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लेखक: space4knews

महासचिव गुटेरेस ने कहा– मध्यपूर्व का युद्ध खत्म होना अमेरिका की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर है

समाचार सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्यपूर्व के युद्ध को समाप्त करने का निर्णय अमेरिका की राजनीतिक इच्छाशक्ति और फैसले पर निर्भर बताया है।
  • गुटेरेस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यदि चाहें तो युद्ध को रोक सकते हैं और संबंधित पक्षों को मनाने में सफलता पा सकते हैं।
  • 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट और मानवीय नुकसान को बढ़ाया है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि मध्यपूर्व में चल रहा भीषण युद्ध खत्म करना मुख्यतः संयुक्त राज्य अमेरिका की राजनीतिक इच्छाशक्ति और निर्णय पर निर्भर है।

ब्रसेल्स में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस युद्ध को रोकने की शक्ति अमेरिका के हाथ में है। यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहें तो यह संभव है।’

उनके मुताबिक, इस्राइल ने इरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करने और वहां सत्ता परिवर्तन की रणनीति अपनाई है, वहीं ईरान ने लंबे समय तक प्रतिरोध करने की योजना बनाई है।

गुटेरेस ने कहा कि इस जटिल समस्या के समाधान के लिए अमेरिका को अपने लक्ष्य की पूर्ति का ऐलान करना होगा, और राष्ट्रपति ट्रम्प युद्ध खत्म करने के लिए सभी पक्षों को मनाने में सक्षम हैं।

28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर लिया है, जिसने दुनिया भर में ऊर्जा संकट और मानवीय क्षति को बढ़ा दिया है।

गुटेरेस की यह टिप्पणी इस बात का संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब विशेष रूप से व्हाइट हाउस की पहल पर नजर रखे हुए है ताकि युद्धविराम के लिए सकारात्मक कदम उठाए जा सकें।

कक्रोच, बले, खुपीका बाउ शीर्ष भूमिकामा – Online Khabar

कक्रोच, बले, खुपीका बाउ मुख्य भूमिकाओं में – नई श्रृंखला ‘विजोग रमाइलो’

काठमांडू। प्रसिद्ध टेलीविजन श्रृंखला के कलाकारों के साथ एक नई श्रृंखला ‘विजोग रमाइलो’ बनने जा रही है। इस श्रृंखला की शूटिंग काभ्रे के पनौती क्षेत्र में आगामी सोमवार से शुरू होगी। यह श्रृंखला कॉमेडी शैली में होगी और सामाजिक विषयों को समेटेगी, इस बात की जानकारी कलाकार कमलमणी ने दी।

हरिश निरौला ‘कक्रोच’, सागर लम्साल ‘बले’, कमलमणी नेपाल ‘खुपीका बाउ’, दीपक आचार्य ‘काकु’ भी इसमें अभिनय कर रहे हैं। कक्रोच द्वारा निर्देशित इस श्रृंखला की शूटिंग आगामी सोमवार से काभ्रे के पनौती के आसपास शुरू होगी। ‘सक्किगो नि’ श्रृंखला के कई चर्चित कलाकार इसमें दिखेंगे। हालांकि, कुमार कट्टेल ‘जिग्री ब्रो’ और अर्जुन घिमिरे ‘पाँडे’ इसमें नजर नहीं आएंगे।

कक्रोच ने सोशल मीडिया के माध्यम से शुक्रवार को इस नई श्रृंखला की घोषणा की। श्रृंखला का नाम और कलाकारों की जानकारी दी गई, लेकिन विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। टेलीविजन या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने की योजना के बारे में भी कोई खुलासा नहीं किया गया है। श्रृंखला में बबिन राई गल्फने, सुबोध गौतम यधुमे, गोविन्द कोइराला जयन्ते, सुरक्षा इटनी सुरु, भावना आचार्य लुरी, अशोक धिताल बाहुन डन, गजित विष्ट जेठान, रामभजन कामत भी अभिनय करेंगे।

इस कॉमेडी श्रृंखला में समसामयिक सामाजिक कहानियां समाहित की जाएंगी, ऐसा कलाकार कमलमणी ने बताया। प्रारंभ में दो एपिसोड की शूटिंग की तैयारी हो रही है। टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का निर्धारण हो जाने के बाद प्रसारण तिथि तय की जाएगी, उन्होंने कहा।

