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लेखक: space4knews

भारी वर्षा के बाद बीपी राजमार्ग अवरुद्ध, विभिन्न स्थानों पर डाइवर्जन बह गए हैं

१२ वैशाख, काभ्रेपलाञ्चोक। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण बढ़े उच्च जोखिम के चलते बीपी राजमार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। राजमार्ग के विभिन्न स्थानों पर डाइवर्जन बह गए हैं और मिट्टी तथा पहाड़ी खिसकने के कारण वाहन मार्ग में ही रुक गए हैं, पुलिस ने यह जानकारी दी है। बीपी राजमार्ग के काभ्रेपलाञ्चोक खंड और सिन्धुली के आँपघारी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर डाइवर्जन बहने की जानकारी इलाका प्रहरी कार्यालय मंगलटार के प्रमुख प्रहरी निरीक्षक ईश्वर कार्की ने दी है।

उनके अनुसार, रोशी खोला ने चौकीडाँडा, घुमाउने, चारसय बेंसी, गिम्दी बेंसी, नार्के, चिउरीबास, कालढुंगा तथा माम्ती में अस्थायी डाइवर्जन बहा दिए हैं। सिन्धुली की ओर आँपघारी क्षेत्र में भी डाइवर्जन बह चुके हैं। अत्यधिक वर्षा के कारण रात के समय स्थिति और जोखिमपूर्ण हो सकती है, इसलिए वाहन यातायात रोक दिया गया है। जिला प्रहरी कार्यालय काभ्रे के प्रमुख एसपी कोमल शाह ने बताया कि राजमार्ग के डाइवर्जन बह गए हैं, विभिन्न स्थानों पर पहाड़ टूटने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यातायात पूर्णतः बंद करने का निर्णय लिया गया है।

इस समय काभ्रे के मंगलटार, भकुन्डे, काभ्रेभञ्ज्याङ और धुलिखेल, साथ ही सिन्धुली के नेपाल थोक और खुर्कोट क्षेत्रों में सैकड़ों वाहन रुके हुए हैं। मौसम में सुधार आने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होने तक यातायात रोका रहेगा, पुलिस ने यह कहा है। इस संबंध में अगली सूचना बाद में जारी की जाएगी। यात्रियों और वाहन चालकों से अनावश्यक यात्रा न करने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।

अधिक जानकारी के लिए नेपाल पुलिस के १०० और ट्रैफिक पुलिस के १०३ नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही, रास्ते में रुके यात्रियों को सामान्य से महंगे दामों में उपभोग्य वस्तुएं बेचने से बचने के लिए राजमार्ग क्षेत्र के दुकानदारों और होटलों को पुलिस ने सलाह दी है। एसपी शाह ने कहा कि आपदा के समय फंसे यात्रियों की मदद करने के बजाय कालाबाज़ारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ऐसी कोई गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर १०० पर संपर्क करने का निवेदन किया है।

टिपर आतंक रोक्न रातभर जागै बस्छन् कात्तिकेका बासिन्दा

कात्तिके के निवासियों ने टिपर आतंक रोकने के लिए रातभर जागरूकता रखी

शंखरापुर नगरपालिक के कात्तिके क्षेत्र में स्थानीय निवासियों ने शाम से ही टिपर रोकना शुरू किया है और रातभर जागरूकता के साथ सड़क बंद रखी है। स्थानीय लोगों ने टिपरों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया है और तीन बार चेतावनी देने के बावजूद अनसुना होने पर कार्रवाई की चेतावनी नगरपालिका ने दी है। नगर प्रमुख रमेश नापित ने बताया कि सड़क संकरी और पुल छोटे होने के कारण टिपरों को रोका गया है और इसे एशियाई विकास बैंक की सहायता से पुनर्निर्मित किया गया है। १२ वैशाख, काठमाडौं।

‘सड़क बंद है, कृपया टिपर वापस करें। जबरदस्ती न करें। हम आपको नहीं, टिपर को रोक रहे हैं,’ बुधवार रात साढ़े ११ बजे शंखरापुर नगरपालिक के वार्ड नंबर ३ और ५ के सीमा क्षेत्र कात्तिके के स्थानीय निवासियों ने टिपरों को रोका। स्थानीय सनबहादुर पाख्रीन और रसली तामांग सहित ५–६ सदस्यों की टीम रातभर जागरूक रुकी। लगातार टिपर आते रहे। उन्होंने रास्ता जाम कर आगे बढ़ने नहीं दिया। आए हुए टिपरों को वहीं से वापस भेज दिया।

‘यहाँ आना मना है यह पता नहीं था? पता होते हुए भी क्यों आए?’ रसली ने चालक से पूछा। चालक ने एक बार फिर न आने की कसम खाई और कुछ ने तो ठेकेदार को भी फोन किया। फिर भी स्थानीय लोगों ने टिपर को आगे बढ़ने नहीं दिया। ‘नहीं होगा। चाहे किसी का भी फोन हो, हमारी सहमति के बिना नहीं होगा। हम तो पूरी रात जागते रहे हैं,’ रसली ने सड़क छोड़ने से इनकार कर दिया। साँखु से ७ किलोमीटर दूर कात्तिके से काभ्रेपलाञ्चोक के सिपाघाट, भक्तपुर के नगरकोट और सिन्धुपाल्चोक के मेलम्ची की ओर जाने वाले चालक इस मार्ग का उपयोग करना चाहते हैं।

