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लेखक: space4knews

‘दुईतिहाइकै किन नहोस्, डर र प्रभावमा न्याय सम्भव छैन’

‘दो तिहाई के भय से क्यों न हो, प्रभाव और भय में न्याय संभव नहीं’

सबसे पहले कानून दिवस, २०८३ के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूँ। स्वतंत्र, निष्पक्ष और सक्षम न्यायपालिका तथा कानूनी राज्य की अवधारणा को संस्थागत करते हुए देश में सुशासन विकास, समृद्धि और सामाजिक न्याय की सुनिश्चितता करने एवं सहज पहुँच और जनआस्था पर आधारित न्याय प्रणाली के लिए आज का यह विशेष दिन हम सभी में नई ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा प्रदान करे, ऐसी हार्दिक कामना करता हूँ। नेपाल प्रधान न्यायालय २००८, विक्रम संवत २००९ वैशाख २६ से लागू होने के दिन की स्मृति में प्रत्येक वर्ष वैशाख २६ को कानून दिवस के रूप में मनाया जाता है।

शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत के अनुसार राज्य के प्रमुख अंग—कार्यपालिका, विधायक सभा और न्यायपालिका के बीच राज्य शक्ति का विभाजन करते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता, विधि का शासन और आधुनिक न्याय प्रणाली की स्थापना के लिए इस क़ानून ने आधार प्रदान किया, जिससे आज की आधुनिक न्याय प्रणाली की यात्रा संभव हुई है। इस विशेष समारोह में सम्माननीय राष्ट्रपति की विशेष उपस्थिति से हमें अत्यंत गर्व का अनुभव हुआ। संविधान राज्य संचालन का केवल कानूनी दस्तावेज نہیں बल्कि नागरिकों के जीवन शैली का आधार होना चाहिए। इससे आम नागरिक को संवैधानिक शासन परिवर्तन की वास्तविक अनुभूति होती है।

इस विशेष दिन पर हम सभी तीनों राज्य अंग इस मूल्यमान्यता को आत्मसात कर उच्च समर्थन भाव से सक्रिय और योगदानशील रह सकें, यही कामना करता हूँ। न्यायिक इतिहास की बेहद जटिल और कठिन परिस्थितियों में भी स्वतंत्र न्यायपालिका की मूल्यमान्यता को अक्षुण्ण रखते हुए संविधान के सम्मान के आधार पर कार्यपालिका के स्वेच्छाचारी और अनुचित हस्तक्षेप से इस संस्था की रक्षा करने एवं न्यायिक मान्यता को कायम रखने वाले पूर्वप्रधान न्यायाधीश और सभी न्याय कर्मियों को नमन करता हूँ तथा उच्च सम्मान व्यक्त करता हूँ।

आज का दिन संविधान का ईमानदार पालन और विधि के शासन की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने का दिन है। हम सभी लोकतंत्र और कानूनी राज्य के संचालक और संबंधित लोग संविधान, विधि के शासन, लोकतंत्र के सही संरक्षण और कार्यान्वयन के प्रयत्नों का आत्मावलोकन करने का अवसर भी पाएँ। अप्रत्याशित रूप से भदौ २३ और २४ को हुए घटनाक्रम के बाद हम कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। न्यायपालिका पुनरुत्थान की दिशा में अग्रसर है। निश्चय ही संविधान, संविधानवाद और संवैधानिक नैतिकता से ऊपर कोई नहीं है और कोई भी नहीं हो सकता।

लेकिन कहीं अधिकार और विधि के प्रयोग के बहाने संवैधानिक सर्वोच्चता, स्वतंत्रता और न्याय की सार्वभौम सत्ता के मूल आधारों को कमजोर कर, आज्ञाकारी न्यायपालिका और कानूनी राज्य के असमान प्रयोग का प्रयास चल रहा है या नहीं, यह प्रश्न उठ रहा है। न्याय को अंतिम गंतव्य बनाने के बजाय अपने स्वार्थ की रक्षा के लिए छल तथा गलत प्रयास तो नहीं हो रहें, इस पर भी सवाल उठता है। आगामी दिनों में भी किसी भी स्थिति में न्याय में सौदा नहीं किया जा सकता, यह स्थापित करना आवश्यक है, और विभिन्न बहानों से शासन को कमजोर करने के प्रयासों को सहन करना चुनौतीपूर्ण होगा।

यदि ऐसी प्रवृत्ति को संवैधानिक और प्रशासनिक संरचनात्मक प्रक्रिया में स्वीकार कर लिया गया तो तत्काल की शक्ति उत्साह में उसे सहन या पुष्टि करने की कोशिश से अनिश्चितता स्पष्ट होगी। एक को खाने वाला बाघ दूसरे को नहीं छोड़ सकता। संविधान को यथास्थिति में रख कर उसके विरुद्ध किया गया कार्य क्रांति या परिवर्तन नहीं हो सकता। संविधान उल्लंघन करने वालों को संविधान के खिलाफ जिम्मेदार नहीं ठहराया गया तो संविधान के प्रति वफादार कार्यान्वयन भी सम्भव नहीं होगा।