गगनको राजीनामा अस्विकृत गर्न विश्वले राखेका ७ तर्क

गगन थापाके इस्तीफे को अस्वीकार करने के बारे में विश्वप्रकाश शर्मा के प्रस्तुत ७ तर्क

कांग्रेस उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने सभापति गगन थापाके इस्तीफे को अस्वीकार करने के सात तर्क पार्टी केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक में प्रस्तुत किए हैं। शर्मा ने पचास दिनों की छोटी अवधि में दिग्विजय के नतीजे खोजने को युक्तिसंगत न बताया और बताया कि सभापति का पद छोड़ना संगठन के प्रति न्याय न होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के विशेष महाधिवेशन ने नई ऊर्जा दी है और पार्टी को नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। ६ चैत, काठमांडू। कांग्रेस सभापति गगन थापाके इस्तीफे को अस्वीकार करने के लिए उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने सात तर्क प्रस्तुत किए हैं। पार्टी केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक में दिया गया दस्तावेज़ गगन द्वारा दिया गया इस्तीफा अस्वीकार करने के तर्कों को समाहित करता है। उन्होंने कहा- पचास दिनों की छोटी अवधि में दिग्विजय के नतीजे निकालना उचित नहीं है।

विश्वप्रकाश शर्मा के सात तर्क इस प्रकार हैं- राजनीति में ‘हनिमून पीरियड’ होता है, विशेषकर जब कोई सरकार के नेतृत्व की शुरुआत करता है। इस ‘वार्म अप’ अवधि में नेतृत्व के कार्यों के सकारात्मक या नकारात्मक संकेत मिल सकते हैं, लेकिन पूरी तरह परीक्षण और समग्र समीक्षा संभव नहीं होती। इसी दृष्टिकोण से देखें तो विशेष महाधिवेशन के बाद पार्टी में नया नेतृत्व आने के पचास दिनों की छोटी अवधि में दिग्विजय के नतीजे खोजना युक्तिसंगत भी नहीं और व्यक्ति के प्रति न्याय भी नहीं होगा। इसके अलावा, प्रतिकूल स्थिति को पार कर पार्टी को अनुकूल बनाने की जिम्मेदारी छोड़कर सभापति का पद त्यागना संगठन के प्रति न्याय नहीं होगा।

फिर भी, नैतिक जिम्मेदारी का अनुभव करने वाले सभापति की भावनाओं का उच्च सम्मान करते हुए, इस बैठक ने स्थिति संभालने की गहरी ज़िम्मेदारी और सबसे प्रमुख नैतिक दायित्व समझते हुए गगन थापाके इस्तीफे को अस्वीकार करने का निर्णय लिया है।

इन सात तर्कों में शर्मा ने बताया कि नेपाली कांग्रेस चुनाव में प्रथम दल के रूप में विजयी नहीं हो सकी। लेकिन संतोष यह होना चाहिए कि कांग्रेस ने अपनाई गई मूल नीतियां सफल हुई हैं। कांग्रेस ने जो राजनीतिक और आर्थिक नीतियां अपनाई हैं, उनके कारण पुराने और नए सभी दल खड़े हैं। वर्तमान संविधान, संसदीय प्रणाली, संघीयता और सामाजिक न्याय सहित के उदार अर्थव्यवस्था अब के नेपाल में सभी के लिए साझा मुख्य मार्ग बन गई है।

कांग्रेस-एमाले सरकारले नगर्नुपर्ने काम गर्दा हारियो – Online Khabar

कांग्रेस-एमाले सरकार द्वारा न किए जाने वाले कामों के कारण चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा: एमाले उपसभापति विश्वप्रकाश शर्माको观点

नेपाली कांग्रेस ने फागुन २१ को प्रतिनिधिसभा निर्वाचन में हुई पराजय की जिम्मेदारी गठबन्धन सरकार को दी है। पार्टी उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने बताया कि ७ बिंदु समझौते का क्रियान्वयन न होना और संघीय ढांचे में देरी चुनाव हार का मुख्य कारण रहे। उन्होंने सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले को जेनजी विद्रोह के लिए उपयुक्त माहौल बनाने वाला बताया। ६ चैत, काठमाडौं।

