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लेखक: space4knews

अक्कल और सन्तोषी ने दूसरा नेपालगंज १० म्यूजिक नाइट रन प्रतियोगिता जीती

नेपाली सेनाय के अक्कल बहादुर पाल और धादिङ की सन्तोषी श्रेष्ठ ने दूसरा नेपालगंज १० म्यूजिक नाइट रन का खिताब जीता है। पुरुष वर्ग में अक्कल और महिला वर्ग में सन्तोषी ने उपाधि प्राप्त की। नेपालगंज में पहली बार स्कूल टू ओलंपिक कार्यक्रम नेपाल ओलंपियन एसोसिएशन और रेस नेपाल के संयुक्त आयोजन में संपन्न हुआ। २६ वैशाख, नेपालगंज।

अक्कल बहादुर पाल ने १० किमी खुला पुरुष वर्ग में ३२ मिनट १८ सेकंड में निर्धारित दूरी पूरी करके प्रथम स्थान हासिल किया। भूपेन्द्र सुनार ने ३३ मिनट ०४.७७ सेकंड में दूसरा और बाँके नरैनापुर के अरविंद यादव ने ३३ मिनट ०८.०९ सेकंड में तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में सन्तोषी ने ३० मिनट ९ सेकंड में दूरी पूरी की। दूसरे स्थान पर बाँके कोहलपुर की दीपशीखा शाही ने ४४ मिनट ५८.१३ सेकंड और तीसरे स्थान पर गीता साहू ने ५२ मिनट २६.३० सेकंड में पहुंचीं।

संगीत और खेलकूद के माध्यम से सामाजिक एकता, स्वस्थ समाज और रात्रिकालीन बाजार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित रोड रेस में वेटरन (४५ वर्ष से ऊपर) १० किमी वर्ग का खिताब बाँके खजुरा के ५५ वर्षीय भरत श्रेष्ठ ने जीता। उन्होंने ५१ मिनट ०३.१७ सेकंड में दूरी पूरी की। इस वर्ग में बर्दिया गुलरिया के ६९ वर्षीय पुष्कर विश्वकर्मा १ घंटे ४ सेकंड में दूसरे और नेपालगंज के ६९ वर्षीय मंगले तामांग १ घंटे ३ मिनट ५९ सेकंड में तीसरे स्थान पर रहे।

स्कूल स्तर की ५ किमी दौड़ में छात्र वर्ग में समीर बस्नेत, बसन्त माझी और नरेश कुँवर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे, जबकि छात्रा वर्ग में स्वस्तीका शाही, अप्सरा बम ठकुरी और जनदेवी महतारा शीर्ष तीन स्थानों पर आईं। विजेता खिलाड़ियों को लुम्बिनी प्रदेश सभा सदस्य मीना श्रेष्ठ, लुम्बिनी प्रदेश खेलकूद परिषद के सदस्य सचिव तिरनदाज गौतम, पूर्व सदस्य सचिव भीम ओली, आयोजक क्रियटिव गंज के अध्यक्ष टीएस ठकुरी, पत्रकार महासंघ बाँके की उपाध्यक्ष करुणा शाह समेत अन्य ने नकद और पदक देकर पुरस्कृत किया।

सञ्जालमा नियन्त्रण गरेर समाजलाई सेल्फ–सेन्सरसिपतर्फ धकेलिँदै छ : ज्ञवाली – Online Khabar

ज्ञवाली: नेटवर्क नियंत्रण समाज को आत्म-सेन्सरशिप की ओर ले जा रहा है

नेकपा (एमाले) के नेता प्रदीप ज्ञवाली ने कहा है कि संविधान संशोधन गणतंत्र और लोकतंत्र के मूल स्तंभों को कमजोर नहीं करना चाहिए। ज्ञवाली ने वर्तमान राजनीतिक सत्ता संतुलन को लोकतांत्रिक और वामपंथी ताकतों के लिए प्रतिकूल बताया और संशोधन प्रक्रिया में सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्र मीडिया को कमजोर करने के प्रयासों और देश के निर्वाचित तानाशाही की ओर बढ़ने की चिंता व्यक्त की। 26 वैशाख, काठमाडौँ।

ज्ञवाली ने राष्ट्रीय जनमोर्चा द्वारा आयोजित ‘संविधान संशोधन, गणतंत्र और राष्ट्रीयता की रक्षा’ विषयक विचार गोष्ठी में कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में संविधान निर्माण के लिए प्रमुख दलों की क्षमता कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा में तीन मुख्य दलों की कुल संख्या केवल 79 होने के कारण प्रतिकूल संविधान संशोधन को रोकने की शक्ति भी कम हो गई है।