संरचना को तोड़कर परिवर्तन करने के बहाने परिप्रेक्ष्य की श्रेष्ठता स्थापित करने का प्रयास करने वालों की सत्ता के लिए लालसा खत्म हो सकती है, लेकिन विधि और वैधानिक परंपरा की उम्मीद रखने वालों का सपना टूटा निश्चित है। विधि और वैधानिक परंपरा की हत्या करके किए गए स्वार्थपरक कार्य निरंकुशता का संकेत देते हैं। औचित्य के नाम पर विधि में छेड़छाड़ करना स्वेच्छाचारिता हो सकती है, लेकिन विधि के शासन पर भरोसा रखने वालों के लिए यह स्वीकार्य नहीं है। यदि ऐसे विषयों को नजरअंदाज किया गया तो राज्य की संवैधानिक प्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायपूर्ण समाज की कल्पना सुरक्षित रहना दुर्लभ हो जाएगा।

सम्माननीय सभामुख जी ने कहा था कि अगर न्यायपालिका भी सरकार की भावना के अनुसार चले तो मैं कहता हूँ न्यायपालिका संविधान की भावना के अनुसार चलनी चाहिए। जब सरकार की गति और संविधान की भावना एक समान होती है तब न्यायपालिका समन्वय कर सकती है। न्यायपालिका तब सशक्त होती है जब उसे शासन द्वारा संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मैं सभी न्यायाधीशों से कहता हूँ, डर और प्रभाव में न्याय संभव नहीं। चाहे वह दो तिहाई सरकार का डर हो या महाभियोग का भय। डर और भय से मुक्त होकर अदम्य साहस के साथ आगे बढ़ने का मैं सभी न्याय कर्मियों से आग्रह करता हूँ।

मैं स्वयं जीवनभर भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता रहा हूँ, एक कानून व्यवसायी के रूप में। लड़ाई अभी बाकी है। सक्षम, पारदर्शी और न्यायपूर्ण न्याय के लिए प्रतिबद्ध होकर काम करने के लिए आज का दिन नई प्रेरणा दे। इस गंभीर समय में संविधानवाद, विधि का शासन, नागरिक अधिकार और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सभी आम नागरिकों, नेपाल बार एसोसिएशन, मीडिया, नागरिक समाज और संबंधित सभी से हार्दिक अपील करता हूँ। सम्माननीय राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति को इस कार्यक्रम में अभिभावकत्व देने के लिए हार्दिक धन्यवाद। कानून दिवस के इस विशेष गरिमामय अवसर पर राज्य के सभी अंगों की पुनर्मिलन की सुखद और प्रेरणादायी परंपरा निरंतर जारी है। आज भी इस परंपरा का जीवंत साक्षी बनने पर हम अत्यंत हर्षित और गौरवान्वित हैं। अंत में इस विशेष समारोह में सम्माननीय राष्ट्रपति जी की गरिमामय उपस्थिति हमारे लिए गर्व का विषय है। उनका हार्दिक आभार और कृतज्ञता प्रकट करता हूँ। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का भी हार्दिक धन्यवाद करता हूँ और कानून दिवस के अवसर पर आप सभी को शुभकामनाएं देता हूँ। धन्यवाद एवं नमस्कार। (शनिवार कानून दिवस के अवसर पर प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल द्वारा व्यक्त विचारों के संपादित अंश यहाँ प्रस्तुत किए गए हैं।)

पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय में अमेरिकन कॉर्नर का पुनः उद्घाटन

विराटनगर स्थित पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (पुसोम) में अमेरिकन कॉर्नर 7 मई को नये स्थान से पुनः संचालित होना शुरू हुआ है। यह नया अमेरिकन कॉर्नर अंग्रेजी भाषा सीखने, डिजिटल उपकरणों की नि:शुल्क पहुँच, व्यवसाय संबंधित प्रशिक्षण और एजुकेशन यूएसए सेवाएं प्रदान करेगा। पुसोम के विद्यार्थी स्वयंसेवकों को ‘स्टूडेंट एसोसिएट्स’ के रूप में गठित कर कार्यक्रम संचालन और जनचेतना फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बनाई गई है।

अमेरिकन कॉर्नर अपने नए स्थान से औपचारिक रूप से पुनः कार्य प्रारंभ कर चुका है। पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ मैनेजमेंट मोरंग स्थानांतरण के बाद 7 मई को इसका पुनः उद्घाटन किया गया है। इससे कोशी प्रदेश के युवाओं के लिए सीखने, सहभागिता और अवसरों का एक प्रमुख केंद्र के रूप में अमेरिकन कॉर्नर और भी सशक्त हुआ है।

नए स्थान पर संचालन शुरू होने के साथ ही अमेरिकी दूतावास के अमेरिकन स्पेसेस नेटवर्क ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवप्रवर्तन तथा वैश्विक अवसरों की पहुँच बढ़ाने की प्रतिबद्धता जारी रखी है। कार्यक्रम में छात्र, शिक्षक, संवाददाता और विभिन्न समुदाय के हितधारक उपस्थित थे।

