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लेखक: space4knews

ईंधन मूल्य वृद्धि के कारण ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच उड़ानें रद्द

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • मध्य पूर्व के युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतें बढ़ने पर जेटस्टार न्यूज़ीलैंड ने मई महीने में 12 प्रतिशत उड़ानें रद्द की हैं।
  • जेटस्टार के अनुसार मुख्य हब ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, सिडनी और ब्रिस्बेन के बीच उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
  • वियतनाम एयरलाइंस और म्यांमार एयरलाइंस ने भी ईंधन की कीमत और उपलब्धता के कारण घरेलू उड़ानें रद्द की हैं।

११ चैत्र, काठमांडू । जेटस्टार न्यूज़ीलैंड ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण कुछ घरेलू सेवाओं के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच की उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया है।

कंपनी के अनुसार मई महीने में लगभग 12 प्रतिशत उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें इसके मुख्य हब ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, सिडनी और ब्रिस्बेन शामिल हैं।

सूचना के अनुसार, एयरलाइन ने अधिकांश यात्रियों को विकल्प के रूप में उसी दिन की दूसरी उड़ान उपलब्ध कराई है।

एक प्रवक्ता ने बताया, “हमने अपनी उड़ान अनुसूची में कुछ अस्थायी परिवर्तन किए हैं, जिसका मुख्य कारण मध्य पूर्व के संघर्ष और अन्य बढ़ती लागतों के चलते विमान ईंधन की कीमतों में आई बढ़ोतरी है।”

उन्होंने कहा, “हम इस असुविधा के लिए क्षमा चाहते हैं और हमारे ग्राहकों के धैर्य तथा समझदारी के लिए धन्यवाद देते हैं।”

इसी प्रकार, सोमवार को वियतनाम एयरलाइंस ने ईंधन की कीमतों और उपलब्धता की वजह से सप्ताह में लगभग दो दर्जन घरेलू उड़ानें रद्द की हैं, जबकि म्यांमार एयरलाइंस ने भी अपनी घरेलू उड़ान अनुसूची में कटौती की है।

आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए नेपाल की प्रारंभिक टीम की घोषणा

समाचार सारांश

समीक्षित तथ्य।

  • नेपाल क्रिकेट संघ ने पहली बार आयोजित होने वाली आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए 29 खिलाड़ियों को कैंप में शामिल किया है।
  • टीम में कप्तान इंदु बर्मा सहित अनुभवी और युवा नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
  • टीम में पूजा महतो, रुबिना क्षेत्री, सीता राना मगर समेत 29 खिलाड़ी हैं।

11 चैत, काठमाडौं। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने पहली बार आयोजित होने जा रही आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए नेपाली महिला क्रिकेट टीम का चयन किया है।

क्यान ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ नए युवा खिलाड़ियों को भी शामिल करते हुए कैंप के लिए टीम की घोषणा की है। इससे पूर्व चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर रही कप्तान इंदु बर्मा को फिर से टीम में स्थान मिला है।

टीम में इंदु के अलावा पूजा महतो, रुबिना क्षेत्री, सीता राना मगर, बिंदु रावल, सम्झना खड्का, रुबी पोद्दार, कविता जोशी, कविता कुँवर, रिया शर्मा, रोमा थापा, सुमन बिष्ट, अनु कडायत, सीमाना केसी और राजमती ऐरी शामिल हैं।

इसके अलावा, टीम में मनीषा उपाध्याय, रचना चौधरी, सोनी पाख्रिन, सना प्रवीन, खुशी डंगोल, सुधा धामी, किरण कुँवर, लक्ष्मी साउद, आलिशा यादव, तृष्णा विके, कुसुम गोदार, यशोदा बिष्ट, अंजी पाठक और रमा बुढाथोकी भी शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नई संरचना के अनुसार यह प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है, जिसमें विश्व के उभरते राष्ट्रों की भागीदारी होगी।

प्रतियोगिता आगामी अप्रैल के दूसरे सप्ताह में रवांडा में शुरू होने की तैयारी में है, लेकिन आईसीसी ने अभी तक आधिकारिक तिथियां और प्रतिभागी टीमों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

प्रतियोगिता में एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और ईस्ट एशिया–प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम की भागीदारी आईसीसी की योजना है।

महिला क्रिकेट के विकास के लिए आईसीसी ने तीन स्तरीय संरचना विकसित की है, जिसमें सबसे निचले स्तर की प्रतियोगिता के रूप में आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी रखी गई है।

यह टूर्नामेंट नई और कमजोर टीमों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करने का उद्देश्य रखता है।

