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लेखक: space4knews

प्रतिनिधि विवाद के बाद रास्वपा ने उदयपुर में फिर से उम्मेदवारी पंजीकरण शुरू किया

समाचार संक्षेप

AI द्वारा सृजित। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • प्रतिनिधि चयन विवाद के कारण स्थगित हुआ रास्वपा उदयपुर का जिला अधिवेशन नई कार्यसूची के अनुसार फिर से शुरू हुआ है।
  • उदयपुर जिला अध्यक्ष पद के लिए चित्रकुमार कार्की और जनक बस्नेत चुनावी प्रतिस्पर्धा में हैं।
  • मतदान अधिकार से जुड़ी विवाद सुलझाने के बाद प्रतिनिधि संख्या २५० तय की गई है और सोमवार शाम से मतदान शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

२५ जेठ, उदयपुर। प्रतिनिधि चयन और मतदान अधिकार संबंधी विवाद के कारण स्थगित हुए रास्वपा उदयपुर के जिला अधिवेशन में निर्वाचन प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी गई है।

निर्वाचन कार्यक्रम रद्द होने के बाद सोमवार को नई कार्यतालिका के अनुसार उम्मेदवारी पंजीकरण किया गया है।

निर्वाचन समिति के संयोजक नारायण घिमिरे के अनुसार जिला अध्यक्ष पद के लिए चित्रकुमार कार्की, जनक बस्नेत और ध्रुवप्रसाद पोखरेल ने उम्मीदवारिता दी थी।

लेकिन पोखरेल ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है, जिसके बाद अध्यक्ष पद के लिए कार्की और बस्नेत के बीच प्रतिस्पर्धा होगी।

उपाध्यक्ष पद के लिए किरण राउत और कृष्णकुमारी घिमिरे श्रेष्ठ चुनावी मैदान में हैं, जबकि सचिव पद के लिए जनार्दनकुमार कार्की, भुवन खतिवड़ा और सूर्यबहादुर तामाङ के बीच मुकाबला होगा। सहसचिव पद के लिए सूर्यकुमार राई और हुकुममणि पाण्डे ने उम्मेदवारी दी है।

इसके अलावा पांच सदस्यीय जिला सदस्य पद के लिए अमरबहादुर तामाङ, कौशिला कार्की, गुरुदेव कार्की, तेजमान विश्वकर्मा, पवित्र भट्टराई, बबलुकुमार गुप्ता, शुशीला थापा, सुनिताकुमारी चौधरी और हेमकुमारी चौधरी चुनावी प्रतिस्पर्धा में शामिल हैं।

पहले रविवार को उद्घाटन सत्र पूरा होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारियाँ चल रही थीं, तभी प्रतिनिधि चयन और मतदान अधिकार को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।

विवाद बढ़ने पर अधिवेशन स्थल पर नारेबाजी भी हुई। कुछ प्रतिनिधियों ने नेतृत्व चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन की मांग की।

विवाद सुलझाने के लिए निर्वाचन समिति ने रविवार को पूरे निर्वाचन कार्यक्रम को रद्द कर पुनः उम्मेदवारी नामांकन से प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के साथ ही पहले पंजीकृत सभी उम्मेदवार स्वतः निरस्त हो गए।

निर्वाचन समिति के संयोजक घिमिरे के मुताबिक विवाद सुलझाने के बाद प्रतिनिधि संख्या का पुन: निर्धारण किया गया है। अब केवल २५० प्रतिनिधि ही मतदान प्रक्रिया में भाग लेंगे। पहले लगभग ४०० प्रतिनिधि और मतदाता थे, जिसकी वजह से विवाद हुआ था।

रास्वपा ने उदयपुर में पहली बार जिला अधिवेशन के माध्यम से निर्वाचित नेतृत्व चुनने की कोशिश कर रही है। विवाद के कारण अधिवेशन कुछ समय प्रभावित हुआ था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया फिर चलने से जिले में नेतृत्व चयन की प्रतिस्पर्धा और भी अधिक रोचक हो गई है।

निर्वाचन समिति ने सोमवार शाम ७ बजे से मतदान शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।

बागमती प्रदेश में 15 और सहकारी संस्थाएँ समस्याग्रस्त, बचतकर्ताओं के 3 अरब से अधिक रुपये जोखिम में

बागमती प्रदेश में 15 और सहकारी संस्थाएं समस्याग्रस्त हो गई हैं। बचतकर्ताओं ने इन सहकारियों को समस्याग्रस्त घोषित करने की मांग राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण से की है। प्राधिकरण के अनुसार, इन 15 सहकारियों में जनता की लगभग 2 अरब 95 करोड़ 67 लाख रुपये की बचत फंसी हुई है। सहकारी अध्यादेश जारी होने के बाद प्राधिकरण को संचालकों की संपत्ति जब्त करने और उनकी विदेशी यात्रा पर रोक लगाने का अधिकार प्राप्त हुआ है। २५ जेठ, काठमाडौं।

बागमती प्रदेश के तहत अतिरिक्त 15 सहकारी संस्थाओं में समस्याएं सामने आई हैं। बचतकर्ताओं ने इन सहकारियों को समस्याग्रस्त घोषित करने के लिए प्राधिकरण से मांग की है। सहकारी ठगी और बचत अपचलन की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने इससे पहले काठमांडू उपत्यका की 23 सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित किया है। अब तक समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं की संख्या 46 हो चुकी है।