कांग्रेस ने फागुन २१ के प्रतिनिधिसभा चुनाव में मिली हार के कारणों में गठबन्धन सरकार को दोषी ठहराया है। पार्टी उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में चुनावी समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि “दो बड़े दलों के मिलकर सरकार बनने के बाद जनता की सरकार से उच्च उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार का प्रदर्शन औसत रहा।” जिससे जनता में नई विश्वास की भावना उत्पन्न नहीं हो सकी।

शर्मा ने बताया कि कांग्रेस-एमाले की सरकार के दौरान हुए ७ बिंदु के समझौते को पूरा न कर पाना भी चुनाव में पराजय का महत्वपूर्ण कारण रहा। उन्होंने कहा, “संवैधानिक संशोधन से जुड़ी कार्यदल तक गठन नहीं हुआ। संघीय व्यवस्था को लागू करने में एक दशक गुजरने के बाद भी प्रदेशों को अधिकार देने में देरी हो रही है।”

सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले को भी हार का एक अन्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “सामाजिक संजाल बंद करने के फैसले ने गठबन्धन की सहमति के बिना चुनाव आयोग के काम को बाधित किया। इसने जेनजी विद्रोह के लिए अनुकूल वातावरण बनाया और हार की स्थिति उत्पन्न की।”

अमेरिका बसेर नेपाली राजनीतिमा किन चासो ? – Online Khabar

विदेश में रहने वाले नेपाली क्यों नेपाल की राजनीति के प्रति केंद्रित हैं?

विदेश में रहने वाले नेपाली लोगों का नेपाल की राजनीति और सुशासन के प्रति रुचि रखना स्वाभाविक और आवश्यक है, यह बात इलाम की जमुनाकी गुरुङ ने स्पष्ट की। आर्थिक वर्ष २०२४/२५ में नेपाल की अर्थव्यवस्था में रेमेंटेंस का योगदान १७ खरब २३ अरब रूपये से अधिक पहुंच गया है, जो कुल राष्ट्रीय उत्पाद (जीडीपी) का लगभग २६ प्रतिशत है। उसी आर्थिक वर्ष में वैदेशिक रोजगार में मृत्यु हुए नेपाली लोगों की संख्या १,२५५ से १,४०१ के बीच है, जो श्रम प्रवासन के जोखिमों को स्पष्ट करता है।

हाल ही में संपन्न हुई संघीय संसद के चुनावों के दौरान मैंने पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रुचि दिखाई, जिससे कुछ प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े मेरे क्षेत्र के साथी मेरी सोच से कुछ असंतुष्ट नजर आए। मैं मुख्य रूप से गांव के मत परिणामों के बारे में नहीं, बल्कि “अमेरिका से नेपाल के चुनावों में इतनी गहरी रुचि क्यों रखते हो?” इस प्रश्न पर उनकी जिज्ञासा अधिक थी। चुनाव समाप्त हो चुका है, सांसदों के शपथ ग्रहण करने का दिन नजदीक है तथा नई सरकार के गठन की उम्मीद अपेक्षाकृत जल्दी की जा रही है, फिर भी गांव के कुछ साथी इस विषय में असंतुष्ट हैं और अब तक हमारी बातचीत मात्र औपचारिक स्तर पर ही सीमित रही है।

मैं अपने बचपन से साथ बड़े हुए मित्रों को यह समझा सकता हूं क्योंकि वे मेरी पहचान जानते हैं और मैं भी उन्हें अच्छी तरह समझता हूं। लेकिन राजधानी या सदरमुकाम में रहकर नेपाल की बिगड़ती राजनीति और घटती सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने वाले “सूट-बूट पहनकर आरामदायक जीवन बिताने वाले साथी अमेरिका से नेपाल की राजनीति में क्यों रुचि रखते हैं?” जैसे सवालों का जवाब व्यक्तिगत गुस्से से ऊपर उठकर सामूहिक दृष्टिकोण से देना जरूरी है।