चालकों ने वैकल्पिक रास्ता अपनाने की मांग की थी, लेकिन रातभर जागते हुए स्थानीय लोग उनकी मांग पर सहमति नहीं जताए। ‘जबरदस्ती मत करें। नगर प्रशासन को सूचित कर दिया है, ट्रैफिक पुलिस को बुलाया है, इससे समस्या और बढ़ सकती है,’ पाख्रीन ने टिपर चालकों को चेतावनी दी। स्थानीय निवासियों ने जहरसिंहपौवा और भक्तपुर होते हुए नगरकोट से जाने वाले वैकल्पिक मार्ग सुझाए। अंततः चालक अपने टिपर वापस लौटाने को बाध्य हो गए। तीन बार चेतावनी देने के बाद भी यदि अनदेखी हुई तो कार्रवाई के लिए नगरपालिका भेजा जाएगा, पाख्रीन ने बताया।

टिपर रोकने के लिए स्थानीय लोग बारी-बारी से रातभर सड़क पर पहरा देते हैं। ‘आज हमारी बारी है, कल दूसरे टीम की बारी होगी। हम सब मिलकर ऐसा कर रहे हैं,’ उन्होंने कहा। इस तरह रातभर जागने से टिपरों की संख्या कम होने लगी है। ‘पहले डेढ़ से २०० के करीब टिपर आते थे, अब मात्र ८-१० ही आते हैं,’ उन्होंने कहा, ‘टिपर घरों में काफी हल्ला मचाते हैं। रात भर नींद नहीं आती, इसीलिए हम बारी-बारी से सड़क पर जागते हैं।’ दिन में भी स्थानीय निवासी उस इलाके में टिपरों के प्रवेश को रोक देते हैं।

चुनाव से पहले नगर पुलिस ने दो सप्ताह तक निगरानी की थी, लेकिन पुलिस के न आने पर स्थानीय लोग स्वयं रात भर जाग कर पहरा देने लगे हैं। शंखरापुर नगरपालिका प्रमुख रमेश नापित के अनुसार, साँखु से कात्तिके तक की सड़क संकरी होने के कारण टिपर को रोका गया है। ‘सड़क संकरी है, पुल छोटे हैं, इसलिए इस मार्ग पर टिपर का आवागमन प्रतिबंधित है,’ उन्होंने कहा। ‘दुर्घटना का खतरा भी है क्योंकि गाड़ियों का आकार पारगमन क्षमता से बड़ा है।’ नापित ने बताया कि एशियाई विकास बैंक की सहायता से सड़क का निर्माण किया गया है। ‘यह सड़क बहुत पुरानी थी, पहले यह केवल गड़हा था। ६-७ साल पहले पक्की सड़क बनी है,’ उन्होंने बताया। पर्यटक क्षेत्र में आने वाले कात्तिके में अब आंतरिक व बाहरी पर्यटक आने लगे हैं, लेकिन टिपरों के कारण वहां समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ‘सरकार को चाहिए कि टिपर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे, ताकि हमें रातभर चौकसी न रखनी पड़े,’ स्थानीय लोगों ने दीर्घकालीन समाधान की मांग की है।

नेपाल शिक्षक महासंघ ने रास्वपा सांसद पोखरेल द्वारा प्रधानाध्यापक के प्रति व्यवहार की कड़ी निंदा की

१२ वैशाख, काठमाडौं। रास्वपा सांसद विश्वराज पोखरेल द्वारा अपने गृह जिले के एक प्रधानाध्यापक के प्रति प्रदर्शित व्यवहार पर नेपाल शिक्षक महासंघ ने कड़ी निंदा व्यक्त की है। शनिवार को महासंघ के अध्यक्ष लक्ष्मीकिशोर सुवेदी और महासचिव तुलाबहादुर थापाले एक विज्ञप्ति जारी करते हुए विद्यालय के भीतर प्रधानाध्यापक के प्रति किये गए इस व्यवहार की घोर निंदा की है।

‘माननीय विश्वराज पोखरेल ने २०८३ वैशाख १० गते श्री चण्डेश्वरी मावि, सिजिदेम्बा–२, ओखलढुंगा के प्रधानाध्यापक सन्तबहादुर मगर के प्रति दिखाए गए धमकीपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट हुआ है,’ विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘प्रत्येक पदाधिकारी के अपने पदीय दायित्व और क्षेत्राधिकार होते हैं। ऐसे मामलों को भुलाकर माननीय पोखरेल द्वारा विद्यालय के भीतर प्रधानाध्यापक के प्रति किए गए अशोभनीय व्यवहार ने शैक्षिक क्षेत्र की गरिमा और स्वतंत्रता को गंभीर रूप से आघात पहुंचाया है, साथ ही जननिर्वाचित प्रतिनिधि की गरिमा और विश्वास में भी कमी आई है, ऐसा हमारा मानना है।’

इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए शिक्षक महासंघ ने शिक्षा क्षेत्र की मर्यादा और स्वायत्तता का सम्मान करने का सभी से आग्रह किया है तथा भविष्य में ऐसी अभद्रताओं से बचने की चेतावनी दी है।