प्राधिकरण ने इन 15 सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने के लिए मंत्रालय को सिफारिश की है। समस्या वाले सहकारी संस्थाओं के संचालकों और व्यवस्थापकों की संपत्ति जब्त करने में प्राधिकरण सक्रिय है। प्राधिकरण द्वारा चुनी गई ये 15 सहकारी काभ्रेपलान्चोक, भक्तपुर, और काठमांडू जिलों में स्थित हैं। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, इन सहकारियों में बचतकर्ताओं की वापसी योग्य राशि लगभग 2 अरब 95 करोड़ 67 लाख रुपये है।

कञ्चनपुर में ईभी भ्यान दुर्घटना में १३ घायल

२५ जेठ, काठमाडौं। कञ्चनपुर में सोमवार दोपहर ईभी भ्यान दुर्घटना में १३ लोग घायल हुए हैं। वेदकोट नगरपालिका–०३ दैजी के महेन्द्र राजमार्ग पर दोपहर ३ बजे के करीब यह दुर्घटना हुई, जिसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी है। जिल्ला प्रहरी कार्यालय कञ्चनपुर के अनुसार धनगढी से महेन्द्रनगर की ओर जा रही सु.प.प्र.०२–००१ ज ४९६ नंबर की ईभी भ्यान अनियंत्रित होकर नाले में पलट गई।
पुलिस ने बताया कि भ्यान में चालक सहित १७ लोग सवार थे। घायल सभी को उपचार के लिए महाकाली प्रादेशिक अस्पताल महेन्द्रनगर भेजा गया है और चालक को पुलिस ने नियन्त्रण में लिया है। घायलों में कृष्णपुर नगरपालिका–९ पिपरिया के ४३ वर्षीय पुष्करराज गिरी, वेदकोट–१० नयाँगाउँ के २० वर्षीय जीवन सिंह कडाल, कैलाली टीकापुर नगरपालिका–९ खैरीफाटा की ४५ वर्षीय राधादेवी शाह, धनगढी उपमहानगरपालिका–५ हसनपुर की २५ वर्षीय सम्झना सिंह, धनगढी–४ उत्तर बेहडी की ६१ वर्षीय सरस्वतीदेवी कुँवर, धनगढी–६ हसनपुर की ५५ वर्षीया विष्णु सिंह, धनगढी–६ की १७ वर्षीय आशिका कुँवर, १६ वर्षीय पुष्पा बोहरा, दार्चुला के महाकाली नगरपालिका–१ फापरी की ६० वर्षीय गजेन्द्रसिंह कुँवर, उसी स्थान की ३२ वर्षीय सुमित्रा कुँवर, डडेल्धुराको नवदुर्गा गाउँपालिका–२ बडम की ५५ वर्षीया ईश्वरीदेवी भुल, उनके २२ वर्षीय पुत्र सुनिल भुल तथा डडेलधुराको अजयमेरु गाउँपालिका–६ कानाकोट की २८ वर्षीय पुष्पराज पन्त शामिल हैं।

यमबुद्ध स्केटपार्क में नवां राष्ट्रीय स्केटबोर्ड प्रतियोगिता आयोजित होगी

नेपाल स्केटिंग तथा स्केटबोर्डिंग संघ के आयोजन में नवां राष्ट्रीय स्केटबोर्ड प्रतियोगिता जेठ ३० और ३१ तारीख को काठमांडू के हांडीगांव स्थित यमबुद्ध स्केटपार्क में आयोजित होने जा रही है। संघ ने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर से चयनित लगभग ४०० खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में २५० पुरुष और १५० महिला खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। संघ के अध्यक्ष अच्युत खनाल के अनुसार खिलाड़ी जिला और प्रदेश स्तर से चयनित होकर आएंगे, साथ ही कुछ खिलाड़ी व्यक्तिगत रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कर भाग लेंगे।

दो दिन तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के प्रथम दिन चयन चरण के खेल होंगे जबकि दूसरे दिन फाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता में स्केटबोर्डिंग की फ्रिस्टाइल विधा के अनुसार ‘बेस्ट ट्रिक’ और ‘बेस्ट रन’ में प्रतिस्पर्धा होगी। इसके अलावा ‘स्केटबोर्डर ऑफ द ईयर’ की घोषणा भी की जाएगी, संघ ने बताया। प्रतियोगिता में सीनियर पुरुष और महिला दोनों वर्ग के विजेता को ३० हजार रूपये, उपविजेता को २० हजार रूपये तथा तृतीय स्थान हासिल करने वालों को १५ हजार रूपये नकद सहित मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। जूनियर पुरुष और महिला दोनों वर्ग के प्रथम स्थान पर रहने वालों को १५ हजार, द्वितीय स्थान पर रहने वालों को १० हजार और तृतीय स्थान पर रहने वालों को ५ हजार रूपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

संघ के महासचिव सत्य थापा ने बताया कि यह प्रतियोगिता २०वें एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया में सहायता करेगी। उनके मुताबिक एशियन गेम्स के लिए दो खिलाड़ी अंतिम चयन में चुने जाएंगे। इससे पहले गजेन्द्र बर्देवा, शरदकुमार राई, वसंत राई और खुशी विक के नाम लांगलिस्ट में शामिल हो चुके हैं। संघ ने बताया कि प्रतियोगिता का कुल बजट २१ लाख रूपये है और विभिन्न प्रायोजकों के साथ सहयोग किया जा रहा है। साथ ही काठमांडू के बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के खानपान और आवास की व्यवस्था भी की गई है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद में २०७० साल में पंजीकृत नेपाल स्केटिंग तथा स्केटबोर्डिंग संघ देश के विभिन्न शहरों में राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करता रहा है। इससे पहले विराटनगर, बुटवल, पोखरा और काठमांडू में राष्ट्रीय स्केटबोर्ड प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित हो चुकी हैं।

