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लेखक: space4knews

‘मुटु की धड़कन तेज होने पर ओली को अस्पताल में भर्ती कराया गया’

समाचार सारांश संपादकीय परीक्षण के बाद तैयार। एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर त्रिवि शिक्षण अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। ओली का दिल और गुर्दा रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा निगरानी में रखकर उपचार किया जा रहा है तथा विभिन्न परीक्षण जारी हैं। संक्रमण के खतरे के कारण उन्हें अस्पताल के कक्ष में रखकर उपचार किया जा रहा है, जिससे चिकित्सकों ने जानकारी दी है। १४ चैत्र, काठमांडू।

एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली वर्तमान में त्रिवि शिक्षण अस्पताल (टिचिंग अस्पताल) में उपचाराधीन हैं। शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गिरफ्तार कर अस्पताल लाया था। आकस्मिक कक्ष में प्रारंभिक कुछ परीक्षण के बाद चिकित्सकों की सलाह के तहत अस्पताल में भर्ती किया गया। ओली फिलहाल ‘एनेक्स वन’ भवन के ५०१ नम्बर बिस्तर पर उपचाररत हैं और स्वास्थ्य परीक्षण जारी है।

उपचार में शामिल एक चिकित्सक के अनुसार, ओली की स्वास्थ्य स्थिति के लिए विभिन्न शारीरिक परीक्षण किए जा रहे हैं। गुर्दा और दिल रोग विशेषज्ञ टीम उन्हें निगरानी में रखकर उपचार दे रही है। उस चिकित्सक ने कहा, ‘सुबह अस्पताल आने पर उनका दिल की धड़कन तेज थी और पेट में भी दर्द था।’ एक्स-रे करने पर पेट में पथरी मिली है, जो पेट दर्द का कारण हो सकती है। फिलहाल पेट रोग विशेषज्ञ भी उसकी जांच कर रहे हैं।

दिल की स्थिति समझने के लिए ‘इको’ परीक्षण किया गया है और गुर्दे संबंधी परीक्षण भी हो रहे हैं। ओली दो बार गुर्दा प्रत्यारोपण करवा चुके हैं और नियमित रूप से प्रत्यारोपण के बाद की दवाइयाँ (इम्यूनोसप्रेसिव) ले रहे हैं। दिल के एंजियोप्लास्टी कराने के इतिहास के कारण वे दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और थायरॉइड की दवाइयाँ भी ले रहे हैं। संक्रमण के उच्च जोखिम के कारण चिकित्सक उन्हें अस्पताल के कक्ष में सुरक्षित निगरानी के तहत उपचार कर रहे हैं। चिकित्सक कहते हैं, ‘अभी दिल और गुर्दे के और परीक्षण हो रहे हैं। सभी रिपोर्ट आने के बाद ही डिस्चार्ज या आगे उपचार का फैसला किया जाएगा।’

जनजी आन्दोलन पर दमन के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री ओली को शनिवार सुबह गुंडु निवास से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक भी आज ही गिरफ्तार हुए हैं। शनिवार सार्वजनिक अवकाश होने के कारण उन्हें रविवार को ही अदालत में पेश करने की तैयारी है।

महिलाको सहभागिता बढ्यो, नेतृत्व प्रभावकारिता बढेन

महिलाओं की भागीदारी बढ़ने पर भी नेतृत्व की प्रभावकारिता कम ही है

समाचार सारांश: विक्रम संवत १९९० के दशक में नेपाल में गैरसत्तात्मक कई दलों की राजनीति की शुरुआत हुई, जहां बौद्धिक और राजनीतिक व्यक्तियों ने लोकतांत्रिक आंदोलन की नींव रखी। माओवादी आंदोलन (वि.सं. २०५२–२०६३) के दौरान महिलाओं ने सैनिक, नेता और रणनीतिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाकर महिला सहभागिता के कोटा प्रणाली का रास्ता खोला। नेपाल के संविधान २०७२ ने संसद और स्थानीय स्तर पर कम से कम एक तिहाई महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया, जिसके बाद २०७४ के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लगभग ४० प्रतिशत से ऊपर पहुँच गई है।

नेपाल में गैरसत्तात्मक रूप से दलगत राजनीति की शुरुआत वि.सं. १९९० के दशक से मानी जाती है। उस समय सामाजिक-राजनीतिक परिस्थिति जटिल थी, जहां राणा शासन का निरंकुश शासन था और नागरिक स्वतंत्रताएं सीमित थीं। लेकिन विभिन्न बौद्धिक और राजनीतिक व्यक्तित्वों ने मिलकर लोकतांत्रिक आंदोलन की आधारशिला रखी। वि.सं. १९९३ में स्थापित नेपाल प्रजा परिषद् राष्ट्रीय स्तर की पुरानी राजनीतिक संस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसने राजनीतिक जागृति फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद नेपाली राष्ट्रीय कांग्रेस (नेका) की स्थापना हुई, जिसने राजनीति में संस्थागत रूप से आंदोलन को मजबूत किया। इसका पहला राष्ट्रीय सम्मेलन सन् १९४७ जनवरी २५–२६ को भारत के कोलकाता में आयोजित हुआ (बस्नेत, २०६५)। इस सम्मेलन ने न केवल राजनीतिक परिवर्तन की मांग की बल्कि लैंगिक असमानता और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को भी पहचाना एवं समान अधिकार का प्रस्ताव पारित किया।

