कर रहा हूं, लेकिन सरकार ने अपराधी जैसा व्यवहार किया,’ शर्मा कहते हैं, ‘अब सोच रहा हूं कि निर्माण व्यवसाय जारी रखना है या नहीं।’

लेकिन निजी क्षेत्र ने सरकार पर प्रतिष्ठित निर्माण व्यवसायियों को अपहरण जैसी कार्रवाई कर डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के महासचिव शिवहरी घिमिरे ने बताया कि दो स्थापित व्यवसायियों को अपहरण जैसी कार्रवाई की गई और ३० से अधिक व्यवसायियों को सिंहदरबार में बुलाकर बयान लिए जा रहे हैं।

‘निर्माण व्यवसायियों ने काम प्रभावित करने वाले आंतरिक और बाहरी कारण भी बताए हैं, लेकिन जिम्मेदारी नहीं लेने वाली सरकार ऐसी कार्रवाई कर रही है, जिसका कोई लाभ नहीं होगा,’ घिमिरे ने कहा।

निर्माण व्यवसायी डिजेल की कीमत वृद्धि से परिवहन महंगा होने, सड़क निर्माण के लिए आवश्यक बिटुमिन की कमी, और स्थानीय निर्माण सामग्री उत्खनन पर संघ एवं स्थानीय सरकार की रोक से समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

‘नौबिसे की सड़क निर्माण के लिए सामग्री त्रिशूली से निकालनी पड़ती है, लेकिन स्थानीय तह इसे रोक रहा है। ऐसे में जिम्मेदार निर्माण व्यवसायी हैं या सरकार?’ घिमिरे ने सवाल उठाया।

शर्मा एंड कंपनी के प्रबंध निदेशक शर्मा ने भी ऐसे ही मुद्दे उठाए हैं। उद्योगपतियों ने परियोजना में ९० प्रतिशत देरी की जिम्मेदारी सरकार को दी है।

बिजली पोल समय पर हटाने में असमर्थता, पेड़ काटने में झंझट, निर्माण सामग्री उत्खनन विवाद के कारण देरी हो रही है, जिससे निर्माण व्यवसायी प्रभावित हो रहे हैं।

ऐसे दबावों से निजी क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। धादिंग की स्थानीय जनप्रतिनिधि आशिका तामांग ने निर्माण सामग्री उत्खनन पर रोक लगाई है, जिसके कारण स्थानीय तह विरोध कर रहे थे।

इस विषय पर भौतिक तथा शहरी विकास मंत्रालय के सचिव गोपाल सिग्देल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

महासंघ आंदोलन में

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से ईंधन, निर्माण सामग्री, श्रमिक और परिवहन लागत में वृद्धि और समस्या समाधान के लिए सरकार तैयार नहीं होने के कारण नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ ने आंदोलन शुरू किया है।

महंगाई के कारण निर्माण कार्य ठप हो सकता है, इसलिए महासंघ ने गुरुवार को सड़क तथा ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई विभाग के महानिर्देशकों को ज्ञापन पत्र देकर संबंधित विभागों में धरना देने का निर्णय लिया है।

महासचिव घिमिरे के अनुसार शुक्रवार और सोमवार को शहरी विकास एवं भवन निर्माण, पेयजल एवं ढल प्रबंधन विभागों के महानिर्देशक कार्यालयों में ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना दिया जाएगा।

७७ जिलों की निर्माण व्यवसायी संघ गुरुवार को प्रमुख जिला अधिकारी के समक्ष ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना देंगे।

जिला संघ शुक्रवार और सोमवार को पूर्वाधार विकास कार्यालय, डिविजन सड़क कार्यालय, शहरी विकास एवं भवन तथा सिंचाई कार्यालयों में ज्ञापन पत्र देकर धरना देंगे।

सातों प्रदेश निर्माण व्यवसायी महासंघ मुख्यमंत्री को ज्ञापन पत्र देकर आधा घंटे धरना देने की तैयारी कर रहे हैं, महासंघ के नीतिगत उपमहासचिव एवं प्रवक्ता मंगलबहादुर शाही ने बताया।

एंड्रॉइड ने ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ लॉन्च किया, स्मार्टफोन उपयोग में नई क्रांति