ऐसे प्रश्न केवल मेरे गांव के साथी ही नहीं उठा रहे हैं, बल्कि सामाजिक नेटवर्कों पर भी इस तरह के कई प्रश्न प्रचुर मात्रा में देखे जा सकते हैं। सबसे पहले एक सरल सत्य को स्वीकार करना जरूरी है — देश केवल नक्शे में सीमारेखा नहीं है। देश स्मृति है, पहचान है, संस्कार है, भाषा है और हमारे अस्तित्व की जड़ है। हम जहां कहीं भी रहें — अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप या खाड़ी देश — हमारा बचपन, गांव, परंपराएं, परिवार और चिन्ताएं हमारे साथ हमेशा रहती हैं। शरीर विदेश में बीता हो, पर मन का बड़ा हिस्सा नेपाल में ही बना रहता है। इसलिए विदेश में रहने वाले नेपाली लोगों का नेपाल की राजनीति में रुचि रखना स्वाभाविक और अपेक्षित है।

वास्तविकता यह है कि जिसका भविष्य, परिवार, संपत्ति, पहचान और सपने नेपाल से गहराई से जुड़े हैं, वह व्यक्ति नेपाल की राजनीति, राज्य संचालन और नीति निर्धारण में रुचि बनाए रखने से असमर्थ नहीं रह सकता। प्रश्न “क्यों रुचि रखें?” नहीं, बल्कि मुख्य प्रश्न “क्यों रुचि न दिखाएं?” होना चाहिए। यह विषय केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक पक्ष से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ कठोर यथार्थ है।

कैलालीमा ट्याक्टरको ठक्करबाट पैदलयात्रीको मृत्यु

कैलाली में ट्रैक्टर की टक्कर से पैदल यात्री की मृत्यु

कैलाली के बर्दगोरिया नगरपालिका–४ नौनिया स्थित सड़क पर ट्रैक्टर की टक्कर लगने से 42 वर्षीय दीपा न्यौपाने की मृत्यु हो गई है। दीपा न्यौपाने गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और दोदोधरा अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर पुलिस आवश्यक जांच कर रही है।

6 चैत्र, कैलाली। नेपाल पुलिस के केंद्रीय समाचार कक्ष के अनुसार, से.2 त 1185 नंबर के ट्रैक्टर की टक्कर से पैदल यात्री और उसी नगरपालिका–4 की निवासी 42 वर्षीय दीपा न्यौपाने शुक्रवार सुबह मृत पाई गईं। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दीपा का दोदोधरा अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटना से संबंधित आवश्यक जांच जारी है।

न्यायाधीश मल्ल – Online Khabar

न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने बार और बेन्च के बीच संवाद के महत्व पर दिया ज़ोर

वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने न्यायपालिका की जनआस्था बनाए रखने के लिए बार और बेन्च के बीच निरंतर संवाद आवश्यक बताया है। उन्होंने आगामी चैत 18 तारीख से बार और बेन्च के बीच संवाद को जारी रखने की घोषणा की। न्यायपालिका में मौजूद अवरोधों को हटाने में संवाद सहायक होगा और जनता केंद्रित न्याय प्रणाली की स्थापना करना जरूरी है, यह उनकी राय है।

6 चैत, काठमांडू। सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने न्यायपालिका की जनआस्था बनाए रखने और संस्थागत सुधार के लिए बार और बेन्च के बीच निरंतर संवाद का महत्त्व बताया है। शुक्रवार को भक्तपुर में आयोजित कानून व्यवसायी महिलाओं के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे चैत 18 से बार और बेन्च के बीच अपने संवाद को जारी रखेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह संवाद न्यायपालिका में मौजूद अवरोधों को दूर करने में मदद करेगा। न्यायालय वर्तमान में जटिल परिस्थितियों और संकट प्रबंधन की योजना से गुजर रहा है, इस बात को स्वीकार करते हुए उन्होंने जनता केंद्रित न्याय प्रणाली के निर्माण पर ज़ोर दिया।

