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लेखक: space4knews

इलोन मस्क: मंगल ग्रह की जगह चंद्रमा पर बनाने चाहा ‘स्वावलंबी शहर’ क्या है?

इलोन मस्क

तस्वीर स्रोत, Reuters

तस्वीर का कैप्शन, इलोन मस्क ने एक्स प्लेटफ़ॉर्म पर बताया कि स्पेसएक्स क्यों मंगल ग्रह की बजाय चंद्रमा पर शहर बनाना चाहता है

इलोन मस्क ने हाल ही में घोषणा की है कि चंद्रमा पर 10 वर्षों के भीतर एक ‘स्वावलंबी शहर’ बसाया जा सकता है।

एक्स, टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक तथा विश्व के सबसे धनी लोगों में से एक इलोन मस्क ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स मंगल ग्रह की बजाय चंद्रमा पर शहर बनाने की योजना बना रही है। इस पोस्ट को चार करोड़ बार देखा गया है।

लेकिन मस्क ने मन क्यों बदला? और चंद्रमा पर बनने वाले इस शहर के बारे में हम क्या जानते हैं?

मंगल की बजाय चंद्रमा

चंद्रमा की सतह पर चट्टानें

तस्वीर स्रोत, NASA

तस्वीर का कैप्शन, 1960 और 1970 के दशक की शुरुआती एप्पोलो अंतरिक्ष अभियानों ने हमें चंद्रमा को समझने में मदद की

चंद्रमा पर बसने वाले इस शहर के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक योजना अभी उपलब्ध नहीं है। मस्क ने केवल सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए हैं।

उन्होंने कहा है कि वहां स्थायी मानव बस्ती होगी और भविष्य में दर्जनों मिशन चंद्रमा पर संचालित होंगे, जो उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके शहर का विस्तार करेंगे।

फ्लोरा एक्स्पो ने दर्शकों का मन मोह लिया (तस्वीरें)

७ चैत, काठमाडौं। पुष्प व्यवसाय को प्रोत्साहन के उद्देश्य से काठमाडौं के भृकुटीमण्डप में आयोजित २७वें फ्लोरा एक्स्पो में दर्शकों की भीड़ होती जा रही है। आयोजकों ने बताया कि इस मेले में प्रतिदिन दर्शकों और कारोबार दोनों में वृद्धि हो रही है।

फ्लोरिकल्चर एसोसिएशन नेपाल (फ्यान) द्वारा आयोजित यह मेला चैत ५ गते (गुरुवार) से शुरू हुआ था, जिसमें पहले दिन ९,५०० लोगों ने प्रतिभाग किया था। फ्यान के कोषाध्यक्ष राजकृष्ण बजगाईं ने बताया कि पहले दिन २१ लाख ५० हजार रुपए के कारोबार भी हुआ।

दूसरे दिन शुक्रवार को १७,५०० दर्शकों ने मेला देखा, जिसमें २९ लाख ५० हजार रुपए के बराबर कारोबार दर्ज हुआ। वहीं, तीसरे दिन शनिवार (आज) २१,५०० दर्शक पहुंचे और ३९ लाख ८० हजार रुपए के कारोबार की जानकारी कोषाध्यक्ष बजगाईं ने दी।

एक्स्पो में व्यवसायिक ६५, आधिकारिक ११, प्रतियोगितात्मक २, फूड २, लैंडस्केप १, सेल्फी १ और बीवाईडी ईवी कार सहित कुल ८३ स्टाल लगाए गए हैं।

यह एक्स्पो कल तक चलेगा, जिसमें लगभग ६०,००० दर्शकों के आने और एक करोड़ २० लाख रुपए से अधिक कारोबार होने की आयोजकों को उम्मीद है।

‘प्रतिपक्षले विरोधै गर्नुपर्छ भन्ने छैन’ – Online Khabar

‘प्रतिपक्ष को हमेशा विरोध ही नहीं करना चाहिए’ – रेनुका काउचा

समाचार सारांश

  • रेनुका काउचा नेपाली कांग्रेस की समानुपातिक सांसद के रूप में निर्वाचित हुईं और गुरुवार को निर्वाचन आयोग से प्रमाणपत्र प्राप्त किया।
  • उन्होंने दूरदराज के नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए नीति सुधार की आवश्यकता और तीनों सरकारों के बीच समन्वय को जरूरी बताया है।
  • काउचा एमफिल की पढ़ाई कर रही हैं और अपने अध्ययन को कानून निर्माण में उपयोग करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