अब पुसोम के अंदर संचालित होने वाला अमेरिकन कॉर्नर छात्रों, शिक्षकों और युवा पेशेवरों को और प्रभावी सेवा प्रदान करने की उम्मीद रखता है। यहाँ अंग्रेजी भाषा सीखना, डिजिटल उपकरणों की नि:शुल्क पहुँच, व्यवसाय संबंधी प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम, शैक्षिक सामग्री और एजुकेशन यूएसए सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले दिनों में युवा नेतृत्व विकास, उद्यमशीलता, नवप्रवर्तन, डिजिटल कौशल प्रशिक्षण और नागरिक भागीदारी संबंधी कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

रेसिङ सहाराले जित्यो कोहलपुर गोल्डकप फुटबलको उपाधि

कोहलपुर रेसिङ सहाराले चौथी कोहलपुर गोल्डकप फुटबल प्रतियोगिता जीती

कोहलपुर रेसिङ सहारा क्लबले चौथे कोहलपुर गोल्डकप २०८३ को उपाधि अपने नाम किया है। फाइनल मैच के सामान्य समय में दोनों टीमों ने १–१ गोल के बराबरी पर रोक दिया, जिसके बाद मैच पेनाल्टी शूटआउट तक पहुंचा और अंत में सडन डेथ में कोहलपुर रेसिङ सहाराले जीत सुनिश्चित की। कोहलपुर रेसिङ सहारा क्लब को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र के साथ आठ लाख रुपैयाँ पुरस्कार मिला, वहीं नेपाल पुलिस क्लब को चार लाख रुपैयाँ पुरस्कार प्राप्त हुआ।

फाइनल के निर्धारित समय में दोनों टीमों ने समान १–१ गोल किए, जिससे मैच टाइब्रेकर में पहुंचा। मैच की शुरुआत में पांचवें मिनट में कोहलपुर रेसिङ सहारा क्लब के चेतन चौधरी ने गोल कर अग्रिम बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ की शुरुआत में नेपाल पुलिस के सञ्जिव लामाले शानदार गोल कर बराबरी दर्ज कराई। ९० मिनट तक कोई अतिरिक्त गोल न होने पर मैच पेनाल्टी शूटआउट में गया।

पेनाल्टी शूटआउट भी बराबरी पर समाप्त होने के बाद मैच सडन डेथ में पहुंचा। सडन डेथ में रेसिङ सहाराका फागुराम चौधरी, चेतन चौधरी, सन्दिप केसी और सुजन मगर ने गोल कर परिणाम अपने पक्ष में किया। नेपाल पुलिस के राम वाजी, सन्जिव लामा और हेमन्त श्रेष्ठ ने ही गोल कर पेनाल्टी में जवाब दिया।

विजेता कोहलपुर रेसिङ सहारा क्लब ने ट्रॉफी, मेडल, प्रमाणपत्र के साथ आठ लाख रुपैयाँ पुरस्कार प्राप्त किया जबकि उपविजेता नेपाल पुलिस क्लब को मेडल, प्रमाणपत्र और चार लाख रुपैयाँ पुरस्कार मिला। साथ ही कोहलपुर रेसिङ सहारा क्लब के कप्तान एवं गोलरक्षक मुकुन्द घर्तीमगर को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट घोषित करते हुए ५१ हजार रुपैयाँ पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

सुकुमवासी पर राज्य द्वारा दमन के आरोप में श्रम संस्कृति पार्टी का विरोध प्रदर्शन

२६ वैशाख, काठमाडौं। सुकुमवासी और अव्यवस्थित बस्तियों के निवासियों पर राज्य द्वारा दमन किए जाने के विरोध में श्रम संस्कृति पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया है। ‘यह देश गरीबों का भी है’ के नारे के साथ शनिवार को काठमाडौं के माइतिघर में पार्टी ने प्रदर्शन आयोजित किया। पार्टी के अनुसार, सुकुमवासी और अव्यवस्थित बस्तियों के लोगों पर राज्य द्वारा निर्मम तरीके से दमन किया जा रहा है।

प्रदर्शन में उपस्थित लोगों ने ‘भूमिहीनों को पहले प्रबंधित करें’, ‘मानवाधिकार के लिए एकजुट हों’, ‘कमजोर वर्ग की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है’, ‘भूमिहीनों को ज़मीन दो’ जैसे प्लेकार्ड दिखाए। बिना किसी विकल्प या प्रबंधन के, सुकुमवासी और अव्यवस्थित बस्तियों के निवासियों पर राज्य ने दमन करके निरंकुश व्यवहार अपनाया है, इसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।

प्रिमियर लिगमा युनाइटेड र सन्डरल्यान्डको गोलरहित बराबरी

प्रिमियर लिग में मैनचेस्टर यूनाइटेड और सैंडरलैंड के बीच शून्य-शून्य ड्रॉ

इंग्लिश प्रिमियर लिग फुटबॉल में मैनचेस्टर यूनाइटेड और सैंडरलैंड के बीच गोलरहित ड्रॉ हुआ है। सैंडरलैंड के घरेलू स्टेडियम में खेले गए इस मैच में यूनाइटेड ने कई बेहतरीन गोल के मौके बनाए लेकिन गोल स्कोर नहीं कर सका। सैंडरलैंड भी गोल करने में नाकाम रहा और दोनों टीमों ने एक-एक अंक हासिल किया।

