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प्रदेशों के बजट में महत्वाकांक्षी लक्ष्य और कमजोरियों के संकेत

समाचार सारांश सातों प्रदेशों ने आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए बजट घोषित किए हैं। बागमती प्रदेश ने सबसे बड़ा ६६ अरब ९३ करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए काठमाडौँ में मेट्रो रेल संचालन की संभावना अध्ययन की घोषणा की है। मधेस प्रदेश ने बजट का आकार घटाकर ४१ अरब १३ करोड़ रुपये विनियोजन किया है। १ असार, काठमाडौँ। सोमवार को सभी प्रदेशों ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट जारी किया। बजट के कार्यान्वयन के तथ्यांक ही नहीं, संशोधित अनुमान भी यह दिखाते हैं कि चालू वर्ष में प्रदेश सरकारें ७० प्रतिशत से अधिक खर्च करने के हालात में नहीं हैं। लेकिन आगामी वर्ष के लिए प्रदेशों ने चालू वर्ष से अधिक बजट प्रस्तावित किए हैं। आकार की प्रतिस्पर्धा में जुटे प्रदेशों ने इस बार सार्वजनिक खर्च सुधार के ठोस योजनाएं प्रस्तुत नहीं की हैं। संघीय सरकार की तरह कर्मचारी सेवा व सुविधाओं में वृद्धि को भी प्रदेश बजट में उच्च प्राथमिकता मिली है। इस बार संघीय सरकार की तरह बजट वक्तव्य की आवरण सामग्री आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है।

कोशी प्रदेश चालू वर्ष में ३५ अरब ८८ करोड़ रुपये का बजट लागू कर रहा है, जबकि आगामी बजट ४० अरब ४४ करोड़ रुपये का प्रस्तुत किया गया है। कर्णाली का चालू बजट ३२ अरब ९९ करोड़ है, वहीं आगामी बजट ३५ अरब ३९ करोड़ रुपये है। बागमती प्रदेश ने चालू बजट ६७ अरब ४६ करोड़ से थोड़ा कम ६६ अरब ९३ करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। लुम्बिनी प्रदेश ने चालू बजट ३८ अरब ९१ करोड़ से कम ३७ अरब ३८ करोड़ रुपये का बजट दिया है। मधेस प्रदेश ने चालू वर्ष में ४६ अरब ९८ करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, जबकि आगामी बजट में कटौती कर ४१ अरब १३ करोड़ रुपये विनियोजित किया गया है।

प्रदेशों ने बुनियादी ढांचे में महत्वाकांक्षी योजनाएं घोषित की हैं, परन्तु उनके कार्यान्वयन में चुनौतियां स्पष्ट हैं। बागमती ने काठमाडौँ घाटी में मेट्रो रेल के संचालन की संभावनाओं का अध्ययन करने की बात कही है, जबकि कर्णाली ने पोडवे संचालन की योजना बजट में शामिल की है। अधिकांश प्रदेशों ने खर्च कटौती की योजना घोषित की, लेकिन उनके ठोस उपाय नजर नहीं आते। नगद अनुदान कार्यक्रम पर्याप्त मात्रा में हैं।

महत्वाकांक्षी आकार के साथ कोशी का बजट, कर्मचारी वेतन में वृद्धि
कोशी प्रदेश ने फिर से महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है। चालू वर्ष में ३५ अरब ८८ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद आगामी वर्ष के लिए १२.७४ प्रतिशत वृद्धि के साथ ४० अरब ४४ करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। वैशाख के अंत तक मात्र ३६.२९ प्रतिशत खर्च होने के बावजूद आगामी वर्ष के लिए बड़ा बजट रखा गया है। प्रदेश के आर्थिक मन्त्री विदुरकुमार लिंथेप ने बजट में स्मार्ट सीसीटीवी निगरानी प्रणाली लगाने और सार्वजनिक वाहन में जीपीएस सिस्टम स्थापित करने की घोषणा की है। कोविड होल्डिंग सेंटर पुनर्स्थापना, धनकुटा में आईटी पार्क स्थापना और ५ हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना भी बजट में शामिल है। प्रदेश ने सड़क अवसंरचना और शहरी विकास के लिए १२ अरब ३८ करोड़ रुपये विनियोजित किए हैं। सामुदायिक विद्यालयों में रूफटॉप सोलर कार्यक्रम चलाने के लिए २ करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। साउन २०८३ से असार २०८५ तक ‘कोशी पर्यटन भ्रमण वर्ष’ मनाने की घोषणा भी की गई है। स्रोत सुनिश्चितता वाले योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और पूंजीगत खर्च के लिए वार्षिक योजना प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। सार्वजनिक खर्च मानकों की समीक्षा करने का भी उल्लेख है। कर्मचारी वेतन वृद्धि और भत्तों की व्यवस्था भी की गई है।

कुल बजट: ४० अरब ४४ करोड़
चालू: १३ अरब ९७ करोड़
पूंजीगत: २० अरब ७५ करोड़

(अन्य प्रदेशों के विस्तृत विवरण और योजनाएं भी स्रोत विवरण सहित लेख में हैं, पर यहां सभी जानकारी समाहित करना संभव नहीं था।)