6 चैत, काठमांडू – रेनुका काउचा नेपाली कांग्रेस से समानुपातिक सांसद चुनी गई हैं। वह बागलुङ की गलकोट नगरपालिका की रहने वाली हैं और २०७४ के स्थानीय चुनाव में कांग्रेस से उपप्रमुख पद पर विजयी हुई थीं। एक कार्यकाल उपमेयर रहने के बाद रेनुका इस बार संसद पहुंचीं हैं।

२०७९ में वे कांग्रेस की समानुपातिक सूची में थीं लेकिन सांसद नहीं बन पाई थीं। इस बार आदिवासी जनजाति महिला समूह से सांसद बनीं और गुरुवार को निर्वाचन आयोग से प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया।

‘प्रमाणपत्र ग्रहण कर के मुझे वास्तव में बड़ी जिम्मेदारी का एहसास हुआ है,’ उन्होंने कहा, ‘जनता के विश्वास का सम्मान करूंगी और उसे निराश नहीं होने दूंगी।’

जनजीवन स्तर सुधार प्रमुख एजेंडा

प्रमाणपत्र लेते समय उनकी यादों में दूर-दराज के गांवों की समस्याएं उभर आईं। ‘केवल तब ही नहीं, अब भी मैं उन दूर-दराज के माता-पिता को याद कर रही हूं, जब मतदान के लिए गई थी तो चार-पांच बार आंखों में आंसू आ गए थे, वो परिस्थिति मेरे मन को भावुक कर गई,’ उन्होंने बताया।

वे उन मतदाताओं की समस्या समाधान के लिए नीति सुधार चाहती हैं। ‘हम अपने लिए नहीं, देश और जनता के हित के लिए नीति निर्माण और सुधार के लिए संसद में आए हैं,’ उन्होंने कहा। ‘काठमांडू, पोखरा या बागलुङ के मुख्य सहर में जितनी सुविधाएं हैं, उतनी दूर-दराज के लोगों को नहीं मिली हैं।’

उनका क्षेत्र बागलुङ-२ है, जहां अब तक सड़क की बेहतर स्थिति नहीं बनी और यह जोखिम भरा है।
‘गाड़ी चालाते वक्त कभी पलट जाएं का डर रहता है। मैं वहां एक-दो बार गयी हूं, पर वहां के नागरिक रोज यात्रा कैसे करते हैं यह सोचनी चाहिए। बजट का उचित वितरण होता तो नागरिकों को बेहतर सेवा मिलती,’ उन्होंने कहा। ‘भूगोल के हिसाब से पिछड़े इलाके में कम बजट देना बंद होना चाहिए और सरकार को सबके लिए स्पष्ट रूप से काम करना होगा।’

तीन स्तर की सरकारों के बीच समन्वय आवश्यक

वह स्थानीय, प्रदेश और संघीय सरकारों के बीच समन्वय की कमी देखती हैं। कानूनों में असंगति दूर करने के लिए वे सक्रिय रहेंगी। ‘उपमेयर के दौरान संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर के कानून अलग-अलग और असंबद्ध थे जिससे काम मुश्किल होता था। उदाहरण के लिए मध्यपहाड़ी लोकमार्ग संघीय सरकार द्वारा संचालित है लेकिन धूल के कारण स्थानीय लोगों की शिकायत होती है। मैं ऐसे अस्पष्टता दूर करूंगी,’ उन्होंने कहा।

तीनों सरकार के योजना चयन प्रक्रिया में भी समस्या देखती हैं। ‘नीचे से ऊपर की बजाय ऊपर से नीचे योजना बनाई जा रही है। केंद्र योजना बनाता है, बजट प्रदेश और स्थानीय स्तर तक देर से पहुंचता है, जिसकी वजह से बजट में कटौती भी होती है। स्थानीय प्रतिनिधियों को उपभोक्ता समिति गालियाँ देती है। इसे सुधारने की आवश्यकता है,’ उन्होंने बताया।

राजनीति में प्रवेश

काउचा का परिवार कांग्रेस में राजनीतिक पृष्ठभूमि रखता है। उनके दादा गांव के संस्थापक अध्यक्ष थे और उनके पिता भी राजनीति में सक्रिय थे। उन्होंने शुरू में राजनीति में आने की योजना नहीं बनाई थी। २०६५ में सरस्वती कालेज में पढ़ते समय छात्र संघ चुनाव में कोषाध्यक्ष बनीं और इसके बाद राजनीति में सक्रिय हुईं।

‘वरिष्ठों का प्रोत्साहन और परिवार का सहयोग था, इसलिए आज मैं यहां हूं,’ उन्होंने कहा।

