२६ वैशाख, धनगढी। नेपाली कांग्रेस ने सुदूरपश्चिम प्रदेशस्तरीय भेला शनिवार से धनगढी में शुरू की है। इस भेला में पार्टी के सभापति गगनकुमार थापा सहित कई नेता धनगढी पहुंच चुके हैं। विशेष महाधिवेशन द्वारा निर्वाचित होने के बाद थापा पहली बार निवर्तमान सभापति शेरबहादुर देउवा के गृह प्रदेश में हो रहे कार्यक्रम में संबोधन कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ताओं ने थापा का धनगढी विमानस्थल पर स्वागत किया।
उनके स्वागत के लिए देउवा समर्थक माने जाने वाले मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह अपने कैबिनेट के मंत्रियों के साथ धनगढी विमानस्थल पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने अंदर प्रवेश न देने के कारण शाह थापा से मिलने में असफल रहे। मुख्यमंत्री और मंत्री थापा का स्वागत करने पहुंचे थे, लेकिन देउवा समर्थक प्रदेश सभापति वीरबहादुर बलायर तथा कैलाली सभापति नारायणदत्त भट्ट उपस्थित नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, सभापति बलायर की भेला में भाग न लेने की संभावना पक्की है।
कैलाली सभापति भट्ट ने कहा कि वे कार्य व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में भाग नहीं ले सके। राष्ट्रीय सभा के सदस्य भी रह चुके भट्ट ने राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि संसद के काम में व्यस्तता के कारण भाग न लेने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘संसदीय कार्यों के कारण मैं इस समय काठमांडू में हूं। राजनीतिक सहमति या असहमति का विषय अलग है। वर्तमान में व्यस्तता के कारण मैं सहभागी नहीं हो पा रहा।’ भेलामें देउवा पक्ष के कुछ अन्य जिला सभापतियों के भी न आने की संभावना नेताओं द्वारा व्यक्त की गई है। कांग्रेस ने दो दिन तक चलने वाली इस भेला में प्रतिनिधि सभा के परिणाम और स्थानीय तह के जनप्रतिनिधियों के कार्यों की समीक्षा करने का बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन बच्चों की गोपनीयता उल्लंघन से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए वीडियो साझा करने वाले ऐप टिकटक के साथ लगभग 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर के समझौते पर काम कर रहा है। अमेरिकी मीडिया एबीसी न्यूज़ के अनुसार, यह राशि वाशिंगटन डीसी क्षेत्र में ट्रम्प के प्रस्तावित ‘ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट’ से जुड़ी चर्चाओं में उपयोग की जाएगी। ट्रम्प पहले ही राजधानी क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं के लिए अमेरिकी कांग्रेस से 10 अरब डॉलर का बजट मांग चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने अर्लिंग्टन राष्ट्रीय समाधि स्थल के समीप ट्रम्प द्वारा प्रस्तावित 76 मीटर ऊँचे ‘ट्रायम्फल आर्च’ के निर्माण के लिए इस राशि का कानूनी रूप से इस्तेमाल किए जाने को लेकर लगातार कुछ हफ्तों से चर्चा की है। व्हाइट हाउस ने इस बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है और सभी सवाल अमेरिकी न्याय विभाग को भेजे हैं, जबकि न्याय विभाग ने भी अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। टिकटक ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया देने से मना किया है।
अमेरिकी न्याय विभाग ने 2024 में टिकटक तथा उसकी मूल कंपनी बाइटडांस के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 13 वर्ष से कम के लाखों अमेरिकी बच्चों की निजी जानकारी अभिभावकों की अनुमति के बिना इकट्ठा की गई। अमेरिकी सरकार का दावा है कि टिकटक ने बच्चों की सेवा से पहले अभिभावकों की सहमति लेना आवश्यक कानून ‘चिल्ड्रेन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट’ का उल्लंघन किया।