इस ड्रॉ के बाद तीसरे स्थान पर मौजूद मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ३६ मैचों में कुल ६५ अंक जुटा लिए हैं, वहीं सैंडरलैंड ४८ अंकों के साथ १२वें स्थान पर है। शनिवार के अन्य मैचों में ब्राइटन ने वुल्वरहैम्प्टन को ३-० से हराया जबकि बर्नमाउथ ने फुलहम को १-० से मात दी।

रास्वपाका उपनेता गणेश पराजुली की सांसदों से उम्मीदें

२६ वैशाख, पाटन (ललितपुर)। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) संसदीय दल के उपनेता गणेश पराजुली ने कहा है कि जनता केवल नए चेहरों की ही नहीं बल्कि नई सोच, संस्कृति और कार्यशैली की भी तलाश कर रही है। पार्टी के प्रशिक्षण विभाग द्वारा आज यहाँ आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में उन्होंने सांसदों से जनता की अपेक्षा के अनुरूप जिम्मेदार और परिणाममुखी होकर कार्य करने का आग्रह किया। उपनेता पराजुली ने राजनीति को सेवा, जिम्मेदारी और परिणाम से जोड़ने की जनता की उम्मीद का उल्लेख करते हुए इस अपेक्षा और पार्टी के प्रति विश्वास को परिणामों में बदलने पर जोर दिया।

‘नेपाल का लोकतंत्र महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसे सशक्त बनाने की जिम्मेदारी हमारी कंधों पर आई है। राजनीति में नई पीढ़ी की ऊर्जा, पारदर्शिता, सुशासन, अध्ययनशीलता और जनउत्तरदायित्व का अभ्यास आवश्यक है। यही आधार तैयार करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है,’ उन्होंने कहा। उपनेता पराजुली ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव और ज्ञान आगामी संसद अधिवेशन को प्रभावकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण संसद और संसदीय समितियों की भूमिका, पार्टी-संसद और सरकार के बीच समन्वय, संसदीय मर्यादा और आचरण, तथ्य आधारित बहस, जनउत्तरदायी राजनीतिक व्यवहार एवं प्रभावकारी नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर केन्द्रित रहेगा।

‘आज की राजनीति केवल नारों से नहीं चलती। क्षमता, तैयारी, अध्ययन और परिणाम से ही राजनीति की परिभाषा होती है। जनता अब यह मूल्यांकन करती है कि किसने क्या कहा नहीं बल्कि किसने क्या किया,’ उपनेता पराजुली ने कहा, ‘रास्वपा ने शुरू से ही सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाममुखी राजनीति को मूल आधार बनाया है। इसलिए जनता के साथ किए गए प्रतिबद्धताओं को लागू करने में सक्षम सांसद और सशक्त संसद की आवश्यकता है।’ उन्होंने प्रशिक्षण को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सीखने, आत्ममूल्यांकन, अनुभव आदान-प्रदान और भविष्य की राजनीतिक संस्कृति निर्माण का अवसर बनाने का आग्रह किया। उद्घाटन समारोह के बाद उपसभापति एवं अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बंद सत्र में सांसदों को प्रशिक्षण दिया। वहीं महामंत्री भूपदेव शाह ने पार्टी, सरकार और सदन के बीच समन्वय तथा उपनेता पराजुली ने संसदीय समिति में सांसदों की भूमिका पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को भी जारी रहेगा, यह जानकारी महामंत्री कविन्द्र बुर्लाकोटी ने दी।

बुटवलमा महिला फुटबल सुरु, डिफेन्डिङ च्याम्पियन ट्रिनिटीको विजयी सुरुवात

बुटवल में दूसरी राष्ट्रीय महिला फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू, डिफेंडिंग चैंपियन ट्रिनिटी ने उद्घाटन मैच जीता

बुटवल में दूसरी राष्ट्रीय महिला फुटबॉल प्रतियोगिता २०८३ साल के शनिवार से शुरू हुई है। उद्घाटन मैच में डिफेंडिंग चैंपियन ट्रिनिटी क्लब, वालिङ ने पद्मा स्पोर्ट्स क्लब को १–० गोल से हराया है। प्रतियोगिता में ८ टीमें भाग ले रही हैं और विजेता को २ लाख ५० हजार रुपैयाँ पुरस्कार मिलेगा।

उद्घाटन मैच बुटवल ७ स्थित सिद्धेश्वर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित किया गया था। ट्रिनिटी क्लब की खिलाड़ी भूमिका बुढाथोकी ने पहले हाफ के छठे मिनट में निर्णायक गोल किया। दिक्षा रनपाल ने डिबक्स के दाहिने कॉर्नर से निकाले गए बल को भूमिका ने वान टच में गोल में बदला। पहला हाफ काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा और २०वें मिनट में पद्मा क्लब को पेनाल्टी मिली, लेकिन पोषणी बोहोराले गोल नहीं कर सकीं।