अपने अध्ययन से प्राप्त ज्ञान को कानून निर्माण में उपयोग करने का उनका संकल्प दृढ़ है।

राजनीति में निरंतर सक्रिय रहकर वे सांसद बनीं। कांग्रेस ने अपेक्षित मत नहीं पाए फिर भी वे सदन में रचनात्मक प्रतिपक्ष भूमिका निभाएंगी।

‘हम सशक्त प्रतिपक्षी भूमिका निभाएंगे। प्रतिपक्ष का मतलब हर बात पर विरोध करना नहीं है; सरकार के अच्छे कामों का समर्थन करेंगे और गलतियों की चेतावनी भी देंगे,’ उन्होंने कहा। ‘सावधानी के साथ विकल्प भी प्रस्तुत करेंगे। विधेयकों पर चर्चा और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे।’

एमफिल अध्ययनरत

काउचा अपने अध्ययन को जारी रखे हुए हैं। वह वर्तमान में मानवशास्त्र में एमफिल कर रही हैं। उपमेयर रहते हुए एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और न्यायिक समिति में कानून विषय में सफल हैं। समिति में शिकायतें भी आती हैं, जिससे उन्होंने कानून के महत्व को समझा।

त्रिवि और सरस्वती कालेज से प्रबंधन तथा काठमांडू विश्वविद्यालय से स्वदेशी विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है और वे अपनी अध्ययन संग्रहीत समझ को कानून निर्माण में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नेपाल चुनाव २०८२ : ‘जिज्ञासा, भय और नागरिकता के मिले-जुले अनुभव’

बसंतपुर स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालती हुई एलिशा माहर्जन।

तस्वीर स्रोत, Kamal Pariyar

काठमाडौं बसंतपुर की एलिशा माहर्जन कुछ महीने पहले तक यह सोचती थीं कि ‘वोट डालूँ या न डालूँ, क्या फर्क पड़ेगा?’

लेकिन भदौ में हुए ‘जेन जी आंदोलन’ के बाद इस १९ वर्षीय किशोरी की सोच बदली। गुरुवार को अपने मोहल्ले के मतदान केंद्र पहुँचीं और पहली बार वोट डाला।

उन्होंने बातचीत में कहा, “जेन जी आंदोलन से प्रेरित होकर हमने भी मतदान किया।”

भदौ में युवा भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ राजधानी में प्रदर्शन हुए थे।

कम से कम ७७ लोगों की मौत के बाद बनी अंतरिम सरकार ने प्रतिनिधि सभा भंग कर आम चुनाव की घोषणा की थी।

हिमपात के कारण फंसे यात्रियों का उद्धार

७ चैत, रुकुमपूर्व । बागलुङ-रुकुमपूर्व सीमा के निकट पातिहाल्ना क्षेत्र में हुई हिमपात के कारण फंसे यात्रियों का उद्धार किया गया है। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई हिमपात ने रुकुमपूर्व के भूमे गाउँपालिका-१ स्थित पातिहाल्ना क्षेत्र की सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। सड़क अवरुद्ध होने से इस क्षेत्र में ७ बसें, एक जिप और लगभग १० मोटरसाइकिल फंसी हुई थीं।

इस कारण यात्रियों को ठंड और भूख के बीच खुले आसमान के नीचे बैठना पड़ा। भूमे गाउँपालिका से भेजे गए डोजर की सहायता से उनको सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया, इसकी जानकारी उपाध्यक्ष सबिना बुढ़ाले दी।

सड़क खोलने का प्रयास भी किया जा रहा है, उन्होंने बताया। उन्होंने कहा, ‘हमारे डोजर ने रास्ता आसान बनाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। सड़क खोलने का प्रयास जारी है।’

अतीतका गीत लिएर दुर्गा खरेल ‘पलेँटी’ मा – Online Khabar

अतीत के गीत लेकर दुर्गा खरेल ‘पलेँटी’ में

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • नेपालय के ‘आर’ हॉल में हर अंग्रेजी महीने की आखिरी शुक्रवार को संगीत कार्यक्रम ‘पलेँटी’ आयोजित होता है।
  • इस बार ‘पलेँटी’ में दार्जिलिंग के गायक दुर्गा खरेल बचपन से दिल में बस चुके मेलोडी प्रस्तुत करेंगे।
  • कार्यक्रम 27 और 28 मार्च को ‘आर’ हॉल में होगा और टिकट ऑनलाइन उपलब्ध हैं, साथ ही प्रत्यक्ष प्रसारण पे-पर-व्यू पर होगा।