‘अभी कुछ विषम परिस्थितियाँ हैं, और कुछ स्वार्थी समूह सक्रिय हैं जो न्यायपालिका के प्रति जनआस्था को घटाने तथा इसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। किसी की क्षमता और निष्ठा पर प्रश्न उठाना उचित है, लेकिन न्यायपालिका की मूलभूत न्यायिक आस्था और संस्थान को कमजोर करना कोई भी पक्ष स्वीकार नहीं करेगा। यहां पूरे बार, महिला कानून व्यवसायी और अदालत को मिलकर काम करना चाहिए,’ उन्होंने कहा। उन्होंने सुशासन के लिए न्याय परिषद को प्रभावी बनाने और सूक्ष्म निगरानी को जारी रखने की योजना की भी जानकारी दी। न्यायाधीश मल्ल ने न्यायक्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बावजूद बार-बार उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाए जाने को लेकर असंतोष भी व्यक्त किया।

‘सुपर मिनिस्ट्री’ ले दिन सक्छ सुशासनको सन्देश – Online Khabar

‘सुपर मिनिस्ट्री’ से सुशासन का संदेश मिल सकता है

नए पीढ़ी के युवाओं द्वारा किये गए जनजीवन आंदोलन के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को लगभग दो-तिहाई जनादेश मिला है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय की कार्यशैली पिछले समय से अस्थिर और प्रभावशाली नहीं रही है। २०७९ वैशाख में गठित कार्यदल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में सचिवों की संख्या सीमित करने और कार्य प्रणाली को चुस्तदुरुस्त बनाने का सुझाव दिया था। शासन व्यवस्था में गड़बड़ी के विरुद्ध युवाओं द्वारा किये गए जनजीवन आंदोलन के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को लगभग दो-तिहाई का अभूतपूर्व जनादेश प्राप्त हुआ है। यह गहरा जनविश्वास केवल सत्ता के चेहरे या नेतृत्व परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि वर्षों से जड़ जमा चुकी कुप्रशासन को उखाड़ फेंक सुशासन लाने के उद्देश्य के लिए है। सुशासन सिर्फ भाषणों के मधुर शब्दों में नहीं, बल्कि परिणाममुखी कार्यों में नजर आना चाहिए। परिवर्तन की वास्तविक शुरुआत के लिए सबसे पहले मौजूदा राज्य व्यवस्था की कमजोरियों और उनकी कार्यशैली को गहराई से समझना आवश्यक है। इन व्यवस्थाओं की सच्ची तस्वीर सामने लाने तथा सुशासन का मार्गचित्र तैयार करने के लिए हमने ‘जनादेश सुशासन’ नामक समाचार और विचार श्रृंखला की शुरुआत की है। ६ चैत, काठमांडू। दो सप्ताह पहले हुए चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय के कर्मचारी तीन महत्वपूर्ण कार्यों में व्यस्त थे। पहला, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्ययोजना बनाना। दूसरा, सुशासन नीति का विकास। और तीसरा, जनजीवन आंदोलन द्वारा उठाए गए मांगों को संबोधित करने के संबंध में सुशासन मार्गदर्शन तैयार करना। संयोग से चुनौती यह रही कि प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपनी निजी सचिव आदर्श श्रेष्ठ को कार्यशैली और अनुभव न मिलते हुए राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष का अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन सुशासन से जुड़ी इन तीनों दस्तावेजों को पारित करने या इनके प्रति अपनत्व दिखाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। ‘ईमानदार कर्मचारियों के लिए उन्होंने जैसा सहज प्रधानमंत्री का पद संभाला है, वह पिछले समय में कहीं और नहीं था, इसलिए कर्मचारी प्रणाली ने उन्हें पूरी मदद दी,’ प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने कहा, ‘यदि उन्होंने स्वयं प्रतिबद्धता व्यक्त किये गए विषयों को अनदेखा न किया होता और अपनत्व दिखाया होता तो काम और भी सुगम हो जाता।’