न्याय विभाग और संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) द्वारा दायर मुकदमे में बताया गया कि टिकटक ने बच्चों को नियमित खाता खोलने की अनुमति दी, जिससे वे छोटी वीडियो और संदेश अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ साझा कर सकते थे, और इस प्रक्रिया के दौरान उनकी व्यक्तिगत जानकारी बिना अभिभावकों की सहमति के संग्रहित की गई। इसी बीच, टिकटक की चीनी स्वामित्व वाली कंपनी बाइटडांस जनवरी में अमेरिकी डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और अमेरिका में संभावित प्रतिबंध से बचने के लिए एक संयुक्त उद्यम समझौते को अंतिम रूप दे रही है, जिसमें अधिकांश स्वामित्व अमेरिकी होगा।
रसायन तथा मेडिकल आपूर्ति संघ नेपाल के अध्यक्ष पद पर शैलेश कँडेल सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। निर्वाचन समिति ने विनोद कुमार मानन्धर को प्रथम उपाध्यक्ष, दीपक शर्मा को महासचिव, विजय खनाल को सचिव और निर्मल रेग्मी को कोषाध्यक्ष के रूप में चयनित किया है। कार्यसमिति में विनय राज सिग्देल, गणेश प्रसाद सापकोटा, खडानन्द पाण्डे और विजय महर्जन सदस्य के रूप में चयनित हुए हैं। २६ वैशाख, काठमाडौँ।
शैलेश कँडेल की अध्यक्षता में चयनित कार्यसमिति रसायन तथा मेडिकल सामग्री आपूर्ति से जुड़े व्यवसायियों के हित संरक्षण, व्यवसायिक समन्वय और नीतिगत पहल में सक्रिय भूमिका निभाएगी। निर्वाचन समिति के अनुसार, कार्यसमिति सर्वसम्मति से चयनित की गई है।
नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा–प्रतिष्ठान में प्राज्ञसभा सदस्य के रूप में अंदर से देखी गई सरकारी संरचनात्मक कमज़ोरी और कला के अवमूल्यन की सच्चाई प्रस्तुत की गई है। विक्रम संवत २०७९ के फाल्गुन महीने में जब मेरे कंधों पर चार वर्षों के लिए नेपाल संगीत तथा नाट्य प्रज्ञा–प्रतिष्ठान के प्राज्ञसभा सदस्य होने की जिम्मेदारी आई, वह केवल एक पद की प्राप्ति नहीं थी। मेरे लिए वह रंगमंच पर बहाए गए पसीने और संचित सपनों की एक नई परीक्षा थी। रंगकर्मी और नाटककार के रूप में बाहर से संस्था को देखने पर जो कल्पना की जाती थी, अंदर प्रवेश करने पर वे भ्रम धीरे-धीरे खुलने लगे। बाहर दिखने वाली भव्य सरकारी संरचना और अंदर की कार्यप्रणाली के बीच बहुत बड़ा अंतर होने की कटु सच्चाई समझने में ज्यादा समय नहीं लगा।
सत्ताधारी सोच में कला और कलाकार का मूल्य अत्यंत ही कम माना जाता है, यह समझने में ज्यादा समय नहीं लगा। जब संबंधित निकायों के विभागीय अधिकारियों से बातचीत और प्रशासनिक कागजातों से सामना होता है, तभी असली यथार्थ सामने आता है। राज्य की नजर में कला अभी भी एक अप्रोडक्टिव यानी अविनाशी क्षेत्र है और केवल दिखावे के गहने से ऊपर नहीं उठ पाई है। बाहर होते हुए हम सोचते हैं – एक दृढ़ निर्णय से सब कुछ बदल सकता था, एक सही योजना से कलाकारों के आँसू पोछे जा सकते थे। लेकिन अंदर आकर पता चलता है कि वहाँ सृजन से अधिक कार्यप्रणाली की जटिल जाल और कर्मचारीतंत्र की कागजी सुगंध छाई हुई है।
हमारे कुछ मौलिक लोक स्वर लुप्त हो रहे हैं, कुछ नाट्य शैली अपनी आखिरी सांस ले रही हैं। लेकिन उन अनमोल विरासतों को संरक्षण देने के लिए एक सुविधाजनक सभागार तक न होने का दर्द कितना भयानक होता है, यह सिर्फ उसी कुर्सी और जिम्मेदारी पर बैठकर ही महसूस किया जा सकता है। रंगकर्मी की भूख और प्यास को समझकर आई इस संस्था में जब देखा गया कि सृजन की हत्या हो रही है और बजट खर्च केवल कर्मकाण्ड में हो रहा है तो मन में कष्ट होता है। सच कहूँ तो सरकारी संरचनाएं इतनी मोटी और ठंडी हैं कि यहां कलाकार की संवेदना और सृजन की गर्माहट पहुंचना लगभग असंभव है।
26 वैशाख, वीरगंज (पर्सा) । राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत अनुसंधान के लिए पाले गए पक्षियों में बर्डफ्लू का संक्रमण मिलने के बाद लगभग 50 लाख रुपये के बराबर की क्षति हुई है। चैत महीने के अंतिम सप्ताह में दिखाई दिए बर्डफ्लू के कारण बारासरह परवानीपुर स्थित राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत पाले गए आधा दर्जन प्रजाति के पक्षी और उनके आहार को नष्ट करना पड़ा। राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम परवानीपुर के सूचना अधिकारी खमबहादुर प्रजाले ने बताया कि चैत के अंतिम सप्ताह में यहां पाले गए पक्षियों में बर्डफ्लू की पुष्टि होने के बाद लगभग 45 से 50 लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है।