काठमांडू। हर अंग्रेजी महीने की आखिरी शुक्रवार को नेपालय के ‘आर’ हॉल में आयोजित होने वाला संगीत कार्यक्रम ‘पलेँटी’ इस बार दार्जिलिंग के प्रसिद्ध गायक एवं संगीतकार दुर्गा खरेल के सान्निध्य में होगा।

‘पलेँटी’ कार्यक्रम 21 वर्षों से लगातार संचालित होने वाला एक छोटा संगीत कार्यक्रम है। खरेल नेपाली संगीत क्षेत्र में सभी नेपालीभाषी श्रोताओं के बीच एक स्थापित नाम हैं। खासकर ‘बोलाउँ भने तिमीलाई बात लाग्ने डर’ उनकी आवाज में लोकप्रिय गीत है।

भाई बद्री खरेल और दुर्गा खरेल की संगीत जोड़ी बद्री-दुर्गा के नाम से जानी जाती है। इस बार दुर्गा अपने बचपन से सुनते और मन में बसे मेलोडी लेकर आए हैं। कार्यक्रम में दुर्गा के साथ ‘पलेँटी’ की कंठ-शिल्पी अभिज्ञा घिमिरे की आवाज में पुराने गीतों की गूंज सुनाई देगी।

संगीतकार गोपाल योञ्जन के सान्निध्य में पले बढ़े दुर्गा ने छोटे से ही अम्बर गुरुङ, जितेन्द्र बर्देवा, शान्ति ठटाल, कर्म योञ्जन सहित कई प्रसिद्ध कलाकारों की रचनाओं का रसास्वादन किया है।

गीतकार नरदेन रुम्बा के साथ भी सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि ‘पलेँटी’ में वे अपने पुराने संगीत वातावरण को जीवित करेंगे, जिसमें अम्बर गुरुङ, गोपाल योञ्जन, बलु बराइली, एम.बी. सुन्दास, नरदेन रुम्बा, फटिकधर ब्राह्मण जैसे रचनाकारों के गीत शामिल होंगे।

इस बार ‘पलेँटी’ के कार्यक्रम संयोजक आभास का कहना है, ‘अस्वरांकित पुराने संगीत रचनाओं को बढ़ावा देना भी पलेँटी का उद्देश्य है। इसलिए इस बार हम दुर्गा खरेल की याद में दार्जिलिंग के पुराने संगीत प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं।’

साल 2008 में पहली बार ‘पलेँटी’ में प्रस्तुति देने वाले दुर्गा खरेल कहते हैं, ‘पहले हम दो बार विभिन्न गीतकारों के गीत लेकर अपने संगीत में आए थे। इस बार मेरे व्यक्तिगत स्मरणों में बसे दार्जिलिंग के संगीतकारों के गीत लेकर आ रहा हूँ। यह कार्यक्रम मेरे जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। दर्शकों और श्रोताओं का प्यार इस बार भी प्राप्त होने में मुझे पूरा विश्वास है।’ हल्की मुस्कान के साथ दुर्गा की दृष्टि हारमोनियम के पर्दे पर टिके हैं।

‘पलेँटी’ कार्यक्रम इस मार्च माह की आखिरी शुक्रवार और शनिवार, 27 और 28 तारीख को होगा। कालिकास्थान स्थित नेपालय के ‘आर’ हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए टिकट ‘पलेँटी’ की वेबसाइट से ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं।

जो संगीतप्रेमी ‘आर’ हॉल में उपस्थित नहीं हो सकेंगे उनके लिए ऑनलाइन लाइव प्रसारण पे-पर-व्यू के माध्यम से उपलब्ध होगा। इसके लिए ‘पलेँटी’ की वेबसाइट पर ‘Purchase Live Access’ बटन पर क्लिक कर अपने वॉलेट से भुगतान करना होगा।

रास्वपा: संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत कितना आसान और कितना मुश्किल होता है?

