
समाचार सारांश: एसी के फिल्टर समय पर साफ़ करने से मशीन की आयु बढ़ती है, बिजली की बचत होती है और ठंडक में सुधार आता है जिससे मशीन सुरक्षित रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही कई लोगों के घरों और कार्यालयों में एयर कंडीशनर लगातार चालू रहता है। नेपाल में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। एसी का केवल उपयोग करना ही नहीं बल्कि उसे सही तरीके से उपयोग करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन, अधिकांश लोग एसी के महत्वपूर्ण हिस्से फिल्टर की सफाई पर ध्यान नहीं देते। छोटी-छोटी अनदेखी बड़ी समस्याएं पैदा कर सकती हैं।
स्प्लिट एसी में मौजूद फिल्टर धूल और गंदगी को रोकने का काम करता है। यदि फिल्टर गंदा हो जाए तो हवा के प्रवाह में बाधा आती है और यह एसी के प्रदर्शन पर सीधे असर डालता है। गंदे फिल्टर के कारण होने वाली समस्याएँ क्या-क्या होती हैं? १. ठंडक में कमी आती है। एसी के फिल्टर लंबे समय तक साफ़ न करने पर ठंडक कम महसूस होती है। तापमान कम होने पर भी कमरे में पर्याप्त ठंडक महसूस नहीं होती और गर्मी से राहत कम मिलती है। २. बिजली खर्च बढ़ता है। गंदे फिल्टर के कारण एसी कंप्रेसर को अनावश्यक जोर लगाना पड़ता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है और मासिक बिल ज्यादा आता है। ३. दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। गर्मी के मौसम में कभी-कभी एसी के फटने की खबरें आती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि गंदे फिल्टर हवा के प्रवाह को रोकते हैं, जिससे कंप्रेसर पर दबाव बढ़ता है और अत्यधिक ताप उत्पन्न होकर विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।
एसी के फिल्टर को कितने समय में साफ़ करना चाहिए? फिल्टर साफ़ करने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप एसी को कितने समय तक चलाते हैं। यदि आप रोजाना ५ से ७ घंटे तक एसी चलाते हैं तो हर ६ से ८ हफ्ते में फिल्टर साफ़ करना चाहिए। यदि रोजाना १० से १२ घंटे तक एसी उपयोग करते हैं तो हर ३ से ४ हफ्ते में फिल्टर साफ़ करना आवश्यक होता है। लगातार उपयोग से फिल्टर जल्दी गंदा हो जाता है, खासकर सड़क के किनारे या अधिक धूल वाले वातावरण में, जहाँ साफ़ करने का समय और भी कम करना पड़ता है। नियमित रूप से फिल्टर साफ़ करने से एसी की ठंडक बेहतर होती है, बिजली की बचत होती है और मशीन पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। इससे एसी की उम्र लंबी होती है और इसकी टिकाऊपन भी बढ़ती है।