उस समय की सामाजिक संरचना बेहद पितृसत्तात्मक थी, जहां महिलाओं को शिक्षा, संपत्ति, निर्णय प्रक्रिया और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी से वंचित रखा गया था। महिला शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक जागरूकता की आधारशिला माना जाता था, जिसने भविष्य में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में लाने का मंच तैयार किया। माओवादी पार्टी ने प्रारंभिक चरण में महिला सहभागिता को विशेष महत्व दिया। वि.सं. २०५२–२०६३ के सशस्त्र संघर्ष में महिलाएं सैनिक, राजनीतिक प्रशिक्षक, नेता और रणनीतिक निर्णयकर्ता के रूप में सक्रिय थीं। पार्टी ने महिला सदस्यों के नेतृत्व विकास, संगठनात्मक प्रशिक्षण और समानुपातिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने का वचन दिया। इन अनुभवों ने नेपाल में महिलाओं के लिए कोटा प्रणाली, समानुपातिक प्रतिनिधित्व और संविधान सभा में पर्याप्त भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया। वैश्विक लैंगिक समानता की बहस और नेपाल की राजनीतिक प्रगति के अनुरूप नेकपा (एमाले) ने २०५३ में राष्ट्रीय परिषद के दूसरे बैठक में प्रत्येक समिति में कम से कम एक महिला सदस्य शामिल करने का निर्णय लिया (नेकपा–एमाले, २०५३)। यह नेपाल की दलगत राजनीति में पहला औपचारिक महिला कोटा निर्णय था, जिसने पार्टी के भीतर महिला प्रतिनिधित्व को संस्थागत रूप दिया।

२०७४ के बाद नेपाल में महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व लगभग ४० प्रतिशत से अधिक हो गया है, जो समावेशी प्रगति का संकेत है। हालांकि सीधे चुनाव में अवसर सीमित हैं, कोटा प्रणाली पर निर्भरता, पितृसत्तात्मक सोच और निर्णय प्रक्रियाओं में सीमित प्रभाव जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। नेपाल के इतिहास में बहादुर और प्रभावशाली महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। विभिन्न कालखंडों में महिलाओं ने राष्ट्र, समाज और समुदाय के संरक्षण में साहसिक भूमिका निभाई है। सन् १८१४–१६ के ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ युद्ध में महिलाएं वीरता से संघर्ष कर रही थीं, जैसे नालापानी युद्ध में सैनिक समर्थन, घायलों का इलाज और विरोध प्रदर्शित करना (कुँवर, २०६५)। आधुनिक नेपाल की निर्माता योगमाया न्यौपानेली को माना जाता है, जिन्होंने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई और राणा शासन के अन्याय के विरुद्ध विरोध किया।

२००३ साल के श्रमिक आंदोलन और २००४ साल के नागरिक आंदोलन में महिलाएं सक्रिय रहीं, और इसी वर्ष मंगलादेवी सिंह के नेतृत्व में नेपाल महिला संघ की स्थापना हुई। २००७ साल में राणा शासन का अंत हुआ और बहुदलीय व्यवस्था शुरू हुई, तब भी महिला आंदोलन ने शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक सहभागिता को निरंतर आगे बढ़ाया। चुनौतियां बनी रहने के बावजूद सामाजिक स्तर पर लैंगिक जागरूकता और महिलाओं की भूमिका सक्रिय हो रही है। २०६२/६३ के गणतांत्रिक आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय थी। महिलाओं की समस्याओं को वर्ग, जाति, भाषा, क्षेत्र, धर्म के अनुसार भिन्न होने की स्वीकृति के साथ संविधान निर्माण में समावेशन और समानता को सुनिश्चित किया गया। २०६३ माघ १ के अंतरिम संविधान ने एक तिहाई महिला उम्मेदवारी और समान अधिकार सुनिश्चित किए। नए संविधान २०७२ में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर कठोर प्रावधान और संरचनात्मक मान्यताएं जोड़ी गईं। विशेष रूप से स्थानीय अधिकारियों में ४० प्रतिशत से अधिक महिला भागीदारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिर भी नेतृत्व स्तर पर महिलाओं की संख्या सीमित है। संविधान की धारा ३८ महिलाओं को समान वंशीय अधिकार, समानुपातिक भागीदारी, प्रजनन अधिकार, हिंसा के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति का प्रावधान देती है। संघीय और प्रादेशिक संसदों में कम से कम एक तिहाई महिला भागीदारी निर्धारित है। संविधान लागू होने के बाद २०७४ के संघीय चुनाव में प्रतिनिधि सभा में करीब ३३ प्रतिशत महिलाएँ पहुँचीं। हालांकि प्रत्यक्ष निर्वाचित महिलाओं की संख्या कम थी। २०७९ के चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व ३३.८ प्रतिशत पहुंच गया है। प्रदेश सभाओं में महिलाओं की भागीदारी भी २०७४ में ३४.३६ प्रतिशत से बढ़कर २०७९ में ३६.४ प्रतिशत हो गई है। स्थानीय तहों में २०७४ के चुनाव में कुल प्रतिनिधियों में ४०.९५ प्रतिशत महिलाएं थीं, जो २०७९ में बढ़कर ४१.२१ प्रतिशत हो गईं। इसके बावजूद नेतृत्व स्तर पर महिलाओं की संख्या सीमित ही है। कुल मिलाकर, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, लेकिन प्रत्यक्ष चुनावों में कम अवसर, कोटा प्रणाली पर निर्भरता, नेतृत्व कमी, दल संरचनाओं में असमानता और पितृसत्तात्मक सोच चुनौतियां बनी हुई हैं।

२०४८ से २०१५ तक विभिन्न चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी। सन् २०१५ के चुनाव में केवल एक महिला सांसद निर्वाचित हुई थीं। संविधान सभा के चुनाव के बाद समानुपातिक प्रणाली ने महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया था। पहली संविधान सभा में करीब १९७ महिला सदस्य थीं और दूसरी में १७६ महिला सदस्य थीं। २०७४ से २०७९ तक के राजनीतिक विकास ने महिलाओं के प्रतिनिधित्व को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया, लेकिन नेतृत्व और प्रभावकारिता में अभी भी कमी है। नेपाल में हाल के वर्षों में युवा वर्ग की राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ी है। विशेष रूप से सन् १९९७ के बाद जन्मे युवा डिजिटल प्लेटफार्मों से सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय आवाज उठा रहे हैं। जेनजी आंदोलन २३ भदौ २०८२ को शुरू हुआ, जिसमें ७६ लोगों की मृत्यु हुई, यह राजनीतिक और सामाजिक असंतोष की एक महत्वपूर्ण घटना रही। सरकार ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी। इसके पश्चात नेपाल ने पहली महिला प्रधानमंत्री प्राप्त की, जिन्होंने महिला नेतृत्व के इतिहास में नया अध्याय शुरू किया। सुशीला कार्की ने नेतृत्व क्षमता का उदाहरण प्रस्तुत किया और महिलाओं के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का सकारात्मक सन्देश दिया। प्रधानमंत्री कार्की के मुख्य चुनौती युवा मांगों का समाधान, आर्थिक संकट प्रबंधन और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना थे। दलों के बीच विश्वास पुनर्स्थापन कर नए चुनाव या संविधान संशोधन हेतु साझा एजेंडा लाना आवश्यक था।

