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लेखक: space4knews

एसईई परिणाम घोषित, ६५.९८ प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण

२८ वैशाख, काठमांडू। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) का परिणाम घोषित किया है। परीक्षा नियंत्रण कार्यालय सानोठिमी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोर्ड ने सोमवार शाम परिणाम सार्वजनिक किया। परिणाम के अनुसार ६५.९८ प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। परिणाम कुछ समय बाद वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।

एसईई परीक्षा गत चैत्र १९ से २९ तारीख तक आयोजित की गई थी। इस बार परीक्षा केंद्र पर ही उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किया गया, जिससे जल्दी परिणाम घोषित किया जा सका। इस वर्ष एसईई परीक्षा के लिए ५ लाख १२ हजार ४२१ विद्यार्थियों ने फॉर्म भरे थे। नियमित श्रेणी में ४ लाख ४१ हजार ५६६ और ग्रेड सुधार श्रेणी में ७० हजार ८५५ विद्यार्थियों ने फॉर्म भरे थे। इनमें २ लाख ५७ हजार ६१३ छात्राएं, २ लाख ५४ हजार ८०१ छात्र तथा अन्य ७ विद्यार्थी शामिल हैं।

संसद्को विशेष दिनमा बालेनको बिझाउने दृश्य – Online Khabar

संसद के विशेष दिन पर प्रधानमंत्री बालेन्द्र का असभ्य व्यवहार

28 वैशाख, काठमाडाैँ। संसदीय व्यवस्था में सदन तीन तरीकों से संचालित होता है: विधि, परंपरा और मर्यादा। इसलिए संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों को ‘माननीय’ संबोधित किया जाता है। संसदीय बहुमत जब किसी को ‘माननीय’ का अविश्वास दिलाता है, तो वह व्यक्ति प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या सभामुख बनता है और उसे ‘सम्माननीय’ कहा जाता है। संसद को मर्यादित बनाने के लिए सुरक्षाकर्मी भी मर्यादापालक के रूप में तैनात होते हैं। ऐसे मर्यादापूर्ण माहौल में सोमवार को एक दुखद दृश्य देखने को मिला। संघीय संसद के संयुक्त बैठक में सरकार की नीति तथा कार्यक्रम राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे थे, तभी प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बैठक बीच में छोड़कर बाहर चले गए। अपनी ही सरकार द्वारा तैयार की गई नीति तथा कार्यक्रम को राष्ट्रप्रमुख द्वारा प्रस्तुत किए जाने पर प्रधानमंत्री का बैठक छोड़ना संसदीय अभ्यास के अनुरूप अनुचित माना गया।

संसद सचिवालय के पूर्वमहासचिव मनोहरप्रसाद भट्टराई ने कहा, ‘करीब 40 वर्षों के संसदीय सेवा काल में मैंने ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा। संसद मर्यादा और शिष्टाचार का स्थान है। उसके उल्लंघन से संसदीय गरिमा प्रभावित होती है।’ राष्ट्रपति का संसद में सरकार की नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करने का संवैधानिक प्रावधान है। प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम संसद में पेश किया जाता है और राष्ट्रपति इसे वाचन करते हैं। राष्ट्रपति के इस वक्त हर साल सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम की परंपरागत भूमिका में प्रधानमंत्री प्रमुख होते हैं। लेकिन सोमवार की बैठक में प्रधानमंत्री शाह ने राष्ट्रपत्या के प्रति मर्यादापूर्ण व्यवहार नहीं दिखाया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को नीति तथा कार्यक्रम पूरी तरह प्रस्तुत करने में लगभग एक घंटा दस मिनट लगे, जबकि प्रधानमंत्री शाह लगभग 15 मिनट पूर्व ही बैठक छोड़कर चले गए थे।

नीति तथा कार्यक्रम के पूर्ण वाचन के बाद सभामुख डीपी अर्याल ने सांसदों को सम्मान स्वरूप खड़े होने का निर्देश दिया। संयुक्त संसद के सांसदों ने राष्ट्रपति पौडेल का खड़ा होकर विदाई की, लेकिन प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली रही। प्रधानमंत्री शाह कुछ समय बाद प्रतिनिधि सभा की बैठक में लौटे, जहां उन्होंने राष्ट्रपत्या द्वारा प्रस्तुत नीति तथा कार्यक्रम सदन में टेबल किया। धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने से पहले ही प्रधानमंत्री बैठक कक्ष से बाहर चले गए, जिससे सभामुख भी असमंजस में पड़ गए। कुछ सांसदों ने इस अवसर पर हँसी भी की। लेकिन रास्वपाका कुछ सांसदों ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र के व्यवहार और उनका समर्थन करने वाले सांसदों की हूटिंग पर विरोध जताया और इसे दल के अंदर भी उठाने की बात कही।

प्रधानमंत्री शाह पर संसद की गतिविधियों को प्राथमिकता न देने की लगातार आलोचना हो रही है। यह उनका दूसरा अधिवेशन है और अब तक उन्होंने संसद में कोई भाषण नहीं दिया है। फागुन में हुए चुनाव से वे लगभग दो-तिहाई समर्थन लेकर प्रधानमंत्री बने, फिर भी जनप्रतिनिधि संस्था में उनकी स्थायी उपस्थिति नहीं रही। संसदीय समितियों में भी वे भाग नहीं लेते। पिछले अधिवेशन में भी वे बोलें नहीं और नए अधिवेशन की पहली बैठक में भी उपस्थित नहीं हुए। इनके स्थान पर कानून मंत्री ने उनकी ओर से अध्यादेश प्रस्तुत किए।