उन्होंने कहा, “स्वतंत्र मीडिया को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है और सोशल मीडिया पर नियंत्रण करके समाज को आत्म-सेन्सरशिप की ओर धकेला जा रहा है।” सरकार की हाल की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए ज्ञवाली ने कहा कि देश निर्वाचित तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने मौलिक अधिकारों, ट्रेड यूनियन अधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश को भी आरोपित किया।

प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यपालिका प्रणाली की बहस के संदर्भ में ज्ञवाली ने कहा कि नेपाल जैसे भू-राजनीतिक स्थिति वाले देश में यह व्यवस्था हानिकारक होगी। उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि प्रधानमंत्रीजी ने हिटलर के ‘मैनेजेरियल स्किल’ सीखकर समाज को एक ही सोच में समेटने की इच्छा व्यक्त की है। बहुलवादी और विविधता से भरे समाज में ऐसी सोच रखना आपत्तिजनक है।”

प्रधानन्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल का अभिव्यक्ति

प्रधानन्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने विधि और वैधानिक परंपराओं को हिंसा द्वारा तोड़ने वाले स्वार्थी कार्यों को निरंकुशता की झलक बताते हुए कहा है। उन्होंने कहा कि संरचना को तोड़कर परिवर्तन करने का प्रयास सत्ता में बैठे व्यक्तियों के स्वार्थ को चोट पहुंचा सकता है, लेकिन कानून में विश्वास रखने वालों के सपनों के निराश होने की संभावना है। 26 वैशाख, काठमाडौं।

शनिवार को कानूनी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने औचित्य के नाम पर विधि में छेड़छाड़ को स्वेच्छाचारी व्यवहार करार दिया और कहा कि यह विधि के शासन में विश्वास बनाए रखना असंभव कर देता है। ‘संरचना को ध्वस्त करके बदलाव की मांग करते हुए अपने माहौल की श्रेष्ठता स्थापित करने का प्रयास सत्ता में बैठे लोगों के स्वार्थ को रास नहीं आता, लेकिन विधि और वैध प्रक्रियाओं की उम्मीद रखने वालों के सपने टूटने निश्चित हैं,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विधि और वैधानिक परंपरा की हत्या कर किए गए स्वार्थी कार्य निरंकुशता को स्पष्ट रूप में दर्शाते हैं, ऐसे कार्यों के विरुद्ध साहस, क्षमता और प्रतिबद्धता दिखाना सभी का कर्तव्य है। उनके विचार में, विधि के शासन में विश्वास रखने वालों को ऐसी साजिशों के खिलाफ एकजुट होना आवश्यक है।

विजय दिवस परेड में पुतिन ने कहा – यूक्रेन के साथ न्यायसंगत युद्ध लड़ रहे हैं

२६ वैशाख, काठमांडू। रूस के राष्ट्रपति व्लादимир पुतिन ने यूक्रेन के साथ न्यायसंगत युद्ध लड़ रहे होने का दावा किया है। मास्को के रेड स्क्वायर में रूस की वार्षिक विजय दिवस परेड में सम्बोधन देते हुए पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध को औचित्यपूर्ण और न्यायसंगत बताया। रूस के लिए विजय दिवस परेड सबसे बड़ा राष्ट्रीय उत्सव माना जाता है। एडोल्फ हिटलर के नेतृत्व वाली नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में रूस यह दिवस मनाता है।

अपने सम्बोधन में पुतिन ने यूरोपीय संघ और नाटो की भी तीव्र आलोचना की। उन्होंने कहा कि नाटो देशों द्वारा यूक्रेन को हथियार और समर्थन दिया जा रहा है, इसलिए यूक्रेन आक्रामक शक्ति है। पुतिन ने आक्रामक भाषा अपनाई, बावजूद इसके इस बार रूस में विजय दिवस शांति पूर्ण तरीके से मनाया गया, जिसका उल्लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी किया है। समारोह से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की थी।

लगभग दो दशक बाद पहली बार मास्को की विजय दिवस परेड में कोई सैन्य हथियार या भारी सैन्य उपकरण प्रदर्शित नहीं किए गए। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में सैनिकों ने रेड स्क्वायर में मार्च कर हिस्सा लिया। पुतिन ने अपने संबोधन की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों को याद करते हुए की।