छाप्रो ढल्दा आँसु खस्यो – Online Khabar

छापरो ध्वस्त होने से बस्तीवासियों की आंखों में आंसू और करुणा

शनिवार थापाथली स्थित सुकुमवासी बस्ती को सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में डोजर द्वारा ध्वस्त किया गया और बस्तीवासियों को अपने सामान निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। सरकार की ओर से पर्याप्त सूचना न मिलने के कारण बस्तीवासियों में संशय और चिंता उत्पन्न हो गई, जिससे व्यवस्था में समस्या आई। डोजर द्वारा पानी की पाइप फूटने से सामान गीला हो गया और बस्तीवासी रोते नजर आए। पुलिस ने माइकिंग करके सामान सुरक्षित होने की जानकारी दी। १२ वैशाख, काठमांडू। शनिवार को झमाझम बारिश के बीच सुरक्षा अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। थापाथली स्थित सुकुमवासी बस्ती को सुरक्षा कर्मियों ने घेर रखा था। नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और कभी-कभी नेपाली सेना की गाड़ियां बस्ती के आसपास सतर्कता बनाए हुए थीं। सुरक्षा कर्मियों की भारी उपस्थिति के बीच बस्तीवासी अपने सामान निकालने में व्यस्त थे। वे अपने झोपड़ियों की जस्ता पत्तियों और जोड़ी हुई मेहनत की चीजें बचाना चाहते थे। इसलिए वे उन वस्तुओं को घर के बाहर निकाल रहे थे।

पहले कई बार बस्ती हटाने के प्रयास में झड़पें हुई थीं, पर शनिवार को ऐसा दृश्य नहीं दिखा। लोगों ने क्रोध कम और करुणा अधिक दिखाई। वे सरकारी सुरक्षा व्यवस्था के सामने मजबूर होकर आदेश मान रहे थे। हथियारधारी सरकारी दल से टकराने की ताकत नहीं थी, न ही सोशल मीडिया पर अपमानजनक सवालों का सामना करने का साहस। बस्तीवासियों ने पुलिस की सहायता को ‘सहयोग’ के बजाय ‘निकालने की जल्दी’ के रूप में लिया। “किस किस प्रकार का सहयोग होगा? हम जिसे कुछ भी नहीं है, हमें कब निकालना है इसकी जल्दी थी, फिर सहयोग क्यों नहीं करते? अगर इतनी परवाह होती तो इतनी आतंकित शैली में इतनी जल्दी निकालते?” बस्ती के शैलेन्द्र पासवान ने कहा।

बस्तीवासी रोते हुए अपनी लंबे समय से बसे इस जगह को छोड़ते हुए सुबह लगभग साढ़े आठ बजे स्कैवेटर बस्ती के अंदर दाखिल हुआ। इससे पहले सड़क से दिखाई देने वाली संरचनाओं को प्रशासन ने तोड़ना शुरू किया था, अब बस्ती के भीतर प्रवेश कर संरचनाओं को खाली करना शुरू कर दिया गया। पुलिस भी सामान स्थानांतरित करने में मदद करते दिखे। शंखमूल और प्रसूति गृह की ओर से डोजर चल रहे थे, जबकि सुकुमवासी अपना टूटता हुआ झोपड़ी देखते हुए सामान की चिंता करते और रोते हुए बेहद दुःखद दृश्य बने। लगभग ९ बजे चार महीने की मां अंजली पासवान अपने बच्चे को कोक्रे में झूलाती दिखीं। उनके अनुसार उनका परिवार यहां २० साल से रह रहा है।

२० वर्षों की यादों पर सरकारी डोजर चलते हुए, उनका चार महीने का बच्चा कोक्रे में झूल रहा था। झोपड़ी के ढहते हुए देखना आसान नहीं था। साथ ही, “सरकार हमें कहां ले जाएगी इसकी कोई जानकारी नहीं थी,” अंजली ने बताया। “अचानक सूचना देकर बस्ती को हटाने आए। अब कहां ले जाएँगे पता नहीं। व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है, पर कहां ले जाया जाएगा यह स्पष्ट नहीं है,” अंजली ने जोड़ा। यह दर्शाता है कि सरकार और बस्तीवासियों के बीच पर्याप्त संवाद नहीं हुआ। सरकार ने प्रबंधन के उपाय किए फिर भी बस्तीवासियों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने से वे तनाव में थे। लगभग ९ बजे जब डोजर ने पानी की पाइप फाड़ दी तब पानी बहने से सामान भीग गया, जिससे बस्तीवासी और अधिक चिंतित हो गए। वे क्रोधित थे पर इसे व्यक्त नहीं कर सके। उनके आंसुओं के साथ ही क्रोध भी बह रहा था। कुछ वृद्ध-बुजुर्ग पुराने समय की यादों को खोते हुए दुखी दिखाई दिए।

सरकार के बस्ती ध्वस्त करने के दौरान कई लोग रो रहे थे, कई वस्तुएं निहत्थे हटाए जा रहे थे और कुछ खुले आसमान के नीचे खाना पकाते हुए देखे गए। अधिकांश ने सरकारी प्रबंधन के बारे में पर्याप्त सूचना न मिलने की शिकायत की। कुछ ने कमरों की तलाश करते हुए गरिमा के साथ जीने की इच्छा जताई। “हम कैसे लड़ें? इतनी पुलिस और डोजर के बीच हमारी क्या ताकत? दुख सहना होगा, सुख-दुख के साथ जीना होगा। यदि सरकार अपमानजनक तरीके से निकालती है और समाज भी तुच्छ समझकर गाली देता है, तो क्या उसे व्यवस्था कहेंगे?” स्थानीय जंगबहादुर मगर ने कहा। सरकार ने थापाथली बस्ती को शांतिपूर्ण ढंग से हटाने का दावा किया है। अब वहां के डोजर गौरीगांव स्थित सुकुमवासी बस्ती की ओर बढ़ रहे हैं। मनोहरा की सुकुमवासी बस्ती में भी झोपड़ी ध्वस्त करने के लिए डोजर चलाए जा रहे हैं।