जनकपुर में आयोजित चुनावी सभा में बालेन शाह और रवि लामिछाने

तस्बीर स्रोत, Reuters

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के चुनावी वायदा-पत्र – २०८२ में संविधान संशोधन को प्राथमिकता दी गई है।

इसमें कहा गया है, “सरकार संभालने के बाद तीन महीने के भीतर राष्ट्रीय सहमति के लिए संविधान संशोधन पर एक बहस पत्र तैयार कर चर्चा करेंगे।”

प्रारंभिक चर्चा के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यकारी, पूर्ण समानुपातिक संसद, सांसदों का मंत्री न होना, गैर-दलीय स्थानीय सरकार और सुधरी हुई प्रांतीय संरचना जैसे विषय बहस पत्र में शामिल होंगे, जैसा कि वायदा-पत्र में उल्लेख है।

सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत सुनिश्चित होने के बावजूद, संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में सफलता मिलेगी या नहीं, यह सवाल जारी समानुपातिक मतगणना में निहित है। इससे पहले भी सरकार ने संविधान संशोधन का वादा किया था।

लेकिन कानून के प्रोफेसर और संविधानविद् विपिन अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावक की राजनीतिक ताकत की कमी के कारण वह विषय केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित था। “आने वाली सरकार मजबूत होगी, जो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अवसर पा सकती है,” वह कहते हैं।

पाल्पामा सबसे अधिक बारिश, मौसम में क्रमिक सुधार

७ चैत, काठमाडौँ। शुक्रवार से सक्रिय हुआ बारिश लाने वाला प्रणाली कमजोर होने के कारण मौसम में सुधार देखा गया है। जल और मौसम विज्ञान विभाग की मौसम विज्ञानी विभूति पोखरेल ने मौसम में अच्छा सुधार हो चुका है, साथ ही बताया कि अब कल और आज सुबह जैसी बारिश नहीं होगी।

पोखरेल के अनुसार प्री-मॉनसून गतिविधियां बनी रहेंगी और रविवार को भी आंशिक बादल छाए रहेंगे। वर्तमान में नेपाल के पूर्वी क्षेत्र और अन्य कई स्थानों में हल्की बारिश हो रही है जो क्रमशः कम होती जाएगी, ऐसा उन्होंने बताया।

वर्तमान बारिश प्रणाली कमजोर होने के बावजूद धूप निकलने और फिर बादल छाने का क्रम प्री-मॉनसून के समय लगातार जारी रहेगा, लेकिन वह बड़े और लंबे समय तक चलने वाले बारिश नहीं होंगे, यह जानकारी पोखरेल ने दी।

विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में कोशी प्रदेश, बागमती प्रदेश और मधेश प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो रही है।

विभाग की हालिया २४ घंटे की रिपोर्ट के अनुसार पाल्पा में सबसे अधिक ७५.८ मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। रूपन्देही में ७५.२, मोरंग में ६३.८, धनकुटा में ६३.२ और कपिलवस्तु में ५९.६ मिलीमीटर बारिश हुई है। –रासस

ब्रिटेन में 210 मिलियन वर्ष पुरानी ‘दौड़ने वाली मगरमच्छ’ के जीवाश्म मिले


वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन के ग्लॉस्टर क्षेत्र में मगरमच्छ की एक अत्यंत दुर्लभ और नई प्रजाति का पता लगाया है। लगभग 210 मिलियन वर्ष पुराने ट्राएसिक युग के इस जीव की विशेषता यह है कि यह आज के मगरमच्छों की तरह जलाशयों में निवास नहीं करता था, बल्कि भूमि पर अत्यंत तीव्र गति से दौड़ने में सक्षम था, जैसा कि शोध में सामने आया है।

इस जीव की शारीरिक बनावट आधुनिक ग्रेहाउंड कुत्ते से मिलती-जुलती है और अपने लंबे पैरों की मदद से यह शुष्क मैदानों में छोटे जानवरों का शिकार करता था।

वैज्ञानिकों ने इस नई प्रजाति का नाम ‘गालाहाडोसुचस जोन्सी’ रखा है। यह नाम आर्थरियन दंतकथाओं के पात्र गालाहाड और इस अध्ययन के मुख्य लेखक इवान बोदेनहैम के भौतिक विज्ञान शिक्षक डेविड राइस जोन्स के सम्मान में दिया गया है।

लंदन स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ता एवं पीएचडी छात्र इवान ने बताया कि उनके शिक्षकों ने विज्ञान के प्रति उनकी रुचि और प्रेरणा जगाई, जिसके कारण यह खोज संभव हो सकी।

दक्षिण वेल्स और दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड की गुफाओं में पाए गए जीवाश्मों के सूक्ष्म अध्ययन से पता चला कि यह जीव, जिसे टेरेस्ट्रिसुचस के मुकाबले 13 महत्वपूर्ण पहलुओं में भिन्न पाया गया है, उससे अलग है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज ट्राएसिक-जुरासिक महाविनाश से ठीक पहले के पारिस्थितिक तंत्र को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ज्वालामुखीय विस्फोटों और जलवायु परिवर्तन के कारण कई प्रजातियां विलुप्त होने से पहले ऐसे जीव किस तरह अनुकूलित हुए थे, यह जानना भविष्य में पृथ्वी पर आने वाली पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने में सहायक होगा।