संसद परंपरा अनुसार संचालित होने वाला स्थान है, जहां राष्ट्रप्रमुख को विशेष सम्मान के साथ संसद कक्ष तक लाया जाता है। आज भी यही परंपरा निभाई गई। संसदीय जानकारों के अनुसार इस अवसर पर सभामुख और राष्ट्रिय सभा के अध्यक्ष राष्ट्र प्रमुख का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री विदाई करते हैं। लेकिन सोमवार को प्रधानमंत्री ने यह परंपरा नहीं निभाई। पूर्वमहासचिव भट्टराई ने कहा, ‘सभी बातें नियमावली में नहीं लिखी होतीं, परंपरा और व्यवहार भी पालन करना आवश्यक है। सम्मानित व्यक्तियों को विशेष सतर्कता दिखानी चाहिए।’ संघीय संसद की संयुक्त बैठक राज्य की संवैधानिक गरिमा, संसदीय संस्कार और लोकतांत्रिक परंपरा का सार्वजनिक प्रदर्शन करने वाला स्थान है।

प्रधानमंत्री के इस व्यवहार के खिलाफ विपक्षी दलों ने भी आपत्ति जताई है। धन्यवाद प्रस्ताव पारित करने के लिए बुलाए गए बैठक में विपक्षी एमाले के सांसद गुरु बराल ने प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाते हुए संसदीय मर्यादा के उल्लंघन की बात कही। नेकपा संसदीय दल के प्रमुख सचेतक युवराज दुलाल ने भी प्रधानमंत्री का बैठक छोड़कर जाना गलत बताया और व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। कुछ लोग प्रधानमंत्री के इस स्टाइल को नया कह सकते हैं, लेकिन इससे राज्य प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव पर सवाल उठते हैं। संसदीय लोकतंत्र केवल चुनाव की जीत और प्रधानमंत्री बनने की प्रक्रिया नहीं है, इसमें प्रधानमंत्री को संस्कार, अनुशासन एवं जिम्मेदारी स्वीकारनी पड़ती है।

आज के व्यवहार से स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री संवैधानिक संस्कार और परंपरा के प्रति कितने गंभीर हैं। राष्ट्रपति भी संसद द्वारा चयनित हैं और राष्ट्रप्रमुख की मर्यादा ही राष्ट्र की गरिमा का प्रतीक होती है। हमें उनका सम्मान करना आवश्यक है। राष्ट्रपति द्वारा सरकार के कार्यक्रम के प्रस्तुति के दौरान प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली रहना क्या दर्शाता है? सरकार मुखिया द्वारा संसद की गरिमा के प्रति उदासीनता दिखाना मंत्रियों, सांसदों और कर्मचारीतंत्र के लिए किस प्रकार का संदेश है? नेतृत्व का व्यवहार प्रणाली के चरित्र को बनाता है। प्रधानमंत्री संसदीय प्रक्रिया को हल्के में क्यों लेते हैं? अभी संसद में नया चलन कहकर परंपरा के विरुद्ध विद्रोह और उसका समर्थन बढ़ा है, लेकिन यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। संस्थागत स्थिरता और गरिमा बनाए रखने के लिए कुछ परंपराएं अपरिहार्य हैं। संसद, राष्ट्र प्रमुख, प्रधानमंत्री और सभामुख को विशेष सम्मान दिया जाता है। नेपाल आज संस्थागत अविश्वास, अराजकता और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में युवा प्रधानमंत्री को परिपक्वता और धैर्य का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। आज प्रधानमंत्री ने बैठक छोड़ी, तो कल कोई राष्ट्रप्रमुख के संबोधन को अस्वीकार कर सकता है, परसों संवैधानिक प्रक्रियाओं की उपेक्षा हो सकती है, जो संस्थाओं को कमजोर बनाता है। प्रधानमंत्री को समझना होगा — यदि सुधार के नाम पर बुनियादी संस्कार और मर्यादा को तोड़ा गया तो अंततः यह उनकी ही कमजोरी होगी और जनता का भरोसा डिगेगा।

सरकार की नई नीति: कृषि क्षेत्र में तकनीक और प्रशासनिक सुधार के उपायों की घोषणा

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के नीति तथा कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में तकनीक और प्रशासनिक सुधार के नए कार्यक्रम पेश किए हैं। नीति में पहली बार पैकेज आधारित उत्पादन प्रणाली और एग्रीटेक के माध्यम से कृषि आधुनिकीकरण को तीव्र करने की घोषणा की गई है। रासायनिक उर्वरक कारखाने की योजना हटाकर जैविक उर्वरक को प्राथमिकता दी गई है और किसानों को सीधे बैंक खाते में भुगतान करने की व्यवस्था की जाएगी। २८ जेठ, काठमांडू।

