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कीटनाशकों की खेती पर दबाव: कैसे पूरा बजट केवल उर्वरक खरीद में खर्च हो जाता है?

मकै खाँदै आएका सुगा

तस्बिर स्रोत, RSS

    • लेखक, सञ्जय ढकाल
    • भूमिका, बीबीसी न्यूज नेपाली
  • प्रकाशित हुआ दिनांक

  • पढ़ने का समय: ५ मिनट

इस वर्ष सरकार ने कृषि एवं पशुपालन विकास क्षेत्र के लिए ४६.९२ अरब रुपैयाँ का बजट आवंटित किया है।

जिसमें से दो तिहाई से अधिक, यानी ३२ अरब रुपैयाँ रासायनिक उर्वरक की खरीद पर निर्धारित किया गया है।

परंतु ईरानी युद्ध और होर्मुज जलमार्ग में बाधा के कारण आपूर्ति श्रृंखला में समस्या आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में रासायनिक उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है।

पूरे बजट का अधिकांश हिस्सा उर्वरकों पर खर्च होने की स्थिति

गुरुवार को संसद में अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने एक अनोखी जानकारी दी।

“मैं स्वयं चकित हूं। कृषि मंत्रालय का सबसे बड़ा हिस्सा उर्वरक के लिए है। आगामी वर्ष के लिए ३२ अरब रुपैयाँ का बजट तय किया गया है। इस पश्चिम एशियाई संकट के कारण यह राशि ४६ अरब तक पहुँच सकती है,” उन्होंने कहा।