‘टर्की जाति के पक्षियों में बर्डफ्लू दिखने के बाद क्रमशः फार्म में पाले गए अन्य प्रजाति के पक्षियों में भी संक्रमण फैलने पर सभी को नष्ट करना पड़ा,’ उन्होंने कहा, ‘संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करके यहाँ पाले गए पक्षी, अंडे और दाना भी नष्ट कर दिए गए हैं।’ बर्डफ्लू के संक्रमण के कारण लगभग दो हजार मुर्गियों के चल्ले, लगभग 1200 की संख्या में गिरीराज समेत अन्य प्रजाति के मुर्गे, 33 तितरे, 47 सफेद/काले टर्की और लगभग 450 बटई नष्ट किए गए हैं, कार्यालय ने इसकी जानकारी दी है। इसके अलावा एल वन दाना 835 किलोग्राम, एलटू दाना 455 किलोग्राम तथा एलथ्री दाना 1835 किलोग्राम भी नष्ट किए गए हैं। सूचना अधिकारी प्रजाले ने बताया कि बर्डफ्लू पाए गए फार्म में फिलहाल चुना छिड़कने, गोबर डालने और आग की गर्मी से जलाने जैसे संक्रमण मुक्त करने के उपाय किए जा रहे हैं। ‘कार्यालय पहले ही कृषकों को उपलब्ध कराई गई विभिन्न प्रजाति के पक्षी लाने का प्रयास कर रहा है,’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय पक्षी अनुसंधान कार्यक्रम के तहत पोखरा और नेपालगंज में स्थित कार्यालयों से आवश्यक पक्षी और अंडे लेकर पुनः संचालन की तैयारी की जा रही है।’
२६ वैशाख, सुनसरी। ब्राउन सुगर के अवैध कारोबार के आरोप में पुलिस ने धरान से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार होने वालों में सिन्धुपाल्चोक के मेलम्चीनगरपालिका–४ बांसखर्क के २० वर्षीय सन्देश तामाङ, काभ्रेपलान्चोक के नगरपालिका–३ ठांटी के २२ वर्षीय समिर दियाली और झापा के विराटमोद नगरपालिका–६ नए बसपार्क के २८ वर्षीय क्षितिज भण्डारी शामिल हैं।
कोशी प्रदेश कार्यालय विराटनगर पीआईटी, इलाका पुलिस कार्यालय धरान और वडा पुलिस कार्यालय धरान की संयुक्त टीम ने शुक्रवार रात एक होटल के कमरे में छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ३६ ग्राम ९१० मिलीग्राम ब्राउन सुगर बरामद किया है। उन्हें धरान नगरपालिका–९ बगैचालीन स्थित रत्न इन होटल के कमरे नंबर ७ से गिरफ्तार किया गया, पुलिस सूत्रों ने बताया।
गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से ब्राउन सुगर के कारोबार में उपयोग की गई बागमती प्रदेश ०२–०२७ प ३२८१ और बागमती प्रदेश ०२–०४३ प ४८८२ नंबर की मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं।
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भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में लंबे समय तक सत्ता में रहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शिष्य माने जाने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें पद से हटाया है।
कुछ वर्ष पहले रिश्तों में खटास आने से पहले शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी थे।
कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से चुनाव जीतने वाले अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और गोपनीयता की शपथ ली है।
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली हिंदू राष्ट्रवादी भाजपा पार्टी ने पहली बार सत्ता संभाली है।
शुक्रवार को भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को संसदीय दल का नेता चुना था। पश्चिम बंगाल गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला है।
कुल 294 सीटों में से 207 जीत कर भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 साल के शासन पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
प्रमुख योजनाकार
शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक यात्रा भाजपा से शुरू नहीं हुई। उनका जन्म 1990 में पश्चिम मेदिनीपुर जिले में बंगाल के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार में हुआ था।
वामपंथी विरोधी शक्ति के रूप में देखे जाने से पहले वे कांग्रेस पार्टी से थे और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।
तटीय पश्चिम बंगाल क्षेत्र में व्यापक राजनीतिक नेटवर्क बनाने वाले शुभेंदु के पिता सिसिर अधिकारी एक अनुभवी नेता थे, जिनका परिवार कई जनप्रतिनिधियों को शामिल करता है।
स्वाभाविक रूप से सरल दिखाने वाले शुभेंदु, अपनी संगठनात्मक क्षमता से तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक वैकल्पिक शक्ति केन्द्र बन गए।
पूर्व मेदिनीपुर को अधिकारी परिवार का गढ़ माना जाता है। शुभेंदु के पिता और भाई भी तृणमूल कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाने वाले नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार शुभेंदु अधिकारी ही थे।
साल 2006 में कांठी दक्षिण सीट जीतने के बाद उन्होंने 2007 में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ भूमि निष्कासन विरोध समिति के तहत स्थानीय लोगों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।
उस समय नंदीग्राम में प्रस्तावित रासायनिक हब के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध शुरू होने वाला था। उस इलाके में हल्दिया के सीपीएम नेता लक्ष्मण सेठ का प्रभुत्व था।
लेकिन लक्ष्मण सेठ की हार का कारण शुभेंदु अधिकारी को ही माना जाता है।
व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा
जंगलमहल कहा जाने वाले पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया और बाँकुड़ा जिलों में तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार बनाने में शुभेंदु की बड़ी भूमिका रही।
आज इसी कारण भाजपा ने इन क्षेत्रों में अब तक के सबसे अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा। वे 2021 के चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे।
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हालांकि विरोधी आरोप लगाते हैं कि भ्रष्टाचार से जुड़ी कई जांचों से बचने के लिए शुभेंदु भाजपा में शामिल हुए।
लेकिन पिछले पांच वर्षों में उनकी सक्रियता के कारण भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस के गढ़ से कई सीटें जीत हासिल की हैं, जिसमें शुभेंदु अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
छह साल पहले ममता बनर्जी सरकार में दूसरे स्तर पर रहने वाले शुभेंदु आज पहले स्तर पर पहुंच गए हैं यानी वे मुख्यमंत्री बन चुके हैं।
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संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के अध्यक्ष और चार सदस्य पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। मंत्रालय ने सुरक्षा मुद्रण केन्द्र के कार्यकारी निदेशक पद के लिए भी आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार ५ जेठ तक कार्यालय के समय के भीतर आवेदन जमा कर सकते हैं, यह जानकारी सार्वजनिक की गई है। २६ वैशाख, काठमांडू।
नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्य पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मंत्रालय ने एक अध्यक्ष और चार सदस्य पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही, मंत्रालय ने सुरक्षा मुद्रण केन्द्र के कार्यकारी निदेशक पद के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक आवेदक ५ जेठ मंगलवार कार्यालय के समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, सूचना में यह उल्लेख है।