बाँकेमा महिलाको हत्या आरोपमा एक जना पक्राउ – Online Khabar

एम्बुलेंस के दुरुपयोग से तस्करी करने वाले चार गिरफ्तार

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • रसुवा में एम्बुलेंस का उपयोग करके तीन हजार ९४० पैकेट चीनी सिगरेट तस्करी करते हुए चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
  • रसुवागढ़ी सीमा से केरूंग की ओर से नेपाल में प्रवेश करते समय २४ वर्षीय विकास तामाङ को प्रतिबंधित पदार्थों के साथ पकड़ा गया।
  • पुलिस ने इन घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक जांच जारी रखने की सूचना दी है।

७ चैत, रसुवा । एम्बुलेंस के माध्यम से सिगरेट और प्रतिबंधित पदार्थ तस्करी करने वाले चार लोग गिरफ्तार हुए हैं।

आमा छोदिङ्मो गाउँपालिका–३ के गतलाङ स्वास्थ्य चौकी के स्वामित्व वाली एम्बुलेंस का दुरुपयोग कर चीनी सिगरेट काठमांडू ले जाने की कोशिश में उन्हें गिरफ्तार किया गया।

बिरामी होने का बहाना बनाकर काठमांडू की ओर जा रही एम्बुलेंस की बेत्रावती सुरक्षा चौकी में नेपाल पुलिस द्वारा जांच करने पर तीन हजार ९४० पैकेट चीनी सिगरेट बरामद हुई, बताया गया है जिला पुलिस कार्यालय रसुवा ने।

पुलिस निरीक्षक एवं सूचना अधिकारी रमेश राय के अनुसार गिरफ्तार लोगों में एम्बुलेंस चालक गतलाङ के ४३ वर्षीय दावानुर्पु तामाङ, उसी गाउँपालिका–५ के २७ वर्षीय मार्कुस तामाङ, ३२ वर्षीय सुशील तामाङ और ३६ वर्षीय सुनिता तामाङ शामिल हैं।

एक अन्य मामले में, रसुवागढ़ी सीमा से प्रतिबंधित दवाओं सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है। गोसाइँकुण्ड गाउँपालिका–५ के २४ वर्षीय विकास तामाङ को केरूंग से नेपाल की ओर आते समय सीमा क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया।

उनके पास से २ ग्राम काला चरस और पीले, साथ ही संतरी रंग के पांच कैप्सूल प्रतिबंधित दवाओं के बरामद किए गए, पुलिस ने बताया। पुलिस दोनों मामलों में शामिल लोगों पर आवश्यक जांच जारी रखे हुए है। रासस

इरानी विदेश मंत्री कहते हैं- हम तीन हजार साल पुराने इतिहास में नया अध्याय जोड़ रहे हैं


७ चैत, काठमांडू। इरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इरानी क्षेत्र की तीन हजार वर्ष पुरानी सभ्यता को याद करते हुए कहा कि वे उसी सभ्यता में नया अध्याय जोड़ रहे हैं। अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के दौरान अरागची ने एक्स के माध्यम से अपने लोगों को काबू से बाहर की जंग झेलते हुए बताया और कहा कि यह उस कथानक का नया अध्याय है।

‘जब मेरे लोग अनियंत्रित हमलों का सामना कर रहे हैं, मैं उन सभी को ईद उल फितर और नवरोज (इरानी नया साल) की शुभकामनाएं देना चाहता हूँ, जो इसे मना रहे हैं,’ अरागची ने लिखा, ‘हमारी प्राचीन सभ्यता का तीन हजार साल का इतिहास है, जिसने इरानी लोगों को इस क्षेत्र के बाहरी तत्वों से सुरक्षित रखा है। अब हम उसी कहानी में एक नया अध्याय जोड़ रहे हैं।’

पाल्पामा टिपर दुर्घटना हुँदा ३ जनाको मृत्यु – Online Khabar

पाल्पा में टिपर दुर्घटना में तीन की मौत

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • पाल्पा में टिपर दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
  • टिपर झडेवा से चुनढुंगा खानी की ओर जाते हुए झडेवा सड़क से लगभग ५० मीटर नीचे गिर गया, पुलिस ने बताया।
  • दुर्घटना की जांच जारी है, पुलिस ने पुष्टि की है।