२०८२ फागुन २१ को प्रतिनिधि सभा का चुनाव महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। नेपाल ने संविधान में प्रतिनिधि सभा में कम से कम ३३ प्रतिशत महिला सुनिश्चित की है, लेकिन प्रत्यक्ष उम्मीदवार महिलाओं की संख्या कम थी। कई दल केवल समानुपातिक सूची से प्रतिनिधित्व पूरा करने की कोशिश में लगे थे, जिसने संरचनात्मक असमानता को बनाए रखा। नेपाल में महिला राजनीतिक भागीदारी इतिहास में संघर्षपूर्ण, प्रभावशाली और सुधारात्मक रही है। प्रारंभिक चरणों में महिलाएं सीमित भूमिकाओं में थीं, लेकिन माओवादी आंदोलन, महिला संगठनों और समानुपातिक प्रणाली ने इस भूमिका को मजबूत किया। संविधान ने पर्याप्त महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है, फिर भी प्रत्यक्ष चुनावों में कम अवसर, नेतृत्व की पहुंच सीमितता, दल संरचनाओं में असमानता और पितृसत्तात्मक सोच मौजूद है। २०७४–२०७९ के बीच महिला प्रतिनिधित्व में सुधार हुआ है, लेकिन समानुपातिक नेतृत्व और प्रभावकारिता के लिए समग्र आत्मनिरीक्षण और संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। अंततः, नेपाल में महिला राजनीतिक भागीदारी मात्र संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नेतृत्व, निर्णय और नीति निर्माण में प्रभावशाली भूमिका निभाने पर केंद्रित होनी चाहिए। इतिहास से वर्तमान तक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महिलाओं के नेतृत्व और योगदान ने लैंगिक समानता की दिशा में प्रगति सुनिश्चित की है।

विदेशी मुद्राओं के कल के विनिमय दर निम्नलिखित हैं

१५ चैत्र, काठमांडू । नेपाल राष्ट्र बैंक ने रविवार के लिए विदेशी मुद्राओं के विनिमय दर निर्धारित किए हैं। निर्धारित विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १५१ रुपये ४१ पैसे और बिक्री दर १५२ रुपये ०१ पैसे है। यूरोपीय यूरो की खरीद दर १७४ रुपये ३२ पैसे और बिक्री दर १७५ रुपये ०१ पैसे, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग की खरीद दर २०१ रुपये ४१ पैसे और बिक्री दर २०२ रुपये २० पैसे, स्विस फ्रैंक की खरीद दर १८९ रुपये ९२ पैसे और बिक्री दर १९० रुपये ६७ पैसे निर्धारित की गई है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की खरीद दर १०४ रुपये ३७ पैसे और बिक्री दर १०४ रुपये ७९ पैसे, कनाडाई डॉलर की खरीद दर १०९ रुपये ३२ पैसे और बिक्री दर १०९ रुपये ७५ पैसे, सिंगापुर डॉलर की खरीद दर ११७ रुपये ६४ पैसे और बिक्री दर ११८ रुपये १० पैसे तय की गई है। जापानी येन १० की खरीद दर ९ रुपये ४७ पैसे और बिक्री दर ९ रुपये ५१ पैसे, चीनी युआन की खरीद दर २१ रुपये ९१ पैसे और बिक्री दर २१ रुपये ९९ पैसे, सऊदी अरब रियाल की खरीद दर ४० रुपये ३५ पैसे और बिक्री दर ४० रुपये ५१ पैसे, कतर रियाल की खरीद दर ४१ रुपये ४४ पैसे और बिक्री दर ४१ रुपये ६१ पैसे निर्धारित की गई है।

केंद्रीय बैंक के अनुसार थाई बात की खरीद दर ४ रुपये ६० पैसे और बिक्री दर ४ रुपये ६२ पैसे, यूएई दिरहम की खरीद दर ४१ रुपये २३ पैसे और बिक्री दर ४१ रुपये ३९ पैसे, मलेशियन रिंगित की खरीद दर ३७ रुपये ७३ पैसे और बिक्री दर ३७ रुपये ८८ पैसे, दक्षिण कोरियाई वन १०० की खरीद दर १० रुपये ०३ पैसे और बिक्री दर १० रुपये ०७ पैसे, स्वीडिश क्रोना की खरीद दर १६ रुपये ०५ पैसे और बिक्री दर १६ रुपये ११ पैसे तथा डेनिश क्रोना की खरीद दर २३ रुपये ३३ पैसे और बिक्री दर २३ रुपये ४२ पैसे निर्धारित की गई हैं।

राष्ट्र बैंक ने हांगकांग डॉलर की खरीद दर १९ रुपये ३३ पैसे और बिक्री दर १९ रुपये ४० पैसे, कुवैती दिनार की खरीद दर ४९३ रुपये ७६ पैसे और बिक्री दर ४९५ रुपये ७१ पैसे, बहरीन दिनार की खरीद दर ४०१ रुपये ५७ पैसे और बिक्री दर ४०३ रुपये १६ पैसे, ओमानी रियाल की खरीद दर ३९३ रुपये २८ पैसे और बिक्री दर ३९४ रुपये ८४ पैसे बताई है। भारतीय रुपए की सौ की खरीद दर १६० रुपये और बिक्री दर १६० रुपये १५ पैसे निर्धारित की गई है। राष्ट्र बैंक ने आवश्यकतानुसार इन विनिमय दरों में किसी भी समय संशोधन करने का अधिकार रखा है। वाणिज्यिक बैंक द्वारा निर्धारित विनिमय दर अलग हो सकती है और अद्यतन विनिमय दर केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