फिबा एशिया कप प्रि-क्वालिफायर में नेपाल को समूह ए में स्थान

फिबा एशिया कप २०२९ के प्रि-क्वालिफायर्स में नेपाल को समूह ए में रखा गया है। समूह ए के मैच संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में २०८३ भाद्र ८ से १९ तक आयोजित होंगे। फिबा ने बताया है कि प्रि-क्वालिफायर्स के प्रत्येक समूह से शीर्ष तीन टीमें दूसरे चरण में प्रवेश करेंगी।

२६ वैशाख, काठमांडू। फिबा ने शुक्रवार को फिबा एशिया कप प्रि-क्वालिफायर के पहले चरण का ड्रॉ जारी किया है। फिबा एशिया कप २०२९ क्वालिफायर के मैच २०२६ अगस्त से २०२९ फरवरी तक आयोजित होंगे। इस कार्यक्रम के तहत फिबा एशिया कप प्रि-क्वालिफायर्स २४ अगस्त से १ सितंबर (२०८३ भाद्र ८ से १९) तक एशिया के विभिन्न देशों में संपन्न होंगे।

प्रि-क्वालिफायर्स में एशिया क्षेत्र के १७ और ओशिया क्षेत्र के १, कुल १८ देश प्रतिस्पर्धा करेंगे। नेपाल जिस समूह ए में है, उसमें बहरीन, यूएई, कुवैत और ओमान भी शामिल हैं। इस समूह के मैच यूएई के दुबई में होंगे। समूह बी में कजाखस्तान, फिलिस्तीन, श्रीलंका, मालदीव और किर्गिस्तान हैं। समूह सी में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर शामिल हैं, जबकि समूह डी में थाईलैंड, मंगोलिया, वियतनाम और फिजी हैं।

फिबा ने जानकारी दी है कि प्रि-क्वालिफायर्स के प्रत्येक समूह से शीर्ष तीन टीमें दूसरे चरण में प्रवेश करेंगी। दूसरे चरण के चयनित टीमें दो समूहों में विभाजित होंगी, प्रत्येक समूह में समान रूप से ६ टीमें होंगी। दोनों समूहों से शीर्ष ४-४ टीमें फिबा एशिया कप २०२९ क्वालिफायर्स में चयनित होंगी। क्वालिफायर्स से चयनित शीर्ष ८ टीमें और फिबा एशिया कप २०२५ के शीर्ष १६ टीमें मिलकर २४ टीमें मुख्य चयन प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगीं। इनमे से शीर्ष १६ टीमें २०२९ में आयोजित होने वाले फिबा एशिया कप के लिए चुनी जाएंगी।

सरकारले बजार सुशासनका लागि ‘मूल्य पारदर्शिता सप्ताह’ सञ्चालन गर्ने

सरकार ने बाजार सुशासन के लिए ‘मूल्य पारदर्शिता सप्ताह’ शुरू करने का निर्णय लिया

26 वैशाख, काठमांडू। सरकार ने आगामी सोमवार से बाजार सुशासन को मजबूत बनाने हेतु ‘मूल्य पारदर्शिता सप्ताह’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। बाजार में हो रही अनियमितताओं, कृत्रिम मूल्य वृद्धि और उपभोक्ता ठगी को नियंत्रित करने के लिए देशभर में एक विशेष अभियान चलाने की तैयारी प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय कर रहा है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की प्रेस एवं अनुसंधान विज्ञ दिपा दाहाल ने आम जनता के दैनिक जीवन पर प्रभाव डालने वाली मूल्य वृद्धि की समस्या के समाधान के लिए इस अभियान को आवश्यक बताया है।

सामान्य लोगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह करते हुए उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम सोमवार से शुरू होकर जेठ 3 तक चलेगा। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय ने संबंधित सभी क्षेत्रों को इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री का सचिवालय ने सूचित किया है।

प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, स्थानीय तहों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों के वस्तुओं एवं सेवाप्रदाताओं से अनिवार्य रूप से मूल्य सूची रखने के साथ-साथ नियमित निरीक्षण भी करें। जिला प्रशासन कार्यालयों को बाजार अनुगमन समितियों को सक्रिय कर मूल्य पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रचार-प्रसार और नियमन की जिम्मेदारियां दी गई हैं। केंद्र एवं प्रदेश स्तर की बाजार अनुगमन समितियां मूल्यांकन, निरीक्षण टीम भेजने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रियाएं आगे बढ़ाएंगी।