पद्मा क्लब ने बार-बार आक्रमण किए, लेकिन ट्रिनिटी क्लब की गोलकीपर सावित्री किसन ने महत्वपूर्ण बचाव किए। खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली ट्रिनिटी की गोलरक्षक सावित्री किसन को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया और नगद ५ हजार रुपैयाँ पुरस्कार दिया गया। रविवार को आयोजित होने वाले मैच में आयोजक बिस पचहत्तर यूवा क्लब, बुटवल और अभिषेक चर्च, नवलपुर के बीच मुकाबला होगा। प्रतियोगिता बिस पचहत्तर यूवा परिवार के आयोजन में हुई और उद्घाटन समारोह बुटवल उपमहानगरपालिका के प्रमुख खेलराज पाण्डे ने किया।

प्रतियोगिता का विजेता टीम २ लाख ५० हजार रुपैयाँ और उपविजेता १ लाख २५ हजार रुपैयाँ पुरस्कार प्राप्त करेगा। उत्कृष्ट खिलाड़ी को २५ हजार रुपैयाँ और विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रत्येक को १० हजार रुपैयाँ सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक मैच के प्लेयर ऑफ द मैच को नगद ५ हजार रुपैयाँ पुरस्कार मिलेगा। दर्शकों के लिए लगभग ३ हजार क्षमता वाला अस्थायी प्यारापिट भी बनाया गया है। प्रतियोगिता जेठ २ तारीख तक चलेगी।

२०० से अधिक चालकों के खिलाफ अनुचित हॉर्न बजाने पर कार्रवाई

काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने अनुचित हॉर्न बजाने वाले २०० से अधिक वाहन चालकों के खिलाफ एक विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की है। पुलिस उपरीक्षक नरेश्वराज सुवेदी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और नो हॉर्न संबंधी जनजागृति प्रदान करने की जानकारी दी। पुलिस वरिष्ठ उपरीक्षक नवराज अधिकारी ने आगामी दिनों में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की बात भी कही है। २६ वैशाख, काठमांडू।

काठमांडू उपत्यका में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय द्वारा चलाई गई इस विशेष कार्यवाही के दौरान आज अनुचित हॉर्न बजाने वाले २०० से अधिक वाहन चालकों को दंडित किया गया है। उपत्यका के विभिन्न मुख्य सड़कों, व्यस्त चौराहों और यातायात अधिक होने वाले इलाकों में ट्रैफिक पुलिस ने विशेष निगरानी रखते हुए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले और अनावश्यक हॉर्न बजाने वालों को पकड़कर कार्रवाई की, इस बाबत काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एवं पुलिस उपरीक्षक नरेश्वराज सुवेदी ने बताया।

इस अभियान के दौरान चालकों को ट्रैफिक नियमों के पालन, सुरक्षित यात्रा के महत्व और “नो हॉर्न” के संबंध में जनजागृति भी प्रदान की गई। वर्तमान में उपत्यका में जारी इस विशेष अभियान को भविष्य में और भी प्रभावी बनाने हेतु काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख एवं पुलिस वरिष्ठ उपरीक्षक नवराज अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों, विद्यालयों के आस-पास, अस्पताल क्षेत्रों तथा भीड़भाड़ वाली सड़कों पर विशेष निगरानी बढ़ाई गई है।

सरुको गोल से किकस्टार्ट को महत्वपूर्ण जीत

समाचार संक्षेप संग्रहित और विश्लेषित समाचार। नेपाली राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की सदस्य सरु लिम्बु के गोल से किकस्टार्ट ने इंडियन विमेंस लीग में गोकुलम केरल को १-० से हराया है। किकस्टार्ट ने ११ मैचों में १६ अंक जोड़कर चौथे स्थान पर कब्जा किया है, जबकि गोकुलम केरल के १३ अंक हैं और वे पांचवें स्थान पर हैं। नेपाली खिलाड़ी सरु लिम्बु और रेणुका नगरकोटे की मौजूदगी में किकस्टार्ट ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। २६ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की सदस्य सरु लिम्बु के गोल से किकस्टार्ट ने इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) में अहम जीत हासिल की है। शनिवार को हुए मैच में किकस्टार्ट ने गोकुलम केरल को १-० से हराया। किकस्टार्ट की ओर से सरु ने मैच के १७वें मिनट में गोल किया। इस जीत के बाद किकस्टार्ट ने ११ मैचों में १६ अंक बना कर चौथे स्थान पर जगह बनाई है। किकस्टार्ट ने गोकुलम को पछाड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है। समान मैचों से १३ अंक वाले गोकुलम केरल पांचवें स्थान पर हैं। निता फुटबाल एकेडमी के समान अंक के बावजूद किकस्टार्ट का गोल अंतर कमज़ोर है। नेपाली खिलाड़ी सरु और रेणुका नगरकोटे की उपस्थिति में किकस्टार्ट ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस्ट बंगाल १० मैचों में २७ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।