गोरखामा सिंगुसको आक्रमण, १० जना घाइते

१२ वैशाख, गोरखा। गोरखा नगरपालिका–११ रानादी टोलमा सिंगुसको आक्रमणबाट १० जना भन्दा बढी घाइते भएका छन्। दुई दिनको अन्तरालमा सिंगुसले १० जनाभन्दा बढीलाई टोकेको स्थानीयहरुले जानकारी दिएका छन्। घाइतेमध्ये केही व्यक्ति प्रदेश अस्पताल गोरखामा उपचाररत छन् भने केहीले उपचारपछि घर फर्केका छन्। उपचारपछि घर फर्केका स्थानीय कुमार अम्गाईका अनुसार सो टोलमा अहिले सिंगुस आतंक फैलिएको छ। तेह्रकिलोबाट छेवेटार जाने सडकमा आवतजावत गर्ने व्यक्तिहरूलाई सिंगुस समूह बनाएर आक्रमण गर्ने गरेको उनी बताए।

‘मेरो घरमा नै तीन जनालाई सिंगुसले टोक्यो,’ उनले भने, ‘छिमेकीहरू र उक्त बाटोमा हिँड्नेहरूलाई पनि टोकेको छ।’ विशेष गरी मोटरसाइकल चालकहरूलाई सिंगुसले आक्रमण गर्ने गरेको उनले बताए। ‘हिजो यहाँ एक जना स्कुटर चढेर आइरहेका बेला सिंगुसले टोकेर स्कुटर लडाउनुभयो, के भयो भनेर हेर्न गएपछी हामीलाई पनि टोक्यो,’ अम्गाईले भने। उक्त बाटो हुँदै आवतजावत गर्ने सबैलाई सिंगुस समूह बनाएर आक्रमण गर्ने गरेको उनले थपे।

सिंगुस आतंकका कारण सो क्षेत्रका स्थानीय त्रसित छन्। घरभित्र बस्नसमेत डर लाग्ने अवस्था सिर्जना भएको भन्दै उनीहरू चिन्तित छन्। ‘कहाँबाट आयो थाहा छैन, गोलो कहाँ छ त्यो पनि फेला परेको छैन,’ अम्गाईले बताए। प्रहरीलाई जानकारी गराए पनि उनीहरूले ध्यान नदिएको गुनासो उनीहरूले गरेका छन्। समस्या समाधानका लागि उनीहरूले वन कार्यालय र प्रशासनसँग अनुरोध गरेका छन्।

कर्पोरेट टी–10 लीग प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी

काठमांडू स्पोर्ट्स एंड इवेंट्स ने वैशाख 13 से 16 तक तल मौलापानी क्रिकेट मैदान में कर्पोरेट टी–10 लीग आयोजित करने की तैयारियां सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। प्रतियोगिता में एनसेल, क्लाउडफैक्ट्री, सिप्रदी, आईसीएफसी फाइनेंस, सुबिसु और टेक्सपायर कॉलेज की 6 कर्पोरेट टीमें भाग लेने वाली हैं। 12 वैशाख, काठमांडू। काठमांडू स्पोर्ट्स एंड इवेंट्स द्वारा आयोजित होने वाली कर्पोरेट टी–10 लीग की तैयारियां अब पूर्ण हो गई हैं, इसकी जानकारी आयोजकों ने शनिवार को काठमांडू में पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से दी। प्रतियोगिता वैशाख 13 से 16 तक तल मौलापानी क्रिकेट मैदान में आयोजित होगी।

कर्पोरेट टी–10 लीग में भाग लेने वाली प्रतिष्ठित 6 टीमें एनसेल, क्लाउडफैक्ट्री, सिप्रदी, आईसीएफसी फाइनेंस, सुबिसु और टेक्सपायर कॉलेज हैं। सम्मेलन में मुख्य प्रायोजक टेक्सपायर कॉलेज के सीईओ और प्रिंसिपल लक्ष्मण पोखरेल ने कहा कि कर्पोरेट टी–10 लीग आयोजित करना कॉलेज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कर्पोरेट क्षेत्र और खेलकूद के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता कर युवाओं में खेल के प्रति प्रेरणा बढ़ाई जाएगी।