२६ वैशाख, जनकपुरधाम। महोत्तरी में आई हावाहुरी के कारण गड़ह गोठ ढहने से एक महिला की मृत्यु हो गई है। पिपरा गाउँपालिका ६ मुसहरी टोल की सुन्देश्वर सदाकी पत्नी, ५० वर्षीय सुनिता सदा घटनास्थल पर ही मृत पाई गईं। सुनिता शुक्रवार शाम लगभग साढ़े ५ बजे हावाहुरी से बचने के लिए स्थानीय झगरु मुखिया के गड़ह गोठ में आश्रय लेने गई थीं। इस दौरान गोठ के गिरने से वह घायल हो गईं और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। महोत्तरी के पुलिस प्रवक्ता शैलेन्द्र भट्ट ने इस संबंध में जानकारी दी है।
इंस्टाग्राम पर ‘अल्ट्रा-प्राइवेट डायरेक्ट मैसेज’ भेजने की सुविधा बंद कर दी गई है।
उपयोगकर्ताओं के बीच भेजे जाने वाले संदेशों में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE, ई2ईई) हटाए जाने से इंस्टाग्राम की सहायक कंपनी मेटा की नीति में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले मेटा इस तकनीक को उपयोगकर्ताओं की गुप्तता सुनिश्चित करने वाला ‘स्वर्ण मानक’ के रूप में प्रचारित करता था।
E2EE ऑनलाइन संदेशों का आदान-प्रदान करने का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। इसमें संदेश भेजने और प्राप्त करने वाले उपयोगकर्ता ही संदेश देख सकते हैं। लेकिन किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप संभव न होने की वजह से इससे आपत्तिजनक सामग्री भेजे जाने की संभावना रहती है, जिसको लेकर लंबे समय से अभियानकर्ता विरोध कर रहे थे।
बाल सुरक्षा समेत विभिन्न समूहों ने मेटा के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं गोपनीयता समर्थक समूह और कार्यकर्ता इसे कड़ा विरोध कर रहे हैं।
E2EE बंद होने के बाद इंस्टाग्राम अब तस्वीर, वीडियो और वॉइस नोट समेत डीएम के सभी कंटेंट को देख सकेगा।
अब संदेशों में इंटरनेट सेवा प्रदाता भी पहुंच पाएगा
साल 2019 में मेटा ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू करने का वादा करते हुए गोपनीयता बनाए रखने का आश्वासन दिया था।
फेसबुक मैसेंजर में यह सुविधा 2023 में लागू की गई थी। जबकि इंस्टाग्राम में यह सुविधा वैकल्पिक थी और अपने आप सक्रिय नहीं होती थी।
लेकिन सात साल बाद मेटा ने इंस्टाग्राम में इस सुविधा को व्यापक रूप से न फैलाने का निर्णय लिया है। अब इंस्टाग्राम में केवल ‘स्टैंडर्ड एन्क्रिप्शन’ उपलब्ध होगा।
स्टैंडर्ड एन्क्रिप्शन में जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवा प्रदाता निजी सामग्री देख सकता है।
यह प्रणाली कई ऑनलाइन सेवाओं, जैसे जीमेल में सामान्यत: उपयोग की जाती है।
लंबा संघर्ष
तस्वीर स्रोत, Meta
तस्वीर का कैप्शन, “आपकी निजी बातचीत सुरक्षित होनी चाहिए,” मेटा के CEO मार्क जुकरबरग ने 2019 में कहा था
2019 से आलोचनाओं के बावजूद मेटा फेसबुक और इंस्टाग्राम दोनों में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लागू करने के लिए तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर अपनी योजना बनाए रखा था।
मेटा ने स्पष्ट नहीं किया है कि वह इंस्टाग्राम पर E2EE लागू करने की योजना को पूरी तरह छोड़ चुका है या नहीं।
इसके बजाय, मार्च में एप्लिकेशन के उपयोग की शर्तों में चुपचाप बदलाव किया गया था।
उनमें कहा गया है, “8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड संदेश सेवा उपलब्ध नहीं होगी।”
“यदि इस बदलाव का आपके चैट पर प्रभाव पड़ा है, तो आपको अपने पसंदीदा सामग्री या संदेश कैसे डाउनलोड करें, इसके निर्देश मिलेंगे,” लिखा गया है।
मेटा ने कहा है कि इस फैसले के पीछे कम उपयोगकर्ताओं द्वारा इस सुविधा का उपयोग होना मुख्य कारण है।
हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार वैकल्पिक सुविधाओं का उपयोग आमतौर पर कम ही होता है।
ग्रेशम कॉलेज में IT विषय पढ़ाने वाली साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विक्टोरिया बाइंस्ज़ जैसे विशेषज्ञ मेटा के इस निर्णय को उसकी गोपनीयता की सोच में बदलाव का संकेत मानते हैं।
“सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हमारी पोस्ट, लाइक और संदेशों के माध्यम से लक्षित विज्ञापन के लिए हमारी बातचीत से मुनाफा कमाते हैं,” उन्होंने कहा।