एंड्रॉइड ने ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ नामक नया एआई फीचर पेश किया है जो स्मार्टफोन को एक व्यक्तिगत सहायक में बदल देगा। जेमिनी एप्लिकेशन के बीच तालमेल बिठाकर जटिल कार्यों को स्वचालित करेगा, रैमबलर फीचर स्पष्ट संदेश तैयार करेगा और क्रोम में स्मार्ट ब्राउज़िंग सुविधा देगा। यह फीचर गैलेक्सी S26 और पिक्सेल 10 सीरीज से शुरू होकर वर्ष के अंत तक स्मार्टवॉच, कार, चश्मा और लैपटॉप पर भी उपलब्ध होगा।

एंड्रॉइड ने अब तक का अपना सबसे उन्नत एआई फीचर ‘जेमिनी इंटेलिजेंस’ जारी किया है, जो स्मार्टफोन उपयोग के तरीके में पूरी तरह बदलाव लाने का दावा करता है। खासकर सैमसंग गैलेक्सी S26 और पिक्सेल 10 सीरीज में शुरू होने वाला यह तकनीक उपयोगकर्ता के डिवाइस को केवल एक साधारण उपकरण नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत सहायक में बदल देगा।

जेमिनी इंटेलिजेंस की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न एप्लिकेशन के बीच इंटरएक्टिव तालमेल प्रदान करना है। उपयोगकर्ता जिन जटिल कार्यों को मुश्किल समझते हैं, उन्हें यह एक साथ पूरा करेगा। जेमिनी आवाज के आधार पर जिम क्लास बुकिंग करेगा, या जीमेल से कोर्स संबंधित जानकारी लेकर ज़रूरी किताबें शॉपिंग कार्ट में जोड़ने में सहायता करेगा। यदि उपयोगकर्ता के ‘Notes’ एप में शॉपिंग लिस्ट है, तो पावर बटन दबाकर जेमिनी से उन वस्तुओं को ऑनलाइन डिलीवरी के लिए ऑर्डर किया जा सकता है।

जेमिनी द्वारा बोले गए शब्दों को ‘रैमबलर’ फीचर सुनता है और उससे मुख्य बातें निकालकर उत्कृष्ट संदेश तैयार करता है। यह एक साथ कई भाषाओं को समझ सकता है। यदि हिंदी और अंग्रेज़ी मिश्रित भाषा में बोला गया हो तो यह संदर्भ समझकर स्पष्ट पाठ में बदल देता है। यह प्रणाली उपयोगकर्ता की आवाज़ को स्टोर नहीं करती, केवल तत्काल (रियल-टाइम) ट्रांसक्रिप्शन करती है।

जेठ ३ तारीख को बुटवल में सुकुमवासियों का राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न होने वाला है

समाचार सारांश

  • भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वाले लोग जेठ ३ तारीख को बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन करेंगे।
  • संघर्ष समिति के संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने बताया कि प्रदर्शन में लगभग ३० हजार लोग शामिल होंगे और २२ जिलों से प्रतिनिधि आएंगे।
  • संघर्ष समिति ने भूमि संबंधी कानून में बदलाव कर भू-उपयोग नीति २०७६ के अनुसार १० वर्षों से बसे क्षेत्रों का लालपुर्जा देने की मांग की है।

३० वैशाख, बुटवल। सार्वजनिक जमीन संरक्षण के नाम पर रास्वपा नेतृत्व वाली सरकार पर डोजर आतंक फैलाने का आरोप लगाते हुए अव्यवस्थित और भूमिहीन बसने वाले लोगों ने आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। काठमांडू सहित देश के कई हिस्सों में सरकार द्वारा डोजर लगाकर वर्षों से बसे बस्तियों को खाली कराने के बाद भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वाले लोग आगामी जेठ ३ तारीख को बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन में भूमिहीन सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासी संघर्ष समिति ने बताया कि जेठ ३ तारीख को देशभर के भूमिहीन एवं अव्यवस्थित बसने वालों का राष्ट्रीय सम्मेलन और सरकार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन होगा।

सम्मेलन से पहले बुटवल राजमार्ग चौराहे से ट्रैफिक चोक तक प्रदर्शन होगा, यह जानकारी संघर्ष समिति के संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शन में ३० हजार से अधिक लोग भाग लेंगे और देश के २२ जिलों से प्रतिनिधि मौजूद होंगे। इसके अलावा रुपन्देही के १६ स्थानीय तहों से भी व्यापक सहभागिता होगी।