सुदूरपश्चिम के अनुभवी नेताओं को एक साथ यात्रा पर ले जाना चाहते हैं: विश्वप्रकाश शर्मा

२६ वैशाख, धनगढी। नेपाली कांग्रेस के उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने सुदूरपश्चिम के अनुभवी नेताओं को एक साथ यात्रा पर ले जाने की इच्छा व्यक्त की है। कैलाली के धनगढी में आयोजित ‘प्रदेश और स्थानीय तह केन्द्रित प्रदेश स्तरीय भेला’ में उन्होंने यह बात कहीं। उन्होंने कहा, “आज पार्टी के अंदर सभी को इस भूगोल से जुड़कर कहना हो तो गगनजी या विश्वप्रकाश और अन्य साथी जो लंबे समय से राजनीति में हैं, उन सभी नेताओं को हम साथ लेकर यात्रा पर जाना चाहते हैं, विशेष रूप से सुदूरपश्चिम के भूगोल के साथियों को।”

उपसभापति शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व से किसी के प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हर साथी को विश्वास होना चाहिए कि नया नेतृत्व आने के बाद वह किसी भी कारक, दृष्टिकोण या रंग के आधार पर पूर्वाग्रह नहीं करेगा।” उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाकर आगे बढ़ने के लिए सभी का एकजुट होना आवश्यक बताया।

उन्होंने २१ भदौ को सम्पन्न हुए निर्वाचन में पार्टी को मिले १७ लाख मत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बड़ा समर्थन बताया। उन्होंने कहा, “वह १७ लाख मत लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए, कांग्रेस के जीवन के लिए और भविष्य के उज्ज्वलिकरण के लिए हमारे साथ खड़ा हुआ एक शक्ति है।” शर्मा ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्य-मान्यताओं के भीतर रहते हुए कांग्रेस सरकार को समर्थन देती रहेगी। हालांकि, उन्होंने सरकार की कुछ गतिविधियों को संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अंदर नहीं बताया।

उन्होंने कहा, “नई बनी सरकार को हमारा साथ, समर्थन और शुभकामना है। लेकिन यह केवल तब तक है जब तक सरकार संविधान के अधीन रहे। जब तक सरकार लोकतांत्रिक मूल्य-मान्यताओं के दायरे में रहे। और जब तक देश की समग्र प्रगति को केंद्र में रखा जाए। लेकिन फिलहाल सरकार की गतिविधियां उस दिशा में नहीं दिख रही हैं।”

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष: एक युद्ध, दो जीत के दावे

ईरान में दैनिक जीवन

Image source, AFP via Getty Images

अमेरिका-इजरायल और ईरान के वर्तमान संघर्ष की स्थिति समाप्ति की ओर बढ़ रही है, कम से कम वाशिंगटन से प्राप्त संदेश के अनुसार।

मंगलवार, ५ मई को, कुछ हफ़्तों की युद्धविराम के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रुबियो ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के प्रभावी समापन की घोषणा की। हालांकि, इस घोषणा को व्यापक बयानों के बीच कुछ कम महत्व दिया गया।

यह स्वाभाविक रूप से एक प्रश्न उठाता है: अंततः इस युद्ध में विजेता कौन है? इसका उत्तर मुख्य रूप से वही देगा जिसमें दावे किए जाते हैं।

ईरानी सरकारी मीडिया ने इस संघर्ष को प्रमाणित करने वाला बताया है कि देश ने विश्व के सबसे शक्तिशाली सैन्य गठबंधन को चुनौती दी और उसे परास्त किया।

वहीं वाशिंगटन में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी प्रशासन ने बार-बार विजय का दावा किया है और कहा है कि उनके लक्ष्य पूरे हो गए हैं।

फिफा विश्व कप २०२६ के उद्घाटन समारोह की लाइनअप घोषित, कौन से देश में कौन देगा प्रस्तुति?