रसेलको सम्मानमा केकेआरले रिटायर गर्‍यो १२ नम्बर जर्सी

रसेल के सम्मान में केकेआर ने रिटायर किया नंबर 12 जर्सी

समाचार सारांश

संपादन समीक्षा गरिएको।

  • कोलकता नाइट राइडर्स ने आन्द्रे रसेल के सम्मान में नंबर 12 जर्सी रिटायर किया है।
  • रसेल ने केकेआर के लिए 2651 रन और 123 विकेट लिए हैं और दो बार आईपीएल की ट्रॉफी जीती है।
  • इस सीजन रसेल केकेआर के पावर कोच के रूप में युवा खिलाड़ियों को फिनिशिंग कला सिखाएंगे।

११ चैत, काठमाडौं। कोलकता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आन्द्रे रसेल के सम्मान में नंबर 12 जर्सी रिटायर करने की घोषणा की है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के १९वें संस्करण से पहले मंगलवार को कोलकता में आयोजित ‘अप्लग्ड इन कोलकाता’ कार्यक्रम में केकेआर ने यह घोषणा की।

इस निर्णय के बाद अब केकेआर में कोई भी खिलाड़ी नंबर 12 जर्सी नहीं पहनेगा। केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने मंच पर कहा, ‘आपके सम्मान में हम इस नंबर को केकेआर के लिए रिटायर करना चाहते हैं।’

रसेल ने अपने आक्रमक प्रदर्शन से केकेआर के लिए एक दशक से अधिक समय तक शानदार योगदान दिया और अपनी जर्सी को आइकॉनिक बना दिया।

आईपीएल के पिछले ऑक्शन से पहले रसेल ने संकेत दिए थे कि वे केकेआर को छोड़ सकते हैं, लेकिन एक व्यक्तिगत वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आईपीएल में केवल केकेआर के लिए ही खेलेंगे।

इस सीजन रसेल मैदान पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी प्रदर्शन नहीं करेंगे, लेकिन केकेआर के पावर कोच के रूप में युवा खिलाड़ियों को फिनिशिंग कला सिखाएंगे।

केकेआर में रहते हुए रसेल ने 2651 रन बनाए हैं और 123 विकेट लिए हैं। उन्होंने केकेआर के साथ दो बार आईपीएल चैंपियनशिप जीती है, जिसमें उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।

रसेल ने अपना आईपीएल सफर सन 2012 में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) से शुरू किया था और 2024 में केकेआर में शामिल होने के बाद आक्रमक खेल दिखाते रहे।

केकेआर में अपने सफर का वीडियो देखने पर रसेल भावुक हुए। उन्होंने कहा, ‘यह वीडियो देखकर मैं थोड़ा भावुक हो गया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘दशकों से अधिक समय तक उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करना और दो बार उपाधि जीतने वाली टीम का हिस्सा बनना एक खास अनुभव है। सफलता का क्या अर्थ है, इसे महसूस करना अलग खुशी है। विश्व कप जीतना खास होता है, लेकिन आईपीएल जीतना बिलकुल अलग एहसास होता है। जब हमने आखिरी बार ट्रॉफी जीती थी, मैं भावुक हो गया था।’

उन्होंने बताया, ‘जब आप मैदान पर अपना सब कुछ देते हैं, तब खेल से दूर होने पर कोई पछतावा नहीं होता। मैंने हर मैच को अपनी आईपीएल करियर का आखिरी मैच मानकर खेला।’

अब कोच के तौर पर भूमिका निभाने पर रसेल उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘इस भूमिका में आने पर मुझे कोई पछतावा नहीं है, मैं उत्साहित हूं।’

रसेल ने केकेआर के मुख्य कोच अभिषेक नायर और सहायक कोच शेन वाटसन के साथ काम करने को खुशी की बात बताया।

इस बीच, केकेआर ने नए सत्र के लिए रिंकु सिंह को उपकप्तान नियुक्त किया है। इससे पहले अजिंक्य रहाणे के कप्तान बनने की पुष्टि हो चुकी है।

राप्रपाका केन्द्रीय सदस्य ऋषिबाबु परियारले पार्टीबाट दिएको राजीनामा


११ चैत, काठमाडौं। राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) केन्द्रीय सदस्य ऋषिबाबु परियारले पार्टी छोड्ने घोषणा गरेका छन्। उनले नैतिक कारण बताउँदै राप्रपामा साधारण सदस्य समेत नरहने गरी राजीनामा दिएका छन्।

परियारले बताएका छन् कि राप्रपाले राजाको एजेन्डा त अपनाएको छ, तर राजाको आदेश पालना नगर्ने र दलित समस्याप्रति संवेदनशील नहुनुलाई लिएर उनले पार्टी छोड्ने निर्णय गरेका छन्। उनले भने, ‘समानुपातिक रुपमा चार सिट मध्ये एक जना खसआर्य र एक जना दलित समावेश गर्न सकिए पनि पार्टीले दलितलाई समेटेन।’