सुशीला कार्कीको आक्रोश– अब मलाई होइन, बालेनकी श्रीमतीलाई ‘आमा’ भन्नू

सुशीला कार्की का आक्रोश: अब मुझे नहीं, बालेन की पत्नी को ‘मां’ कहो

शनिवार कानूनी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होते हुए सुशीला कार्की ने स्वयं को ‘मां’ कहे जाने पर असंतोष जताया है। संवैधानिक परिषद ने प्रधान न्यायाधीश पद के लिए चौथे क्रम की डॉ. मनोजकुमार शर्मा को सिफारिश करने के बाद कार्की ने अपना विरोध प्रकट किया। उन्होंने कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल को सिफारिश न करने को सरकार की बड़ी गलती बताया। 26 वैशाख, काठमाडौ।

कार्की ने शनिवार को काठमांडू के राष्ट्रीय सभा गृह में कानून दिवस के कार्यक्रम में भाग लेते हुए संवाददाता दिवाकर साह के उन्हें ‘मां’ कहने पर सवाल उठाया। कार्की ने पूछा, ‘किसने मां कहा?’ साह ने उत्तर दिया, ‘मैंने कहा।’ कार्की ने क्रोध व्यक्त करते हुए कहा, ‘तुम लोगों की मां ही बदल गई है।’

साह ने कहा, ‘कुछ फर्क नहीं पड़ता, मां नहीं बदलती’ और माइक उनकी ओर मोड़ा। कार्की ने खुद को मां न कहने की बजाय प्रधानमंत्री बालेन शाह की पत्नी सबिना काफ्ले को मां कहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘अब बालेन की पत्नी को मां कहो।’ साह ने दोबारा कहा, ‘आप देश की मां हैं’ लेकिन कार्की ने इसे स्वीकार नहीं किया और कहा, ‘नहीं, नहीं’। साह ने इस वीडियो को फेसबुक पेज पर सार्वजनिक किया है जो वर्तमान में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

उपसभामुख ठाकुर ने प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश कार्यक्षमता पर आधारित होने की बात कही

२६ वैशाख, काठमाडौं। प्रतिनिधिसभा की उपसभामुख रुबीकुमारी ठाकुर ने प्रधानन्यायाधीश की सिफारिश कार्यक्षमता के आधार पर की गई होने का दावा किया है। शनिवार को फेसबुक के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इस विषय में किसी भी प्रकार का कोई ‘किन्तु-परंतु’ आवश्यकता नहीं होने को स्पष्ट किया। ‘न्याय प्रणाली को लेकर जनता लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं – मुकदमे इतने वर्षों लगे, इतने वर्षों लगे,’ उपसभामुख ठाकुर ने बताया। ‘किसी मामले के निर्णय में अत्यधिक समय लगना न्याय प्रणाली के लिए गंभीर समस्या है।’

वह कहती हैं, जब नियुक्ति कार्यक्षमता और योग्यताओं के बजाय दल या पार्टी के आधार पर की जाती है, तो इसका नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। ‘प्रधानन्यायाधीश की नियुक्ति कार्यक्षमता के मूल्यांकन के आधार पर की गई है। इस विषय में कोई किन्तु-परंतु आवश्यक नहीं है,’ उन्होंने लिखा। उनका यह भी कहना है कि राज्य के सभी अंग देश, जनता और राष्ट्र के हित में कार्य करने चाहिए। ‘यहाँ किसी का आदेश-उपदेश नहीं, बल्कि संविधान, कानून और जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। निष्पक्ष, सक्षम और जिम्मेदार न्याय प्रणाली ही लोकतंत्र की वास्तविक आधार है,’ उन्होंने आगे कहा।

उन्होंने अपने फेसबुक स्टेटस में प्रधानन्यायाधीश के उम्मीदवार न्यायाधीशों के संबंध में च्याटजीपीटी द्वारा तैयार की गई टिप्पणी का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है।

धरान में पहली प्याराग्लाइडिंग प्रीमियर लीग का उद्घाटन

धरान में नेपाल में पहली बार आयोजित प्याराग्लाइडिंग प्रीमियर लीग ओपन एक्युरेसी सीरीज प्रतियोगिता वैशाख २५ से २८ तक चलेगी। इस प्रतियोगिता में नेपाल और भारत के कुल ३२ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और पुरस्कार राशि ६ लाख २५ हजार रुपये निर्धारित की गई है। कोशी प्रदेश सरकार इस प्रतियोगिता के सभी खर्चे वहन करेगी और आगामी आर्थिक वर्ष में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ आयोजित करने की योजना बना रही है। २५ वैशाख, सुनसरी।

धरान में शुक्रवार से पहली प्याराग्लाइडिंग प्रीमियर लीग ओपन एक्युरेसी सीरीज प्रतियोगिता शुरू हो गई है। नेपाल प्याराग्लाइडिंग एवं हैंग्लाइडिंग संघ के आयोजन में यह प्रतियोगिता वैशाख २८ तक चलेगी। धरान–४ छोटीमोरंग के डाडा में शुरू हुई इस प्रतियोगिता में नेपाल और भारत के प्याराग्लाइडिंग खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष भूपाल राई के मुताबिक थाउजेंड्स विग बुद्ध के निकट डाडा से प्रतियोगी प्याराग्लाइडिंग करेंगे और धरान–१४ के खत्रीधारा के आस-पास मैदान में उतरेंगे।