७ चैत्र, बुटवल। पाल्पा में टिपर दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

शनिवार शाम हुई इस दुर्घटना में मारे गए व्यक्तियों में से एक की पहचान की पुष्टि पुलिस ने की है, जो अर्घाखाँची के शीतगंगा नगरपालिका-४ सिद्धारा के २६ वर्ष के चिंताबादुर सुनार हैं।

दुर्घटना में तानसेन नगरपालिका-१० पटुवा के ३३ वर्ष के राजन चिदी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है, जिला पुलिस कार्यालय पाल्पा के सूचना अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक होमप्रकाश चौधरी ने बताया।

पुलिस उपनिरीक्षक चौधरी के अनुसार, माथागढी गाउँपालिका के झडेवा से रवास चुनढुंगा खानी की ओर जा रहे लु २ ख ४५२५ नंबर के टिपर की शनिवार शाम झडेवा-रहवास के आंतरिक कच्चे सड़क मार्ग पर दुर्घटना हुई।

गंभीर रूप से घायल लोगों को तानसेन के लुम्बिनी मेडिकल कॉलेज प्रभास में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित किया। डीएसपी चौधरी ने जानकारी दी।

गंभीर रूप से घायल मगर का उपचार उसी अस्पताल में चल रहा है। टिपर सड़क से लगभग ५० मीटर नीचे गिरा था। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना की जांच चल रही है।

एचजेएनबीएल में टाइम्स ने पाँचवीं जीत दर्ज की

समाचार सारांश

OK AI द्वारा उत्पादित। सम्पादकीय समीक्षा की गई।

  • टाइम्स इंटरनेशनल क्लब ने हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग २०२६ में लगातार पाँचवीं बार रॉयल्स को हराया है।
  • ८ टीमें प्रतियोगिता में हैं और शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में जगह बनाएंगी, जिसमें विजेता को ४ लाख नगद पुरस्कार मिलेगा।
  • प्रतियोगिता में उत्कृष्ट खिलाड़ी (एमवीपी) को भी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जैसा कि नेबा ने बताया है।

७ चैत, काठमाडौं। हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग (एचजेएनबीएल) २०२६ में टाइम्स इंटरनेशनल क्लब ने पाँचवीं जीत दर्ज की है।

त्रिपुरेश्वर के दशरथ रंगशाला के कवर हॉल में शनिवार को हुए मैच में टाइम्स ने रायल्स को ९५-६१ के बड़े अंतर से हराया।

इस लीग में टाइम्स की लगातार पाँचवीं जीत है। शुरुआत के मैच में गोल्डेनगेट के खिलाफ हार के बाद टाइम्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत हासिल की है।

छ मैचों में टाइम्स ने ११ अंक अर्जित किए हैं, जबकि रॉयल्स ने ६ मैचों में केवल ७ अंक जुटाए हैं और यह रॉयल्स का पाँचवा हार है।

टाइम्स ने हर क्वार्टर में बढ़त बनाई; पहले से चौथे क्वार्टर तक क्रमशः २९-१७, १७-१४, २५-१८ और २४-१२ का स्कोर दर्ज किया। टाइम्स के कप्तान सदिह प्रधान ने सर्वाधिक २४ अंक बनाए।

शुक्रवार रात हुए दूसरे मैच में आर्मी ने प्लेबक्स एरीना को १०२-८६ से पराजित किया था।

नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) के आयोजन में हो रही इस दूसरे संस्करण की एचजेएनबीएल में आठ टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

डबल राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेले जाने वाले इस लीग में कुल ५६ मैच होंगे। लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी। प्लेऑफ के तहत पहली और दूसरी स्थान वाली टीमों के बीच पहला क्वालिफायर मैच होगा, जबकि तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर मैच खेला जाएगा।

पहले क्वालिफायर में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर जीतने वाली टीम के बीच दूसरा क्वालिफायर होगा। पहले और दूसरे क्वालिफायर विजेताओं के बीच फाइनल मैच होगा।

प्रतियोगिता के विजेता को ४ लाख रुपये नगद पुरस्कार मिलेगा, उपविजेता को २ लाख और तीसरे स्थान पर रही टीम को १ लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।

साथ ही, प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (एमवीपी) घोषित किया जाएगा और उसे भी आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, नेबा ने बताया है।

जिल्ला अस्पताल कालीकोट में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवा फिर से शुरू