राप्रपाको केन्द्रीय कार्यसम्पादन समितिका सदस्य समेत रहेका परियारले पार्टीभित्र राजनीतिक र वैचारिक स्पष्टता पनि नभएको आरोप लगाएका छन्। उनले जोड देते हुए भने, ‘राजपरिवारलाई राजनीतिक भ¥याङ मात्र बनाउनु, राजसंस्था पुनर्स्थापनाको आन्दोलनलाई कमजोर बनाउनु र पार्टीभित्रका सच्चा देशभक्त नेता एवं कार्यकर्ताप्रति पक्षपातपूर्ण व्यवहार गर्नु मेरो पार्टी छोड्नुको मुख्य कारण हो।’

परियार राप्रपाका केन्द्रीय सदस्य, कार्यसम्पादन समितिका सदस्य तथा केन्द्रीय निर्देशन समितिका सदस्य हुनुका साथै उत्पीडित दलित संगठनका केन्द्रीय वरिष्ठ नेताको रूपमा पार्टीमा सक्रिय रहेको बताइएको छ।

इंधन और ऊर्जा बचत के बीच श्रीलंका और फिलिपींस में संकटकाल

समाचार सारांश

  • मध्यपूर्व के युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से फिलिपींस ने राष्ट्रीय ऊर्जा संकटकाल की घोषणा की है।
  • फिलिपींस में 28 फरवरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें दोगुनी से अधिक बढ़ गई हैं।
  • श्रीलंका ने सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

११ चैत, काठमांडू। मध्यपूर्व में चल रहे युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद पड़ोसी एशियाई देशों में गंभीर प्रभाव दिखने लगे हैं।

इंधन की भीषण कमी और मूल्यवृद्धि के कारण फिलिपींस ने राष्ट्रीय ऊर्जा संकटकाल घोषित किया है, जबकि श्रीलंका सरकार ने भी कड़े ऊर्जा बचत निर्देश जारी किए हैं।

अमेरिका-इजरायल और इरान के बीच युद्ध से फिलिपींस अधिक प्रभावित हुआ है। इस देश का लगभग ९८ प्रतिशत तेल खाड़ी क्षेत्र से आयात होता है, जहां २८ फरवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतें दोगुनी से अधिक बढ़ी हैं।

इंधन आपूर्ति में गंभीर संकट को देखते हुए राष्ट्रपति फर्डिनान्ड मार्कोस जूनियर ने एक वर्ष के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संकटकाल घोषित कर कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इरान के साथ युद्ध को वजह बताते हुए संकटकाल लागू करने वाला फिलिपींस दुनिया का पहला देश बन गया है।

फिलिपींस के ऊर्जा मंत्री शेरोन गारिन के अनुसार देश में करीब ४५ दिनों का ही इंधन भंडार बचा है। महंगे गैस के विकल्प के तौर पर तत्काल कोयले से चलने वाले विद्युत केंद्रों पर अधिक निर्भर रहने की सरकार की योजना है। होर्मुज जलसंधि के नाकाबंदी से एशियाई बाजार में बड़ा संकट आया है, जहाँ दुनिया के ९० प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार केंद्रित है।

सड़क पर मजदूरों ने हड़ताल की घोषणा

संकटकाल लागू होने के बाद सरकार ने इंधन, खाद्य और दवाइयों की वितरण सुविधा के लिए विशेष समिति गठित की है, साथ ही इंधन खरीद के अधिकार सीधे प्राप्त किए हैं।

सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में केवल ४ दिन काम करने का नियम (फोर-डे वर्क विक) लागू किया गया है, जबकि जल यातायात (फेरी) सेवाओं में कटौती की गई है।

हालांकि, मजदूर संगठन केएमयू समेत अन्य ने संकटकाल का विरोध किया है। उनका कहना है कि संकटकाल के दौरान हड़ताल पर प्रतिबंध है, जिससे वे असंतुष्ट हैं। बढ़ती महंगाई और सरकार की धीमी प्रतिक्रिया के विरोध में यातायात और राइड-शेयरिंग सेवा के चालक गुरुवार और शुक्रवार को दो दिन हड़ताल पर रहेंगे।

वे ईंधन कर हटाने, दाम घटाने और किराया तथा मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद व्यवसायी संकट के समय सरकार के कदम का समर्थन करते हैं।

श्रीलंका की सख्त नीति: लिफ्ट और एसी न चलाने के निर्देश

संभावित इंधन संकट को देखते हुए श्रीलंका ने भी सरकारी कार्यालयों के लिए कड़े ऊर्जा बचत निर्देश जारी किए हैं। सिन्ह्वा समाचार एजेंसी के अनुसार, श्रीलंका के प्रमुख अत्यावश्यक सेवा कार्यालय ने सभी मंत्रालयों के सचिवों और कार्यालय प्रमुखों को परिपत्र जारी कर बिजली तथा इंधन की खपत घटाने के आदेश दिए हैं।