समाचार सारांश: फिफा विश्व कप २०२६ का उद्घाटन समारोह अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के तीन अलग-अलग स्थानों पर होगा, इसकी जानकारी फिफा ने शुक्रवार को दी। अमेरिका के लास एंजेलिस में १२ जून को ९० मिनट का उद्घाटन समारोह होगा, जिसमें केटी पेरी समेत कई कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। विश्व कप ११ जून से १९ जुलाई तक तीन देशों में आयोजित होगा और ४८ सर्वश्रेष्ठ टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। २६ वैशाख, काठमांडू।

फिफा विश्व कप २०२६ का उद्घाटन समारोह तीनों मेज़बान देशों में आयोजित किया जाएगा। शनिवार को फिफा ने उद्घाटन समारोह की लाइनअप सार्वजनिक की, जो अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होगी। विश्व फुटबाल के महाकुंभ माने जाने वाले फिफा विश्व कप का उद्घाटन इस बार तीन अलग देशों में होगा, जहाँ विश्व प्रसिद्ध कलाकार केटी पेरी से लेकर नोरा फतेही तक प्रस्तुति देंगे।

उत्तर अमेरिका में आयोजित इस विश्व कप में फुटबाल, संगीत और मनोरंजन को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास होगा। फिफा विश्व कप के इतिहास में पहली बार तीन अलग उद्घाटन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। १२ जून को अमेरिका के लास एंजेलिस में उद्घाटन समारोह होगा, जिसमें केटी पेरी, फ्यूचर, अनित्ता, लिसा, रेमा और टायलल उपस्थित होंगे। फिफा ने इस दिन लास एंजेलिस में ९० मिनट का उद्घाटन समारोह होने की जानकारी दी।

फिफा अध्यक्ष जेरेमी इन्फान्टिनो ने कहा कि लास एंजेलिस में होने वाला यह उद्घाटन समारोह फिफा विश्व कप २०२६ की विशालता और अनूठापन दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि कलाकारों की इस सूची से अमेरिका की सांस्कृतिक विविधता और वहां के विभिन्न प्रवासी समुदायों की जीवंतता झलकेगी, साथ ही यह संगीत, मनोरंजन और पॉप संस्कृति में अमेरिका के समृद्ध प्रभाव को उजागर करते हुए संपूर्ण राष्ट्र को एकता में बांधने की संगीत की शक्ति को भी प्रदर्शित करेगा।

मेक्षिको में ११ जून को होने वाले उद्घाटन समारोह में अलेजान्द्रो फर्नांडीज, बेलिंडा, डैनी ओसियन, जे बाल्विन, लिला डोवन्स, लास एंजेलिस अजूल, माना और टायलल के कलाकार उपस्थित रहेंगे। कनाडा में १२ जून को होने वाले उद्घाटन समारोह में अलानिस मॉरिसेट, एलेसिया कारा, एलेना, जेस्सी रेयेज, माइकल बब्ले, नोरा फतेही, सन्जोए, वेगेड्रिम और विलियम प्रिंस की प्रस्तुति होगी। ११ जून से १९ जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित फिफा विश्व कप में दुनिया के ४८ श्रेष्ठ देश प्रतिस्पर्धा करेंगे।

गगन थापा – Online Khabar

गगन थापा: प्रदेश सरकार गठन में कांग्रेस और UML के अलावा अन्य समीकरण बनने की संभावना नहीं

२६ वैशाख, धनगढी। नेपाली कांग्रेस के सभापति गगनकुमार थापाने प्रदेश सरकार गठन को लेकर कांग्रेस और UML के अलावा किसी अन्य समीकरण बनने की संभावना नहीं बताई है। कैलाली के धनगढी में आयोजित ‘प्रदेश और स्थानीय तह केन्द्रित प्रदेश स्तरीय भेला’ में अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश सरकार से जुड़ी अनावश्यक भ्रांतियों से बचने की सभी से अपील की।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में ६ प्रदेशों में कांग्रेस और UML के बीच समझौते से सरकार चल रही है। सभापति थापाले कहा, ‘हम प्रदेश चुनाव की तैयारी के अंतिम चरण में हैं। फिलहाल कांग्रेस और UML के बीच संयुक्त सरकार है। इसके तहत नेतृत्व में बदलाव या सरकार संचालन के विषय दो दलों के बीच ही चर्चा का विषय हैं। कांग्रेस और UML के अलावा अलग सरकार बनने की भ्रम में मत रहें।’

सभापति थापाले मधेश प्रदेश में मौजूद सत्ता समीकरण जारी रहने को लेकर भी स्पष्टता दी। उनके अनुसार, मधेश प्रदेश में कांग्रेस, माओवादी और मधेश केंद्रित दलों का संयुक्त सरकार यथावत् बनी रहेगी। ‘हम मधेश में माओवादी सहित मधेश केंद्रित दलों के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं,’ सभापति ने कहा, ‘आधारभूत स्थिति के अनुसार सरकार आगे बढ़ेगी।’ उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस और UML के बीच सरकार की नीति, कार्यक्रम, बजट और नेतृत्व समेत के विषयों पर लगातार चर्चा जारी है। प्रदेश सरकार से जुड़े उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने भी पार्टी की ओर से इस चर्चा को चलाए जाने की जानकारी दी है, जो सभापति ने भी साझा की।