प्रतियोगिता में ४ महिलाओं सहित कुल ३२ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। चार समूहों में बंटी इस प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ६ लाख २५ हजार रुपये है। एक्युरेसी ओवरऑल में प्रथम आने वाले को १ लाख ५० हजार रुपये, दूसरे को १ लाख रुपये और तीसरे को ७५ हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर दिए जाएंगे। वहीं, एक्युरेसी महिला अकेले समूह में पहला स्थान प्राप्त करने वाली को ४० हजार रुपये, दूसरा स्थान पाने वाली को २५ हजार रुपये, और तीसरा स्थान पाने वाली को १५ हजार रुपये पुरस्कार रूप में मिलेगा।

नेपाल में पहली बार आयोजित इस प्याराग्लाइडिंग एक्युरेसी प्रतियोगिता के माध्यम से साहसिक खेलों के जरिए पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, ऐसा अध्यक्ष भूपाल राई ने बताया। उन्होंने कहा, “नेपाल में प्याराग्लाइडिंग और हैंग्लाइडिंग खेल का इतिहास चार दशकों से अधिक पुराना है, लेकिन एक्युरेसी लिग प्रणाली अनुसार व्यवस्थित प्रतियोगिता पहली बार धरान से शुरू हुई है।” प्रतियोगिता का उद्घाटन कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिक्मतकुमार कार्की ने किया। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भारतीय पायलटों का स्वागत करते हुए प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया।

पाँचथरमा गुञ्जियो ‘प्रमोद एन्ड परम्परा’, स्टेजमै लगाइदिए सिलाम साक्मा (तस्वीर)

पाँचथर में ‘प्रमोद एन्ड परम्परा’ का भव्य संगीत का प्रदर्शन, स्टेज पर प्रमोद खरेल ने पहना सिलाम साक्मा

पाँचथर के यासोक बाजार में गायक प्रमोद खरेल एवं उनकी बैंड ‘प्रमोद एन्ड परम्परा’ ने दो घंटे लंबी सांगीतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में हजारों दर्शक उपस्थित थे और गीतों के बाद ‘वान्स मोर, वान्स मोर’ के उद्घोष ने माहौल को अत्यंत उत्साहपूर्ण बना दिया। प्रमोद खरेल ने लिम्बु समुदाय के साथ अपने आत्मीय रिश्ते और स्थानीय लोगों द्वारा प्रदान किया गया सिलाम साक्मा सम्मान साझा किया।

स्थानीय फुटबॉल मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम शाम 11 बजे शुरू होकर रात 1 बजकर 30 मिनट तक चला। बैंड ने लगातार दो घंटे तक अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिससे दर्शक नाचते और आनंदित होते रहे तथा माहौल उल्लासपूर्ण बना रहा। बैंड के सदस्य दोपहर में ही यासोक पहुंचे थे। धरान, धनकुटा होते हुए तमोर कॉरिडोर की लगभग चार घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद टीम कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।

कार्यक्रम के पश्चात गायक खरेल ने दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गीत गाते हुए लिम्बु समुदाय के बीच आए अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उनका पितृगृह ताप्लेजुङ में है जहां उनके पिता का जन्म हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने लिम्बु संस्कृति के प्रति अपने गहरे आत्मीय संबंधों पर प्रकाश डाला। प्रमोद ने दर्शकों के जोश और उत्साह को अत्यंत सराहनीय बताया।

चौदण्डीगढी नगरपालिकामा छुवाछूतमुक्त पालिका घोषणा अभियान शुरू

उदयपुर की चौदण्डीगढी नगरपालिकाने जातीय भेदभाव और छुवाछूतमुक्त पालिका घोषणा क्रियान्वयन अभियान शुरू किया है। नगर प्रमुख कालुमान लामाले औपचारिक रूप से छुवाछूतमुक्त नगरपालिका घोषित की है। नगरपालिकाने जातीय भेदभाव समाप्ति के लिए दलित सशक्तिकरण अधिनियम पारित कर दिया है। 26 वैशाख, काठमांडू।

उदयपुर की चौदण्डीगढी नगरपालिकामें जातीय भेदभाव और छुवाछूतमुक्त पालिका घोषणा क्रियान्वयन अभियान आरंभ किया गया है। “हमारी जिम्मेदारी, हमारी प्रतिबद्धता: जातीय छुवाछूत मुक्त चौदण्डीगढी नगरपालिका” के नारे के साथ यह अभियान चैदण्डीगढी नगरपालिकाने शुरू किया है। शनिवार को पालिका के केंद्र बेल्टार बाजार स्थित बसपार्क में आयोजित कार्यक्रममें नगर प्रमुख कालुमान लामाले चौदण्डीगढी नगरको औपचारिक रूप से छुवाछूतमुक्त घोषणा की।