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के नीति तथा कार्यक्रम के जरिए कृषि क्षेत्र में ‘प्रौद्योगिकी’ और ‘प्रशासनिक सुधार’ के नए उपाय पेश किए हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को पढ़े गए नीति तथा कार्यक्रम में वैदेशिक रोज़गार से लौटे युवाओं को कृषि से जोड़ने और एग्रीटेक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने जैसे नए महत्वाकांक्षी पहल दिखाई गई हैं, लेकिन मूलतः पुराने कार्यक्रमों की ही अधिकता नजर आती है। चालू आर्थिक वर्ष को ‘कृषि में निवेश दशक’ के रूप में घोषित किया गया है, हालांकि सरकार ने कई रणनीतिक महत्व की योजनाओं जैसे कि उर्वरक कारखाने की योजना को इस बार नीति से बाहर किया है।

पैकज प्रणाली और एग्रीटेक के नए सूत्र – इस बार सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए पहली बार ‘पैकज आधारित उत्पादन प्रणाली’ का विचार प्रस्तुत किया है। यह पूर्व की नीतियों में नहीं था और एक नई विशेष रणनीति है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए सरकार ने ‘एग्रीटेक के माध्यम से कृषि आधुनिकीकरण को तेज़ करने’ का संकल्प लिया है। युवा पलायन की समस्या को हल करने के लिए नीति के बिंदु नंबर १४ में कहा गया है, ‘विशेषीकृत उत्पादन क्षेत्र विकसित करके वैदेशिक रोजगार से लौटे जनसंपदा को कृषि उद्यम की ओर आकर्षित किया जाएगा।’

सीधे बैंक खाते में भुगतान और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ योजना को इस बार सबसे बड़ी घोषणाओं में रखा गया है। समर्थन मूल्य मिलने के बाद भी भुगतान में परेशानियों का सामना करने वाले किसानों के लिए सरकार ने वादा किया है, ‘समर्थन मूल्य के क्रियान्वयन और भुगतान प्रणाली को डिजिटल बनाकर रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।’ इसके साथ ही वित्तीय पहुँच के लिए पहली बार ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ और पहचान पत्र के माध्यम से सहूलियतपूर्ण वित्त की नई योजना भी लाई गई है।

एसईई नतिजा गत वर्षभन्दा ५ प्रतिशत सुधार – Online Khabar

एसईई के परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत से बेहतर

समाचार सारांश

समीक्षा की गई।

  • राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने 28 वैशाख को एसईई के परिणाम घोषित किए जिसमें 65.98 प्रतिशत छात्रों ने ग्रेड प्राप्त किया।
  • शिक्षा सचिव चुडामणि पौडेल ने बताया कि इस बार के एसईई परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हैं।
  • इस बार कुल 2 लाख 84 हजार 160 छात्र उत्तीर्ण हुए जबकि 1 लाख 46 हजार 507 छात्र नॉन-ग्रेडेड रहे।

28 वैशाख, भक्तपुर। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड ने एसईई के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष एसईई परीक्षा में 65.98 प्रतिशत छात्रों ने ग्रेड प्राप्त किया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में सुधार को दर्शाता है।

पिछले वर्ष 61.81 प्रतिशत छात्र ग्रेड प्राप्त कर पाए थे। शिक्षा सचिव चुडामणि पौडेल के अनुसार इस बार के नतीजे पिछले वर्ष से बेहतर हैं।

पिछले वर्ष 61.81 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे, जबकि इस बार इस संख्या में वृद्धि होकर 65.98 प्रतिशत हो गई है।

इस बार कुल 2 लाख 84 हजार 160 छात्र सफल हुए हैं, जो पिछले वर्ष के 2 लाख 71 हजार 299 से अधिक है।

इस बार 1 लाख 46 हजार 507 छात्र नॉन-ग्रेडेड रहे हैं, जो पिछले वर्ष के 1 लाख 67 हजार 597 की तुलना में कम है।

इस बार सबसे अधिक 94 हजार 222 छात्रों ने 2.80 से 3.60 जीपीए प्राप्त किए हैं।

3.60 से 4.00 जीपीए प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 48 हजार 392 है।

कानूनी सुधार एवं पूर्वाधार निर्माण में तेजी लाने की नीति

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के तहत।

  • सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 में पूर्वाधार विकास को तेज करने के लिए कानूनी सुधार और निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने की नीति अपनाई है।
  • हुलाकी, पुष्पलाल, उत्तर–दक्षिण राजमार्गों की स्तरोन्नति और राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • सड़क दुर्घटना कम करने के लिए GPS ट्रैकिंग, AI आधारित ट्रैफिक कैमरे और डिजिटल जुर्माना प्रणाली लागू करने की योजना है।

28 वैशाख, काठमांडू – सरकार ने पूर्वाधार विकास में तेजी लाने हेतु कानूनी सुधारों और निर्माण कार्यों में तेजी लाने की नीति अपनाई है।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को संघीय संसद की संयुक्त बैठक में आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 की नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए इस दिशा में स्पष्ट संकेत दिए।

नीति एवं कार्यक्रम में पूर्वाधार विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री डिलिवरी यूनिट को मजबूत कर मिशन मोड में क्रियान्वयन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन और सड़क संबंधित कानूनों में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।

बड़े परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए संपूर्ण प्रणाली और इंजीनियरिंग मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जो नीति एवं कार्यक्रम में भी उल्लेखित है।