कांग्रेस नेता एवं पूर्वमन्त्री दिपक खड्का पक्राउ – Online Khabar

कांग्रेस नेता एवं पूर्वमंत्री दिपक खड्का गिरफ्तार

१५ चैत, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के नेता एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री दिपक खड्का को गिरफ्तार किया गया है। संपत्ति शोधन से जुड़े मामले की जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया है, सूत्रों ने जानकारी दी है।

नेपाल कबड्डी लिग सिजन २ के ६ टीम मालिकों की घोषणा

नेपाल कबड्डी लिग सिजन २ के टीम मालिकों की घोषणा कर दी गई है। नेशनल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स की भवानी राणा ने विराटनगर बाहुबली टीम का स्वामित्व लिया है। एस्ट्रोनिक्स मैनेजमेंट के साथ किए गए 10 साल के समझौते का उद्देश्य नेपाल कबड्डी के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना है। १५ चैत्र, काठमांडू।

आगामी जेठ २२ से शुरू हो रहे नेपाल कबड्डी लिग (एनकेएल) सिजन २ में हिस्सा लेने वाली ६ टीमों के मालिकों का उद्घाटन कर दिया गया है। एस्ट्रोनिक्स मैनेजमेंट द्वारा होटल याक एण्ड यती में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में एनकेएल सिजन २ की ६ फ्रेंचाइजी टीमों के मालिकों की घोषणाएं की गईं। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की पूर्व अध्यक्ष भवानी राणा कबड्डी लिग में शामिल हुई हैं। उनकी कंपनी नेशनल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स ने विराटनगर टीम का स्वामित्व हासिल किया है। इस टीम का नाम बदलकर विराटनगर बैंडिट्स से विराटनगर बाहुबली कर दिया गया है।

पहले सत्र के विजेता जनकपुर नाइट्स का स्वामित्व नेको इन्श्योरेंस लिमिटेड के पास ही है। उपविजेता काठमाडौं मावरिक्स टीम का स्वामित्व काठमाडौं मावरिक्स प्रा. लि. के पास है। वहीं, फेवा कंस्ट्रक्सन ने पोखरा लेकर्स का स्वामित्व लिया है जबकि मोराई कॉर्पोरेशन ने बुटवल बुल्स की टीम का अधिग्रहण किया है। इसके साथ ही हिमालयन राइडर्स का नाम बदलकर बुटवल बुल्स कर दिया गया है। धनगढी वाइल्डकैट्स प्रा. लि. ने सुदूरपश्चिम प्रदेश के प्रतिनिधि टीम धनगढी वाइल्डकैट्स का स्वामित्व लिया है।

देश में लोकप्रियता हासिल करते एनकेएल की व्यावसायिक और व्यापारिक सगाई पर खुशी जताते हुए एस्ट्रोनिक्स मैनेजमेंट के प्रमुख अमितकुमार बेगानी ने कहा, ‘पहले संस्करण को हमने भव्य रूप से आयोजित किया था। दूसरा संस्करण इससे भी बेहतर होगा। कॉर्पोरेट परिवारों की भागीदारी लिग की उत्कृष्टता को बढ़ाएगी। हमारा लक्ष्य नेपाली कबड्डी को विश्वव्यापी उत्कृष्टता की ओर ले जाना है।’ कार्यक्रम में नेपाली राष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंकाई राजदूत रुवन्थी डेलपिटिया, अखिल नेपाल कबड्डी संघ के महासचिव अरविंदकुमार झल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। महासचिव झल ने बताया कि एस्ट्रोनिक्स मैनेजमेंट के साथ नेपाल कबड्डी लिग के लिए 10 साल का समझौता हुआ है, जो देश के कबड्डी खेल के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। एनकेएल को व्यवसायिक तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। जेठ २२ से शुरू होने वाले एनकेएल सिजन २ के खिलाड़ियों के ड्राफ्ट के लिए देशी खिलाड़ियों का चयन पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 15 देशों के 100 से अधिक विदेशी खिलाड़ियों ने भी नाम दर्ज कराया है, आयोजकों ने बताया।

सहकारीका साना बचतकर्ताको बचत फिर्ता सय दिनभित्रै थाल्ने सरकारको घोषणा

सरकार सहकारी के छोटे बचतकर्ताओं की राशि वापसी प्रक्रिया 100 दिनों के भीतर शुरू करने की तैयारी में

सरकार सहकारी के छोटे बचतकर्ताओं की राशि वापसी प्रक्रिया 100 दिनों के भीतर शुरू करने की योजना प्रस्तुत कर चुकी है। छोटे एवं लघु उद्योगों के सहकारी समितियों में बड़ी रकम जमा है, जो अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाल रही है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के घोषणापत्र के अनुसार यह घोषणा 100 बिंदुओं की कार्यसूची में शामिल है।

सरकार ने आपराधिक संपत्ति प्रबंधन प्रक्रिया को सरल और समरूप बनाने के लिए रोक, नियंत्रण और जब्ती से संबंधित नियमावली को दो महीने के भीतर संशोधित करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। इससे सहकारी बचत राशि वापसी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

१४ चैत, काठमांडू।

आजका लागि फलफूल र तरकारीहरूको थोक मूल्य निर्धारण

१५ चैत, काठमाडौं । कालीमाटी फलफूल तथा तरकारी बजार विकास समितिले आजका लागि कृषिउपजहरूको थोक मूल्य निर्धारण गरेको छ । समितिका अनुसार गोलभेँडा ठूलो (भारतीय) प्रतिकिलो ८०, गोलभेँडा सानो (लोकल) प्रतिकिलो ३०, गोलभेँडा सानो (भारतीय) प्रतिकिलो ३५, गोलभेँडा सानो (तराई) प्रतिकिलो ४०, आलु रातो प्रतिकिलो २०, आलु रातो (भारतीय) प्रतिकिलो २२ र प्याज सुकेको (भारतीय) प्रतिकिलो ३६ रहेको छ । यसै गरी, गाजर (लोकल) प्रतिकिलो ३०, गाजर (तराई) प्रतिकिलो २०, बन्दा (लोकल) प्रतिकिलो ३०, बन्दा (नरिबल) प्रतिकिलो २०, काउली स्थानीय प्रतिकिलो ७०, काउली स्थानीय (ज्यापु) प्रतिकिलो ९०, काउली तराई प्रतिकिलो ६०, सेतो मूला (लोकल) प्रतिकिलो २०, सेतो मूला (हाइब्रिड) प्रतिकिलो ३०, भन्टा लाम्चो प्रतिकिलो ६० र भन्टा डल्लो प्रतिकिलो ७० कायम गरिएको छ ।