आजका लागि सकियो कांग्रेस बैठक, आइतबार फेरि बस्ने – Online Khabar

नेपाली कांग्रेस की बैठक स्थगित, रविवार पुनः होगी

नेपाली कांग्रेस की केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक परसों रविवार सुबह ८ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है, इसकी जानकारी सहमहामंत्री डॉ. डिला संग्रौला ने दी। बैठक में पार्टी के सभापति गगन कुमार थाप द्वारा उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा को दिया गया इस्तीफ़ा प्रस्तुत किया गया था। उपसभापति शर्मा ने चुनाव में हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिस पर चर्चा हुई, ऐसे नेताओं ने बताया। ६ चैत, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक परसों (रविवार) तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आज से शुरू हुई बैठक रविवार सुबह ८ बजे तक के लिए स्थगित की गई, यह जानकारी सहमहामंत्री डॉ. डिला संग्रौलाने दी। बैठक में पार्टी के सभापति गगन कुमार थाप ने उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा को दिया गया इस्तीफा प्रस्तुत किया। इस इस्तीफे के प्रति अधिकांश केन्द्रीय सदस्यों ने असहमति जताई है, साथ ही प्रवक्ता देवराज चालिसे ने जानकारी दी। इसके अलावा, उपसभापति शर्मा ने चुनाव हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए समीक्षा रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। आज की बैठक में इसी रिपोर्ट पर चर्चा हुई, ऐसा नेताओं ने बताया।

कांग्रेस प्रवक्ताको ब्रिफिङ- सबै केन्द्रीय सदस्य राजीनामा अस्वीकार गरिरहेका छन्

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा: सभी केन्द्रीय सदस्य गगन थापाको राजीनामा अस्वीकार कर रहे हैं


६ चैत, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने बताया कि जारी केन्द्रीय समिति बैठक में विचार व्यक्त करने वाले सदस्य सभापति गगन थापा के राजीनामा को अस्वीकार करने की स्थिति में हैं। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई केन्द्रीय समिति बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रवक्ता चालिसे ने यह बात कही।

‘पार्टी सभापति का राजीनामा पार्टी बैठक में विधिवत रूप से प्रस्तुत हुआ है। इसके बाद साथी विचार व्यक्त कर रहे हैं,’ चालिसे ने कहा, ‘उन्होने नैतिकता की बात की है लेकिन यह स्थिति संभालने, जिम्मेदारी लेने और पार्टी का पुनर्निर्माण करने की आवश्यकता है। इसलिए बहुसंख्यक साथी राजीनामा अस्वीकार करने की राय दे रहे हैं।’

उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान निर्वाचन परिणाम सभापति थापा की कमजोरी से जुड़ा नहीं है। ‘निर्वाचन का परिणाम किसी व्यक्ति से जुड़ा नहीं था। यह लंबे समय से संचालित समस्याओं का नतीजा है। हमें केवल ५० दिनों का समय मिला और यह मेहनत पर्याप्त नहीं थी। इसलिए यह परिणाम आया है,’ चालिसे ने कहा।

नेविसंघको १२ औँ महाधिवेशन वैशाख २० र २१ मा गर्ने प्रस्ताव

नेविसंघको १२औँ महाधिवेशन वैशाख २० र २१ गते आयोजना हुने प्रस्ताव


६ चैत, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेसको भातृ संगठन नेपाल विद्यार्थी संघको १२औँ महाधिवेशन वैशाख २० र २१ गते आयोजना गर्ने प्रस्ताव गरिएको छ । शुक्रवार सुरु भएको नेविसंघको सिनेट बैठकमा अध्यक्ष दुजाङ शेर्पाले महाधिवेशनको कार्यतालिका अनुसार वैशाख २० र २१ मा महाधिवेशन गर्ने विषय प्रस्ताव गरेका थिए ।

प्रस्तावित कार्यतालिका अनुसार, चैत १७ गते अधिवेशन प्रतिनिधि चयन र प्रतिनिधि नामावली प्रकाशन गरिनेछ, चैत २५ गते माध्यमिक विद्यालयको अधिवेशन, चैत २७ गते स्थानीय तहका अधिवेशनहरू, चैत २९ गते क्याम्पस, कलेज, प्रतिष्ठान तथा सीटीईभीटीअन्तर्गतका शिक्षालयमा अधिवेशन आयोजना गरिनेछ। वैशाख ६ गते ७७ जिल्लामा अधिवेशन, वैशाख ८ र ९ गते क्याम्पस इकाई अधिवेशन, वैशाख १० र ११ गते विश्वविद्यालय क्याम्पस समिति र समन्वय समितिका अधिवेशन हुनेछ। अन्तमा, वैशाख १५ गते प्रदेश अधिवेशन र वैशाख २० र २१ गते केन्द्रीय महाधिवेशन गर्ने भनेको छ।