नए नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को व्यक्तिगत वाहन के स्थान पर सार्वजनिक या सामूहिक परिवहन (कारपूलिंग) का उपयोग करना होगा। क्षेत्रीय या फील्ड कार्य के लिए वाहनों की संख्या कम करने हेतु दैनिक यातायात योजना बनाना अनिवार्य है।

साथ ही बिजली बचाने के लिए कार्यालयों में एयर कंडीशनर की जगह पंखे चलाने, दिन में प्राकृतिक प्रकाश का अधिकतम उपयोग करने और लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करने का निर्देश दिया गया है।

उच्च सुरक्षा क्षेत्रों को छोड़कर सड़कों पर अनावश्यक प्रकाश व्यवस्था न करने और तकनीक के माध्यम से कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने के बजाय घर से काम करने की अनुमति देने को भी कहा गया है। श्रीलंका सरकार ने सभी अधिकारियों से राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण प्रयासों में मिसाल कायम करने का आह्वान किया है।

(एजेंसियों के सहयोग से)

अमेरिकाले सम्झौताका लागि इरानलाई १५ सुत्रीय योजना पठायो – Online Khabar

अमेरिका ने इरान को भेजा १५ बिंदुओं का प्रस्ताव, समझौते की दिशा में

११ चैत्र, काठमाण्डौ। अमेरिकी और इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने इरान के साथ समझौता करने के उद्देश्य से १५ बिंदुओं का एक प्रस्ताव भेजा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स, रॉयटर्स और इजरायली चैनल १२ ने बताया है कि अमेरिका ने यह १५ बिंदुओं का प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से इरान को सौंपा है।

इन मीडिया आउटलेट्स ने अपनी खबरों में अज्ञात स्रोतों का हवाला दिया है, जबकि बीबीसी ने कहा है कि उसने उक्त दस्तावेज नहीं देखा है और इस दावे की पुष्टि के प्रयास जारी हैं।

इससे पहले, पाकिस्तान ने युद्धरत देशों के बीच शांति वार्ता आयोजित कराने की इच्छा जताई थी।

‘चैनल १२’ के अनुसार, अमेरिका द्वारा इरान को भेजे गए समझौते के दस्तावेज में होर्मुज जलसंधि को खुले रखने और इसे मुक्त समुद्री क्षेत्र घोषित करने का प्रावधान शामिल है।

‘विश्व इतिहास में ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ा अवरोध झेल रहा है’


11 चैत्र, काठमाडौँ। कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हडसन ने कहा है कि विश्व इतिहास में ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ा अवरोध का सामना किया जा रहा है।

फाइनान्शियल टाइम्स के साथ बातचीत में मंत्री हडसन ने बताया कि वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उनके देश के उत्पादक उपयुक्त स्थान पर स्थित हैं।

ह्यूस्टन में आयोजित सीराविक ऊर्जा सम्मलेन के दौरान दिए गए इंटरव्यू में हडसन ने कहा, ‘हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे साझीदार राष्ट्रों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऊर्जा सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है, यह लंबे समय तक स्पष्ट नहीं था। इसलिए, कई मायनों में यह कनाडा का समय है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘ईरान का युद्ध एशियाई देशों को उस तरह के संकट में डालने वाला है, जैसे 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण आक्रमण के बाद यूरोप बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस समय ऊर्जा की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को ठप करने का खतरा थीं।’

विश्व की निराशाजनक स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘उन्हें एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता की आवश्यकता है।’

ऑस्ट्रेलियाई सरकारी मीडिया ABC के कर्मचारियों का 24 घंटे का हड़ताल, बीबीसी के कार्यक्रम प्रसारित

ऑस्ट्रेलियाई सरकारी मीडिया ABC के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि सहित अपनी मांगों के साथ 24 घंटे की राष्ट्रीय हड़ताल शुरू की है। इस हड़ताल के कारण ABC के टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल सेवाओं पर प्रभाव पड़ा है। ABC टेलीविजन को बीबीसी के कार्यक्रम प्रसारित करने पर मजबूर होना पड़ा है। रेडियो स्टेशनों पर भी केवल पुराने कार्यक्रम और संगीत ही बजाए जा रहे हैं।

कर्मचारी एआई के उपयोग न करने की गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। ABC के 2,000 से अधिक कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों के तहत यह आंदोलन शुरू किया है। गार्जियन के अनुसार, यह पिछले 20 वर्षों में इस तरह का पहला बड़ा आंदोलन है। वेतन वृद्धि से जुड़ी मुख्य मांग पर प्रबंधन ने तीन वर्षों में 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, लेकिन कर्मचारियों ने इसे “कम” बताया है।