ईश्वर पोखरेल ने कहा: ज्येष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभव का इस्तेमाल राज्य संचालन में होना चाहिए

समाचार सारांश

समीक्षा गरियो।

  • काठमांडू में मनमोहन स्मृति प्रतिष्ठान के आयोजन में ज्येष्ठ नागरिकों की स्थिति और ज्ञान हस्तांतरण विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ।
  • राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया।
  • नेकपा (एमाले) के नेता ईश्वर पोखरेल ने ज्येष्ठ नागरिकों को केवल सामाजिक सुरक्षा नहीं, बल्कि ज्ञान और अनुभव के स्रोत के रूप में स्वीकार करने पर ज़ोर दिया।

26 वैशाख, काठमांडू। ज्येष्ठ नागरिकों की स्थिति, वर्तमान चुनौतियां और अंतरपीढ़ी ज्ञान हस्तांतरण पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन काठमांडू में शुरू हुआ है।

मनमोहन स्मृति प्रतिष्ठान के आयोजन में प्रारंभ हुए इस सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने किया है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेकपा (एमाले) के नेता ईश्वर पोखरेल ने कहा कि ज्येष्ठ नागरिकों को केवल सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की सीमाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें ज्ञान और अनुभव के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि ज्येष्ठ नागरिकों के अनुभवों का उपयोग राज्य संचालन, सामाजिक परिवर्तन और पारिवारिक समृद्धि में किया जाना चाहिए।

नेपाल में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले प्रथम जननिर्वाचित कम्युनिस्ट प्रधानमंत्री मनमोहन अधिकारी के योगदान को याद करते हुए पोखरेल ने बताया कि उनकी सोच और निष्ठा को स्थायी बनाने के लिए प्रतिष्ठान विभिन्न रचनात्मक कार्य कर रहा है।

2056 साल में स्थापित इस प्रतिष्ठान ने ज्येष्ठ नागरिकों के लिए देश दर्शन, सम्मान कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और साहित्यिक गतिविधियां संचालित की हैं। साथ ही युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए मोरंग में मनमोहन प्राविधिक विश्वविद्यालय की स्थापना कर स्वरोजगार के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, बताया पोखरेल ने।

‘स्वर्गीय अधिकारी द्वारा स्थापित ज्येष्ठ नागरिक सम्मान की नींव को अब सभी सरकारी स्तरों और समाज ने अपनाना शुरू किया है, जो एक सुखद पक्ष है। अब इसे और निखारते हुए उनका अनुभव विकास अभियान में जोड़ना आवश्यक है,’ उन्होंने कहा।

अमेरिकाले भेनेजुएलाबाट १३.५ किलो उच्च प्रशोधित युरेनियम वासिङ्गटन ल्यायो

अमेरिका ने वेनेजुएला से १३.५ किलो उच्च समृद्ध युरेनियम वॉशिंगटन लाया

अमेरिका ने वेनेजुएला से १३.५ किलो उच्च समृद्ध युरेनियम निकालकर साउथ कैरोलाइना के सवाना रिवर परमाणु स्थल पर प्रशोधन के लिए भेजा है। यह ऑपरेशन अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सहयोग से ६ सप्ताह से भी कम समय में पूरा किया गया, जिसे आईएईए ने सत्यापित किया है। हाल ही में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और अमेरिकी दूतावास पुनः स्थापित किया गया है, जो दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार का संकेत है।

अमेरिका ने २६ वैशाख को जानकारी दी कि यह युरेनियम काराकास के पास स्थित एक साइट से निकाला गया और सुरक्षित रूप से अमेरिका पहुंचाया गया। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, युरेनियम को भूमि और समुद्री मार्ग के माध्यम से अमेरिका पहुंचाया गया। अब इसे साउथ कैरोलाइना के सवाना रिवर परमाणु स्थल पर प्रशोधित किया जाएगा। अमेरिकी नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएनएसए) ने इस ऑपरेशन को दक्षिण अमेरिका और अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