सरकार सड़क, रेल, जल, रोपवे और हवाई यातायात सहित एकीकृत राष्ट्रीय यातायात गुरुयोजना तैयार करने में लगा है। इसी के साथ पूर्वाधार से जुड़े विवादों का त्वरित निराकरण करने के लिए ‘लगानी एक्सप्रेस’ अवधारणा के अनुरूप व्यवस्था की जाएगी।

बड़े सड़क पूर्वाधार पर विशेष ध्यान

आगामी वर्ष में बड़े सड़क पूर्वाधार परियोजनाओं को गति देने की तैयारी है। हुलाकी, पुष्पलाल, उत्तर–दक्षिण राजमार्गों के स्तरोन्नति और राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क के विस्तार को तीव्र किया जाएगा।

काठमांडू-मधेस द्रुतमार्ग और इससे जुड़ी लिंक सड़क जल्द पूरा करने का लक्ष्य नीति एवं कार्यक्रम में रखा गया है। सभी स्थानीय इकाइयों को पूरे वर्ष संचालित किए जा सकने वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना भी राष्ट्रपति पौडेल ने बताई।

सरकार हवाई पूर्वाधार का विस्तार करेगी और अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों का पूर्ण संचालन तथा आधुनिकीकरण कर विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी हवाई सेवाएँ प्रदान करने की योजना बना रही है।

बड़ी रेलमार्ग परियोजनाएं जारी

नीति एवं कार्यक्रम में बड़ी रेलमार्ग परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है। पूर्व-पश्चिम विद्युत रेलमार्ग निर्माण जारी रखा जाएगा तथा केरूंग-काठमांडू और रक्सौल-काठमांडू रेल मार्ग के निवेश मॉडल का अध्ययन आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार दिगो और प्रतिस्पर्धी यातायात प्रणाली विकसित करना चाहती है।

सड़क दुर्घटना कम करने में तकनीकी उपाय

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए GPS ट्रैकिंग, AI आधारित ट्रैफिक कैमरे, डिजिटल जुर्माना प्रणाली और गति नियंत्रण कड़े तरीके से लागू करने की नीति लागू की जाएगी। पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित पूर्वाधार बनाए जाने और सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने का प्रावधान भी है।

काठमांडू में बस रैपिड ट्रांजिट (BRT) के विस्तृत डिजाइन को तैयार कर कार्यान्वयन शुरू करने की भी योजना नीति में शामिल है।

विद्युतीय मास ट्रांजिट प्रणाली विकास

सरकार ने सार्वजनिक यातायात सुधार हेतु विद्युतीय मास ट्रांजिट प्रणाली का विकास करने की भी योजना प्रस्तुत की है। पर्यटन क्षेत्रों में सड़क पहुंच, राजमार्ग स्तरोन्नति, वैकल्पिक मार्ग और सेवा केंद्र विकसित कर स्थानीय आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देने की घोषणा भी की गई है।

शहरी पूर्वाधार पर जोर

सरकार कमजोर सूचकांक वाले नगरपालिकाओं को प्राथमिकता देते हुए वृहत शहरी विकास कार्यक्रम लागू करने की योजना बना रही है।

एकीकृत कूड़ा प्रबंधन प्रणाली विकसित कर कूड़ा संग्रह, प्रसंस्करण और पुन: उपयोग के लिए आवश्यक नीतिगत और कानूनी व्यवस्थाएं की जाएंगी। मध्य पहाड़ी लोकमार्ग के आसपास नए शहरों को पहचानयुक्त शहर के रूप में विकसित करने के लिए भू-उपयोग, पूर्वाधार तथा स्थानीय आर्थिक संभावनाओं के साथ जोड़ने की योजना भी बनाई गई है।

आवास वंचित, सीमांत और विपन्न तथा आपदा प्रभावित समुदायों के लिए किफायती और सुविधाजनक आवास योजना कार्यान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण पर ध्यान

सरकार ने जेनेरिक आंदोलन और जाजरकोट भूकंप से प्रभावित संरचनाओं के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय भवन संहिता को सभी नए निर्माणों में अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें भूकंपरोधी, अग्नि सुरक्षा तथा आधुनिक पूर्वाधार मानक सम्मिलित होंगे।

छिटपुट और जोखिम वाले बस्तियों का संगठित प्रबंधन भू-उपयोग, पूर्वाधार और सामुदायिक सेवाओं सहित एकीकृत परियोजना रूप में नीति तथा कार्यक्रम में सम्मिलित है।

पीने के पानी की योजनाएं

सरकार ने बड़े और अधूरे पेयजल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया है। 2087 साल तक सभी नागरिकों को स्वच्छ जल और बुनियादी स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

तराई-मधेस इलाकों में आर्सेनिक मुक्त पानी, डिप बोरिंग एवं सतही जल प्रणाली का विकास नीति एवं कार्यक्रम में उल्लेखित है। नदियों और नालों को साफ करने के लिए गंदा पानी प्रबंधन प्रणाली लागू करने की योजना भी है।

स्रोतों का प्रभावी प्रबंधन

पूर्वाधार के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने हेतु वैकल्पिक विकास वित्त, प्रवासी पूंजी और निजी निवेश को परिचालित कर नया पूर्वाधार वित्त मॉडल लागू करने की योजना है।

विदेशी सहायता, ऋण और निजी क्षेत्र के निवेश को उच्च लाभ देने वाली परियोजनाओं पर केंद्रित करने की नीति भी शामिल है। परिवर्तनकारी परियोजनाओं को स्पष्ट लक्ष्य, सुनिश्चित बजट और कड़ी समय सीमा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

विद्यार्थी ९ बजेपछि एसईई नतिजा कसरी हेर्ने?