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • जिल्ला अस्पताल कालीकोट में 6 चैत से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवा फिर से शुरू हुई है।
  • कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान पहले प्रत्येक महीने की पहली और अंतिम शुक्रवार को सेवा प्रदान करता था।
  • सेवा शुरू होने से स्थानीय निवासियों को अन्य जिलों में जाने की आवश्यकता कम होगी।

7 चैत, मान्म (कालीकोट)। जिला अस्पताल कालीकोट में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवा पुनः प्रारंभ हो गई है।

लंबे समय से जिला अस्पताल कालीकोट में कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान द्वारा प्रदान की जाने वाली विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवा फिर से चालू की गई है।

पहले कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान महीने की पहली और अंतिम शुक्रवार को जिला अस्पताल कालीकोट पर विशेषज्ञ सेवा प्रदान करता था।

अवरुद्ध सेवा 6 चैत शुक्रवार से पुनः शुरू होने के साथ स्थानीय लोग जिला में ही विशेषज्ञ उपचार सेवा प्राप्त कर सकेंगे, जिले के सूचना अधिकारी कटक महत ने बताया।

सेवा के विस्तार से स्थानीय निवासियों को अन्य जिलों में जाने की बाध्यता कम होगी और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवा आसानी से मिलने की संभावना है, सूचना अधिकारी महत ने आगे कहा। रासस

सुजाता कोइराला – Online Khabar

नेत्री सुजाता कोइराला ने सुमधुर पड़ोसी संबंधों और एकजुट कांग्रेस पर दिया जोर

समाचार सारांश

समीक्षित सामग्री।

  • नेत्री सुजाता कोइरालाने पड़ोसी देशों के साथ सुमधुर संबंध बनाए रखने और संतुलित विदेश नीति अपनाने पर ज़ोर दिया है।
  • गिरिजाप्रसाद कोइराला की 15वीं स्मृति दिवश पर नेत्री कोइराला ने माओवादी शांति प्रक्रिया में गिरिजाबाबु की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया।
  • नेत्री कोइराला ने कांग्रेस को एकजुट कर आगे बढ़ने और युवाओं को पार्टी के सभी निकायों में प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता बताई।

7 चैत्र, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस की नेत्री सुजाता कोइरालाने नेपाल को पड़ोसी देशों के साथ सुमधुर संबंध बनाए रखने पर जोर दिया है।

शांति नायक गिरिजाप्रसाद कोइराला की 15वीं स्मृति में आज भक्तपुर में आयोजित माल्यार्पण कार्यक्रम में उन्होंने नेपाल को संतुलित विदेश नीति अपनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा, ‘पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने होंगे तो देश में अस्थिरता नहीं आएगी, देश को बचाने के लिए अस्थिरता समाप्त करनी होगी, अन्य देशों के साथ समान व्यवहार करना होगा, हमें किसी के पक्ष या विपक्ष में नहीं होना चाहिए।’

नेत्री कोइरालाने कहा कि नेपाल को पंचशील सिद्धांतों पर आधारित होकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सहमति, सहयोग और एकता के माध्यम से सभी दलों को शांति प्रक्रिया में लाने में गिरिजाबाबु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

‘हालांकि उनके कई कार्यकर्ता माओवादी से मारे गए और पार्टी चुनाव में हारने की संभावना थी, फिर भी देश की रक्षा के लिए तत्कालीन माओवादी को शांति प्रक्रिया में लाने में गिरिजाबाबु का योगदान महत्वपूर्ण था,’ नेत्री कोइराला ने कहा, ‘यदि गिरिजाबाबु नहीं होते तो माओवादी शांति प्रक्रिया में शामिल नहीं होते।’

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए जिम्मेदार पार्टी होने के नाते नेपाली कांग्रेस को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

नेत्री कोइरालाने कहा कि कांग्रेस आज भी देश में एक मजबूत शक्ति है और चुनाव हारने पर भी वह रुकने वाली पार्टी नहीं है।

‘कांग्रेस किसी भी समस्या का समाधान करती है, हमें अतीत की गलतियाँ और कमियों को समझकर आगे बढ़ना चाहिए,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए वरिष्ठ नेताओं बीपी कोइराला, गणेशमान सिंह, सुवर्णशमशेर राणा, कृष्णप्रसाद भट्टराई, गिरिजाप्रसाद कोइराला और सुशील कोइराला के योगदान को याद रखना चाहिए।

उन्होंने जोर दिया कि क्योंकि भविष्य का नेपाल युवा वर्ग का है, इसलिए पार्टी के सभी अंगों में युवाओं को प्रतिनिधित्व देना आवश्यक है। रासस