ABC की प्रमुख प्रस्तुतकर्ता फ्रां केली ने सिडनी में मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा, ‘बहुत से कुशल पत्रकार और उत्पादक नौकरी छोड़ने को मजबूर हुए हैं क्योंकि इस वेतन पर सिडनी जैसे महंगे शहर में रहना असंभव है।’

प्रसारण में बाधा के बाद बीबीसी की सहायता से बुधवार सुबह 11 बजे से कर्मचारियों के काम छोड़कर सड़कों पर प्रदर्शन करने के कारण ABC न्यूज चैनल को मजबूर होकर बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम प्रसारित करने पड़े। ABC के प्रबंध निदेशक ह्यू मार्क्स ने कर्मचारियों की मांगों पर पीछे न हटने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन पर बजट का 60 प्रतिशत खर्च होता है और यदि वेतन में अधिक वृद्धि की जाती है तो कर्मचारी कटौती करनी पड़ेगी, ऐसा उन्होंने चेतावनी दी है।

इजरायल और ईरान के बीच नए हमलों के बीच ट्रम्प ने कहा ‘तेहरान युद्ध खत्म करने को तत्पर’

संवाददाताओं के बीच डोनाल्ड ट्रम्प

तस्बीर स्रोत, Getty Images

पढ़ने का समय: ३ मिनट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के साथ युद्ध समाप्त करने के संबंध में “हाल ही” बातचीत चल रही होने और अमेरिका की ओर से वार्ता में संलग्न “लोगों” को समझौता करने के लिए उत्साहित होने की बात कही है।

इरानी अधिकारियों ने बातचीत की जानकारी को “गुमराह करने वाली खबर” बताते हुए अमेरिका के संपर्क को अस्वीकार किया था, जिसके अगले दिन ट्रम्प ने यह बयान दिया।

इरान पर तेल बाजार को प्रभावित करने का भी आरोप लगा था।

ट्रम्प के इस नए बयान का असर एशियाई तेल बाजार में बुधवार सुबह नजर आने लगा है।

हाल ही में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 6.5 प्रतिशत गिरकर 97.65 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है। मंगलवार को यह कीमत 100 डॉलर तक थी।

हाथ न चलाने के बावजूद हिम्मत न हारे संदेश, पैर से ही लिखते हैं भविष्य

समाचार सारांश

  • रोल्पा नगरपालिका–१० धवाङ, धाङ्सी गांव के १२ वर्षीय संदेश बुढामगर पैर से लिखते हैं। वो इस समय कक्षा पाँच की वार्षिक परीक्षा दे रहे हैं।
  • संदेश के जन्मजात दोनों हाथ चलाने में समस्या है, लेकिन उन्होंने खुद को कमजोर कभी नहीं माना।
  • वे न केवल रोल्पा के, बल्कि दृढ़ संकल्प वाले हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा के प्रतीक बन गए हैं।

रोल्पा। रोल्पा के कठिन पहाड़ी रास्तों में लगभग डेढ़ घंटे पैदल चलकर १२ वर्षीय एक बालक रोजाना परीक्षा केंद्र तक पहुंचते हैं। और फिर पैर से ही परीक्षा लिखकर लौटते हैं। ये हैं रोल्पा नगरपालिका–१० धवाङ, धाङ्सी गांव के संदेश बुढामगर, जो आज अपने पैर के सहारे अपना भविष्य लिख रहे हैं।

नेपाल राष्ट्रीय आधारभूत विद्यालय में कक्षा पाँच के छात्र संदेश परीक्षा देने के लिए दूसरे वॉर्ड की हिमालय माध्यमिक विद्यालय तक जाते हैं। वे जिले में चैत्र ८ से शुरू हुई पालिका स्तर की वार्षिक परीक्षा में भाग ले रहे हैं। परीक्षा के दौरान उन्हें जमीन पर बैठने की व्यवस्था मिलती है। पैर की उंगलियों से कलम पकड़कर वे लिखने लगते हैं।

उनकी अक्षरों में छुपी मेहनत और संघर्ष असाधारण है, क्योंकि हर परीक्षा उनके लिए केवल शिक्षा का आकलन नहीं, आत्मविश्वास की परीक्षा भी है। जिन लोगों ने संदेश की लिखावट देखी, वे दंग रह जाते हैं।

संदेश के जीवन की शुरुआत सहज नहीं थी। खाना खाने, कपड़े पहनने और रोजमर्रा के कार्यों में उनके हाथों का समर्थन नहीं था। जन्मजात दोनों हाथ न चलने की समस्या के बावजूद उन्होंने खुद को कमजोर नहीं माना। उन्होंने अपनी कमजोरी को शक्ति में बदलने का संकल्प लिया है।