राष्ट्रिय परीक्षा बोर्डले २८ वैशाख साँझ ८ बजे माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) को नतिजा पत्रकार सम्मेलनमार्फत सार्वजनिक गर्ने तयारी गरेको छ। गत चैत १९ देखि २९ गतेसम्म सञ्चालन भएको एसईई परीक्षामा यसवर्ष ५ लाख १२ हजार ४२१ जना विद्यार्थीले फारम भरेका थिए। नतिजा एसएमएस, आईभीआर र विभिन्न आधिकारिक वेबसाइटहरूबाट हेर्न सकिने व्यवस्था गरेको छ, जसमा www.see.gov.np र www.neb.gov.np प्रमुख छन्।

२८ वैशाख, काठमाडौं। राष्ट्रिय परीक्षा बोर्डले केहीबेरमा माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) को नतिजा सार्वजनिक गर्ने जनाए। परीक्षा नियन्त्रक टुकराज अधिकारीका अनुसार, २८ वैशाख साँझ ८ बजे पत्रकार सम्मेलन आयोजना गरिनेछ र विद्यार्थीहरूले नतिजा ९ बजेपछि मात्र हेर्न सक्नेछन्। उनले भने, ‘पत्रकार सम्मेलन ८ बजे हुनेछ, त्यसपश्चात मात्र विद्यार्थीहरूले नतिजा जाँच्न सक्नेछन्।’

परीक्षा बोर्डले बैठकपछि नतिजा सार्वजनिक गर्ने निर्णय गरिसकेको छ। यसपटक परीक्षा केन्द्रमै उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन गरिएकोले छिटो नतिजा प्रकाशन हुने छ। यसवर्ष एसईई परीक्षामा ५ लाख १२ हजार ४२१ विद्यार्थीले फारम भरेका थिए, जसमा नियमिततर्फ ४ लाख ४१ हजार ५६६ र ग्रेड वृद्धितर्फ ७० हजार ८५५ परीक्षार्थी छन्। तीमध्ये २ लाख ५७ हजार ६१३ छात्रा, २ लाख ५४ हजार ८०१ छात्र र ७ जना अन्य परीक्षार्थी रहेका छन्। नतिजा एसएमएस, आईभीआर तथा विभिन्न वेबसाइटबाट सजिलै जाँच्न सकिने व्यवस्था गरिएको छ।

एसएमएस र आईभीआरबाट नतिजा हेर्ने तरिका –
नेपाल टेलिकम: १६०० (SMS/USSD तथा IVR सेवा)
जानकी टेक्नोलोजी: ३५००१ (SMS सेवा मात्र)
एम्बिसन गुरु: ३१०६९ (SMS सेवा मात्र)
वेबसाइटबाट कसरी हेर्ने?
सरकारी आधिकारिक साइटहरू: www.see.gov.np र www.neb.gov.np
नेपाल टेलिकम: www.see.ntc.net.np
कान्तिपुर पब्लिकेसन्स: www.ekantipur.com
इडियु सञ्जाल: www.see.edusanjal.com
खल्ती:

कसरी हेर्ने एसईईको नतिजा ? – Online Khabar

एसईई परिणाम कैसे देखें

२८ वैशाख, काठमाडौं। राष्ट्रिय परीक्षा बोर्ड जल्द ही माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) का परिणाम जारी करने जा रहा है। परीक्षा नियन्त्रक टुकराज अधिकारी के अनुसार, परिणाम शीघ्र ही सार्वजनिक किया जाएगा। छात्र सुबह ९ बजे तक परिणाम देख सकेंगे। इस समय परीक्षा बोर्ड के बाहर छात्रों और अभिभावकों की भीड़ के कारण माहौल काफी व्यस्त रहता है। परीक्षा बोर्ड ने पहले ही बैठक में परिणाम जारी करने का निर्णय ले लिया है। इस वर्ष एसईई परीक्षा चैत १९ से २९ तक आयोजित की गई थी। इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा केंद्रों पर ही किया गया जिससे परिणाम जल्दी जारी करना संभव हुआ है। इस वर्ष एसईई परीक्षा के लिए कुल ५ लाख १२ हजार ४२१ छात्रों ने आवेदन किया था। नियमिततर्फ ४ लाख ४१ हजार ५६६ और ग्रेड वृद्धि तर्फ ७० हजार ८५५ छात्रों ने फॉर्म भरे थे। विद्यार्थियों में दो लाख ५७ हजार ६१३ छात्राएँ, दो लाख ५४ हजार ८०१ छात्र और ७ अन्य हैं।