नयाँ संसद् भवन तयारी अवस्थामा छ : गृहमन्त्री अर्याल

नया संसद भवन तैयार है : गृहमंत्री अर्याल

६ चैत, काठमांडू। गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने नए संसद भवन के निर्माण और प्रबंधन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए कहा है कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा की अलग बैठक के संचालन के लिए आवश्यक पूर्वाधार न केवल तैयार हैं, बल्कि आवश्यक होने पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का प्रबंध भी किया गया है। साथ ही, कार्यव्यवस्था समिति की बैठक कक्ष और सभापतिक कार्यालय भी तैयार स्थिति में हैं।

लेबनान से लाइव प्रसारण करते समय आरटी टीवी के पत्रकार के पास मिसाइल गिरी

वीडियो कैप्शन शुरू हो रहा है,

लेबनान से टेलीविजन पर लाइव प्रसारण कर रहे पत्रकार के पास मिसाइल गिरी

दक्षिण लेबनान से टेलीविजन पर लाइव न्यूज़ रिपोर्टिंग कर रहे संवाददाता के पास मिसाइल गिरने का दृश्य रूसी सरकारी टेलीविजन चैनल आरटी ने प्रसारित किया है।

इस घटना के बाद आरटी (पूर्व नाम रूसिया टुडे) के लेबनान ब्यूरो प्रमुख स्टीव स्वीनी और उनके कैमरामैन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

बीबीसी ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।

इजरायल ने दक्षिण लेबनान में लेबनानी लड़ाकू समूह हिज़्बुल्लाह के खिलाफ हवाई हमलों और ज़मीन पर कार्रवाई को और सघन बना दिया है।

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इरान युद्ध: ट्रम्प के अनुरोध पर इजरायल ने गैस खान पर हमला न करने की सहमति दी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने इरान स्थित गैस खान पर भविष्य में हमला न करने की तैयारियां व्यक्त की हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुरोध के बाद इजरायल द्वारा इस पर सहमति जताई जाने की बात कही। हालांकि, इरानी नववर्ष ‘नोरूज’ के दिन इजरायल ने राजधानी तेहरान में हवाई हमले जारी रखे। इरान ने भी जेरुसलेम को निशाना बनाते हुए गुरुवार रात कई क्षेप्यास्त्र दागे।

गुरुवार रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेतन्याहू ने दावा किया कि इरान “तहसनहस” हो चुका है और अब यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक क्षमता में असमर्थ हो गया है। उन्होंने ट्रम्प पर इरान के साथ युद्ध के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों का खंडन भी किया। रात में जेरुसलेम और तेहरान में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं। इससे पूर्व इरान के विदेश मंत्री ने देश पर किसी भी अतिरिक्त हमले की स्थिति को असहनीय बताते हुए चेतावनी दी थी।

मध्य पूर्व के यूएई, कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन ने अपने क्षेत्र में क्षेप्यास्त्र या ड्रोन हमलों की रिकॉर्डिंग की है। ड्रोन हमलों के बाद कुवैत स्थित तेल प्रसंस्करण केंद्र में आग लगने की खबर कुवैती सरकारी मीडिया ने दी है। इसी बीच, अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह एचआरएएनए ने बताया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से इरान में मारे गए लोगों की संख्या 3,186 पहुंच गई है।

इजरायल द्वारा साउथ पार्स गैस खान पर हमला किए जाने के बाद इस सप्ताह इरान ने जवाबी हमला किया था, जिसने विश्व बाजार में गैस की कीमतों को अत्यधिक बढ़ा दिया था। इजरायल द्वारा फिर से हमला न करने की घोषणा के बाद और अमेरिका द्वारा तेल उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाए जाने पर कीमतें कम होने लगी हैं। इसी बीच, यूके, फ्रांस और जापान समेत कई देशों ने गुरुवार रात संयुक्त वक्तव्य जारी कर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की तैयारी जताई है।