नर्सरी से ही उन्होंने पैर से लिखने का अभ्यास शुरू किया था। आज वे कहते हैं, “स्कूल जाने से ही पैर से लिखने का अभ्‍यास करता हूँ। आजकल चाहे जितना भी लिखना हो, पैर की मदद से आसानी से लिख सकता हूँ।”

शिक्षक खिम बुढामगर के अनुसार संदेश उत्तर पुस्तिका में प्रत्येक प्रश्न का उत्तर पैर से स्पष्ट और समझ में आने लायक लिखते हैं। दुर्गम गांव होने के कारण सड़कों का अभाव और यातायात सुविधा न होने से उन्हें रोजाना डेढ़ घंटे पैदल चलकर परीक्षा केंद्र पहुंचना पड़ता है।

प्रेरणा का स्रोत: झमक कुमारी घिमिरे

संदेश की यह यात्रा केवल अक्षर लिखने तक सीमित नहीं है। उन्हें साहित्यकार झमक कुमारी घिमिरे की जीवनी से बड़ी प्रेरणा मिली है। झमक ने भी पैर से लिखकर मदन पुरस्कार जीतकर विश्व में नाम कمایا है, जिसकी कहानी ने संदेश को उत्साहित किया है।

“झमक कुमारी घिमिरे ने भी पैर से लिखकर किताबें लिखी हैं, यह जानकर मुझे बहुत प्रेरणा मिली है,” संदेश आत्मविश्वास के साथ कहते हैं, “मैं भी बहुत पढ़ना और लिखना चाहता हूँ और अपने पैर पर खुद खड़ा होना चाहता हूँ।”

आर्थिक अभाव के बावजूद दृढ़ संकल्प

दुर्गम परिवेश और गरीबी के कारण संदेश के अभिभावकों को उनके हाथ न चलने का असली कारण पता नहीं चल पाया है। उचित स्वास्थ्य जांच न होने से इलाज भी नहीं हुआ है।

हालांकि हाथ न चलने के बावजूद उनकी पढ़ाई का उत्साह और आगे बढ़ने की इच्छा मजबूत है। संदेश ने सबको यह दिखाया है कि अगर हिम्मत हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते को नहीं रोक सकती।

संदेश बुढामगर आज रोल्पा में ही नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प रखने वाले हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गए हैं।

साम्बा के घुटने की सफल सर्जरी, वापसी पर ध्यान केंद्रित करेंगी

समाचार सारांश

समीक्षा गरी प्रकाशित।

  • नेपाली महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सावित्रा भण्डारी के घुटने की न्युजीलैंड के ऑक्लैंड में डाक्टर साइमन और टीम ने सफल सर्जरी की।
  • साम्बा ने सोशल मीडिया पर बताया कि उपचार के बाद वे पुनर्स्थापना शुरू करेंगी और स्थिति में सुधार होने पर कतार के एस्पेटार अस्पताल में निरंतरता देंगी।
  • साम्बा ने उपचार में सहायता देने वाले वेलिंगटन और ऑक्लैंड के नेपाली समाज, क्लब और प्रबंधन टीम का आभार व्यक्त किया है।

१० चैत, काठमाडौं। नेपाली महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सावित्रा भण्डारी ‘साम्बा’ के घुटने की सफल सर्जरी पूरी हो गई है।

साम्बा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट कर न्युजीलैंड के ऑक्लैंड में डाक्टर साइमन और उनकी टीम द्वारा सफल सर्जरी की जानकारी दी। खाड़ी क्षेत्र में स्थिति अनुकूल न होने के कारण वे कतार के एस्पेटार अस्पताल नहीं जा सकीं और इसलिए न्युजीलैंड में ही उपचार हुआ।

अब वे डॉक्टर की निगरानी में पुनर्स्थापना (रिहैब) प्रक्रिया शुरू करेंगी। स्थिति सामान्य होने पर कतार के एस्पेटार अस्पताल में पुनः रिहैब जारी रखने की योजना है, उन्होंने बताया।

अस्ट्रेलियाई ‘ए’ लीग में वेलिंगटन फोनिक्स से खेलते हुए पिछले पुस महीने में साम्बा चोटिल हुई थीं। गोलकीपर से टकराने पर उनके दाहिने घुटने के ACL टियर में समस्या आई थी।

लगभग दो महीने बाद फागुन में साम्बा ने एन्फा की ओर से उपचार सहयोग न मिलने की शिकायत करते हुए आर्थिक सहायता के लिए अपील की थी। उनकी अपील के बाद विश्वभर के नेपाली समर्थकों ने आर्थिक सहयोग जुटाया था।

सार्वजनिक अपील के बाद एन्फा ने भी स्पष्ट किया था कि उन्होंने साम्बा के उपचार के लिए आवश्यक पत्राचार कर दिया है।

साम्बा ने वेलिंगटन और ऑक्लैंड के नेपाली समुदाय, अपने क्लब और प्रबंधन टीम को उपचार में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है।

साथ ही समर्थकों के साथ और प्यार ने उन्हें पुनरागमन के लिए प्रेरित किया है, और अब वे सभी का ध्यान अपनी वापसी पर केंद्रित करने की बात कह रही हैं।

 

ईरान युद्ध: खाड़ी देशों में नेपाली कामगारों की नौकरी छूटने की प्रक्रिया शुरू, किन क्षेत्रों में प्रभाव पड़ा?