आंतरिक रोजगार संवर्धन और सुरक्षित प्रवासन का दशक घोषित

मंत्री रामजी यादव ने ११४वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में नेपाल के आगामी दशक को आंतरिक रोजगार संवर्धन के दशक के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने डिजिटल और गिग अर्थव्यवस्था में कार्यरत श्रमिकों के अधिकारों के लिए स्पष्ट समझौता, व्यावसायिक सुरक्षा, एल्गोरिदमिक निष्पक्षता और डेटा गोपनीयता की आवश्यकता पर जोर दिया। Nepal सरकार पहली बार एकीकृत राष्ट्रीय ‘केयर इकोनॉमी’ नीति तैयार कर रही है और जबरन श्रम संबंधी प्रोटोकॉल की स्वीकृति के लिए संसद में प्रस्तुत किया गया है। २५ जेठ, काठमांडू।

युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्री रामजी यादव ने आगामी दशक को डिजिटल अर्थव्यवस्था में श्रमिकों के संरक्षण, सुरक्षित और सम्मानजनक प्रवासन, तथा श्रमिक अधिकारों की सुनिश्चितता को प्राथमिकता देने का ऐलान किया है। उन्होंने स्विट्ज़रलैंड के जेनेवा में आयोजित ११४वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जलवायु परिवर्तन, श्रम गतिशीलता और उत्पादन के नवाचार विश्व श्रम बाजार को तेज़ी से बदल रहे हैं।

मंत्री यादव ने चेतावनी दी कि यदि इन परिवर्तनों का अवसर के रूप में उपयोग नहीं किया गया तो असमानता बढ़ेगी, कौशल अंतर बढ़ेगा और श्रमिक असुरक्षित हो सकते हैं। उन्होंने मानव गरिमा, सामाजिक न्याय और सभ्य रोजगार के प्रचार हेतु सरकार, नियोक्ता तथा श्रमिकों के बीच त्रिपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि सरकार एआई अवसंरचना, डिजिटल स्टार्टअप एवं मानव पूंजी विकास में निवेश बढ़ा रही है और डिजिटलाइजेशन तथा दूरस्थ कार्य को विस्तारित करने की योजना बना रही है।

डिजिटल और गिग अर्थव्यवस्था से जुड़े श्रमिकों के हितों को लेकर बोलते हुए मंत्री यादव ने स्पष्ट रोजगार समझौता, व्यवसायिक सुरक्षा, एल्गोरिदमिक निष्पक्षता और डेटा गोपनीयता की गारंटी आवश्यक बताई। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकता हैं और गंतव्य देशों, नियोक्ताओं तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ प्रवासन के सभी चरणों में सहयोग जरूरी है।

मंत्री यादव ने बताया कि श्रम निरीक्षण महासंधि, १९४७ तथा जबरन श्रम संबंधी प्रोटोकॉल, २०१४ की मंजूरी के लिए संसद में प्रस्तुत किया जा चुका है। नेपाल श्रम शोषण और जबरन श्रम के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ नीति अपनाता है। उन्होंने कहा कि काम का भविष्य और युवाओं का भविष्य आपस में जुड़े हैं, इसलिए मंत्रालय का पुनर्गठन इसी सोच के अनुरूप किया गया है।

सुदूरपश्चिम के तीन मंत्री और दो राज्य मंत्रियों ने पद तथा गोपनीयता की शपथ ली

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार के नवनियुक्त तीन मंत्री और दो राज्य मंत्रियों ने २५ जेठ को पद तथा गोपनीयता की शपथ ली है। नवनियुक्त मंत्रियों में विक्रम सिंह धामी, बेलबहादुर राणा और मानबहादुर रावल शामिल हैं जिन्होंने पद तथा गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। जुना दानी ने अर्थ राज्य मंत्री के रूप में और मधु भारती ने सामाजिक विकास राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है।

२५ जेठ, धनगढी। सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार के नवनियुक्त तीन मंत्री और दो राज्य मंत्रियों ने पद तथा गोपनीयता की शपथ ली। विक्रम सिंह धामी आर्थिक मामले के मंत्री, बेलबहादुर राणा सामाजिक विकास मंत्री तथा मानबहादुर रावल उद्योग, पर्यटन, वन तथा पर्यावरण मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर चुके हैं। जुना दानी ने अर्थ राज्य मंत्री और मधु भारती ने सामाजिक विकास राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। नेपाली कांग्रेस में बढ़ती विवाद को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह ने मंत्रिपरिषद का पुनर्गठन किया है।

लुम्बिनी प्रदेश ने पाँचवीं राष्ट्रीय वाडोरियो कराटे प्रतियोगिता में खिताब जीता

पाँचवीं राष्ट्रीय वाडोरियो कराटे प्रतियोगिता में लुम्बिनी प्रदेश ने ४ स्वर्ण पदक सहित खिताब अपने नाम किया है। पुरुष वर्ग में कोशी प्रदेश के अंकित लिम्बू और महिला वर्ग में मधेस प्रदेश की अनु मोक्तान को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य–सचिव रामचरित्र मेहता सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने विजेता खिलाड़ियों और टीम को पुरस्कार तथा पदक प्रदान किए। २५ जेठ, काठमांडू।