एनएनएसए के उप प्रशासक डॉ. मैट नेपोली स्वयं इस मिशन की निगरानी के लिए वेनेजुएला गए थे। उन्होंने कहा कि टीम के अनुभव के कारण ही ऑपरेशन सफल रहा। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इस ऑपरेशन को जटिल और संवेदनशील बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन लंबे समय से ईरान के पास मौजूद उच्च समृद्ध युरेनियम को लेकर दबाव बना रहा था।

हाल ही में अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) निदेशक जॉन रैटक्लिफ समेत कई अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला दौरे पर गए हैं। सात वर्षों बाद दोनों देशों के बीच व्यावसायिक उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि अमेरिका इस समय वेनेजुएला में ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाने के प्रयास में सक्रिय है।

मुख्यमंत्री शाह ने सरकार परिवर्तन और गगन थापा के आगमन पर बोला

२६ वैशाख, धनगढी । सुदूरपश्चिम प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह ने नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा के धनगढी आगमन को लेकर कहा कि उनके आने की अपेक्षा सरकार में फेरबदल की चर्चा अधिक हो रही है। शनिवार को धनगढी में शुरू हुए कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय सभा के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री शाह ने सभापति थापा ने पहले ही इस तरह की स्थिति को देख लिया था।

‘सभापति जी, आपके आगमन की चर्चा के साथ-साथ आपके आने के कार्यक्रम से ज्यादा सरकार में पदों में बदलाव करने की बात सुदूरपश्चिम में बहस का विषय बनी हुई है,’ मुख्यमंत्री शाह ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूँ कि मैं शारीरिक, मानसिक और वैचारिक रूप से आपके साथ प्रतिस्पर्धा करने का साहस रखता हूँ। मेरे पास वह हिम्मत है। इसलिए मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि गैरजिम्मेदार और गैरराजनीतिक संस्कार न दिखाएं।’

उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाले सभापति थापा की बदनामी करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यह कहना चाहता हूँ – जिस तरह आपके बारे में बातें बाजार और मीडिया में फैल रही हैं, यहां तक कि समवायी सांसदों को वापस बुलाकर सरकार परिवर्तन की कोशिशों की बातें भी हो रही हैं।’ इन बातों की पुष्टि उन्होंने नहीं की। ‘मैं नेपाली कांग्रेस का सिपाही हूँ और पार्टी के मूल्य व मान्यताओं के प्रति सद्धृढ़ हूँ। इसलिए कोई भी ऐसा भ्रम न फैले जो पार्टी को विवाद में डाले, कमजोर करे और सभापति को भी कमजोर बनाए,’ मुख्यमंत्री शाह ने स्पष्ट किया।

उन्होंने कहा कि वह गगन थापा का स्वागत करने एयरपोर्ट गए थे और उनके साथ मंच पर भी उपस्थित थे, लेकिन पद बचाने के उद्देश्य से नहीं। ‘मैं आप सभी से कहना चाहता हूँ – मुख्यमंत्री पद गौण है, हमारे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नेता मौजूद हैं, नेतृत्व किसे देना है, गठबंधन किसके साथ करना है यह तय होता है,’ उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस को एकजुट करने के उद्देश्य से वे मंच पर खड़े हैं। ‘मैं यहां इस भावना के साथ खड़ा हूँ कि गगन थापा नेपाली कांग्रेस के सभापति बनें। जब कांग्रेस कमजोर थी, उस शक्ति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से,’ उन्होंने कहा।

डोनाल्ड ट्रम्प: मैंने 9 युद्ध रोक दिए हैं, अब रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करूँगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब तक 9 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त करने में अपनी भूमिका होने का दावा किया है। उन्होंने 9 मई से 11 मई तक जारी रहने वाले तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध रुकेगा। रूस और यूक्रेन एक-एक हजार कैदियों का आदान-प्रदान करेंगे और इस अवधि में युद्धविराम को बढ़ाया भी जा सकता है, यह ट्रम्प ने बताया।

26 वैशाख, काठमांडू। ट्रम्प के अनुसार अब उनकी कोशिशों से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होगा और वे इसे अपनी दसवीं शांति पहल बनाना चाहते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, व्हाइट हाउस से वर्जीनिया रवाना होने से पहले ट्रम्प ने इस युद्ध को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक संघर्ष बताया और कहा कि हर महीने हजारों सैनिक मारे जा रहे हैं।