त्यसैगरी, बोडी (तने) प्रतिकिलो ९०, मटरकोसा प्रतिकिलो ६०, घिउ सिमी (लोकल) प्रतिकिलो १००, घिउ सिमी (हाइब्रिड) प्रतिकिलो ८०, घिउ सिमी (राजमा) प्रतिकिलो १००, टाटे सिमी प्रतिकिलो ८०, तिते करेला प्रतिकिलो १५०, लौका प्रतिकिलो ८०, परवर (तराई) प्रतिकिलो १००, घिरौँला प्रतिकिलो ९०, फर्सी पाकेको प्रतिकिलो ६०, हरियो फर्सी (लाम्चो) प्रतिकिलो ५०, हरियो फर्सी (डल्लो) प्रतिकिलो ४०, भिन्डी प्रतिकिलो ११०, सखरखण्ड प्रतिकिलो ७०, बरेला प्रतिकिलो ६५, पिँडालु प्रतिकिलो ६० र स्कुस प्रतिकिलो ५० कायम गरिएको छ । रायोसाग प्रतिकिलो ८०, पालुङ्गो प्रतिकिलो ११०, चमसुर प्रतिकिलो ११०, तोरीसाग प्रतिकिलो ६०, मेथी प्रतिकिलो ११०, हरियो प्याज प्रतिकिलो १००, बकुला प्रतिकिलो ५०, तरुल प्रतिकिलो ७०, च्याउ (कन्य) प्रतिकिलो १३०, च्याउ (डल्ले) प्रतिकिलो ३५०, राजा च्याउ प्रतिकिलो ३०० र सिताके च्याउ प्रतिकिलो १,००० निर्धारण गरिएको छ ।

प्रश्नैप्रश्न माथि उभिएका बालेनको अभिभारा

प्रश्नों का सामना कर रहे बालेन का नेतृत्व

बालेन अब केवल प्रश्नकर्ता ही नहीं हैं, बल्कि रास्वपा के पक्षधर भी नहीं हैं। लगभग दो तिहाई मतों के साथ सत्ता में आने वाले इन व्यक्तियों ने खुद को जितना भी जवाबदेह बनाने की कोशिश की हो, उनकी प्रासंगिकता अभी भी साबित होगी।

लाओस प्रस्थान के बाद नेपाली फुटबॉल टीम घोषित, अन्जन विष्ट टीम में नहीं

एएफसी एशियन कप क्वालीफाइंग के तहत लाओस के खिलाफ मैच के लिए नेपाली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम शनिवार को लाओस के लिए प्रस्थान कर चुकी है। अखिल नेपाल फुटबॉल संघ को राष्ट्रीय खेल परिषद द्वारा निलंबित किए जाने के बाद एन्फा ने तत्कालीन परिस्थिति में टीम को लाओस भेजा था। नए मुख्य कोच गुग्लिएल्मो एरेना के डेब्यू मैच के लिए पांच नए खिलाड़ियों को शामिल करते हुए टीम की घोषणा की गई है।

लाओस पहुंचने के बाद एन्फा ने रविवार सुबह अपने फेसबुक पेज के माध्यम से नेपाली टीम का घोषणा की है। गोलकीपर किरण चेम्जोङ की कप्तानी में घोषित टीम में नेपाल के लिए संयुक्त रूप से सबसे अधिक 13 गोल करने वाले अन्जन विष्ट शामिल नहीं हो सके। नवनियुक्त मुख्य कोच एरेना के पहले मैच में पांच नए चेहरे शामिल किए गए हैं।

नई खिलाड़ियों में गोलकीपर योगेश धिमाल, मिडफील्डर पेम्बा दोर्जे लामा और मिलन राय, तथा फॉरवर्ड युवराज खड्का और रोमन भुजेल हैं। योगेश और रोमन राष्ट्रीय लीग में प्लानिंग बॉयज यूनाइटेड से खेलते हैं जबकि मिलन चर्च बॉयज और युवराज एपीएफ के खिलाड़ी हैं।

एशियन कप क्वालीफाइंग के तहत नेपाल को लाओस के खिलाफ अपना मैच घरेलू मैदान पर खेलना था, लेकिन हाल ही में दशरथ रंगशाला अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए अयोग्य घोषित होने की वजह से यहां मैच आयोजित नहीं हो सका। खेल परिषद के कार्यकारी निकाय राखेप द्वारा एन्फा को निलंबित किए जाने के कारण नेपाली फुटबॉल की वर्तमान स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। समूह एफ में शामिल नेपाल एशियन कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है।

ट्रम्प के खिलाफ अमेरिका भर में 3,000 से अधिक स्थानों पर लाखों लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

अमेरिका भर में 3,000 से अधिक स्थानों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। मिनेसोटा के सेंट पॉल में ट्रम्प की कठोर अप्रवासन नीति के विरुद्ध एक विशाल रैली आयोजित की गई थी। यूरोप के विभिन्न शहरों में भी अमेरिकी नागरिकों ने ट्रम्प प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किए। 15 चैत, काठमांडू। अमेरिका के प्रमुख शहरों से लेकर छोटे गांवों तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारी संख्या में प्रदर्शन हो रहे हैं। ‘किंग्सनो किंग्स’ अर्थात् ‘कोई राजा नहीं’ नारे के साथ यह राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों का तीसरा संस्करण है। इससे पहले भी लाखों लोग सड़कों पर उतर चुके हैं और अपनी असंतुष्टि जताई है। शनिवार को अमेरिका भर में 3,000 से अधिक जगहों पर छोटे-बड़े रैलियां आयोजित की गईं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से ट्रम्प प्रशासन की नीतियों को निशाना बनाया, जिनमें खासतौर पर ईरान के साथ संभावित युद्ध, सख्त संघीय अप्रवासन नीति और बढ़ती महंगाई प्रमुख थे। आयोजकों का कहना था कि यह लोकतंत्र की रक्षा और निरंकुश शासन के खिलाफ शांतिपूर्ण नागरिक विद्रोह है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया, “किंग्सट्रम्प हम पर निरंकुश शासक की तरह राज करना चाहते हैं, लेकिन यह अमेरिका है और शक्तियां जनता के हाथ में हैं, न कि किसी राजा या उनके धनी सहायक के हाथ में।”