“मेटा जैसी कंपनियां बढ़ती हुई संख्या में AI मॉडल ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिसके लिए संदेश डेटा अत्यधिक महत्वपूर्ण हो सकता है,” उन्होंने कहा, “मुझे यह निर्णय और जटिल लग रहा है।”
पहले इंस्टाग्राम ने कहा था कि AI प्रशिक्षण के लिए DM का उपयोग नहीं किया जाएगा।
इंस्टाग्राम ने गोपनीयता निर्णय बदलने पर और प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है। CEO एडम मोसेरी ने इंटरव्यू देने से मना कर दिया।
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तस्वीर का कैप्शन, लॉस एंजिल्स में सोशल मीडिया की करतूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। उस मुकदमे में मेटा और गूगल दोषी साबित हुए।
पिछले महीने मेटा ने अपने कर्मचारियों को बताया था कि ऑफिस द्वारा उपलब्ध कराए गए संचार माध्यमों पर वे जो क्लिक करते हैं, उसका डेटा AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक होगा।
बिग ब्रदर वॉच जैसे अभियानकर्ताओं का मानना है कि मेटा का यह निर्णय सोशल मीडिया उद्योग पर बड़ा असर डाल सकता है।
कुछ समय पहले तक E2EE का उपयोग तेजी से बढ़ रहा था।
सिग्नल, व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर, एप्पल iMessage और गूगल मैसेज में E2EE स्वतः सक्रिय रहता है।
टेलीग्राम ने E2EE को वैकल्पिक बनाया है, यह अपने-आप सक्रिय नहीं होता।
पूर्व ट्विटर, अब “एक्स” डीएम के लिए समान प्रणाली का उपयोग करता है, लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह मानक पूरा नहीं करता।
स्नैपचैट डीएम में भेजे जाने वाले तस्वीर और वीडियो को E2EE से सुरक्षित करता है और टेक्स्ट संदेशों में भी इसका उपयोग करता है।
डिस्कॉर्ड वॉइस और वीडियो कॉल को अपने आप E2EE में सुरक्षित बनाने की योजना बना रहा है।
मार्च में टिकटॉक ने बताया था कि वह DM में यह तकनीक प्रयोग नहीं करेगा।
उसके 14 दिन बाद इंस्टाग्राम ने अपनी उपयोग शर्तें अपडेट करते हुए E2EE का विस्तार नहीं करने की पुष्टि की।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसले E2EE के विस्तार को रोक सकते हैं और भविष्य में यह तकनीक केवल शुद्ध मैसेजिंग ऐप तक सीमित रह सकती है।
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२६ वैशाख, प्युठान। प्युठान के गौमुखी गाउँपालिका क्षेत्र में हुई मोटरसाइकिल दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। गौमुखी गाउँपालिका–लिवासे के नजदीक नेपाने नदी किनारे शुक्रवार रात हुई इस दुर्घटना में अर्तुबाङ के २५ वर्षीय हेमराज राना मगर की मौत हुई है।
ठूलाबेसी से अर्खा की ओर जा रही लु५६प १७७६ नंबर की मोटरसाइकिल सड़क से लगभग ३५ मीटर नीचे नदी में गिरी हुई स्थिति में शनिवार सुबह पाई गई, जैसा कि जिला पुलिस कार्यालय प्युठान ने बताया है। पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल चालक नदी में डूबा हुआ मिला है। घटना से संबंधित जांच जारी है। मृतक हेमराज मगर, ठुलाबेसी स्थित नरेन्द्र गायत्री नेत्र अस्पताल की शाखा नेत्र उपचार केंद्र में कार्यरत थे।
२६ वैशाख, काठमांडू। नेपाल में पश्चिमी न्यूनचापीय प्रणाली और स्थानीय वायव्य प्रणाली के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के समीप निचले वायुमंडल में स्थित न्यूनचापीय क्षेत्र का प्रभाव जारी है। वर्तमान में मधेश, बागमती और गण्डकी प्रदेशों के साथ कोशी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेशों के हिमाली तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्यतः बादल छाए हुए हैं, जबकि तराई के शेष क्षेत्रों में आंशिक बादल छाया हुआ है। कोशी, बागमती और लुम्बिनी प्रदेशों के कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा हो रही है, वहीं मधेश, गण्डकी और कर्णाली प्रदेशों के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमक के साथ हल्की वर्षा जारी है, मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने यह जानकारी दी है।