एक श्रमिक काम करते हुए दिख रहा है

तस्वीर स्रोत, Reuters

तस्वीर का कैप्शन, खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में नेपाली श्रमिक कार्यरत हैं

खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के बढ़ने के साथ ही वहाँ कार्यरत नेपाली श्रमिक इसका प्रभाव महसूस करने लगे हैं।

विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे नेपाली श्रमिकों पर युद्ध का प्रभाव दिखने लगा है, कतार में रहने वाले एक नेपाली व्यवसायी ने बताया।

हालांकि खाड़ी देशों में मौजूद नेपाली नियोग के अधिकारियों का कहना है कि अब तक किसी व्यापक नौकरी छूटने की स्थिति सामने नहीं आई है।

हाल के संघर्ष से प्रभावित खाड़ी देशों में दक्ष, अर्धदक्ष और अदक्ष श्रमिकों सहित भारी संख्या में नेपाली कामगार कार्यरत हैं।

अमेरिका और इज़राइल के हमले के बाद ईरान ने इजरायली शहरों और विभिन्न खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया है।

१.२ अर्ब डलर सम्पत्तिका साथ अष्ट्रेलियाका शीर्ष धनाढ्यको सूचीमा शेष घले र जमुना गुरुङ

1.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष धनी व्यक्तियों में शेष घले और जमुना गुरुङ

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • नेपाली मूल के उद्योगपति शेष घले और जमुना गुरुङ सन 2026 में भी ऑस्ट्रेलिया के सबसे धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं।
  • सन 2009 में पहली बार शीर्ष 250 धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल होने के बाद से उन्होंने लगातार 18 वर्षों तक यह स्थान बनाए रखा है।
  • घले दंपती ने मेलबर्न इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की और शिक्षा व अचल संपत्ति के व्यवसायों में सक्रिय हैं।

10 चैत्र, काठमांडू। नेपाली मूल के उद्यमी शेष घले और जमुना गुरुङ इस बार भी ऑस्ट्रेलिया के सबसे समृद्ध व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं। द ऑस्ट्रेलियन द्वारा जारी 2026 की सूची में घले एवं गुरुङ क्रमशः 150वें और 151वें स्थान पर हैं।

घले दंपती ने लगातार 18 वर्षों से इस सूची में अपनी जगह बनाए रखी है। वे सन 2009 में पहली बार शीर्ष 250 धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल हुए थे।

वे मेलबर्न इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक हैं। द ऑस्ट्रेलियन के मुताबिक, घले दंपती की संयुक्त संपत्ति का मूल्य 1 अरब 21 करोड़ डॉलर के करीब है।

नेपाल में जन्मे गुरुङ और घले सन 1990 के दशक की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया आए थे। दंपती ने 1996 में मेलबर्न इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) की स्थापना की, जो मेलबर्न और सिडनी में कैंपस के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सबसे बड़ा निजी उच्च शिक्षा संस्थान बन चुका है।

शिक्षा व्यवसाय मुख्य रहने के बावजूद, घले दंपती लगातार अचल संपत्ति व्यवसाय में भी सक्रिय हैं। उन्होंने मेलबर्न में विभिन्न व्यावसायिक संपत्तियां संस्था के रूप में खरीदी हैं, जिनमें से अधिकांश MIT कैंपस के रूप में संचालित होती हैं।

उनकी सबसे बड़ी संपत्ति, सीबीडी के उत्तरी भाग में स्थित 386-412 विलियम स्ट्रीट पर 3,900 वर्ग मीटर का प्लॉट सन 2009 में 1 करोड़ 78 लाख डॉलर में खरीदा गया था, जिसे पुनर्निर्माण के लिए आरक्षित किया गया है।

2025 में वहां की पुरानी इमारत गिराए जाने के बाद कार्यालय भवनों के बाजार के सुस्त होने के कारण इस जोड़ी ने अपना योजना बदलकर कार्यालय भवन के बजाय लक्ज़री होटल और सर्विस अपार्टमेंट बनाने का निर्णय लिया है। द ऑस्ट्रेलियन ने यह जानकारी दी है। उक्त खाली जमीन पर वार्षिक भूमि कर लगभग 20 लाख डॉलर है, जिसका उल्लेख घले ने किया है।