इसी बीच व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को नजरअंदाज करते हुए इसे ‘किंग्सट्रम्प डिरेन्जमेन्ट थेरापी’ यानि ट्रम्प विरोधी अंध विरोध से मुक्त होने के लिए आवश्यक उपचार करार दिया। एक प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में सिर्फ वे पत्रकार चिंतित हैं जिन्हें समाचार लिखने के लिए पैसा मिलता है।

आंदोलन का मुख्य केंद्र – मिनेसोटा
शनिवार को ‘किंग्सनो किंग्स’ आंदोलन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कार्यक्रम मिनेसोटा के सेंट पॉल में स्थित स्टेट कैपिटल बिल्डिंग के बाहर हुआ। जनवरी में संघीय अप्रवासन एजेंसी की कार्रवाई में दो अमेरिकी नागरिक – रेनी निकोल गुड और एलेक्स प्रेटी की मृत्यु के बाद यह राज्य ट्रम्प की अप्रवासन नीति विरोध का केंद्र बन गया है। उनकी मौत ने पूरे देश में गहरा आक्रोश और संगठित विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। हजारों लोग प्लेकार्ड लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आए और इस रैली में उच्च पदस्थ डेमोक्रेट नेता भी मौजूद थे। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने ट्रम्प की अप्रवासन नीतियों की कड़ी आलोचना की। सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने मिनेसोटा के लोगों का सम्मान करते हुए इसे अमेरिकी इतिहास के एक अभूतपूर्व और खतरनाक क्षण के रूप में वर्णित किया। सांसद इल्हान ओमार ने कहा, “हम मिनेसोटा के लोग भिन्न दृष्टिकोण के हैं,” और नागरिक अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाई। रैली में प्रसिद्ध रॉक संगीतकार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने नया विरोध गीत ‘स्ट्रिट्स ऑफ मिनियापोलिस’ प्रस्तुत कर भीड़ को उत्साहित किया, उन्होंने मिनेसोटा को पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। अभिनेत्री और प्रगतिशील कार्यकर्ता जेन फोंडा ने रैली में उपस्थित न होकर मृतक रेनी गुड की पत्नी, बेका गुड का संदेश पढ़कर सुनाया।

वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में मानव सागर
शनिवार दोपहर से अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी की सड़कें प्रदर्शनकारियों से भरी हुई थीं। हजारों लोग नेशनल मॉल और लिंकन मेमोरियल की सीढ़ियों पर जमा हुए थे। पिछले बार की तरह इस बार भी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उपराष्ट्रपति जेडी वांस और प्रशासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों की पुतलियाँ बनाई थीं। उन्होंने वर्तमान प्रशासन को हटाने और ट्रम्प को गिरफ्तार करने की मांग के साथ नारे लगाए। वर्जीनिया के आर्लिंग्टन से एक विशाल समूह पुल पार करते हुए राजधानी में दाखिल हुआ। इसी तरह न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, मैनहट्टन और अन्य स्थानों पर भी हजारों लोगों ने मार्च किया। भीड़ की संख्या बढ़ने पर पुलिस को सामान्यतः व्यस्त सड़कों को बंद करना पड़ा। पिछली अक्टूबर में न्यूयॉर्क में पांच मुख्य स्थलों पर एक लाख से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे, वाशिंगटन पुलिस ने बताया था। इस बार भी ईरान युद्ध के विरोध और अप्रवासन नीति के खिलाफ बैनर दिखाए गए। न्यूयॉर्क के प्रदर्शन में ट्विच स्ट्रीमर हसन पिकर और टिकटॉक स्टार हैरी सिसन समेत प्रगतिशील प्रभावशाली हस्तियों ने युवाओं को लोकतंत्र बचाने का आह्वान किया।

लॉस एंजिल्स, शिकागो और अन्य प्रमुख शहरों में भी जोश
पश्चिमी तट के शहरों में भी प्रदर्शन की ऊर्जा उच्च रही। लॉस एंजिल्स के ग्लोरिया मोलिना ग्रैंड पार्क में हजारों जुटे जहां वातावरण अलग और सृजनात्मक था। वहां साल्सा संगीत बज रहा था और प्रदर्शनकारी ‘बच्चा ट्रम्प’ नामक 20 फुट ऊँचा विशाल गुब्बारा उड़ाते देखे गए। कुछ ने फ्लेमिंगो और शार्क जैसे इन्फ्लेटेबल पोशाकें पहन रखीं थीं और ‘अप्रवासन एजेंसी खत्म करो’ के बैनर भी रखे हुए थे। हालांकि, डाउनटाउन के संघीय भवन के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई और कुछ को गिरफ्तार किया गया, लॉस एंजिल्स पुलिस ने बताया। शिकागो के ग्रांट पार्क और पोर्टलैंड में भी हजारों लोग संगीत बैंड के साथ मार्च करते नजर आए। पूर्व सैनिक क्रिस होली ने कहा, “देश में हो रहे अन्याय को देखकर मैं पहली बार सड़कों पर आया हूं। मैं ट्रम्प प्रशासन की नीतियों से बेहद असहमत हूं।”

रिपब्लिकन गढ़ और छोटे शहरों में भी असंतोष
‘किंग्सनो किंग्स’ आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल बड़े डेमोक्रेट बहुल शहरों तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार लगभग आधे प्रदर्शन उन राज्यों में हुए जो पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाते हैं। इनमें टेक्सास (डलास, फोर्ट वर्थ), फ्लोरिडा, जॉर्जिया, इडाहो, यूटाह और अलास्का जैसे राज्य शामिल हैं। मिसिगन के हवेल और केंटकी के शेल्बीविल जैसे छोटे शहरों में भी ईरान युद्ध विरोधी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्लेकार्ड लिए लोग दिखे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारी समस्याएं एक समान समझी जाएं, अगर हम सब एक साथ खड़े हों तो परिवर्तन संभव है।”