नेपाल वाडोरियो कराटे डो संघ के आयोजन में सम्पन्न इस प्रतियोगिता में लुम्बिनी प्रदेश ने कुल ४ स्वर्ण, ४ रजत और ७ कांस्य पदक जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। कोशी प्रदेश ने ३ स्वर्ण, ३ रजत और ५ कांस्य पदक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि मधेस प्रदेश ने ३ स्वर्ण, ३ रजत और २ कांस्य पदक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट खिलाड़ी का खिताब ६० किलो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले कोशी प्रदेश के अंकित लिम्बू को दिया गया। महिला वर्ग में उत्कृष्ट खिलाड़ी का खिताब ५० किलो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली मधेस प्रदेश की अनु मोक्तान को मिला। पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के सदस्य–सचिव रामचरित्र मेहता, गोजुरियो कराटे के अध्यक्ष गणेश कार्की, नेपाल ओलंपिक कमिटी के सचिव राम श्रेष्ठ, वाडोरियो कराटे डो संघ के अध्यक्ष हरिशरण केसी सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रतियोगिता में पूरे देश के सात प्रदेशों के खिलाड़ी शामिल हुए। आयोजक समिति के कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम पोखरेल के अनुसार, इस प्रतियोगिता ने राष्ट्रीय स्तर पर कराटे खेल के विकास, खिलाड़ियों की क्षमता वृद्धि और नई प्रतिभाओं की पहचान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विद्युतीय माध्यम से कर्ज़ा सीमा 10 लाख रुपये तक बढ़ाई गई

नेपाल राष्ट्र बैंक ने विद्युतीय माध्यम से जारी होने वाले कर्ज़े की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है। छोटे, लघु एवं मध्यम व्यवसायी अब दीर्घकालीन चालू पूंजी कर्ज़े के रूप में विद्युतीय माध्यम से 10 लाख रुपये तक का कर्ज़ा प्राप्त कर सकते हैं। तलबी खाता धारक प्राकृतिक व्यक्तियों के लिए यह सीमा 5 लाख और अन्य व्यक्तियों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह निर्णय २५ जेठ, काठमांडू को जारी किया गया। नेपाल राष्ट्र बैंक ने विद्युतीय माध्यम से मिलने वाले कर्ज़े की सीमा में यह वृद्धि की है। केंद्रीय बैंक ने विद्युतीय माध्यम से कर्ज़ा प्रवाह संबन्धी मार्गदर्शन २०७८ में संशोधित कर सीमा को दोगुना कर दिया है।

केंद्रीय बैंक ने लघु, छोटे तथा मध्यम व्यवसायियों को विद्युतीय माध्यम से कारोबार आधारित कर्ज़ा देने में सहूलियत प्रदान करने की व्यवस्था को और सशक्त किया है। इसके तहत व्यवसायी आसानी से विद्युतीय माध्यम से 10 लाख रुपये तक का कर्ज़ा आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में बैंक, भुगतान सेवा प्रदाता और मर्चेंट्स की मुख्य भूमिका होगी, जो मार्गदर्शन में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है।

केंद्रीय बैंक ने विद्युतीय कर्ज़ा प्रदान करते समय ग्राहक के विद्युतीय माध्यम से हुए कारोबार के विवरण, भुगतान संबंधी जानकारियाँ और व्यवसाय से जुड़ी अन्य जानकारी का उपयोग कर कर्ज़ा विश्लेषण के लिए तकनीकी सेवा प्रदाता संस्थाओं के साथ सहयोग करने की व्यवस्था की है। जोखिम प्रबंधन की जिम्मेदारी बैंक और वित्तीय संस्थानों की होगी, जैसा कि संशोधित मार्गदर्शन में उल्लेख किया गया है।

बैंक और वित्तीय संस्थान भुगतान सेवा प्रदायक संस्थाओं से जुड़े मर्चेंट्स को कर्ज़ा सीमा के अंतर्गत कर्ज़ा प्रदान कर सकेंगे। मर्चेंट की सहमति से आवश्यक व्यवसाय एवं कारोबार की जानकारियाँ भुगतान सेवा प्रदायक संस्थान बैंक और वित्तीय संस्थानों के कर्ज़ा विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराएंगे, यह व्यवस्था भी केंद्रीय बैंक ने जोड़ दी है।

चितवन राष्ट्रिय निकुञ्जमा गैँडा मार्ने योजनामा संलग्न दुई जना हथियारसहित पक्राउ

चितवन राष्ट्रिय निकुञ्जमा गैँडा मार्ने पूर्व तैयारी गरेको आरोपमा पूर्वी नवलपरासीको कावासोतीबाट दुई जना पक्राउ परेका छन्। उनीहरूको साथबाट दुई थान भरुवा बन्दुक र एक थान कार्लोस बरामद गरिएको छ। स्थानीय सूचनाका आधारमा जेठ २३ गते राति निकुञ्ज प्रवेश गर्न लाग्दा उनीहरूलाई नियन्त्रणमा लिइएको हो।

अनुसन्धान टोलीले चितवन राष्ट्रिय निकुञ्जमा गैँडा मार्ने पूर्व तैयारी गरेको आरोपमा पूर्वी नवलपरासीको कावासोती क्षेत्रबाट दुई जनालाई पक्राउ गरेको बताएको छ। स्रोतका अनुसार उनीहरूलाई घरबाटै हतियारसहित जेठ २३ गते राति पक्राउ गरी थप अनुसन्धान भइरहेको छ। उनीहरूको साथबाट दुई थान भरुवा बन्दुक र एक थान कार्लोससहित अन्य सामग्रीहरू पनि बरामद गरिएको छ।