कर्पोरेट टी–10 के तकनीकी निदेशक रविंद्र गुप्ता ने प्रतियोगिता को तकनीकी रूप से उत्कृष्ट, सुव्यवस्थित और निष्पक्ष बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने खेल मैदान की तैयारी से लेकर अम्पायरिंग, स्कोरिंग और कुल खेल संचालन तक सब कुछ व्यवस्थित रूप से संचालित किए जाने की जानकारी दी। गुप्ता ने कहा कि कर्पोरेट टी–10 खेलकूद के स्तर को बढ़ाने के साथ-साथ खिलाड़ियों में अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक सोच का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। टूर्नामेंट निदेशिका ज्योति भंडारी ने कहा कि वे प्रतियोगिता को सफल, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पत्रकार सम्मेलन में कर्पोरेट टी–10 की फेस ऑफ़ टुर्नामेंट, महिला राष्ट्रीय क्रिकेटर खुशी डंगोल ने कहा कि खेल के प्रति लगन और भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे प्लेटफार्म अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि ये प्लेटफार्म महिला और पुरुष दोनों खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे। प्रतियोगिता का मुख्य प्रायोजक टेक्सपायर कॉलेज है, जबकि एनर्जी पार्टनर एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक, बैंकिंग पार्टनर आईसीएफसी फाइनेंस, इंटरनेट पार्टनर सुबिसु, हॉस्पिटैलिटी पार्टनर अनमोल बैंक्वेट, मेडिकल पार्टनर होप हॉस्पिटल, ब्रॉडकास्ट पार्टनर काष्ठमण्डप टेलीविजन, ट्रैवल पार्टनर बुद्ध इंटरनेशनल हैं। इसके अलावा माया ग्रुप, नेपाली राइनोज और द वंडरलैंड ने भी सहयोग किया है। आज आयोजित पत्रकार सम्मेलन में टीम जर्सी और ट्रॉफी भी सार्वजनिक की गई। कर्पोरेट टी–10 लीग वैशाख 13 से 16 तक काठमांडू के तल मौलापानी क्रिकेट मैदान में आयोजित की जाएगी।

पुलिसको दुवै टोली विजयी – Online Khabar

रेडबुल दशवीं पीएम कप एनभीए महिला एवं पुरुष भलिबल लीग में पुलिस की दोनों टीमें विजयी

रेडबुल दशवीं पीएम कप एनभीएका महिला और पुरुष भलिबल लीग २०८३ में शनिवार को नेपाल पुलिस क्लब की दोनों टीमों ने लगातार दूसरी जीत हासिल की है। पुरुष वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने नेपाल एपीएफ क्लब को हराया, जबकि महिला वर्ग में सुदूरपश्चिम को पराजित किया। इस लीग में पुरुष वर्ग में ८ और महिला वर्ग में ६ टीमें शामिल हैं, जिनमें से शीर्ष दो टीमें फाइनल मुकाबला खेलेंगी। १२ वैशाख, काठमाडौं।

शनिवार को विभागीय टीम नेपाल पुलिस क्लब की दोनों टीमें विजयी रहीं। पुरुष वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने विभागीय प्रतिस्पर्धा में नेपाल एपीएफ क्लब को सीधे सेटों में हराया। यह पुलिस की दूसरी जीत है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में हुए मैच में पुलिस ने एपीएफ को २५-२३, २५-२०, २५-१४ से पराजित किया। इससे पहले पुलिस ने कोशी प्रदेश को हराया था।

महिला वर्ग में भी पुलिस ने सुदूरपश्चिम को हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। पुलिस ने सुदूरपश्चिम को २५-१२, २५-६, २५-१८ से हराया। पुलिस ने पहले दिन एभरेष्ट भलिबल क्लब को भी पराजित किया था। महिला वर्ग के एक अन्य मुकाबले में न्यू डायमंड यूथ स्पोर्ट्स क्लब ने एभरेष्ट भलिबल क्लब को हराया।

पुरुष वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब, हेल्प नेपाल, रुकुम पश्चिम तथा त्रिभुवन आर्मी क्लब ने भी लगातार दो मैच जीतकर समान रूप से ६ अंक हासिल किए हैं। एनभीए लीग में रविवार को पुरुष वर्ग में ३ और महिला वर्ग में २ कुल ५ मैच आयोजित होंगे। नेपाल भलिबल संघ के आयोजन में चल रही इस लीग में पुरुष वर्ग में ८ तथा महिला वर्ग में ६ टीमें भाग ले रही हैं।

५० हजार रुपैयाँ घूस लिएको सूचनाका आधारमा प्रहरी हवल्दार पक्राउ

१२ वैशाख, काठमाडौं । अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले ५० हजार रुपैयाँ घूस लिएको सूचनाका आधारमा एक जना प्रहरी हवल्दारलाई पक्राउ गरेको छ। जिल्ला प्रहरी कार्यालय कास्कीका मुद्दा फाँटमा कार्यरत ३९ वर्षीय हवल्दार विष्णु थापा क्षेत्रलाई अख्तियारको पोखरा कार्यालयले पक्राउ गरेको हो। हवल्दार थापाले लागुऔषध मुद्दामा प्रतिवादीलाई समेत मुद्दा मिलाउन सहजीकरण गर्ने वाचा गरी ५० हजार रुपैयाँ लिएको सूचना प्राप्त भएको अख्तियारले जनाएको छ। सोही सूचनाका आधारमा पोखरा महानगरपालिका–४ स्थित खाजाघरबाट उनलाई पक्राउ गरी थप अनुसन्धान भइरहेको अख्तियारले जानकारी दिएको छ।

एक ही परिवार के तीन खिलाडियों को सम्मानित किया गया

रसुवा जिला खेलकूद विकास समिति ने कालिका गाउपालिका वार्ड 1 के निवासी दावा तामाङ और उनकी दोनों बेटियों, दिया और दीक्षा को सम्मानित किया है। प्रभात तामाङ ने 13वें रसुवा जिला स्तरीय राष्ट्रपति रनिंग शील्ड खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उन्हें सम्मानित किया। दाव ने मंझुश्री ट्रेल रेस की 80 किलोमीटर दूरी में रजत पदक जीता है।