इसी बीच, ट्रम्प ने सोशल मीडिया के माध्यम से 9 मई से 11 मई तक रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की है। इस अवधि के दौरान दोनों पक्ष कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे और एक-एक हजार कैदियों का आदान-प्रदान किया जाएगा। ट्रम्प के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लاديمिर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने उनके आह्वान को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि परिस्थिति अनुकूल रहने पर इस अस्थायी युद्धविराम को और बढ़ाया जा सकता है।

अत्यधिक तात्दै समुन्द्र, अर्को वर्ष अहिलेसम्मकै तातो वर्षको रेकर्ड तोडिने चेतावनी  

समुद्र सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है, आने वाला वर्ष सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना

२६ वैशाख, पेरिस । विश्व के महासागरों की सतह का तापमान लगातार बढ़ने के कारण यूरोपीय संघ के अंतर्गत जलवायु निगरानी निकाय ने गंभीर चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान स्थिति २०२४ में टूटे सबसे उच्च समुद्री तापमान के रिकॉर्ड के लगभग बराबर है। इस गर्मी की वजह से कुछ दिनों या हफ्तों के भीतर नया रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ गई है। यूरोपीय मध्यम दूरी मौसम पूर्वानुमान केंद्र की जलवायु प्रमुख सामन्था बर्गेस ने कहा कि महासागर सतह का लगातार गर्म होना विश्व जलवायु व्यवस्था में व्यापक बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा, ‘मई के महीने में समुद्री तापमान नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ सकता है।’
यूरोपीय संघ के कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा ने अप्रैल में वैश्विक समुद्री तापमान में वृद्धि की पुष्टि की है, जो अब तक मापी गई दूसरी सबसे उच्चतम तीव्रता है। खासकर प्रशांत महासागर से लेकर उत्तर अमेरिका तक फैले क्षेत्र में समुद्र की गर्मी की लहर में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे कई जगह जलवायु असंतुलन पैदा हुआ है। इसी बीच, विश्व मौसम संगठन ने मई से जुलाई तक ‘एल निनो’ की संभावना पर चेतावनी जारी की है। ‘एल निनो’ प्रशांत महासागर में तापमान और वायु प्रवाह में प्राकृतिक बदलाव है, जो सूखा, भारी वर्षा, तूफान और अन्य चरम मौसमी घटनाएं विश्वभर बढ़ाता है।
वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार, तापमान वृद्धि का कारण केवल एल निनो नहीं है, बल्कि मानव गतिविधियों से उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों के कारण दीर्घकालीन वैश्विक ताप वृद्धि भी है जो पृथ्वी के तापमान को तेजी से बढ़ा रही है। इसी वजह से सन् २०२३ और २०२४ एल निनो अवधि में क्रमशः दूसरा और सबसे गर्म वर्ष बन चुके हैं। कुछ मौसम पूर्वानुमान आगामी एल निनो को अधिक शक्तिशाली होने का संकेत देते हैं, जिसे तीन दशकों पहले आए अत्यंत शक्तिशाली एल निनो से तुलना किया जा सकता है। बर्कले अर्थ अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक जेक हाउसफादर के अनुसार, यदि आगामी एल निनो शक्तिशाली रहा तो सन् २०२७ अब तक का सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना और बढ़ जाएगी। हालांकि जलवायु प्रमुख बर्गेस ने कहा कि इस समय इसकी तीव्रता का निर्धारण करना कठिन है। उन्होंने कहा, ‘वसंत ऋतु में किए जाने वाले पूर्वानुमान अक्सर असमंजसपूर्ण होते हैं, लेकिन इसका प्रभाव विश्व स्तर पर स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा।’
उनके अनुसार, एल निनो का चरम प्रभाव आमतौर पर इसके चरम वर्ष के बाद दिखाई देता है, जिससे आगे आने वाले वर्षों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। कोपरनिकस ने मार्च और अप्रैल में समुद्र सतह के तापमान में निरंतर वृद्धि दर्ज की है, जो एल निनो के आगमन का संकेत है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस अत्यधिक तापमान वृद्धि में केवल प्राकृतिक एल निनो ही नहीं, बल्कि जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक उपयोग से होने वाला दीर्घकालीन जलवायु परिवर्तन भी मुख्य भूमिका निभा रहा है। अप्रैल में विश्व का औसत तापमान औद्योगिक युग (१८५०-१९००) के स्तर से १.४३ डिग्री सेल्सियस अधिक नापा गया। साथ ही, आर्कटिक क्षेत्र में समुद्री बर्फ भी लगभग ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे पृथ्वी की जलवायु प्रणाली पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। -एएफपी के सहयोग से