परिणाम कैसे देखें? एसएमएस और आइवीआर के माध्यम से परिणाम देखने के तरीके –नेपाल टेलिकॉम: १६०० (SMS/USSD और IVR सेवा)–जानकी टेक्नोलॉजी: ३५००१ (केवल SMS सेवा)–एम्बिशन गुरु: ३१०६१ (केवल SMS सेवा) वेबसाइट के माध्यम से कैसे देखें? –आधिकारिक सरकारी साइट: www.see.gov.np और www.neb.gov.np–नेपाल टेलिकॉम: www.see.ntc.net.np–कान्तिपुर पब्लिकेशन: www.ekantipur.com–इडियु संजाल: www.see.edusanjal.com–खल्ती: https://khalti.com/app

मधेश प्रदेश सभा का सातवाँ अधिवेशन आह्वान किया गया

मधेश प्रदेश सभा का सातवाँ अधिवेशन १ जेठ, शुक्रवार सुबह ११ बजे आह्वान किया गया है। मंत्रिपरिषद् की सिफारिश पर प्रदेश प्रमुख ने संविधान की धारा १८३ की उपधारा (१) के अंतर्गत इस अधिवेशन को बुलाया है। प्रदेश प्रमुख के सचिव नारायणप्रसाद दाहाल ने अधिवेशन के आह्वान की जानकारी दी है। २८ वैशाख, काठमांडू। मधेश प्रदेश सरकार की सिफारिश पर प्रदेश प्रमुख कार्यालय ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि १ जेठ, शुक्रवार को सुबह ११ बजे प्रदेश सभा अधिवेशन शुरू होगा। आज हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश प्रमुख को अधिवेशन बुलाने की सिफारिश की गई थी। इसी सिफारिश के आधार पर प्रदेश प्रमुख ने संविधान की धारा १८३ की उपधारा (१) के अनुसार अधिवेशन आह्वान किया, यह जानकारी प्रदेश प्रमुख के सचिव नारायणप्रसाद दाहाल ने दी है।

सर्वोच्चका असन्तुष्ट तीन न्यायाधीशले राजीनामा नदिने

सर्वोच्च अदालत के असंतुष्ट तीन न्यायाधीशों ने इस्तीफा नहीं देने का निर्णय लिया

कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल, न्यायाधीश कुमार रेग्मी और हरि फुयाल।

संवैधानिक परिषद ने सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा को प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश की है। सर्वोच्च अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीशों ने इस्तीफा न देकर नियमित रूप से काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है। डॉ. मनोज शर्मा की नियुक्ति होने पर सपना प्रधान मल्ल और कुमार रेग्मी प्रधान न्यायाधीश बनने से वंचित हो जाएंगे।

28 वैशाख, काठमाडौँ। गत बुधवार संवैधानिक परिषद ने चौथे वरिष्ठता क्रम में स्थित सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा को प्रधान न्यायाधीश के रूप में सिफारिश की। न्यायिक क्षेत्र में हड़कंप मचाने वाली इस सिफारिश के तुरंत बाद सर्वोच्च अदालत के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों ने तुरंत चर्चा शुरू की। इसके बाद वे अगले दिन से इजलास में भाग लेने लगे और सिफारिश के बारे में मौन रह गए।

“हाल की सिफारिश से असंतुष्ट न्यायाधीशों में से कोई भी इस्तीफा नहीं देगा, इस बात पर लगभग एकमत हैं,” सर्वोच्च अदालत के एक न्यायाधीश ने बताया, “कल मनोज श्रीमान (डॉ. मनोज शर्मा) से वरिष्ठता में ऊपर जिन अन्य न्यायाधीशों का स्थान है वे भी इस्तीफा नहीं देंगे।” सूत्रों के अनुसार इन न्यायाधीशों ने चर्चा में किसी ने भी इस्तीफा न देने और उच्च मनोबल के साथ नियमित रूप से काम करने पर सहमति जताई।

कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल, न्यायाधीश कुमार रेग्मी और हरि फुयाल ने भी ‘इस्तीफा नहीं देने, बल्कि नियमित रूप से काम करने’ की सहमति जताई है। संवैधानिक परिषद ने पिछले प्रथाओं और परंपराओं का उल्लंघन किया है, इसलिए यदि वे अब इस्तीफा देंगे तो उनका दावे स्वीकार किए जाएंगे जैसा आरोप होगा, इसलिए उन्होंने स्थिति यथावत रखते हुए काम करने का निर्णय लिया है।

“दूसरी ओर, इस्तीफा देकर वे जो चाहते हैं वह पूरा क्यों होने दें, यह मानसिकता भी देखने को मिली है,” सूत्र ने बताया, “इस्तीफा देकर पद से हटाना चाहने वालों को सुविधा हो जाएगी, इसलिए इस राह पर जाना नहीं चाहते।” दूसरी ओर डॉ. मनोज शर्मा की सिफारिश संसदीय सुनवाई समिति से अनुमोदित होने पर वे छह वर्षों तक प्रधान न्यायाधीश रहेंगे। इसके साथ ही, कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल और कुमार रेग्मी प्रधान न्यायाधीश बनने से वंचित रहेंगे। हालांकि, न्यायाधीश हरि फुयाल को न्यायिक नेतृत्व के अवसर कम होने के बाद पदक्रम के अनुसार अगले प्रधान न्यायाधीश के सिफारिश में रखा जाएगा। सर्वोच्च अदालत संबंधित सूत्र ने कहा, “उनके पद कार्यकाल में अभी कुछ वर्ष बाकी हैं, इसलिए तुरंत इस्तीफा देने की स्थिति नहीं है।”