निकुञ्जका सूचना अधिकारी अविनाश थापामगरले पक्राउ परेकाहरूको अनुसन्धान जारी रहेको बताउँदै थप विवरण प्रदान गर्न सकेनन्। ती व्यक्ति लामिचौर भूताहा क्षेत्रबाट तस्करहरूको योजनामा गैँडा मार्न तयारी गरेर निकुञ्ज प्रवेश गर्न लागेको भन्ने स्थानीय सूचनाका आधारमा पक्राउ गरिएको थियो। पक्राउ परेकाहरूलाई निकुञ्ज हिरासतमा राखेर अनुसन्धान जारी छ। निकुञ्जले गैँडाको चोरी शिकार रोकथामका लागि शून्य अभियान चलाइरहेको अवस्थामा गैँडा मार्ने योजना बनाएको आरोपमा उनीहरूलाई पक्राउ गरिएको हो।

गैंडा शिकार योजना बनाउँदै दुई स्थानीय युवाओं के साथ गिरफ्तार

समाचार सारांश

  • पूर्व नवलपरासी के कावासोती के दो युवाओं को चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज में गैंडा मारने की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया।
  • गिरफ्तारियों के पास से दो पिस्तौल और एक कार्लोस राइफल बरामद हुई है।
  • स्थानीय सूचना के आधार पर ६ जेठ की रात निकुञ्ज में प्रवेश करते ही उन्हें पकड़ा गया।

जेठ ८, चितवन – जांच टीम ने पूर्व नवलपरासी के कावासोती क्षेत्र के दो युवाओं को चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज में गैंडा मारने के उद्देश्य से प्रवेश की तैयारी करते हुए गिरफ्तार किया है।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों को ६ जेठ की रात उनके घर से हथियार सहित गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है। उनके कब्जे से दो पिस्तौल, एक कार्लोस राइफल और अन्य सामग्री बरामद की गई है।

निकुञ्ज के सूचना अधिकारी अविनाश थापामगर ने बताया कि जांच चल रही है और फिलहाल वे इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी साझा करने से इनकार कर रहे हैं।

गिरफ्तारी स्थानीय खुफिया सूचना पर आधारित है, जिसने यह संकेत दिया कि वे लामिचौर भुटाहा क्षेत्र में स्थित निकुञ्ज के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे और उनकी योजना गैंडा शिकार में संलिप्त तस्करों से जुड़ी हुई थी।

वे निकुञ्ज के नियंत्रण में हैं और जांच प्रक्रिया जारी है। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज गैंडा शिकार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है और यह गिरफ्तारी उसी अभियान के तहत हुई है।

६ दिवसीय दृष्टिहीन फुटबॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न

समाचार सारांश

  • काठमाडौं महानगरपालिका वार्ड नं. ३० के सहयोग से दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले व्यक्तियों के लिए ६ दिवसीय ब्लाइंड फुटबॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • जेठ २० से २५ तक आयोजित इस प्रशिक्षण में १२ दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले खिलाड़ी शामिल हुए।
  • वार्ड अध्यक्ष दलबहादुर कार्की ने भिन्न क्षमताओं वाले व्यक्तियों के खेल विकास के लिए भविष्य में भी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

२५ जेठ, काठमांडू। दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले व्यक्तियों के लिए आयोजित ६ दिवसीय ब्लाइंड फुटबॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। काठमांडू महानगरपालिका वार्ड नंबर ३० की सहायता तथा सक्षम नेपाल और ज्ञानेश्वर के आयोजन में संचालित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जेठ २० से शुरू होकर २५ जेठ को पूरा हुआ।

ज्ञानेश्वर स्थित प्राइम फुटसाल में प्रतिदिन मध्याह्न १२ बजे से अपराह्न ३ बजे तक संचालित इस प्रशिक्षण में १२ दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले खिलाड़ियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी खिलाड़ियों ने ब्लाइंड फोल्ड का उपयोग करते हुए ब्लाइंड फुटबॉल की मूलभूत कौशल और खेल से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अभ्यास किया।

समापन समारोह में काठमांडू महानगरपालिका वार्ड नं. ३० के अध्यक्ष दलबहादुर कार्की मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस अवसर पर वार्ड सदस्य मनोज डंगोल, शर्मिला श्रेष्ठ, वार्ड सचिव देवराज जोशील सहित अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक सन्देशकृष्ण श्रेष्ठ और सत्यमान लामाले प्रशिक्षण प्रदान किया, जबकि सहायक प्रशिक्षकों के रूप में राजेश खड्की और बिरु कमल श्रेष्ठ ने सहयोग किया।

प्रशिक्षण समापन के अवसर पर रातो और निलो टीमों के बीच मैत्रीपूर्ण मैच भी आयोजित किया गया। प्रतिस्पर्धात्मक खेल में निलो टीम ने १-० की जीत हासिल की। निलो टीम के संकर थिङ ने निर्णायक गोल करते हुए टीम को जीत दिलाई।

कार्यक्रम के सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। अनुशासित खिलाड़ी सन्देश स्याङ्बोलाई नगद एक हजार रुपये पुरस्कार मिला, जबकि विजयी गोलकर्त्ता को भी एक हजार रुपये सहित सम्मानित किया गया।

प्रतिभागी खिलाड़ी किरण दाहाल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को अधिक उत्साह और आत्मविश्वास देते हैं। उन्होंने काठमांडू महानगरपालिका वार्ड नं. ३० और सक्षम नेपाल का आभार व्यक्त किया।

समापन समारोह में वार्ड अध्यक्ष दलबहादुर कार्की ने कहा कि भिन्न क्षमताओं वाले व्यक्तियों के खेल विकास के लिए वार्ड हमेशा सकारात्मक रहेगा और आगे भी सक्षम नेपाल के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने प्रतिभागियों के जोश, लगन और खेल के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।

साथ ही सक्षम नेपाल के अध्यक्ष बिरु कमल श्रेष्ठ ने बताया कि वार्ड की सहायता से पहली बार इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने में खुशी हुई। उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों और सहयोगियों सभी का धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतरता देने की जानकारी दी।

