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सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी में गर्मी और बढ़ेगी, घर से बाहर न निकलने की सलाह जारी

८ जेठ, काठमाडौं। सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी प्रदेश के जिलों में आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान में गर्मी का असर जनजीवन पर देखने को मिल रहा है। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग की मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि की संभावना जाहिर की है। इसी को लेकर महाशाखा ने आज शाम मौसम संबंधी विशेष सूचना जारी करते हुए सभी को सतर्क रहने का आग्रह किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कञ्चनपुर, कैलाली, डोटी, बर्दिया, बाँके और दाङ जैसे जिलों में अन्य जिलों की तुलना में अत्यधिक गर्मी होगी, इसलिए वहां के निवासियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसी तरह बैतडी, डडेलधुरा, अछाम, सुर्खेत, सल्यान, रोल्पा, प्युठान, पाल्पा, अर्घाखाँची, रुपन्देही और कपिलवस्तु में भी तापमान में वृद्धि होने के कारण वहां के स्थानीय लोगों को तापमान की स्थिति पर नियमित नजर रखने और सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। महाशाखा के अनुसार सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों तथा लुम्बिनी प्रदेश के तराई के कुछ इलाकों में ६ जेठ से ही अधिकतम तापमान ४० डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक मापा जा रहा है। वहीं, सुदूरपश्चिम और लुम्बिनी के कुछ पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान ३८ डिग्री सेल्सियस से ऊपर है।

देशभर तापमान के निरीक्षण के आधार पर यह देखा गया है कि अगले तीन दिनों तक लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहाड़ी तथा तराई क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान ३८ डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहेगा। कुछ क्षेत्रों में ४० डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान के कारण अत्यधिक गर्मी के जोखिम की संभावना है, जिसे विशेष सूचना में भी उल्लेख किया गया है। गर्मी बढ़ने के कारण इससे बचाव के लिए उचित तैयारी और सतर्कता अपनाने का महाशाखा ने सभी से अनुरोध किया है। “लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्रों में आगामी तीन दिनों तक मध्यम स्तर की गर्मी लहर और पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च तापमान रहने की संभावना है, अतः इसके प्रभाव से बचाव के लिए सावधानी बरतने का विनम्र आग्रह है,” महाशाखा की जारी विशेष सूचना में लिखा है।

गर्मी से बचाव के उपायों के संबंध में जनरल फिजिशियन डॉ. देवेन्द्र आचार्य ने बताया कि गर्म हवा और लहर से थकान, कमजोरी, अत्यधिक प्यास लगना, सिर दर्द, पैर बैसना, चक्कर आना, बेहोशी, मांसपेशियों में दर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गर्मी से बचने के लिए ठंडी और छायादार जगह पर रहने, अत्यावश्यक न हो तो धूप में न निकलने, घर से बाहर निकलना हो तो टोपी पहनने और हल्के एवं ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही जूस, सूप और साधा पानी नियमित रूप से पीना चाहिए। इन सभी उपायों के बावजूद यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो तो चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेने की सलाह दी गई है।