
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रूस और चीन ने ‘पावर ऑफ साइबेरिया २’ परियोजना के मुख्य मानदंडों और मार्ग पर सहमति बना ली है। इस परियोजना के तहत रूस के आर्कटिक और साइबेरियन क्षेत्रों से मंगोलिया होते हुए चीन में वार्षिक 50 अरब घनमीटर गैस आपूर्ति करने की संभावना है। पेस्कोव ने कहा, ‘कुछ छोटे विवरणों को अभी समायोजित करना बाकी है’ और इस परियोजना की क्षमता को ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ पाइपलाइन के साथ तुलना किया जा सकता है। 6 जेठ, काठमांडू।
पेस्कोव ने आरटी को बताया कि रूस और चीन ने ‘पावर ऑफ साइबेरिया २’ परियोजना के मुख्य मानदंड, मार्ग और निर्माण दोनों पर सहमति बना ली है। ‘कुछ छोटे विवरणों को अभी भी मिलाना बाकी है,’ उन्होंने कहा। लगभग दो दशकों से चल रही बातचीत के बाद यह प्रस्तावित परियोजना रूस के आर्कटिक और साइबेरियन क्षेत्र से मंगोलिया होकर चीन में वार्षिक 50 अरब घनमीटर गैस आपूर्ति कर सकती है। इसकी क्षमता क्षतिग्रस्त ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ पाइपलाइन की वार्षिक 55 अरब घनमीटर क्षमता के बराबर है।