वैदेशिक रोजगार विभाग का स्वरूप बदला, पर श्रमिकों के दर्द में कोई कमी नहीं (वीडियो)

समाचार सारांश

समीक्षा की गई है।

  • वैदेशिक रोजगार विभाग में बिचौलियों और भीड़ कम हुई है, लेकिन वैदेशिक रोजगार में ठगी के शिकार श्रमिकों की पीड़ा और न्याय के लिए संघर्ष अभी भी बरकरार है।
  • विभाग में प्रतिदिन 40 से 50 ठगी की शिकायतें दर्ज हो रही हैं और हाल ही में संस्थागत ठगी की तुलना में व्यक्तिगत ठगी में वृद्धि देखी गई है।
  • विभाग पुराने शिकायतों और मामलों का प्रबंधन सुगम बनाने के लिए असार अंत तक नया सॉफ्टवेयर लागू करने की योजना बना रहा है।

25 जेठ, काठमांडू। ताहचल स्थित वैदेशिक रोजगार विभाग के परिसर में वर्तमान में पहले जैसा शोर नहीं सुनाई देता। न तो खिड़कियों के पास भारी भीड़ दिखती है और न ही ठगी कराने वाले बिचौलियों की भीड़ संसदीय गायब हो गई है।

पहले जहाँ श्रमिकों के आँसू और आक्रोश से भरा यह कार्यालय था, अब यह एक शांत प्रशासनिक क्षेत्र बनता नजर आ रहा है। सुबह से शाम तक चलने वाली भीड़ अब कम हो गई है।

विभाग की विभिन्न खिड़कियों के पास शिकायत दर्ज कराने वालों की भीड़ हुआ करती थी, जो कहते थे, ‘मुझे वैदेशिक रोजगार दिलाने का वादा किया, पर मुझे धोखा दिया।’

लेकिन अब शिकायत दर्ज कराने वालों की संख्या में कमी आई है। पहले रोजाना 200 से 500 लोग समस्याओं के साथ विभाग आते थे। निरीक्षण दल ने गुरुवार को विभाग का दौरा किया और पाया कि खिड़कियों पर लोग बिखरे हुए नहीं थे।

श्रमिकों के दर्द में कमी के कारण भीड़ कम नहीं हुई है। रौतहट के धर्मेन्द्र कुशवाहा गुरुवार को काठमांडू आए थे और तीन दिन से विभाग में थे। उन्हें जापान भेजने का वादा कर 21 लाख से अधिक रुपये लेकर एजेंट फरार हो चुका है और वह संकट में हैं।

धर्मेन्द्र ने तलास पांडे के खाते में 8 लाख और सीमा सुशांत के खाते में 13 लाख 50 हजार रुपए जमा किए थे। इस संबंध में 2081 भाद्र 11 को शिकायत दी गई थी, लेकिन मामला अभी तक सुलझा नहीं है। वह समय-समय पर रौतहट से काठमांडू आते रहते हैं।

सीमा और तलास ने जापान भेजने का प्रयास करते हुए पैसा घोटाला किया था। धर्मेन्द्र का करियर एंड एम्प्लॉयमेंट ओरिएंटेशन (सीईओ) पूरा नहीं हुआ था, लेकिन वे त्रिभुवन विमानस्थल से वापस भेज दिए गए थे। 6 महीने बाद फिर आवेदन किया, पर अस्वीकृत हो गया।

धर्मेन्द्र दो सालों से पैसा वापस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जापान भेजने के नाम पर 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई, अब जब पैसा मांगा जाता है तो धमकी दी जाती है।’ वह न्याय पाने के तरीके खोज रहे हैं।

पुलिस ने तलास को गिरफ्तार कर जांच की है, लेकिन वे उसको जमानत पर छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। धर्मेन्द्र ने कहा कि मामला दर्ज कराना प्राथमिकता नहीं है, बल्कि पैसा लौटना उनकी मुख्य इच्छा है।

वैदेशिक रोजगार विभाग में मिले रौतहट के धर्मेन्द्र कुशवाहा।

धर्मेन्द्र नई सरकार से न्याय की उम्मीद लेकर आए हैं। उन्होंने कहा, ‘अब नई सरकार आई है, मुझे उम्मीद है कि मेरा मामला जल्द सुलझ जाएगा।’

धर्मेन्द्र का सपना है कि वैदेशिक रोजगार के नाम पर धोखा खाए लोगों को न्याय मिले।

विभाग परिसर में वह कर्मचारियों से अपनी पीड़ा साझा कर रहे थे। ‘अगर कोई व्यक्ति गिरफ्तार हो जाता है, तो दूसरा अभी भी जापान में है। विभाग पासपोर्ट रोकने में सहायता नहीं करता।’ उन्होंने बताया।

एक ठगी जिसने मां को अंतिम चोट दी

सप्तरी बरमझरिया के वृद्ध अशोक कुमार झा बहुत थके हुए दिखे। उनका चेहरा मुरझाया हुआ था। वे विभाग की खिड़की के पास खड़े होकर अपनी पीड़ा बताते थे।

अपने बेटे को रोमानिया भेजने की उम्मीद में 13 लाख 20 हजार रुपये बलराम लाम को देने पड़े। उनकी पत्नी धरान के ICU में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, लेकिन वे बेटे को विदेश भेजने को मजबूर हुए।

‘एजेंट ने कहा कि वीजा रद्द हो जाएगा, फिर जबरदस्ती बेटे को भेज दिया। बेटे के दिल्ली पहुंचने के दिन मेरी पत्नी की मौत हो गई।’ अशोक आंसू भरे स्वर में कहते हैं। उनका बेटा रोमानिया नहीं पहुंच पाया और अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका।