कर्ज़ा ब्याज दर डेढ़ प्रतिशत गिरा है

सूचना के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष के चैत महीने तक वाणिज्यिक बैंकों की कर्ज़ा ब्याज दर १.४८ प्रतिशत घटकर ६.७७ प्रतिशत रह गई है। विकास बैंकों की कर्ज़ा ब्याज दर २०८२ के चैत महीने तक ७.९६ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की ९.२६ प्रतिशत दर्ज की गई है। चालू वर्ष के चैत महीने तक वाणिज्यिक बैंकों की निक्षेप ब्याज दर ३.४० प्रतिशत, विकास बैंकों की ३.७७ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की ४.७४ प्रतिशत बनी हुई है। २८ वैशाख, काठमांडू।

चालू आर्थिक वर्ष के चैत महीने तक बैंक की कर्ज़ा ब्याज दर १.४८ प्रतिशत कम हुई है। वित्तीय प्रणाली में अधिक तरलता होने और कर्ज़ा मांग में वृद्धि न होने के कारण ब्याज दरों में गिरावट आई है। चालू वर्ष के चैत महीने तक वाणिज्यिक बैंकों के कर्ज़े का भारित औसत ब्याज दर ६.७७ प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में १.४८ प्रतिशत कम है। पिछले वर्ष के चैत महीने तक बैंक की औसत कर्ज़ा ब्याज दर ८.२२ प्रतिशत थी।

विकास बैंकों की कर्ज़ा ब्याज दर ७.९६ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की ९.২৬ प्रतिशत है, ऐसा केंद्रीय बैंक ने बताया है। २०८१ के चैत महीने तक विकास बैंकों की ब्याज दर ९.५९ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की १०.४० प्रतिशत थी। चालू वर्ष २०८२ के चैत महीने तक वाणिज्यिक बैंकों की निक्षेप का भारित औसत ब्याज दर ३.४० प्रतिशत, विकास बैंकों की ३.७७ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की ४.७४ प्रतिशत है। २०८१ के चैत महीने तक वाणिज्यिक बैंकों की निक्षेप ब्याज दर ४.४५ प्रतिशत, विकास बैंकों की ५.२२ प्रतिशत और वित्त कंपनियों की ६.२४ प्रतिशत थी।

गहने चोरी के आरोप में तीन गिरफ्तार, 22 लाख रुपये नकद समेत बरामद

ललितपुर पुलिस ने लगभग 34 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहनों की चोरी के आरोप में तीन लोगों को 22 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में सप्तरी के समीर चौधरी, ललितपुर की पूजा शर्मा जोशी और भारत के बिहार निवासी श्रवण कुमार शामिल हैं। ललितपुर के एसपी गौतम मिश्र के अनुसार, समीर ने चोरी की थी, पूजा जोशी ने चोरी हुए गहने बेचे और श्रवण न्यूरोड में एक सुन का दुकान चलाकर गहने खरीदने का काम करता था।

28 वैशाख, काठमांडू। लगभग 34 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहनों की चोरी के मामले में तीन लोगों को 22 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया है। इनमें सप्तरी जिले के खड़क नगरपालिका-10 के रहने वाले 24 वर्षीय समीर चौधरी, ललितपुर के कुपण्डोल निवासी 48 वर्षीय पूजा शर्मा जोशी और भारत के बिहार से काठमांडू के न्यूरोड में रहने वाले 45 वर्षीय श्रवण कुमार शामिल हैं। इन्हें जिला प्रहरी परिसर, ललितपुर ने गिरफ्तार किया है।

ललितपुर के एसपी गौतम मिश्र ने बताया कि चौधरी चोरी करने वाला व्यक्ति है, जोशी चोरी किए गए गहने बेचने वाली और श्रवण न्यूरोड में सुन की दुकान चलाकर चोरी के गहने खरीदने वाला है। इनके पास से 22 लाख रुपये नकद, लगभग 80 ग्राम के दो सोने के ढिक्के, सोने की चुराएँ, छल्ले, तिलहरी और चंद्रमा के भी गहने बरामद हुए हैं। चौधरी पर सानेपा में रहने वाली मिनु झा के कमरे से 18 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के गहने और वहीं रहने वाली बबिता छिनाल परियार के कमरे से 15 लाख 35 हजार रुपये मूल्य के गहने चोरी करने का आरोप है।

नेपाल सरकार: नीति तथा कार्यक्रममा सरकार के मुख्य वादे

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेलले कार्यक्रम पेस किए हैं

तस्वीर स्रोत, PMO Nepal

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सरकार ने समृद्ध नेपाल की आधारशिला मानते हुए सुशासन को मुख्य प्राथमिकता देते हुए अपने नीति तथा कार्यक्रम सोमवार को प्रस्तुत किया।

संघीय संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा पठन किए गए इस नीति तथा कार्यक्रम में संविधान संशोधन, अव्यवस्थित बस्ती प्रबंधन, कर बोझ कम करने और ‘रोजगार संवर्धन दशक’ की घोषणा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

गत वर्ष भदौ 23 और 24 को हुए आंदोलनों और विध्वंस के बाद सम्पन्न चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त करने वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने प्रधानमंत्री बालेंदर शाह के नेतृत्व में सरकार बनाई है।

