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सार्वजनिक ऋण ३० खरब के करीब, १० महीनों में ५ खरब ३२ अरब की वृद्धि

सरकार का सार्वजनिक ऋण चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों में २९ खरब ७५ अरब ४ करोड़ रुपये पहुँच गया है। वैशाख तक सार्वजनिक ऋण का कुल अनुपात जीडीपी का ४५.०८ प्रतिशत है, जो चैत की तुलना में कम हुआ है। उच्चस्तरीय आर्थिक सुधार सुझाव आयोग ने आंतरिक ऋण के चालू और प्रशासनिक खर्चों में कड़ाई से प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। ५ जेठ, काठमांडू। सरकार को चुकाना होने वाला सार्वजनिक ऋण २९ खरब ७५ अरब ४ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के १० महीनों (साउन–वैशाख) तक सार्वजनिक ऋण का आकार ३० खरब के करीब पहुंच गया है। चालू वर्ष वैशाख मसांत तक सार्वजनिक ऋण में ५ खरब ३२ अरब ९१ करोड़ रुपये बराबर का भार बढ़ा है। उसी अवधि में २ खरब ३१ अरब ९२ करोड़ रुपये के भुगतान किए गए हैं। इसलिए १० महीनों में सार्वजनिक ऋण का वास्तविक वृद्धि ३ खरब ९९ करोड़ रुपये के बराबर हुई है, यह कार्यालय के आंकड़ों में उल्लेखित है।
पिछले वर्ष के अंत, अर्थात् असार मसांत तक सार्वजनिक ऋण २६ खरब ७४ अरब ४ करोड़ था। वैशाख मसांत तक आंतरिक ऋण १३ खरब ८१ अरब २२ करोड़ और बाह्य ऋण १५ खरब ९३ अरब ८१ करोड़ तक पहुंच गया है। बाह्य ऋण पर इस वर्ष अतिरिक्त दबाव अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण पड़ा है। विनिमय दर के कारण बाह्य ऋण में अतिरिक्त १ खरब ६७ अरब ७५ करोड़ रुपये की देनदारी जुड़ी है। इस अवधि में सरकार द्वारा परिचालित वास्तविक ऋण केवल ३ खरब ६५ अरब १६ करोड़ ही है। शेष भार विनिमय दर के कारण बढ़ा है, कार्यालय ने बताया है।
वैशाख तक सार्वजनिक ऋण की स्थिति आंतरिक : १३ खरब ८१ अरब, बाह्य : १५ खरब ९३ अरब, कुल : २९ खरब ७५ अरब। जीडीपी के नए मूल्यांकन के कारण सार्वजनिक ऋण का अनुपात घटा है। कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधार पर वैशाख तक सार्वजनिक ऋण ४५.०८ प्रतिशत है। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय द्वारा १५ वैशाख २०८३ को जारी नए जीडीपी आंकड़े के अनुसार सार्वजनिक ऋण का तुलना मूल्यांकन किया गया है। इसी कारण से सार्वजनिक ऋण अनुपात चैत के मुकाबले घटा हुआ दिखता है। चैत तक जीडीपी के आधार पर सार्वजनिक ऋण ४८.०४ प्रतिशत था। पिछले महीने तक कार्यालय १५ वैशाख २०८२ के आंकड़ों पर आधारित होकर सार्वजनिक अर्थव्यवस्था के आकार अनुसार ऋण अनुपात की गणना कर रहा था।
पिछले वर्ष के लगभग ६१ खरब के आर्थिक आकार वाला अर्थव्यवस्था चालू वर्ष में ६६ खरब तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है। इसी आधार पर बाह्य ऋण जीडीपी का २४.१५ प्रतिशत और आंतरिक ऋण २०.९३ प्रतिशत है। १० महीनों में लक्ष्य का ६१.३० प्रतिशत सार्वजनिक ऋण परिचालित हुआ है। कार्यालय के अनुसार सरकार ने १० महीनों में लक्ष्य का ६१.३० प्रतिशत सार्वजनिक ऋण परिचालित किया है। इस वर्ष कुल ५ खरब ९५ अरब ६६ करोड़ सार्वजनिक ऋण परिचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वैशाख मसांत तक ३ खरब ६५ अरब १६ करोड़ ऋण परिचालित हुआ है। वैशाख तक आंतरिक ऋण २ खरब ९८ अरब ६६ करोड़ और बाह्य ऋण ६६ अरब ४९ करोड़ परिचालित हुआ है। चालू वर्ष सरकार ने आंतरिक ऋण के ३ खरब ६२ अरब और बाह्य ऋण के २ खरब ३३ अरब रुपये परिचालन का लक्ष्य रखा है।