पैसे की कमी के कारण सुरज हार मानकर एक साल से कतार की मरुस्थली में कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

अशोक के अनुसार, उन्होंने बहुत पैसा नकद में दिया इसलिए सबूत इकट्ठा करने में समस्या आ रही है।

सप्तरी बरमझरिया के अशोक कुमार झा वैदेशिक रोजगार विभाग में।

ये घटनाएं प्रतिनिधि हैं। विभाग के अनुसार प्रतिदिन 40 से 50 शिकायतें दर्ज होती हैं। नई सरकार आने के बाद ठगी की शिकायत लेकर कई लोग विभाग पहुंचते हैं।

तीन घंटे विभाग परिसर का निरीक्षण करने पर पिछले समय की तुलना में भीड़ कम दिखी। कर्मचारियों का व्यवहार बेहतर हुआ है। लेकिन नीतिगत जटिलताओं के कारण पीड़ितों को वर्षों तक न्याय नहीं मिल पाता है।

अभियान: शिकायत, शिकायतें और मामले प्राथमिकता में रखे गए हैं : विभाग प्रवक्ता

विभाग की प्रवक्ता विन्दा आचार्य के अनुसार, ठगी के शिकार श्रमिकों के न्याय की मांग बढ़ने पर कुछ महीने पहले विभाग में भारी भीड़ होती थी।

‘हम शिकायतें, गुनाह और मामलों को प्राथमिकता देते हुए काम कर रहे हैं। नई शिकायत दर्ज होने के दिन या अगले दिन ही अनुसंधान अधिकारी नियुक्त हो जाते हैं।’ उन्होंने कहा।

विभाग ने शिकायत प्रबंधन के लिए अलग अधिकारी नियुक्त किया है और वेबसाइट पर 17 संपर्क नंबर सार्वजनिक किए हैं। बचाव, श्रम मंजूरी, सूचना जैसी सेवाओं के लिए भी सीधे संपर्क की व्यवस्था की गई है।

सेवा में सुधार के लिए विभाग ने भौतिक व्यवस्था में भी सुधार किया है। अनधिकृत बिचौलियों और फॉर्म भरकर पैसे वसूलने वाले गतिविधियों पर नियंत्रण हुआ है।

लेकिन पुराने शिकायत प्रबंधन में अभी भी चुनौतियां हैं। पुरानी फाइलें अव्यवस्थित हैं, उन्हें व्यवस्थित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। असार अंत तक शिकायत प्रबंधन के लिए सॉफ्टवेयर लागू करने की तैयारी है।

हाल ही में व्यक्तिगत ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं, संस्थागत ठगी की तुलना में। सोशल मीडिया, नकली आईडी और विदेश स्थति नेटवर्क के जरिए कई नेपाली ठगे गए हैं।

‘मैनपावर कंपनी द्वारा होने वाली ठगी कम हुई है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से ठगी करने का चलन बढ़ा है। अधिकतर मामलों में प्रमाण न होने के कारण न्याय देना मुश्किल होता है।’ उन्होंने कहा।

शिकायत मिलने के बाद भी आरोपी विदेश में होने के चलते जांच प्रक्रिया में देरी होती है, जिससे पीड़ित को शीघ्र न्याय नहीं मिल पाता है।

विभाग ने वैदेशिक रोजगार के अवसरों के बारे में सूचना प्रवाह भी तेज किया है। सरकार सेवा को तेज, पारदर्शी और सेवामैत्री बनाने का दावा करती है, लेकिन विभाग परिसर में श्रमिकों के दर्द अब भी जस का तस हैं। जापान जाने के सपने अधूरे हैं और रोमानिया जाने की उम्मीदें अधर में लटकी हैं। सुधार के प्रयास तो हैं, लेकिन ठगे जाने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल अब भी है – न्याय कब मिलेगा?

सभी तस्वीरें और वीडियो : चन्द्र आले

द्वितीय बार निर्वाचित वडाध्यक्ष ने एमाले छोड़ा

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • खोटाङ के दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका–१४ बुइपाका वडाध्यक्ष दिनेश राई ने नेकपा एमाले छोड़ा है।
  • राई दो बार वर्ष २०७४ और २०७९ के चुनाव में एमाले से वडाध्यक्ष चुनकर निर्वाचित हुए थे।
  • उन्होंने किसी से अपील या असंतोष दिखाए बिना अपने राजनीतिक विचार और मान्यताओं के आधार पर पार्टी छोड़ी है।

२५ जेठ, खोटाङ। खोटाङ में नेकपा एमाले से दो बार निर्वाचित वडाध्यक्ष ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका–१४ बुइपाका वडाध्यक्ष दिनेश राई ने एमाले पार्टी का परित्याग किया है।

राई वर्ष २०७४ और २०७९ में वडाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने २५ जेठ को फेसबुक के माध्यम से पार्टी से अलग होने की घोषणा की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी से अपील, पूर्वाग्रह या असंतोष के कारण नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक सोच, मूल्य और मान्यताओं के आधार पर उन्होंने पार्टी छोड़ी है।

दिनेश राई ने सन् २०६४ से एमाले की संगठित सदस्यता लेकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। उन्होंने युवा संघ के जिला सदस्य, जिला अध्यक्ष, केंद्रीय सचिवालय सदस्य, जिला इन्चार्ज, और युवा संघ के इन्चार्ज जैसे महत्वपूर्ण पदों को भी संभाला है।

 