आज दोपहर को हिमाली और पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्यतः बादल रहेंगे और तराई के भूभाग में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कोशी, बागमती और गण्डकी के हिमाली एवं पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ स्थानों और अन्य प्रदेशों के पहाड़ी एवं हिमाली क्षेत्र के थोड़े स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमक के साथ मध्यम वर्षा या हिमपात होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा तराई क्षेत्र के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमक के साथ हल्की वर्षा का भी अनुमान है, मौसम महाशाखा ने बताया। महाशाखा के अनुसार आज रात को कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेशों में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे जबकि शेष भूभागों में आंशिक बादल रहने की संभावना है। कोशी, बागमती और गण्डकी के हिमाली एवं पहाड़ी भागों के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमक के साथ मध्यम वर्षा या हिमपात होने की सम्भावना बनी हुई है।
एआई की सहायता से तैयार की गई अव्यवस्थित बस्ती की तस्वीर। 26 वैशाख, काठमांडू। कञ्चनपुर में लगभग 60 हजार भूमिहीन दलित–सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासी हैं। भूमि समस्या समाधान आयोग के आंकड़ों के अनुसार कञ्चनपुर के नौ पालिकाओं में भूमिहीन दलित-सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासियों की संख्या 58,635 तक प्रमाणित हुई है। सरकार द्वारा विघटित आयोग के जिला अध्यक्ष नेत्रप्रकाश पन्त ने बताया कि 74,604 आवेदन में से 58,635 लोगों को प्रमाणित किया गया है। प्रमाणित लोगों में 2,729 भूमिहीन दलित, 2,400 भूमिहीन सुकुमवासी और 53,506 अव्यवस्थित बसोबासी शामिल हैं। पन्त के अनुसार आयोग में कृष्णपुर नगरपालिका से सबसे अधिक 17,693 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्लाफाँटा नगरपालिका से 11,863 भूमिहीन दलित-सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासियों ने आयोग में आवेदन दिया है। सबसे कम आवेदन दोधारा–चाँदनी नगरपालिका से 3,997 दर्ज हुए हैं। आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष पन्त ने बताया कि लालझाड़ी गाउँपालिका में सबसे कम भूमिहीन दलित और सुकुमवासी हैं। वहाँ 22 भूमिहीन दलित और 90 भूमिहीन सुकुमवासी सहित आवेदन दर्ज हुए हैं। साथ ही 4,469 अव्यवस्थित बसोबासियों ने भी आवेदन किया है। पुनर्वास नगरपालिका से सबसे अधिक भूमिहीन दलित और सुकुमवासियों ने आयोग में आवेदन दिया है। उन्होंने पुनर्वास से 771 भूमिहीन दलित और 867 सुकुमवासियों द्वारा भूमि के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी दी। इस पालिका में 6,760 अव्यवस्थित बसोबासी पाए गए हैं।
कुल जम्मा: 2,772 भूमिहीन दलित, 4,068 भूमिहीन सुकुमवासी, 67,764 अव्यवस्थित बसोबासी, कुल 74,604
आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष पन्त ने बताया कि भूमि वर्गीकरण और हस्तांतरण में अस्पष्टता, वन क्षेत्र से संबंधित कानूनी जटिलताएं भूमिहीन दलित–सुकुमवासी और अव्यवस्थित बसोबासियों को भूमि प्रमाणपत्र वितरण में नीतिगत और कानूनी चुनौती देती हैं। उन्होंने कहा कि बहु निकायों के बीच समन्वय का अभाव, प्रक्रियाओं की जटिलता और समय की भारी मांग प्रशासनिक चुनौतियां हैं। पन्त का कहना है कि आयोग को राजनीतिक परिवर्तन से प्रभावित न किए जाने वाला ढांचा स्थापित कर, निश्चित कार्यकाल और निरंतरता पसंद कर भूमिसम्बंधी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
कञ्चनपुर में भूमिहीन दलित और सुकुमवासी को भूमि उपलब्ध कराने तथा अव्यवस्थित बसोबासियों के प्रबंधन में अपेक्षित परिणाम हासिल न करने का मुख्य कारण केवल संसाधनों की कमी ही नहीं, बल्कि सदस्य सचिव की निष्क्रियता, प्रशासनिक व तकनीकी सहयोग की कमी, और नीतिगत तथा कानूनी उलझनें भी हैं। उन्होंने कहा, ‘उत्तरदायित्व से भरी कर्मचारी प्रणाली, स्पष्ट नीति और प्रभावी कार्यान्वयन तंत्र का अभाव भूमि समस्या का दीर्घकालीन समाधान असंभव बनाता है। यदि ये सुधार हों तो दीर्घकालीन समाधान सम्भव है।’