कुल 35 पार्टियों ने चुनावी वचनपत्रों के कुछ विषयों को समेटते हुए अपना पहला नीति तथा कार्यक्रम संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री बालेंदर शाह ने राष्ट्रपति के सामने पढ़ने के लिए सौंपे गए इस नीति-दस्तावेज़ में सुशासन के महत्व को शुरू में ही प्रमुखता दी गई है।

मामाघरबाट बेपत्ता बालकको शव भेटियो – Online Khabar

मामाघर से लापता तीन वर्षीय अभियान्सकुमार यादव का शव बरियारपट्टी में मिला

सिराहा के लक्ष्मीपुर पतारी-३ निवासी ३ वर्ष के अभियान्सकुमार यादव दो दिनों से लापता थे और उन्हें मृत अवस्था में पाया गया है। उनका शव बरियारपट्टी गाउँपालिका-४ के सोहपुर में मामाघर के पास हाथ और शरीर के विभिन्न हिस्सों में कटे हुए हालत में बरामद हुआ, जिसकी सूचना पुलिस ने दी है। बालक यादव 26 वैशाख को दोपहर 1 बजे मामाघर से लापता हुए थे, और खोजने के बाद शव प्राप्त हुआ है। 28 वैशाख, जनकपुरधाम।

दो दिनों से लापता सिराहा के लक्ष्मीपुर पतारी-३ के बालक अभियान्सकुमार यादव मृत अवस्था में पाए गए हैं। सिराहा के बरियारपट्टी गाउँपालिका-४ सोहपुर के मामाघर के पास आए 3 वर्षीय यादव का शव पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस के अनुसार उनका शव हाथ और शरीर के विभिन्न हिस्सों में कटे हुए हालत में था। वे लक्ष्मीपुर पतारी-३ स्थित अपने घर से सोहपुर के मामा के घर गए थे। वे 26 वैशाख को दोपहर 1 बजे मामाघर से लापता हुए थे। नजदीकी पोखरियों तथा अन्य स्थानों की खोजबीन के बाद बालक यादव का शव पुलिस ने बरामद किया।

चैत्र महीने में रेमिटेंस में नया रिकॉर्ड, 2 खरब 9 अरब रूपये आए

वर्तमान आर्थिक वर्ष के चैत्र महीने में 2 खरब 9 अरब रुपये के बराबर रेमिटेंस आया है, जो अब तक का सबसे अधिक राशि है। नेपाली रुपये कमजोर होने के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले विनिमय दर 152 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे रेमिटेंस के प्रवाह में वृद्धि हुई है। चालू आर्थिक वर्ष के चैत्र तक रेमिटेंस प्रवाह में 39.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 16 खरब 59 अरब 41 करोड़ रुपये हो गया है।

नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, एक अमेरिकी डॉलर का विनिमय दर 152 रुपये तक पहुंच गया है। यह इतिहास में नेपाली रुपये की अब तक की सबसे कमजोर स्थिति है। भारतीय रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होने से भी रेमिटेंस में सुधार हुआ है। चालू आर्थिक वर्ष के असोज महीने में 2 खरब 1 अरब रुपये के बराबर रेमिटेंस आया था।

चालू आर्थिक वर्ष के चैत्र तक रेमिटेंस राशि में 39.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह कुल 16 खरब 59 अरब 41 करोड़ रुपये हो गया है। केन्द्रीय बैंक के अनुसार चैत्र 2082 में रेमिटेंस का कुल प्रवाह 2 खरब 9 अरब 75 करोड़ रुपये रहा है। चालू आर्थिक वर्ष के चैत्र तक अमेरिकी डॉलर में रेमिटेंस 31.9 प्रतिशत बढ़कर 11 अरब 55 करोड़ डॉलर हो गया है।

चालू आर्थिक वर्ष के चैत्र तक वैदेशिक रोजगार के लिए नई श्रम स्वीकृति (संस्थागत एवं व्यक्तिगत) लेने वालों की संख्या 2 लाख 94 हजार 186 हो गई है जबकि पुनः श्रम स्वीकृति लेने वालों की संख्या 2 लाख 93 हजार 259 है।

श्रंखलाबद्ध चोरी में संलग्न दो गिरफ्तार

२८ वैशाख, काठमांडू। श्रंखलाबद्ध चोरी की घटनाओं में शामिल दो व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में उदयपुर के ताप्ली गाउँपालिका–३ के २७ वर्षीय रमेश कुमार तामांग और काठमांडू–९ के २९ वर्षीय प्रभात सिंह प्रधान शामिल हैं। उन्हें पुलिस वृत्त स्वयम्भू की टीम ने गिरफ्तार किया है। इनके ऊपर रानिवन एवं सानोभ्यांग क्षेत्रों में श्रृंखलाबद्ध रूप से चोरी करने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान चोरी किए गए मोबाइल, लैपटॉप, नकद, मूर्ति, अवैध मादक पदार्थ और १ लाख ३५ हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

जिला प्रहरी परिसर काठमांडू के एसएसपी रमेश थापा ने बताया कि रमेश कुमार तामांग को मादक पदार्थ से संबंधित मामले में फरार बताया गया है।