पाँचवें नखिपोट खुला बास्केटबल में कीर्तिपुर और बूढानीलकण्ठ की जीत

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित तैयार।

  • पाँचवें नखिपोट खुला बास्केटबल प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में IMS कीर्तिपुर और बूढानीलकण्ठ ने सोमवार को जीत हासिल की।
  • प्रतियोगिता के अन्य पुरुष मुकाबलों में दारी ने प्ले बक्स और सोलो ने धरान को हराया।
  • महिला वर्ग में स्टार्स ग्रांडी ने बूढानीलकण्ठ को 49–35 से हराया, विजेता टीम की रिन्चेन मोक्तान ने 18 अंक बनाए।

25 जेष्ठ, काठमाडौं। पाँचवें नखिपोट खुला पुरुष और महिला बास्केटबल प्रतियोगिता में सोमवार को IMS कीर्तिपुर और बूढानीलकण्ठ ने पुरुष वर्ग में जीत हासिल की।

कीर्तिपुर ने बौद्ध को 68–60 से हराया। विजेता टीम के अभिषेक सिंह ने 29 अंक बनाए। शुरुआती दो क्वार्टर में 14–9 और 13–18 के स्कोर से पीछे रहने के बावजूद कीर्तिपुर ने दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत सुनिश्चित की। तीसरे क्वार्टर में 17–11 और चौथे में 24–12 की बढ़त हासिल की।

बूढानीलकण्ठ ने रोमांचक मुकाबले में गोल्डेनगेट को 79–74 से हराया। बूढानीलकण्ठ के विजय लामाले 19 अंक जोड़े।

तीसरे क्वार्टर के अंत तक गोल्डेनगेट 58–48 से आगे था। गोल्डेनगेट ने पहले क्वार्टर में 13–21, दूसरे में 24–12, और तीसरे में 24–15 का स्कोर बनाया। चौथे क्वार्टर में बूढानीलकण्ठ ने 31–16 की बड़ी बढ़त बनाते हुए कुल मिलाकर 5 अंक से जीत हासिल की।

इससे पहले पुरुष वर्ग में दारी ने प्ले बक्स को 82–53 और सोलो ने धरान को 79–66 से हराया था। दारी के विक्रम डंगोल ने 19 और सोलो के प्रगुन महर्जन ने 27 अंक बनाए।

नखिपोट स्थित आयोजक नखिपोट यूथ क्लब के कवरड हॉल में महिला प्रतियोगिता में स्टार्स ग्रांडी ने बूढानीलकण्ठ को 49–35 से हराया।

ग्रांडी स्टार्स की रिन्चेन मोक्तान ने 18 अंक बनाए। यह बूढानीलकण्ठ महिला टीम का दूसरा मैच था जिसमें यह पहली हार थी।

दूध में रसायन मिलावट: रसोई में प्रवेश किया ‘धीमा जहर’

भक्तपुर के जोरपाटी दुग्ध सहकारी संस्थान ने अखाद्य रसायन मिलाकर नकली दूध तैयार कर डीडीसी और खुले बाजार में बिक्री किया। काभ्रे के पनौती और बुटवल में संग्रहित दूध में चीनी और सोडा जैसे घातक रसायनों की मिलावट पाई गई, जिसके बाद दूध नष्ट किया गया। खाद्य प्रौद्योगिकी तथा गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने चालू आर्थिक वर्ष के ९ महीनों में दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ ८२ मामले दायर किए हैं। २५ जेठ, काठमाडाैं।

दूध को सिर्फ खाद्य वस्तु के रूप में नहीं बल्कि शुद्धता, ताकत और पोषण का सुनिश्चित स्रोत माना जाता है। बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर दिन एक गिलास दूध पूर्ण आहार की तरह निश्चिंत होकर पिया जाता है। लेकिन हाल के समय में सरकारी निकायों की रिपोर्टों और प्रयोगशालाओं के परीक्षणों से पता चला है कि दूध के माध्यम से हमारे रसोई में ‘धीमा जहर’ प्रवेश कर रहा है। बाजार में मिलने वाले दूध को अधिक समय तक खराब न होने देने तथा अत्यधिक मुनाफा कमाने के लिए कुछ दुग्ध उद्योगपति और संग्रहकर्ता मानव स्वास्थ्य के साथ गंभीर अपराध कर रहे हैं।

खाद्य प्रौद्योगिकी तथा गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने ३१ वैशाख को भक्तपुर में संचालित एक दुग्ध उद्योग पर निरीक्षण किया था, जिसमें इस तरह की गंभीर लापरवाही पाई गई। निरीक्षण टीम ने उक्त उद्योग में पास्चराइज़र टैंक में पगलाने के लिए तैयार ३० किलो ‘बेकरी सर्टेनिंग’ जैसा चिकना पदार्थ भी बरामद किया। दूध में मिलावट करने के लिए उपयोग की जाने वाली ५६ किलो ‘डेक्स्ट्रोज मोनोहाइड्रेट’, ९.८६ किलो ‘माल्टोडेक्स्ट्रिन’ और ३० किलो ‘बेकरी सर्टेनिंग’ जब्त की गई।

बुटवल उपमहानगरपालिका क्षेत्र में बिक्री हो रहे कुछ दूध आपूर्तिकर्ताओं के दूध में सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता से कम और मिलावट पाए जाने पर उपमहानगरपालिका ने सूचना जारी की थी। निरीक्षण के दौरान दूध को लंबे समय तक खराब न होने देने के लिए सोडा सहित अन्य घातक रसायनों के मिलावट की पुष्टि हुई। दूध में ऐसी मिलावट को महर्जन केवल व्यापारिक धोखाधड़ी ही नहीं बल्कि बहुआयामी धोखाधड़ी के रूप में देखते हैं।