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क्वान्टम कंप्यूटर कम क्यूबिट्स में बिटकॉइन हैक कर सकता है, खुलासा

गूगल के क्वांटम शोधकर्ताओं ने बिटकॉइन और एथेरियम की सुरक्षा प्रणाली को न्यूनतम संसाधन खर्च करते हुए क्वांटम कंप्यूटर की मदद से तोड़ने की संभावना पर नया शोध पत्र जारी किया है। उच्च गुणवत्ता वाले लगभग 1200 से 1450 क्यूबिट्स का उपयोग कर 9 मिनट के भीतर बिटकॉइन की प्राइवेट की का पता लगाया जा सकता है, यह जानकारी गूगल के क्वांटम एआई टीम ने दी है। गूगल ने 2029 तक प्रभावी क्वांटम सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जो क्रिप्टो क्षेत्र को पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा व्यवस्था में तेजी से स्थानांतरित करने का दबाव बनाएगा।

गूगल के इस नवीन अध्ययन ने बिटकॉइन के ‘एन्क्रिप्शन’ को तोड़ने के लिए करोड़ों क्यूबिट्स की आवश्यकता होने का पुराना अनुमान चुनौती दी है। इस शोध से पता चला है कि 5 लाख से कम क्यूबिट्स में भी यह कार्य संभव है। गूगल की क्वांटम एआई टीम का कहना है कि 9 मिनट में बिटकॉइन की प्राइवेट की उजागर हो सकती है, जिससे हैकर्स को लेन-देन की पुष्टि से पहले 41 प्रतिशत तक जोखिम उत्पन्न करने की संभावना मिलती है।

2021 में हुए बिटकॉइन के ‘टैपरूट’ अपडेट ने गोपनीयता और दक्षता में सुधार किया, फिर भी इसने सुरक्षा के नए खतरे उत्पन्न किए हैं। वर्तमान में लगभग 69 लाख बिटकॉइन ऐसे वॉलेट्स में मौजूद हैं जिनकी पब्लिक की किसी न किसी रूप में सार्वजनिक हो चुकी है। एथेरियम जैसे अन्य क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन की पुष्टि में समय कम होने के कारण इस प्रकार के ‘रियल-टाइम’ हमलों का खतरा अपेक्षाकृत कम हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर क्वांटम खतरा बना हुआ है। गूगल ने यह संवेदनशील जानकारी साझा करते समय ‘जीरो-नॉलेज प्रूफ’ तकनीक का उपयोग किया है, जिससे हैकिंग के विस्तृत तरीकों का खुलासा किए बिना ही शोध की प्रामाणिकता प्रमाणित हुई है।