उन्होने बताया कि 15 महीनों के कार्यकाल में वे लगभग 45 दिन ही प्रभावी कार्य कर पाए लेकिन आयोग ने 96 लालपुर्जा वितरण, 496 प्रमाणपत्र और नकाशा कार्य पूरा किया। उन्होंने कहा, ‘हमने सात स्थानीय तहों में पहचान और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन शेष दो स्थानीय तहों में भदौ 23-24 की आगजनी के कारण दूसरे बार कार्य करना पड़ा। अधिकांश वड़ों में काम पूरा हो चुका था, कुछ में जारी था।’
पन्त का विश्वास है कि यदि स्थिर और अवरोध रहित वातावरण प्राप्त हो तो आयोग मासिक 5-7 हजार लालपुर्जा वितरण करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन भदौ 23 से निरंतर उत्पन्न हुए अवरोधों ने इस प्रक्रिया को प्रभावित किया, यह सबको ज्ञात है।’
२६ वैशाख, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगनकुमार थापा आज धनगढी के लिए रवाना होने वाले हैं। उन्हें धनगढी में आयोजित होने वाले ‘प्रदेश एवं स्थानीय तह केंद्रित प्रदेश स्तरीय भेला’ का उद्घाटन करना है।
विशेष महाधिवेशन के बाद यह थापा का पहला मौका होगा जब वे देउवा के गृह प्रदेश सुदूरपश्चिम जा रहे हैं। इस बैठक की तैयारियों के लिए धनगढी में मौजूद सहमहामंत्री प्रकाश रसाइली ‘स्नेही’ ने जानकारी दी है। थापा सुबह आठ बजे फ्लाइट के माध्यम से धनगढी पहुंचेंगे।
भेला में उपाध्यक्ष विश्वप्रकाश शर्मा शुक्रवार को तथा महामंत्री गुरुराज घिमिरे गुरुवार को पहले ही धनगढी पहुंच चुके हैं।
यह प्रदेश स्तरीय भेला दो दिनों तक चलेगी। २३ वैशाख को केंद्रीय नीति, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रतिष्ठान की बैठक में प्रदेश स्तरीय भेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया था।
प्रदेश अध्यक्ष वीरबहादुर बलायर और जिला अध्यक्ष नारायण भट्ट इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, ऐसा प्रदेश कार्यसमिति के एक नेता ने बताया है।
गगन थापा
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संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का युद्धविराम घोषित किया है। नाजी जर्मनी पर तत्कालीन सोवियत संघ की जीत की याद दिलाते हुए, रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं, ऐसे समय में ट्रम्प ने यह घोषणा की है। तीन दिन के युद्धविराम के दौरान दोनों देशों से एक-एक हजार कैदियों के आदान-प्रदान की योजना ट्रम्प ने साझा की है।
युद्धविराम में यूक्रेन की भागीदारी की पुष्टि करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि रूस ने भी इस पर सहमति व्यक्त की है। इससे पहले दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले जारी रखे थे, और मास्को के मेयर ने शहर को रातभर ड्रोन हमलों का लक्ष्य बताया था। ट्रम्प ने युद्धविराम के लिए पुतिन और ज़ेलेंस्की की सराहना करते हुए कहा, “रूस और यूक्रेन के बीच 9, 10 और 11 मई को तीन दिन का युद्धविराम होने की घोषणा करते हुए मैं बहुत खुश हूं।”
पुतिन ने विजय दिवस मनाने से पहले 8 मई से 9 तक लागू रहने वाला युद्धविराम घोषित किया था। रूस ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि अगर मास्को पर हमला हुआ तो कीव के केंद्र में “भारी जबाबी क्षेप्यास्त्र हमला” किया जाएगा। इस बार विजय दिवस की परेड में सैनिक उपकरणों का प्रदर्शन नहीं होगा और मास्को में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता की मध्यस्थता कर चुका है, लेकिन अब तक इन वार्ताओं से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है, लेकिन जहां वार्ता में प्रगति नहीं हो रही वहां समय व्यर्थ नहीं किया जाएगा।
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