इजरायल और अमेरिका के हमलों के बीच, इरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध करने के उद्देश्य से तेल वाहक टैंकरों पर हमले किए हैं। कतार में बड़ा नुकसान हुआ है, जब इरान ने कतार के रास लफान ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया, जिसके कारण यूके और यूरोप में गैस की कीमतें बड़ी तेजी से बढ़ीं। कतार के प्रधानमंत्री ने इस हमले को “इरानियों द्वारा बढ़ाई गई सबसे खतरनाक उकसावा” कहा है। इरान के हमलों के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात करने वाली कतार की क्षमता अगले पांच वर्षों में 17 प्रतिशत तक घट जाएगी, जैसा कि देश के ऊर्जा मंत्री ने बताया है।

उनका कहना है कि इससे कतार को सालाना 20 अरब डॉलर का नुकसान होगा। एलएनजी उत्पादन में प्राकृतिक गैस को अत्यंत कम तापमान पर ठंडा किया जाता है, जिसके लिए ‘ट्रेन’ नामक विशेष औद्योगिक प्रसंस्करण इकाइयों का उपयोग होता है। कतार के अनुसार, इरानी हमले से उस केंद्र के 14 में से दो ट्रेनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और चीन जैसे एशियाई देश कतार में उत्पादित एलएनजी पर काफी निर्भर हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप ने भी रूसी गैस से हटकर मध्य पूर्व में उत्पादित गैस पर अधिक निर्भर रहना शुरू किया है। एलएनजी का उपयोग घरों में खाना पकाने, सर्दी में घर गर्म करने, जहाज और कारखाने चलाने में होता है। यह रासायनिक उद्योग में भी प्रयुक्त होता है।

लुम्बिनी में तीसरे अन्तरराष्ट्रीय शांति महोत्सव का उद्घाटन समारोह सम्पन्न

लुम्बिनी में तीसरा अन्तरराष्ट्रीय लुम्बिनी शांति महोत्सव गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हुआ। संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री अनिलकुमार सिन्हा ने बुद्ध की करुणा और अहिंसा का संदेश अत्यंत प्रासंगिक बताया। महोत्सव के अन्तर्गत विशेष ध्यान कार्यक्रम और अन्तरराष्ट्रीय शांति मैराथन का आयोजन किया जाएगा।

शांति के अग्रदूत भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी में गुरुवार से तीसरा अन्तरराष्ट्रीय लुम्बिनी शांति महोत्सव प्रारंभ हुआ। नेपाल पर्यटन बोर्ड और नेपालस्थित चीनी दूतावास के संयुक्त आयोजन में शुरू इस महोत्सव में संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री अनिलकुमार सिन्हा ने विश्वभर बढ़ रहे द्वंद्व और अस्थिरता के बीच बुद्ध की करुणा, अहिंसा और सह-अस्तित्व के संदेश की विशेष आवश्यकता और प्रासंगिकता व्यक्त की।

उद्घाटन समारोह में मंत्री सिन्हा ने विश्व शांति के लिए लुम्बिनी पुनः एक बार आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरने का उल्लेख करते हुए विभिन्न देशों से आई प्रतिनिधि मंडल की उपस्थिति से लुम्बिनी एक अन्तरराष्ट्रीय मंच बन चुका है, बताया। नेपाल के लिए चीनी राजदूत चांग माओमिंग ने वर्तमान अन्तरराष्ट्रीय परि‍वेक्षक की जटिलता और अस्थिरता की ओर इशारा करते हुए शांति को हर मानव की मूलभूत आवश्यकता बताया।

नेपाल ओलंपिक कमिटी के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने लुम्बिनी को सम्पूर्ण मानव सभ्यता की साझा धरोहर के रूप में स्वीकार करते हुए महोत्सव के माध्यम से अन्तरराष्ट्रीय शांति मैराथन सहित विभिन्न खेलकूद कार्यक्रमों के जरिये शांति और विकास को मजबूती प्रदान करने की आशा व्यक्त की। महोत्सव के अन्तर्गत शुक्रवार को मायादेवी मंदिर परिसर में विशेष ध्यान कार्यक्रम तथा शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय शांति मैराथन का आयोजन होगा।