
म्याग्दी के प्रदेश अस्पताल बेनी में बस दुर्घटना की परिकल्पना करते हुए आपातकालीन राहत और उपचार प्रबंधन का कृत्रिम अभ्यास किया गया। अस्पताल ने सायरन बजाकर चिकित्सकों सहित सभी जनशक्तियों को तैयारी में रखा था और घायल मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर पीला, नीला और लाल समूह में वर्गीकरण कर उपचार किया गया। इस अभ्यास के द्वारा पुलिस, सशस्त्र प्रहरी, नेपाली सेना और एम्बुलेंस सेवा की प्रभावशीलता का परीक्षण कर कमजोरियों का पता लगाने एवं सुधार में मदद करने की पहल की गई, अस्पताल ने यह जानकारी दी।
आज सुबह १०:३० बजे पोखरा से मुस्तांग की ओर जा रहे बस के बेनी-गलेश्वर सड़क खंड में दुर्घटना की परिकल्पना करते हुए अस्पताल की आपातकालीन उपचार क्षमता और तैयारी का परीक्षण किया गया। बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और घायल व्यक्तियों को बचाकर अस्पताल तक पहुंचाया गया। इस क्रम में अस्पताल ने सायरन बजाकर चिकित्सकों समेत सभी आवश्यक जनशक्तियों को तत्काल तत्पर किया।
एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाए गए घायल मरीजों का चिकित्सकों ने स्थिति का मूल्यांकन किया और सामान्य, जटिल तथा गंभीर अवस्था वाले रोगियों को पीला, नीला और लाल समूह में वर्गीकृत करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उपचार प्रक्रिया आरंभ की। अस्पताल के डॉक्टर और नर्सेस उपचार कार्य में लगे रहे जबकि सुरक्षा एजेंसियां मरीजों के स्थानांतरण में सहायता प्रदान करती रहीं।
डॉक्टर हेमन्त बास्तोला के अनुसार, इस अभ्यास के माध्यम से दुर्घटना और प्राकृतिक आपदा के समय अनेक जटिल घायलों का एक साथ उपचार करने के लिए अस्पताल की तैयारी और क्षमता का परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास से पुलिस, सशस्त्र प्रहरी, नेपाली सेना और एम्बुलेंस सेवाओं की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन होता है, जिससे अस्पताल की आपातकालीन उपचार व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों का पता लगाकर सुधार में मदद मिलेगी।