जेठ ३ को आयोजित बड़े प्रदर्शन के बाद बुटवल में राष्ट्रीय सम्मेलन होगा, जिसमें पूरे देश में हो रहे आंदोलनों की रणनीति बनाई जाएगी, संयोजक पौडेल ने बताया। संघर्ष समिति ने राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विभिन्न उपसमिति गठित कर चुकी है और तैयारी अंतिम चरण में है।

पत्रकार सम्मेलन में संघर्ष समिति के सलाहकार वीरेन्द्र विक ने बताया कि सरकार को उचित प्रबंधन के बिना वर्षों से बसे बस्तियां हटाने की कोशिश बंद करनी चाहिए और दबाव बनाने के लिए आंदोलन और रणनीति के तहत राष्ट्रीय भेला आयोजित किया गया है।

भूमि संबंधी कानून में सुधार आवश्यक है और भू-उपयोग नीति २०७६ के अनुसार कम से कम दस वर्षों से बसी जगह का लालपुर्जा प्रदान किया जाना चाहिए, विक ने कहा। साथ ही भूमिसंबंधी नीति निर्माण और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में भूमिहीन और अव्यवस्थित बसने वालों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया। संघर्ष समिति को रुपन्देही के १२ विपक्षी दलों ने भी समर्थन दिया है।

‘नेपाल और बांग्लादेश में सरकार बदलकर दिखा चुके हैं, यहाँ मंत्री तक नहीं बदल पाते?’

३० वैशाख, काठमाडौँ। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भारत के युवा पीढ़ी से राष्ट्रीय योग्यता प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र चुहावट मामले में जवाबदेही की मांग की। उन्होंने युवाओं में राजनीतिक बदलाव करने की शक्ति होने का जिक्र करते हुए नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के उदाहरण पेश किए। पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास इस प्रकार लगातार हो रही प्रश्नपत्र चुहावट की घटनाओं से कमजोर हुआ है। उन्होंने युवाओं से इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ सड़क पर उतरने की अपील की।

‘अगर बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों के युवा सरकार बदल सकते हैं, तो भारतीय युवा भी प्रश्नपत्र चुहावट की घटनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं,’ उन्होंने कहा। केजरीवाल ने पूर्व में केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (CBI) की जांचों की प्रभावकारिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि दोषियों को कभी कड़ी सजा मिली है या नहीं। ‘२०१४ में मोदी सरकार के बाद परीक्षाओं के प्रश्नपत्र चुहावट की ९३ घटनाएँ हुई हैं। ज्यादातर घटनाएं उन राज्यों में हुई हैं जहां बीजेपी की सरकार है,’ केजरीवाल ने ज़ोर दिया, ‘इससे ६ करोड़ युवाओं का नुकसान हुआ है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में ऐसी घटनाएं अधिक हुई हैं। ये राज्य और केंद्र में बीजेपी सरकार होना कोई संयोग नहीं है।’

केजरीवाल ने हाल ही में प्रश्नपत्रों के लीक होने की घटनाओं का केंद्र राजस्थान होने के कारण यहाँ नेताओं के शामिल होने की भी आशंका जताई। ‘अगर ऐसा है तो केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो क्या कर सकता है? मैं युवा वर्ग से पूछना चाहता हूँ, क्या यह चलने देना सही है?’ केजरीवाल ने कहा। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के आंदोलनों का उदाहरण देते हुए युवाओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध किया। ‘अगर नेपाल और बांग्लादेश के युवा सड़कों पर उतरकर सरकार बदल सकते हैं, तो क्या हमारे युवा प्रश्नपत्र चुहावट में शामिल मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकते? मुझे आप पर पूरा भरोसा है,’ उन्होंने कहा। ‘जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, उन्हें दोषी ठहराओ, जेल भेजो, सड़कों पर उतरो, विरोध करो और इस घृणित खेल को बंद कराओ।’ केजरीवाल ने इस मामले में हो रही केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो की जांच पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि इससे कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा। ‘पहले की चुनाव प्रश्नपत्र चुहावट घटनाओं में ब्यूरो कुछ कर नहीं सका है,’ उन्होंने कहा। 2014 के बाद हुई विभिन्न परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र चुहावट के घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका नतीजा देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है।