दावा तामाङ और उनकी बेटियों ने खेलकूद के माध्यम से जिले को परिचित कराने में सफलता प्राप्त की है, जिसके कारण उन्हें यह सम्मान दिया गया। दावा ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रेल रेसों में भाग लिया है। बड़ी बेटी दिया ने श्रीलंका में हुए दक्षिण एशियाई कराटे प्रतियोगिता के 14 वर्ष से कम उम्र के वर्ग में रजत पदक हासिल किया है, जबकि छोटी बेटी दीक्षा ने उसी प्रतियोगिता के 10 वर्ष से कम उम्र के वर्ग में कांस्य पदक जीता है। पिता दावा भी कराटे पृष्ठभूमि के खिलाड़ी हैं।

नेपाली केम्पो टोलीलाई एक स्वर्णसहित २५ पदक – Online Khabar

नेपाली केम्पो टीम ने २५ पदकों के साथ एक स्वर्ण पदक जीता

नेपाली केम्पो टीम ने तुर्की के अंटाल्या में आयोजित २२वें आइकेएफ विश्व केम्पो चैंपियनशिप २०२६ में एक स्वर्ण समेत कुल २५ पदक हासिल किए हैं। जूनियर काता वर्ग में मोनालिसा धामी ने स्वर्ण पदक जीतकर नेपाल के लिए स्वर्ण पदक की पहली उपलब्धि दर्ज की, साथ ही उन्होंने जूनियर फुल केम्पो फाइट में रजत पदक भी प्राप्त किया। नेपाल केम्पो महासंघ के अध्यक्ष पावेल शाह ने इसे नेपाल की अब तक की सबसे उत्कृष्ट प्रस्तुति बताते हुए पदक जीतने को गर्व की बात बताया है।

नेपाली केम्पो टीम ने तुर्की में आयोजित २२वें आइकेएफ विश्व केम्पो चैंपियनशिप २०२६ में पांच विभिन्न विधाओं में भाग लेते हुए एक स्वर्ण, ६ रजत तथा १८ कांस्य पदक सहित कुल २५ पदकों के साथ ऐतिहासिक सफलता हासिल की। यह प्रतियोगिता अंटाल्या शहर में संपन्न हुई।

जूनियर काता में मोनालिसा धामी ने नेपाल को स्वर्ण पदक दिलाया, वहीं शनिवार को हुए जूनियर फुल केम्पो फाइट (१२-१४ वर्ष आयु वर्ग) में भी उन्होंने रजत पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, ८ से १० वर्ष आयु वर्ग में आइरा गौतम ने रजत पदक जीतकर टीम को सम्मानित किया। जूनियर फुल केम्पो फाइट (६ से ८ वर्ष आयु वर्ग) में पृषा राज्यलक्ष्मी शाह ने कांस्य पदक ग्रहण किया।

महासंघ अध्यक्ष पावेल शाह ने कहा, “हालांकि स्वर्ण पदक की संख्या सीमित है, परंतु खिलाड़ियों द्वारा कुल पदक संख्या में उच्च प्रदर्शन करना उत्साहवर्धक है। यह विश्व चैंपियनशिप नेपाल का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इतने सारे पदक जीतना देश के लिए गर्व की बात है।” नेपाल से कुल १६ खिलाड़ी और अधिकारी इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। प्रशिक्षक अंजना शाही ने सभी पदक विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय मंच पर नेपाल का झंडा गर्व से फहराने के लिए बधाई दी।

‘सुकुमबासी की पहचान कल से, दो हफ्तों के अंदर नागार्जुन के अपार्टमेंट में रखा जाएगा’

१२ वैशाख, काठमाडौं। सरकार ने शनिवार से काठमाडौँ उपत्यका के सुकुमबासी बस्तियों को खाली करने का कार्य शुरू कर दिया है। पहले दिन की बस्ती खाली कराने की प्रक्रिया शान्तिपूर्ण रही, इसकी सूचना प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाह (बालेन) के राजनीतिक सलाहकार असिम शाह ने दी। उन्होंने कहा, ‘‘काठमाडौँ उपत्यका विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार शान्तिनगर में ४७६, गैरीगाउँ में १६२, थापाथली में १४३, गोठाटार में ७७ और मनोहरा टोल में १३ कुल मिलाकर ८७१ अनधिकृत घर-परिवार बसे हुए हैं,’’ सलाहकार शाह ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘इन इलाकों में बसे व्यक्तियों ने सरकार के इस कदम में सहयोग किया, जिससे थापाथली में शान्तिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से बस्ती खाली कराई गई।’’
उन्होंने बताया कि अभी तक थापाथली में रहने वाले ६८ परिवार सरकार से संपर्क में आए हैं और अन्य स्थानों से भी संपर्क जारी है। ‘‘संपर्क में आए परिवारों को दशरथ रंगशाला स्थानांतरित कर उनकी जानकारी संकलित की जाएगी और फिर उन्हें काठमाडौँ के विभिन्न होटलों में रखा जाएगा,’’ उन्होंने बताया। उन्होंने बताया कि होटलों में रखे गए परिवारों की असल सुकुमबासी होने की पहचान कल से शुरू कर दी जाएगी। ‘‘असली सुकुमबासी पाए गए परिवारों को दो हफ्ते के अंदर नागार्जुन नगरपालिका-१ में स्थित सरकारी अपार्टमेंट में स्थानांतरित किया जाएगा,’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसके बाद उनका दीर्घकालीन प्रबंधन शुरू किया जाएगा।’’

