
नेपाली कांग्रेस के संस्थापन इतर समूह ने सातों प्रदेश की बैठकों को सम्पन्न करने के बाद महासमिति बैठक बुलाने की आंतरिक तैयारी तेज कर दी है। गंडकी प्रदेश बैठक ने १५ जेठ २०८३ तक विवाद न सुलझने पर महासमिति बैठक के माध्यम से समाधान खोजने के लिए नेतृत्व से आग्रह किया है। सर्वोच्च अदालत ने पार्टी की आधिकारिकता से संबंधित याचिका खारिज कर दी है, फिर भी नेपाली कांग्रेस के अंदर आंतरिक विवाद और गुटगत सक्रियता समाप्त नहीं हो पाई है। १३ जेठ, काठमांडू। विशेष महाधिवेशन के बाद नेपाली कांग्रेस में संस्थापन और इतर समूह के बीच विवाद और भी बढ़ गया है। पार्टी की एकता के लिए अध्यक्ष गगन थापा पर दबाव बढ़ाने की योजना के तहत संस्थापन इतर समूह महासमिति बैठक की तैयारी कर रहा है।
पूर्व अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा के निकटम नेताओं ने बताया कि संघीय स्तर की बैठकों के बाद महासमिति बैठक बुलाने की तैयारी चल रही है। नेताओं के बीच बैठक के बाद राष्ट्रीय बैठक बुलाने और बैठक के मांडेट के अनुसार निर्णय लेने के लिए आंतरिक चर्चा चल रही है। ‘महासमिति बुलाने की सलाह चल रही है,’ १४वें महाधिवेशन में देउवा के गृहप्रदेश सुदूरपश्चिम से केंद्रीय सदस्य चुने गए एक नेता ने कहा, ‘वहां से विशेष महाधिवेशन की तरह चुनाव कराने की योजना है।’ पूर्व प्रधानमंत्री देउवा के विश्वासपात्रों में से एक नेता ने पुष्टि की कि सातों प्रदेश की बैठकें संपन्न होने के बाद महासमिति बैठक बुलाने की तैयारी है।
‘बाकी तीन प्रदेश की बैठकों के बाद महाधिवेशन प्रतिनिधि और महासमिति सदस्यों की बैठक होगी,’ उन्होंने कहा, ‘इसी प्रक्रिया से आगे बढ़ेंगे।’ इतर समूह के नेता महासमिति बैठक के बाद महाधिवेशन भी आयोजित करने की तैयारी में हैं, ऐसा दावा भी कर रहे हैं। उक्त नेता ने इस दावे को कुछ संशोधित रूप में स्वीकार किया, ‘संख्या महत्वपूर्ण है। बहुमत हमारे पास होगा तो प्रक्रिया आगे बढ़ेगी,’ उन्होंने कहा। देउवा समूह की गंडकी प्रदेश स्तरीय बैठक ने १५ जेठ तक समाधान न निकाले जाने पर महासमिति बैठक बुलाकर समाधान खोजने का निर्णय कर लिया है।
बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा गया था, ‘२०८३ साल जेठ १५ तक नेता समाधान न निकालें तो महासमिति बैठक आयोजित कर समाधान निकालने का आह्वान किया जाएगा।’ बैठक ने नेताओं से घनिष्ठ संवाद स्थापित कर एकता संदेश देने में देरी न करने का आग्रह करते हुए अध्यक्ष थापा, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्णबहাদुर खड्का, डॉ. शेखर कोइराला समेत अन्य को आग्रह किया। गंडकी प्रदेश स्तरीय बैठक ने २१ फागुन को संपन्न आम चुनाव में कांग्रेस अपेक्षित परिणाम नहीं ला सकी, इसका प्रमुख कारण नेता समूहों में सहमति न होना, विशेष महाधिवेशन और उम्मीदवार चयन को माना है।
