सरकार ने राजस्व कर्मचारी एवं कोष नियन्त्रकों को एक साथ अन्तःशुल्क अधिकृत नियुक्त करने का निर्णय लिया

सरकार ने आन्तरिक राजस्व विभाग के विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों और ५२ कोष एवं लेखा नियन्त्रक कार्यालयों के प्रमुखों को एक ही बार में अन्तःशुल्क अधिकृत नियुक्त करने का निर्णय लिया है। मन्त्रिपरिषद की बैठक में यह बताया गया कि अन्तःशुल्क ऐन २०५८ के अनुसार अन्तःशुल्क संबंधित कार्य करने के लिए अधिकृत नियुक्त करने की प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रही है। पूर्व सरकार द्वारा बंद किए गए ३६ राजस्व कार्यालयों के कार्य अब कोष नियन्त्रक कार्यालयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। २ वैशाख, काठमाडौं।
बुधवार को हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। अर्थ मन्त्रालय के प्रवक्ता टंकप्रसाद पाण्डे के अनुसार, “अन्तःशुल्क ऐन २०५८ के तहत सरकार अन्तःशुल्क संबंधी कार्य करने के लिए अधिकृत नियुक्त करती है, यह एक नियमित प्रक्रिया है।” इस बार पूर्व सरकार ने ३६ राजस्व कार्यालयों को बंद किया और उन कार्यालयों से हो रहे कार्यों को विभिन्न कोष नियन्त्रकों द्वारा करने का प्रावधान किया।
जिम्मेदारी मिलने वाले कोष नियन्त्रक प्रमुखों को सरकार ने एक साथ अन्तःशुल्क अधिकृत नियुक्त करने का निर्णय लिया है। पाण्डे ने कहा, “ऐन के अनुसार बिना अन्तःशुल्क अधिकृत नियुक्ति के अधिकारी अंतःशुल्क से संबंधित कार्य करने का अधिकार नहीं रखते।” मन्त्रिपरिषद के निर्णय में उल्लेख है कि आन्तरिक राजस्व विभाग के उप महा महानिर्देशक, निर्देशक, शाखा अधिकृत, बड़े करदाता कार्यालय एवं मध्यमस्तरीय करदाता कार्यालय के प्रमुख कर प्रशासक, प्रमुख कर अधिकृत, कर अधिकृत, आन्तरिक राजस्व कार्यालय के प्रमुख कर अधिकृत और कर अधिकृत, तथा ५२ कोष और लेखा नियन्त्रक कार्यालय के प्रमुख कोष नियन्त्रक को उनकी संबंधित क्षेत्र के आधार पर अन्तःशुल्क अधिकृत के रूप में नियुक्त किया जाएगा।