एआई के प्रयोग से भौतिकशास्त्र में नई खोज

भौतिकशास्त्रियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर प्रकृति में छिपे नए नियमों को खोजने में बड़ी सफलता हासिल की है। एमोरी यूनिवर्सिटी की अनुसंधान टीम ने विशेष रूप से डिजाइन किए गए न्यूरल नेटवर्क और डस्टी प्लाज्मा के कणों के सूक्ष्म त्रि-आयामी ट्रैकिंग संयोजन के जरिए कणों के बीच जटिल अंतःक्रियाओं के छिपे पैटर्नों का खुलासा किया है। पदार्थ की चौथी अवस्था मानी जाने वाली प्लाज्मा, अंतरिक्ष से लेकर पृथ्वी की अग्नि तक मौजूद रहस्यमय अवस्था है। इस अध्ययन का सबसे रोचक पहलू यह है कि एआई ने केवल आंकड़ों का विश्लेषण ही नहीं किया, बल्कि वर्षों से स्थापित भौतिकशास्त्र की मान्यताओं को चुनौती देते हुए नए सत्य खोजे हैं।

प्लाज्मा वह अवस्था है जहां गैस आयनीकृत होकर स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन और आयन बन जाते हैं, जिससे यह विद्युत चालकता जैसे विशिष्ट गुण दिखाता है। हमारे दृश्य ब्रह्माण्ड का लगभग ९९.९ प्रतिशत भाग प्लाज्मा से भरा हुआ है। डस्टी प्लाज्मा में ये आयन के साथ-साथ छोटे धूल के कण भी होते हैं, जो शनि ग्रह के घेरे से लेकर पृथ्वी के आयोनमंडल तक पाए जाते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशाला में वैक्यूम चैंबर के अंदर लेजर और उच्च गति कैमरों के माध्यम से इन कणों की गति को अत्यंत सूक्ष्म रूप से रिकॉर्ड किया। संकलित आंकड़ों को एआई मॉडल में डालने पर, इसने कणों के बीच होने वाली ‘गैर–पारस्परिक बल’, अर्थात् नॉन–रेसिप्रोकल फोर्सेस, को ९९ प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ व्याख्यायित किया।

गैर–पारस्परिक बल की संकल्पना अत्यंत जटिल है। इसमें एक कण का दूसरे कण पर प्रभाव और दूसरे कण की प्रतिक्रिया भिन्न होती है। अनुसंधान टीम ने इसे ताल में चलती दो नावों के उदाहरण से समझाया है, जहां आगे वाली नाव की लहर पीछे वाली नाव को खींचती है, पर पीछे वाली नाव आगे वाली को धकेलती है। डस्टी प्लाज्मा में भी ऐसा ही अनूठा व्यवहार देखा गया जहाँ आगे का कण पीछे को आकर्षित करता है, लेकिन पीछे का कण हमेशा आगे को विकर्षित करता है। पुराने सिद्धांत कण के विद्युत आवेश और आकार के बीच संबंध को सरल मानते थे, लेकिन एआई ने स्पष्ट किया कि यह संबंध प्लाज्मा के घनत्व और तापमान पर निर्भर एक जटिल प्रक्रिया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एआई विधि कोई ‘ब्लैक बॉक्स’ नहीं है, बल्कि मानव द्वारा आसानी से समझी और व्याख्यायित की जा सकने वाली तकनीक है। यह कणों की गति को तीन मुख्य प्रभावों में विभाजित करके अध्ययन करती है: गति से उत्पन्न अवरोध, गुरुत्वाकर्षण जैसे पर्यावरणीय बल, तथा कणों के बीच पारस्परिक बल। यह तकनीक केवल भौतिकशास्त्र तक सीमित नहीं रहकर बायोइंजीनियरिंग और जीवविज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी हो सकती है। उदाहरण के लिए, यह समझने के लिए कि कैंसर कोशिकाएँ एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे फैलती हैं, या पक्षियों के झुंड और मनुष्यों के समूह में सामूहिक व्यवहार कैसे विकसित होता है, यह नई दिशा प्रदान करेगी। यह शोध एआई को केवल एक उपकरण नहीं बल्कि प्रकृति के नए नियमों को खोजने वाला सहयात्री के रूप में स्थापित करता है।

मनोहराको सुकुमवासी बस्तीमा अनलाइनखबरकर्मी कमल प्रसाईंमाथि आक्रमण

मनोरहामा अस्थायी बस्तीमा अनलाइन समाचारकर्मी कमल प्रसाईं पर हमला

काठमाडौंको मनोरहामा रिपोर्टिङ गर्दै गर्दा अनलाइन समाचारकर्मी कमल प्रसाईंमाथि स्थानीय बस्तीवासीहरूले साँझ करिब ७ बजे हमला गरेका छन्। उनको नाकमा चोट लागेको छ र यो आक्रमण त्यतिबेला भएको हो जब सुरक्षाकर्मीको टोली डोजरसहित मनोरहामा पुगेको थियो। सरकारले बस्ती भत्काउने क्रममा भइरहेको अवस्थाबारे रिपोर्टिङ गर्न पुगेका उनीमाथि आक्रोशित समूहले हमला गरेका थिए। १२ वैशाख, काठमाडौं। मनोरहामा रहेको अस्थायी बस्तीको रिपोर्टिङ गर्दै गर्दा कमल प्रसाईंमाथि यस प्रकारको आक्रमण भएको हो। साँझ करिब ७ बजे स्थानीय बस्तीबासीहरूले उनीमाथि हमला गरेका थिए। उनको नाकमा चोट लागेको बताइएको छ। सरकारले बस्ती भत्काउने अवस्थाबारे रिपोर्टिङ गर्न पुगेका उनीमाथि स्थानीय आक्रोशित समूहले आक्रमण गरेका थिए। दिउँसो थापाथली र सिनामंगल खाली गराउँदा स्थिति शान्त रहेको थियो, तर मनोरहामा सुरक्षाकर्मीहरू डोजरसहित पुगेपछि स्थानीय आक्रोशित भएका थिए।