दीपेन्द्रको ओडीआई अलराउन्डर वरियतामा तीन स्थानले सुधार

नेपाली ओडीआई क्रिकेट टोलीका उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरी आईसीसी ओडीआई अलराउन्डर वरियतामा तीन स्थान माथि उक्लिएका छन्। आईसीसीले मंगलबारसम्मको अपडेट लिएर बुधबार सार्वजनिक गरेको नयाँ वरियता अनुसार दीपेन्द्र अहिले २८औं स्थानमा पुगेका छन्। उनका रेटिङ अंक १५३ पुगेका छन्। घरेलु मैदानमा सम्पन्न लिग २ शृंखलामा उनले २ अर्धशतक र १ शतक प्रहार गर्दै ४ विकेट पनि लिएका थिए।

दीपेन्द्रले यूएईसँगको पहिलो खेलमा ७५ रन बनाएका थिए र १ विकेट पनि लिए। ओमानसँगको खेलमा उनले ६० रन बनाएर २ विकेट झिकेका थिए। यूएईसँगको दोस्रो खेलमा उनले शतक प्रहार गरे। ओमानसँगको दोस्रो खेलमा भने ३३ रन बनाए र १ विकेट लिए। पछिल्लो अपडेटमा यूएईसँगको खेलसम्मको प्रदर्शनलाई मात्र समावेश गरिएको छ। हिजो मंगलबार स्कटल्यान्डविरुद्ध खेलेको खेलको प्रदर्शन भने अर्को हप्ताको अपडेटमा समावेश हुनेछ।

टी-२०ई अलराउन्डर वरियतामा भने दीपेन्द्र चौथो स्थानमै यथावत् रहेका छन्। अलराउन्डर वरियतामा करण केसी तीन स्थान तल झरेर ८४औं स्थानमा पुगेका छन्।

सी जिनपिङ भेट्न बेइजिङ आइपुगे ट्रम्प, कुन मुद्दामा होला छलफल ?

ट्रम्प सी जिनपिङ से मिलने बीजिंग पहुंचे, किन विषयों पर होगी चर्चा?

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के बीजिंग पहुंचे हैं और दो दिनों के शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ भाग ले रहे हैं।
  • ट्रम्प का विमानस्थल पर उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया, जिसे चीन द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को दी जाने वाली विशेष सम्मान की निशानी माना जाता है।
  • बैठक में टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के बीजिंग पहुंच गए हैं।

चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के साथ दो दिन के महत्त्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ट्रम्प बुधवार को बीजिंग पहुँचे।

एयर फोर्स वन से चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे ट्रम्प का विमानस्थल पर उपराष्ट्रपति हान झेंग ने स्वागत किया।

हान झेंग चीन के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। ट्रम्प का स्वागत करने के लिए उन्हें भेजा जाना अमेरिका के राष्ट्रपति को चीन द्वारा दिए जाने वाले विशेष सम्मान का प्रतीक माना गया है।

पहले, 2017 में ट्रम्प के चीन दौरे के दौरान, चीन ने उनके स्वागत के लिए अपेक्षाकृत कनिष्ठ नेता, स्टेट काउंसिलर यांग जिची को ही भेजा था।

हान झेंग ने 2025 में ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा लिया था।

विश्व की दो महाशक्तियों के बीच इस बैठक में टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, ईरान युद्ध और ताइवान जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

ट्रम्प ने आखिरी बार 2017 में चीन का दौरा किया था।

ईरान युद्ध, वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण जारी तनाव के बीच यह बैठक आयोजित की जा रही है।

नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में याचिकाओं का पंजीकरण नहीं करने को न्याय में बाधा बताया

नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को पंजीकृत किए बिना खारिज किए जाने की गतिविधि की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। बार ने इस प्रकार के कार्य को न्याय में बाधा मानते हुए तत्काल याचिकाओं को पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का उचित निस्तारण करने की मांग की है। ३० वैशाख, काठमांडू।

नेपाल बार एसोसिएशन ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में उल्लेख किया है कि कुछ दिनों से सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को खारिज किया जा रहा है और इसके खिलाफ याचिकाओं को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत के प्रशासन द्वारा कुछ याचिकाओं को न पंजीकृत करने और न ही खारिज किए जाने के कारण मौनता अपनाए जाने पर बार ने इसे न्याय में बाधा मानते हुए आपत्ति जताई है। इसलिए बार ने याचिकाओं को तुरंत पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का न्यायिक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।