अंतरराष्ट्रीय एकजुटता
न केवल अमेरिका में, यूरोप में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों ने भी ट्रम्प प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किए। फ्रांस के पेरिस, ब्रिटेन के लंदन और पुर्तगाल के लिस्बन में जमा लोगों ने ट्रम्प को फासीवादी और युद्ध अपराधी बताते हुए उनकी सरकार से हटाने की मांग की।

ट्रम्प क्या कहते हैं?
जनवरी 2025 में व्हाइट हाउस में पुनः स्थापित होने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति अधिकारों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कार्यकारी आदेशों के जरिए संघीय सरकार के विभिन्न विभागों को विघटित करने की कोशिश की है और राज्य के गवर्नरों के विरोध के बावजूद कई अमेरिकी शहरों में नेशनल गार्ड तैनात किया है। इसके अलावा राजनीतिक विपक्षियों के खिलाफ अभियोजन की दिशा में न्याय विभाग के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश देने के आरोप भी लगे हैं। आलोचक ट्रम्प के इन कदमों को असंवैधानिक और अमेरिकी लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा मानते हैं। हालांकि ट्रम्प इसे देश के संकट के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक बताते हैं। तानाशाह होने के आरोप को वे उन्मादपूर्ण बताते हुए खारिज कर चुके हैं। पिछले अक्टूबर में फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा था, “मुझे राजा कहा जा रहा है, पर मैं कोई राजा नहीं हूं।” अक्टूबर की रैली में लगभग 7 लाख लोगों की भागीदारी हुई थी। इस बार भी प्रदर्शनकारियों की ऊर्जा और उत्साह कम नहीं हुआ है। आयोजक आगामी 1 मई को श्रमिक अधिकारों, आप्रवासी समुदाय और सार्वजनिक स्कूलों के समर्थन में होने वाले वार्षिक ‘किंग्समे डे’ प्रदर्शन के लिए व्यापक जनसहभागिता जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। देश भर में युद्ध, महंगाई और सख्त अप्रवासन नीतियों के कारण जनसामान्य में बढ़ती असंतोष आगामी मध्यावधि चुनावों पर किस प्रकार का राजनीतिक प्रभाव डालती है, यह विषय अब कई लोगों की चिंता का केन्द्र बन गया है। एक मैनहट्टन निवासी प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर आए हैं।” नागरिकों की इस आवाजू श्रृंखला के तुरंत बंद होने का कोई संकेत नहीं दिखता।

सञ्चारमन्त्रीद्वारा कर्मचारीहरूलाई निर्देशन- धेरै अपेक्षाहरू छन्, जनतामा अनुभूति हुनेगरी काम गर्नुस्


१४ चैत, काठमाडौं । सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिनाले कर्मचारीहरूलाई जनताले छिट्टै अनुभूति गर्ने गरी काम गर्न निर्देशन दिएका छन्।

शनिवार मन्त्रालयको कामकाजबारे जानकारी लिँदै सञ्चार मन्त्री तिमिल्सिनाले सञ्चार मन्त्रालयलाई सरकारको अनुहार तथा नागरिकसँग प्रत्यक्ष सम्बन्ध राख्ने मन्त्रालय भएको बताए र जनतामा छिटो लाभ र परिणाम ल्याउने गरी काम गर्न आग्रह गरे।

‘देशमा नयाँ राजनीतिक परिवेश आएको छ। निर्वाचनले हामीलाई अभूतपूर्व ‘म्यान्डेट’ दिएको छ। जनताका अपेक्षाहरू पनि धेरै छन्,’ उनले भने, ‘त्यसैले सरकारले जनताले छिट्टै अनुभूति गर्ने गरी काम गर्नुपर्छ।’

मन्त्रीले नवगठित सरकारको भावना अनुसार जनतालाई केन्द्रमा राखेर सरल, छिटो र छरितो सेवा प्रवाह सुनिश्चित गर्न जोड दिए। ‘सेवा छिटो र छरितो हुनुपर्छ। कुनै विवादित काम हुन नदिनुपर्छ,’ उनले भने।

सेवाग्राहीले समस्या महसुस गर्नु अघि नै समाधान प्रदान गर्नुपर्नेमा उनले जोड दिए। ‘जनभावनाको सम्मान गर्दै देशले खोजेको बाटोमा मुलुकलाई अघि बढाउन सबैले योगदान दिनुपर्छ,’ उनले थपे।

सञ्चार मन्त्रालयले तत्काल सुधार र दीर्घकालीन कार्ययोजना लिएर उच्चपदस्थ अधिकारीसँग अघि बढ्नुपर्ने बताउँदै मन्त्रीले मन्त्रालयलाई नमूना मन्त्रालय बनाउनुपर्ने दिशामा काम गर्नुपर्नेमा जोड दिए।

निजी र सरकारी अस्पतालमा १० प्रतिशत शय्याबाट विपन्नको उपचार नि:शुल्क

निजी और सरकारी अस्पतालों में गरीबों के लिए 10 प्रतिशत बेड नि:शुल्क आरक्षित करने का निर्णय

सरकार ने सरकारी और निजी अस्पतालों में गरीब, असहाय और बेवारिसे मरीजों के लिए कम से कम 10 प्रतिशत बेड नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए सरकार ने आगामी 30 दिनों के भीतर देशभर में ‘फ्री हेल्थ पोर्टल’ शुरू करने का निर्देश दिया है, जो निशुल्क सेवा से संबंधित विवरण और सेवा उपयोग की निगरानी करेगा।

प्रदेशों के अस्पतालों में जलन उपचार के लिए ‘बर्न वार्ड’ स्थापना की प्रक्रिया 30 दिनों के अंदर शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस ‘स्टैंडबाय’ रखने की योजना भी आगे बढ़ाई गई है। 14 चैत को Kathmandu में आयोजित एक कार्यक्रम में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ शामिल करते हुए 100 दिवसीय कार्यसूची प्रस्तुत की है।