‘गुरुङ और घले शिक्षा एवं सामुदायिक परियोजनाओं का समर्थन करते हैं और बेल्जियम तथा नेपाल में होटल के स्वामित्व और विकास में शामिल हैं, जिनमें काठमांडू में जल्द खुलने वाला एक प्रतिष्ठित होटल भी शामिल है,’ द ऑस्ट्रेलियन ने बताया।

शेष घले गैर-आवासीय नेपाली संघ (NRN) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

इरान पर इजरायली-अमेरिकी हमला: युद्ध खत्म करने का विकल्प देर से निकलते हुए संकीर्ण होता जा रहा है

कुछ हफ्तों से अमेरिका और इजरायल इस दावे पर अड़े हुए हैं कि इरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक कमजोर हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लगातार हमलों के जरिये इरान की कमांड संरचना को ध्वस्त कर दिया है और उसकी जवाबी क्षमता को कमज़ोर कर दिया है, यह दावे बार-बार किए हैं। उनकी बातों के अनुसार यह संघर्ष अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा होना चाहिए। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत हो रही है। तनाव और तीव्र, तेज़ और समाधान की संभावना कम होती स्थिति में लगातार जारी है।

इरान की क्षमता को कम आंका गया था, ऐसे दावे के साथ, इरान ने हिन्द महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य अड्डे की ओर लगभग 3,800 किलोमीटर (2,300 मील) दूर से दो मिसाइलें दागीं। हालांकि ये मिसाइलें द्वीप तक नहीं पहुंच सकीं और इस घटना ने इरान की सामरिक क्षमता को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं। अब तक इरान की मिसाइल रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर मानी जाती थी। यह क्षमता पहले छिपाई गई थी या हमले के दौरान विकसित की गई, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसका मतलब साफ़ है: सैन्य दबाव इरान की प्रगति को रोक नहीं पाया है।

सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, शीर्ष नेता अली लारिजानी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर और सशस्त्र बल के प्रमुखों समेत इरानी नेतृत्व का बड़ा हिस्सा संभवतः समाप्त कर दिया गया है और प्रमुख मिसाइल निर्माण केंद्र भी नष्ट किए गए हैं, ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि इस अभियान का निर्देशन कौन कर रहा है और इतनी व्यापक दबाव के बावजूद इरान ने अपनी क्षमता कैसे बरकरार रखी है। यह अनिश्चितता शीर्ष स्तर से शुरू होती नजर आती है।

इरानमा ग्यास संरचनामाथि हमला भएको दाबी – Online Khabar

ईरान में गैस संरचना पर हमला होने का दावा

फाइल फोटो


समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार गरिएको। सम्पादकीय समीक्षा गरियो।

  • ईरानी मीडिया ने दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन पर इजरायली और अमेरिकी पक्ष के हमले होने का दावा किया है।
  • यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले से बचने का निर्देश जारी करने के तुरंत बाद हुई।
  • ईरानी पक्ष ने कहा है कि जब तक नुकसान की भरपाई नहीं की जाती संघर्ष जारी रहेगा और सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी है।

काठमांडू। ईरानी मीडिया ने मंगलवार को दावा किया कि दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन को लक्षित कर हमला किया गया है।

फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऊर्जा अवसंरचना पर हमला न करने का निर्देश देने के कुछ समय बाद यह घटना हुई है।

फार्स के अनुसार इस्फहान में कावेह स्ट्रीट पर स्थित गैस प्रशासन भवन और गैस प्रेशर रेगुलेशन स्टेशन को इजरायली और अमेरिकी पक्ष से निशाना बनाया गया।

ईरान के केंद्र में स्थित इन संरचनाओं को सामान्य नुकसान पहुंचा है, यह जानकारी देने वाला फार्स एकमात्र संवाद माध्यम है।

इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी ईरान में खोर्रमशहर पावर प्लांट से जुड़ी गैस पाइपलाइन को भी हमले का निशाना बनाया गया बताया गया है।

ईराक की सीमा के निकट स्थित इस शहर के गवर्नर के हवाले से फार्स ने बताया कि गैस पाइपलाइन प्रोसेसिंग स्टेशन के बाहर एक प्रोजेक्टाइल गिरा था। हालांकि, इस घटना से प्लांट के संचालन में कोई बाधा नहीं आई और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने का प्रयास बताया और पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला न करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संवाद हो रहा है।

लेकिन ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह वर्तमान विवाद में पीछे नहीं हटेगा। ईरानी पक्ष ने कहा है कि जब तक उन्हें हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा।

साथ ही, ईरान के सर्वोच्च नेता मौज़ता खमेनी के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने और अमेरिका द्वारा भविष्य में हस्तक्षेप न करने की ठोस गारंटी देने की शर्त रखी है।