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पुटिन की समीक्षा – भारत के साथ हमारे संबंध कमजोर नहीं होंगे, पाकिस्तान चीन के नियंत्रण में नहीं है

२२ जेठ, काठमाडौं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दक्षिण एशिया के दो परमाणु सक्षम देशों भारत और पाकिस्तान के विदेशी संबंधों पर अपनी समीक्षा प्रस्तुत की है। उन्होंने दावा किया है कि भारत की अमेरिका के साथ साझेदारी जितनी भी बढ़े, मस्को के साथ लंबे समय से कायम संबंध कमजोर नहीं होंगे। भारत शीतयुद्ध काल से सोवियत संघ का रणनीतिक और व्यावसायिक साझेदार रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी भारत ने रूस के साथ सैन्य उपकरण और प्रौद्योगिकी संबंधी सहयोग जारी रखा है। पुतिन ने इसी आधार पर अपनी यह दलील दी है।

इसी तरह, पुतिन ने पाकिस्तान और चीन के बीच संबंधों पर भी अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान चीन के नियंत्रण में नहीं है। पाकिस्तान शीतयुद्ध काल से अमेरिका के निकट देश रहा है, लेकिन हाल के समय में चीन के साथ बड़ा व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी भी है। अमेरिका के साथ पाकिस्तान के संबंध भी बिगड़े नहीं हैं। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई है।

पुतिन ने कहा है कि भारत पर रूस के साथ संबंधों को दबाव में लाना “बेकार” है और इससे दोनों देशों के संबंधों में कोई बदलाव नहीं आएगा। रूस यूक्रेन के साथ युद्धरत अवस्था में है, और ईंधन खरीद संबंधी विषय पर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर दबाव और टैरिफ लगाए हैं, इस संदर्भ में पुतिन का यह बयान समझा जा सकता है। आगामी सितंबर में भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन भी भाग लेंगे। इसके पहले उन्होंने भारत और पाकिस्तान से जुड़े अपने विचार सार्वजनिक किए हैं।