गैरीगाउँ की सुकुमबासी बस्ती खाली कर दी गई, सिनामंगल में भी डोजर चलाया जा रहा है

काठमांडू महानगरपालिका-9 स्थित गैरीगाउँ की सुकुमबासी बस्ती, जो अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी, वहां के घर और संरचनाएं हटाकर खाली कर दी गई हैं। नेपाल सरकार के निर्देशानुसार नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल और महानगर पुलिस की संयुक्त टीम सिनामंगल में स्थित सुकुमबासी बस्ती को हटाने के प्रयास में है। गैरीगाउँ में कम से कम 100 घर भंग किए गए हैं और अब तक बड़ी कोई अवरोध या झड़प की स्थिति पैदा नहीं हुई है, पुलिस ने यह जानकारी दी है।

काठमांडू महानगरपालिका-9 गैरीगाउँ की सुकुमबासी बस्ती को वर्तमान में खाली कराया गया है। यहां अवैध अतिक्रमण करके उस बस्ती के घर हटाए गए हैं। उक्त टीम अब सिनामंगल स्थित सुकुमबासी बस्ती को हटाने के लिए वहां रवाना हुई है। नेपाल सरकार के निर्देशन के तहत अवैध निर्माण और बस्तियों को ध्वस्त करने का अभियान आज सुबह से तेजी से जारी है।

आज दोपहर से शुरू किए गए इस अभियान में नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल तथा काठमांडू महानगर पुलिस की संयुक्त टीम तैनात की गई है। सुरक्षा कर्मियों की भारी मौजूदगी में गैरीगाउँ की अस्थायी और स्थायी संरचनाओं को हटाकर अब सिनामंगल की सुकुमबासी बस्ती के घर ध्वस्त करने का कार्य शुरू किया गया है। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के प्रवक्ता एवं पुलिस उपरीक्षक पवनकुमार भट्टराई ने बताया, ‘गैरीगाउँ की बस्ती हटाने के बाद अब टीम सिनामंगल की सुकुमबासी बस्ती को खाली करने के लिए भेजी गई है।’ पुलिस ने कहा कि अभी तक बस्ती हटाने के दौरान कोई बड़ी बाधा या झड़प नहीं हुई है। महानगर पुलिस के अनुसार गैरीगाउँ में कम से कम सौ से अधिक घर तोड़े गए हैं।

चीन और मोजाम्बिक के बीच खनिज उत्खनन और सुरक्षा पर ऐतिहासिक समझौता

मोजाम्बिक के उत्तरी प्रांत में स्थित महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण के लिए चीन और मोजाम्बिक के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। मोजाम्बिक के राष्ट्रपति डेनियल चापोको के हाल ही में बीजिंग दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उच्चस्तरीय वार्ता में इस रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की गई। विशेष रूप से ग्रेफाइट, लिथियम और ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ जैसे उच्च मूल्य वाले खनिजों की भौगर्भिक सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाया जाने वाला है, जो खनिज विश्वव्यापी हरित ऊर्जा अभियानों और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी निर्माण के लिए अनिवार्य माने जाते हैं।

इस साझेदारी का सबसे चुनौतीपूर्ण पक्ष मोजाम्बिक के उत्तरी प्रांत काबो डेलगाडो में जारी हिंसात्मक कट्टरपंथी विद्रोह है। पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में हो रहे सशस्त्र हमलों के कारण दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं तथा अरबों डॉलर की बहुराष्ट्रीय परियोजनाएं रुकी हुई हैं। चीनी सरकारी कंपनियों के बड़े निवेश वाली इन परियोजनाओं को पुनः शुरू करने और खनिज संसाधनों की उत्खनन के लिए मोजाम्बिक ने न केवल चीन से आर्थिक पूंजी, बल्कि सुरक्षा विशेषज्ञता और तकनीकी सहयोग की भी अपेक्षा की है।

राष्ट्रपति शी ने मोजाम्बिक के पूर्वाधार विकास और खनिज उत्खनन के मार्ग खोलने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। मोजाम्बिक हाल के समय में विश्वव्यापी प्राकृतिक गैस उत्पादन का नया केंद्र बन कर उभरा है। देश के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित रोभुमा बेसिन में ५० खरब घन मीटर से अधिक प्राकृतिक गैस के भंडार मिलने के कारण अंतरराष्ट्रीय शक्तियों का ध्यान मोजाम्बिक की तरफ केंद्रित हो रहा है। चीन न केवल मोजाम्बिक के खनिज और गैस परियोजनाओं में अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहता है, बल्कि आगामी १ मई से अफ्रीकी देशों के उत्पादों पर लागू होने वाली ‘शून्य कर’ नीति के तहत मोजाम्बिक के उत्पादों को चीनी बाजार में सहज पहुंच भी देगा। यह समझौता अफ्रीकी महाद्वीप में चीनी निवेश और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करने के साथ मोजाम्बिक की अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक बदलाव लाने की उम्मीद है।