सरकार की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित रह गए व्यक्तियों तक सेवा पहुंचाना है। अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली नि:शुल्क सेवाओं का विवरण और सेवा उपयोग का वास्तविक समय में निगरानी हेतु तीन महीनों के भीतर डिजिटल और एकीकृत ‘पेशेंट रिकॉर्ड सिस्टम’ विकसित किया जाएगा।

निजी अस्पतालों में गैरज़रूरी रिफरल की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट रिफर प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, व्यवहार, स्वच्छता और सेवा प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए ‘अटेंडेंस मॉनिटरिंग’, ‘कंडक्ट रिव्यू’ और ‘क्लीनलीनेस ऑडिट’ एक हफ्ते के भीतर अनिवार्य कर दिए जाएंगे।

एमाले समर्थित युवा संघ ने काठमांडू में मशाल जुलूस का आयोजन किया


१४ चैत, काठमांडू। नेकपा एमाले से जुड़े जनवर्गीय संगठन युवा संघ ने काठमांडू में एक मशाल जुलूस निकाला है।

काठमांडू के बिजुलीबजार क्षेत्र में युवा संघ के नेता और कार्यकर्ताओं ने इस जुलूस का आयोजन किया था।

शनिवार दोपहर को एमाले के विभिन्न संगठनों ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। माइतीघर–बबरमहल क्षेत्र में भी एमाले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और घोषणा की है कि कल भी यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

युवा संघ के नेताओं ने बताया कि कल से शुरू होने वाला प्रदर्शन और भी आक्रामक होगा।

गत २३ व २४ भदौ को जेनजी आंदोलन हुआ था, जिसमें दमन किया गया था।

उस समय एमाले अध्यक्ष ओली प्रधानमंत्री थे और कांग्रेस के नेता रमेश लेखक गृहमंत्री थे। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में एमाले ने प्रदर्शन शुरू किया है।

कोहली र पडिक्कलको अर्धशतकमा बेंगलुरुको शानदार विजयी सुरुवात

कोहली और पडिक्कल के अर्धशतकों से बेंगलुरु ने शानदार जीत के साथ की शुरुआत

समाचार सारांश

संकलन एवम् सम्पादन किया गया।

  • आईपीएल २०२६ के पहले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइज़र्स हैदराबाद को ७ विकेट से हराया।
  • बेंगलुरु ने 15.4 ओवरों में 202 रन का लक्ष्य पूरा किया, जो आईपीएल में 200 से ज्यादा का सबसे तेज़ पीछा है।
  • विराट कोहली ने नाबाद 69 रन बनाए, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 61 और कप्तान रजत पाटिदार ने 31 रन की आक्रामक पारी खेली।

14 चैत्र, काठमांडू। देवदत्त पडिक्कल और विराट कोहली के अर्धशतक और कप्तान रजत पाटिदार की आक्रामक पारी की बदौलत शनिवार से शुरू हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट 2026 में पूर्व विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार जीत के साथ शुरुआत की।

घरेलू मैदान एम चिन्नास्वामी में खेले गए मुकाबले में बेंगलुरु ने सनराइज़र्स हैदराबाद को 7 विकेट से पराजित किया। हैदराबाद ने 202 रन का मजबूत लक्ष्य दिया था जिसे बेंगलुरु ने 15.4 ओवर में पूरा कर दिखाया। यह आईपीएल में 200 से अधिक रनों का अब तक का सबसे तेज़ सफल पीछा है।

बेंगलुरु की जीत में कोहली ने नाबाद रहकर 38 गेंदों में 5 चौके और 5 छक्के की मदद से 69 रन बनाए। पडिक्कल ने 26 गेंदों में 7 चौकों और 4 छक्कों की श्रृंखला के साथ 61 रन बनाए। कप्तान रजत पाटिदार ने 12 गेंदों में 31 रन की तीव्र पारी खेली।

हैदराबाद के लिए डेविड पेन ने 2 विकेट लिए, जबकि जयदेव उनादकट और हर्ष दुबे ने एक-एक विकेट हासिल किया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 201 रन बनाए। कप्तान ईशान किशन ने 38 गेंदों में सर्वाधिक 80 रन बनाए जबकि अनिकेत वर्मा ने 21 गेंदों में 43 रन का योगदान दिया। हेनरिक क्लासन ने भी 31 रन बनाए।

हैदराबाद की टीम 29-3 की स्थिति से किशन और क्लासन ने मिलकर 97 रनों की साझेदारी की थी। क्लासन फिल साल्ट के शानदार कैच में आउट हुए, वहीं सेट बल्लेबाज किशन का कैच भी साल्ट ने ही लपका।

आरसीबी के लिए जैकब डफी ने 4 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट लिए। रोमारियो शेपहर्ड ने 4 ओवर में 54 रन खर्च करते हुए 3 विकेट हासिल किए। भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह और सुयश शर्मा ने एक-एक विकेट लिए।

दशरथ चन्द स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की क्षमता विस्तार पर चर्चा


१४ चैत, काठमांडू। दशरथ चन्द स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की क्षमता विस्तार को लेकर चर्चा हुई है।

शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मित पोखरेल, प्रतिनिधि सभा सदस्य केपी खनाल, विश्वविद्यालय के उपकुलपति, रजिस्ट्रार सहित टीम ने विश्वविद्यालय की स्तरोन्नति के लिए विचार-विमर्श किया।

अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर १०० बिस्तरों से बढ़ाकर ३०० बिस्तरों पर लाने और सेवाओं को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।

नए शैक्षिक कार्यक्रम शुरू करने के लिए आवश्यक बजट २ अरब ५८ करोड़ सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीए में ५०, नर्सिंग में ३०, बीएससी एमएलटी में २० और नेत्र विज्ञान में २० सीटों का संचालन किया जाएगा।

स्वीकृत ४३ करोड़ का बजट सिनेट की बैठक न होने के कारण रुका हुआ है, जिसे शिक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय कर जल्द ही बैठक बुलाकर उस बजट को लागू करने पर सहमति बनी है।