इस अभियान के प्रभावशाली क्रियान्वयन के लिए सभी वडाऐं, सभी टोल विकास संस्थाएं और जिम्मेदार निकायों का पूर्ण सहयोग आवश्यक होगा, उन्होंने बताया। उन्होंने जातीय भेदभाव और छुवाछूत समाप्त करने के लिए नगरपालिकाए दलित सशक्तिकरण अधिनियम भी पारित कर दिया है। कार्यक्रममें भाग लेनेवालोंने जातीय भेदभाव समाप्ति हेतु स्थानीय तह, राजनीतिक दल, नागरिक समाज और समुदाय के बीच सहकार्य आवश्यक होने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इरान के जवाब की प्रतीक्षा में, इस्लामाबाद में वार्ता की संभावना

अमेरिका और इरान के बीच तनाव कम करने के लिए अगले सप्ताह इस्लामाबाद में वार्ता शुरू हो सकती है, जो औपचारिक वार्ता के मार्ग को प्रशस्त कर सकती है। इरान ने अपनी परमाणु योजना और उच्च समृद्ध यूरेनियम को लेकर किसी भी समझौते से इनकार किया है। चीन ने अप्रैल में कच्चे तेल के आयात में 20 प्रतिशत की कमी की है, जिससे हॉर्मुज जलसंधि में तनाव के प्रभाव स्पष्ट होते हैं। 26 वैशाख, काठमांडू। अमेरिका और इरान के बीच तनाव घटाने के लिए अगले सप्ताह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पुनः वार्ता होने की संभावना व्यक्त की गई है। वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के मध्यस्थकर्ता एक समझौता मसौदे पर काम कर रहे हैं, जो एक महीने तक चलने वाली औपचारिक वार्ता के रास्ते खोल सकता है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 14 बिंदुओं वाले मसौदे में इरान की परमाणु योजना, हॉर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करने और उच्च समृद्ध यूरेनियम को किसी तीसरे देश को भेजने जैसे विषय शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शीघ्र ही इरान के जवाब की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, वार्ता आगे बढ़ी तो युद्धविराम को और लंबा किया जा सकता है।

अलजजीरा ने बताया कि इरान ने अपनी परमाणु योजना और उच्च समृद्ध यूरेनियम पर किसी भी समझौते से इंकार किया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में इरान और अमेरिका के बीच 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहला चरण वार्ता हुआ था, जो 21 घंटे तक चला पर सफल नहीं हुआ। दूसरे चरण की वार्ता के लिए इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकफ और जेरेड कुस्नेर के पाकिस्तान दौरे को रद्द कर दिया था।

दोहा इंस्टीट्यूट फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के अंतरराष्ट्रीय राजनीति विशेषज्ञ मुहन्नद सेलूम ने कहा कि अब इरान अमेरिका के साथ पहले जैसी स्थिति में वापस आने को तैयार नहीं है। तेहरान किसी भी समझौते से पहले अमेरिका से कुछ अतिरिक्त सुविधाएं चाहता है। सेलूम के अनुसार अमेरिका शुरू में कूटनीतिक रूप से आगे बढ़ा, फिर युद्ध की राह पर गया और अब पुनः वार्ता की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका अपनी सैन्य सफलता को कूटनीतिक सफलता में बदलना चाहता है, लेकिन इरान इसे रोकने की कोशिश कर रहा है।’

दूसरी ओर, इरान कूटनीतिक मार्ग ढूंढ रहा है लेकिन बिना किसी नए लाभ के पुरानी स्थिति में वापस नहीं जाना चाहता। चीन की भूमिका और प्रभाव क्या है? अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान के खिलाफ युद्ध से चीन के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर भी प्रभाव पड़ा है। दोहा इंस्टीट्यूट के सहायक प्रोफेसर मुहन्नद सेलूम बताते हैं कि चीन ने इस युद्ध में सीधे सैन्य सहायता नहीं दी है।

अमेरिका इस युद्ध को लंबे समय तक जारी नहीं रख सकता क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र के तेल, गैस और समुद्री जल संसाधनों को गंभीर नुकसान हो सकता है और विश्व अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल का प्रारंभिक लक्ष्य इरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को कमजोर करना था। बड़े हवाई हमलों के बाद यह अपेक्षा की गई थी कि इरानी सरकार टूट जाएगी और तेहरान में अमेरिका समर्थित सरकार स्थापित होगी। ट्रम्प ने वैनेजुएला में सफलता के बाद इरान में भी ऐसा ही स्थिति बनाने की उम्मीद जताई थी।

इरान, जो चीन को तेल बेचने का प्रयास कर रहा है, अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन को तेल निर्यात की कोशिश तेज कर रहा है। तेहरान स्थित थिंक टैंक ‘डिप्लोहाउस’ के निदेशक हमीद रजा गोलामजादेह के अनुसार, इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर इरान का पक्ष रख रहे हैं।

चीन के कच्चे तेल के आयात में 20 प्रतिशत गिरावट, इरान-अमेरिका के बीच संघर्ष ने चीन की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। अप्रैल में चीन के कच्चे तेल के आयात में 20 प्रतिशत की कमी आई क्योंकि हॉर्मुज जलसंधि में तनाव के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई। चीन के कस्टम के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में चीन ने 3 करोड़ 85 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल आयात किया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 20 प्रतिशत कम है और यह जुलाई 2022 के बाद सबसे कम मात्रा है।

(एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संचार संस्थानों के सहयोग से)